samacharsecretary.com

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन हुआ शिक्षक राजेश साहू का घर

रायपुर. बलौदा बाजार भाटापारा जिले के संजय नगर कॉलोनी निवासी और पेशे से शिक्षक राजेश साहू के जीवन में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक नई रोशनी लेकर आई है। सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना के विज्ञापन से प्रेरित होकर राजेश ने बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और इस योजना की महत्ता को समझते हुए तत्काल अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल सिस्टम लगवाने का निर्णय लिया। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के तहत उन्हें न केवल सुलभ किस्तों में सिस्टम लगाने की सुविधा मिली, बल्कि नियमानुसार सरकार से आकर्षक सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब राजेश साहू का घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से ऊर्जित हो रहा है, जिससे उन्हें हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल की चिंता से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है। इस सकारात्मक बदलाव और आर्थिक राहत से उत्साहित होकर शिक्षक राजेश साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगाई के दौर में बिजली खर्च से बचाने का एक बेहतरीन माध्यम भी है।

सौर ऊर्जा उत्पादन में यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल

2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, 48 हजार से अधिक रोजगार सृजित छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंची   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्यघर योजना ने रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। प्रदेश में अब तक 2.72 लाख से अधिक रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 40 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। छतों पर सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 950 मेगावाट से भी अधिक पहुंच गई है, जिसके साथ यूपी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। स्थापना के मामले में प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में दूसरा स्थान प्राप्त है। वेंडर्स की संख्या 400 से बढ़कर 4,000, रोजगार के नए अवसर योजना की शुरुआत में जहां मात्र 400 वेंडर थे, वहीं यह संख्या अब बढ़कर करीब 4 हजार पहुंच गई है। इसके चलते प्रदेश में 48,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और सप्लाई चेन व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। रूफटॉप सोलर मॉडल से अब तक 3,800 एकड़ कृषि भूमि की बचत भी संभव हुई है। यूपी की अर्थव्यवस्था को मिला नई ऊर्जा का संबल योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा ₹1,808 करोड़, जबकि राज्य सरकार द्वारा ₹584 करोड़ की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं को प्रदान की गई है। सोलर संयंत्रों के माध्यम से बिजली लागत में वार्षिक बचत प्रदेश के GDP में 0.2% से अधिक योगदान दे रही है, जो उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर गति प्रदान कर रही है। कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी रूफटॉप सौर संयंत्रों से हर वर्ष 11.3 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है, जो 2.3 करोड़ पेड़ों के अवशोषण के बराबर है। यह पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। युवाओं के लिए बड़ा अवसर प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने के लिए योजना को सीएम युवा से भी लिंक किया है। यूपीनेडा के माध्यम से इंपैनलमेंट होने के बाद युवाओं को सौर वेंडर फर्म स्थापित करने हेतु 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश को 'सोलर प्रदेश' बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक रूफटॉप सौर स्थापना में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को सोलर प्रदेश यूपी के रूप में स्थापित किया जाए। यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की दिशा में यूपी को अग्रणी बनाएगा।

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना से सोलर पैनलों की बड़ी राहत, मुफ्त बिजली का लाभ

रायपुर के घरों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनलों से मुफ्त बिजली सुविधा पर्यावरण संरक्षण और बचत का साधन बनी पीएम सूर्यघर योजना रायपुर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सोलर पैनलों से मिल रही बड़ी राहतपीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ में बिजली उपभक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत मिल रही है। सौलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल या तो शून्य या बहुत कम हो जाता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिल रहा है और स्वच्छ ऊर्जा से लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योजना के लाभार्थियों ने बताया कि सोलर पैनल लगाने से उन्हें आर्थिक बचत हुई है और कुछ परिवारों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।       बिलासपुर शहर के राधिका विहार फेस 2 निवासी  क्रांति कुमार शर्मा ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। पैनल लगने के पहले बिजली बिल लगभग 6 हजार रूपए प्रतिमाह आता था। सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल अब शून्य हो गया है। एक भी रूपए खर्च नहीं करने पड़ रहे है। सोलर पैनल स्थापित करवाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार से उन्हें सब्सिडी भी मिली है। उन्होंने सभी निवेदन किया कि वे इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। शहर के एक अन्य निवासी  गुरमुख दास मूलचंदानी ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी के नाम पर योजना के तहत अपनी छत पर सोलर पैनल स्थापित करवाया है। पहले लगभग 5 हजार रूपए प्रतिमाह बिजली बिल आता था। पैनल लगने के बाद अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। योजना से मिल रहे लाभ से वे बहुत ही खुश है। केंद्र एवं राज्य सरकार से भी सब्सिडी मिली है। वैभव कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगाने से उन्हें बिजली बिल में बहुत राहत मिली है। यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देती है।      पीएम सूर्यघर योजना में एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। साथ ही अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। यह योजना  पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बड़ा कदम है। योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है।योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना ने दिया राहत और मुनाफा, प्रतिकूल मौसम में भी सफलता

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना ने प्रतिकूल मौसम में भी किसानों को दी राहत और मुनाफा पड़ोसी को देख पड़ोसी ने लगवाया अपनी छत पर भी सोलर पैनल रायपुर छत्तीसगढ़ में अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाने और उसका उपयोग करने की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना से घरों के बिजली बिलों में कटौती तो हो ही रही है, इसके साथ-साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर मुनाफा भी हो रहा है। गरमी, उमस भरी बरसात या ठंड जैसे प्रतिकूल मौसम में भी इस योजना से बिजली की आबाध आपूर्ति के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी हो रहा है। कोरबा जिले के कटघोरा में पड़ोसी ने पड़ोसी को देखकर अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाया है।  कटघोरा कस्बे में श्रीमती ज्योति अनंत और श्री गोरे सिंह राजपूत आसपास रहते हैं। श्रीमती ज्योति ने अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि अब उनके घर के सभी उपकरण निर्बाध रूप से चल रहे हैं और घर की ऊर्जा का उत्पादन पूरी तरह आत्मनिर्भर है। “पहले गर्मी का मौसम चुनौतीपूर्ण लगता था, अब वही मौसम राहत और मुनाफा लेकर आता है। हम अपनी जरूरत की बिजली स्वयं बना रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी खासियत यह बताई कि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और हरित ऊर्जा के लिए लाभकारी है। उनकी छत केवल बिजली उत्पादन का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ में योगदान का प्रतीक बन गई है।   पड़ोसी से प्रेरित होकर श्री गोरे सिंह राजपूत ने भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टॉल हुआ, जिसकी कुल लागत एक लाख 95 हजार रुपये थी और केंद्र सरकार की 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और घर की विद्युत आपूर्ति के लिए वे पूरी तरह आत्मनिर्भर है। श्री राजपूत ने कहा, “सौर ऊर्जा अपनाकर हम न केवल अपने खर्च में संतुलन ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे रहे हैं। इस योजना से हमारा जीवन आसान और आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। यह अनुभव अन्य स्थानीय निवासियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।” प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय ने इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई है। इस पहल से परिवारों में आत्मनिर्भरता, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। श्रीमती ज्योति और श्री गोरे सिंह राजपूत ने योजना के लिए अपना हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह की योजनाओं के निरंतर लाभ की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश के आम नागरिकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है। योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, घरेलू खर्च में संतुलन लाना और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर पैनल उपलब्ध कराए जाते हैं और केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी और राज्य सरकार से रूपये 30 हजार की राशि लाभार्थियों को प्रदान की जाती है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि परिवारों को उनकी बिजली की जरूरतों के लिए स्वतंत्रता भी मिलती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक सरल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना की वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन कार्यालय इसके लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के प्रति नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ा रही है। इससे सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा भी मिल रहा है।