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इन मार्गों पर नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन व जुलूस, पुलिस आयुक्त ने लगाया प्रतिबंध

रायपुर राजधानी रायपुर की हेवी ट्रैफिक वाली सड़कों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रायपुर कमिश्नरेट ने नया आदेश जारी किया है. 4 प्रमुख मार्गों पर अब रैली, जुलूस और प्रदर्शन जैसे सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लगा दी गई है. अगले दो महीने तक के लिए आदेश लागू किया गया है.   जारी आदेश के मुताबिक, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बीएनएसएस 2023 की धारा 163 तक सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा. आदेश का आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे शहर में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करें. इन सड़कों पर नहीं निकाल सकेंगे रैली 1. जी.ई. रोड: शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए फूल चौक तक. 2. एम.जी. रोड: जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक. 3. सदर बाजार रोड: कोतवाली से सत्ती बाजार चौक तक. 4. एम.जी. रोड: मौलाना चौक से शारदा चौक तक.

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने से पहले, इन तीन IPS अफसरों के नाम पर चर्चा तेज

रायपुर रायपुर का पहला कमिश्नर कौन होगा इस पर सस्पेंस बना हुआ है। 15 अगस्त 2025 को रायपुर में कमिश्नरी सिस्टल लागू होने की घोषणा के बाद संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही नाम तय हो जाएगा। बता दें कि 31 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 जनवरी से कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। Raipur Commissioner: चल रही कमिश्नर की तलाश सरकार का प्रयास है कि इससे पहले ही कमिश्नर के नाम पर मुहर लग जाए। इसके लिए 7 आईजी स्तर के अधिकारियों को प्रस्तावित सूची में रखा गया है। एक्ट में संशोधन करने 31 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक के बाद कमिश्नर की तलाश चल रही है। साथ ही कमिश्नर को मजिस्ट्रियल पॉवर के साथ ही पुलिङ्क्षसग को लेकर महत्वपूर्ण अधिकार देने एक्ट में संशोधन किया गया है। ताकि शस्त्र लाइसेंस, धारा 144 लागू करने और जरूरत के अनुसार कफ्र्यू, आपात स्थिति में तुरंत आदेश जारी करने और सिस्टम में फेरबदल किया जा सके।  रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए बिलासपुर के आइजी संजीव शुक्ला के साथ दो और नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इनमें वरिष्ठ आइपीएस बद्री नारायण मीणा और दीपक कुमार झा शामिल हैं। बद्री नारायण मीणा पूर्व में रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ सख्त कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं। वहीं दीपक कुमार झा भी फील्ड पोस्टिंग और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। इससे पहले आइपीएस अजय यादव, सुंदरराज पी, अमरेश मिश्रा समेत अन्य नाम भी कमिश्नर की दौड़ में शामिल रहे हैं। सरकार क्या चाहती है पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार ऐसे अधिकारी को कमिश्नर बनाना चाहती है, जो नई व्यवस्था के शुरुआती दौर में इसे मजबूती से स्थापित कर सके। हालांकि यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों ने रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण पुलिस कमिश्नर के सीमित अधिकार क्षेत्र बताए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत कमिश्नर का अधिकार केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित रहेगा, जिसमें करीब 22 पुलिस थाने शामिल होंगे, जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्र के 11 थानों के लिए एसएसपी तैनात करने की अलग व्यवस्था होगी। एडिशनल कमिश्नर के लिए लाल उम्मेद बने पहली पसंद एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद के लिए रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह शासन की पहली पसंद माने जा रहे हैं। उन्हें पदोन्नत कर इस जिम्मेदारी पर बैठाया जा सकता है। माना जा रहा है कि कमिश्नरेट को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुभवी और मजबूत टीम बनाई जा रही है, जिसमें डा. सिंह की भूमिका अहम होगी। इनके नाम पर विचार कमिश्नर के लिए रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर के संजीव शुक्ला, दुर्ग के रामगोपाल गर्ग, सरगुजा के दीपक झा और आईजी पीएचक्यू अजय यादव का नाम प्रमुखता के साथ चल रहा है। वहीं, ओपी पाल और आनंद छाबड़ा के नाम भी प्रस्तावित किए गए हैं। उक्त अधिकारियों में किसी एक को कमिश्नर बनाया जाएगा। इसके लिए उच्चस्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। 900 अतिरिक्त बल की तैनाती Raipur Commissioner: नए सिस्टम में आईजी को कमिश्नरी की कमान देने के साथ ही दो एसएसपी, 5 एएसपी, 18 डीएससी के साथ ही फील्ड में 800 से ज्यादा अतिरिक्त जवानों की पोस्टिंग होगी। वहीं, पुलिस थानों की संख्या में इजाफा कर 5 अतिरिक्त थाना और 3 पुलिस चौकी का गठन होगा। बता दें कि इस समय रायपुर शहर और ग्रामीण को मिलाकर 38 पुलिस थाने हैं। इसमें साइबर, ट्रैफिक और अजाक थाना भी शामिल है। दफ्तर और वाहन की व्यवस्था पुराने पीएचक्यू में दफ्तर और कमिश्नर के लिए कार की व्यवस्था राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई है। वहीं, दफ्तर के लिए पुलिस महकमे के तमाम विभागों को कनेक्ट किया गया है। कमिश्नर के ज्वाइन करते ही ऑटो मोड में सिस्टम काम करने लगेगा। 23 जनवरी से लागू होगी व्यवस्था रायपुर में पुलिस कमिश्नरी की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने करीब छह महीने पहले की थी। इसके लिए आइपीएस प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में गठित टीम ने ओडिशा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया था। तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और 23 जनवरी से रायपुर में नई व्यवस्था लागू होगी। इसी दिन कमिश्नर कार्यालय के उद्घाटन की भी संभावना है। कई जिलों में बदल सकते हैं एसपी-एसएसपी पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू होने से पहले आइपीएस अफसरों के तबादलों को लेकर भी पीएचक्यू में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कवर्धा में पदस्थ एसपी धर्मेंद्र सिंह चवाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर भेजे जाने की संभावना है। वहीं तमनार हिंसा के बाद सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का नया एसएसपी बनाया जा सकता है। वहीं दुर्ग से कोरबा में विजय अग्रवाल, दुर्ग में डा. संतोष सिंह, मुंगेली में हरीश राठौर, बेमेतरा में भावना पांडेय, रामकृष्ण साहू को सूरजपुर, भोजराम पटेल को सारंगढ़-बिलागढ़ में तैनाती के संकेत हैं। प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।  

रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली के जरिए लाई जाएगी कानून व्यवस्था में कसावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज (बुधवार) मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को साय कैबिनेट ने मंजूरी दी. रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगा. इसी साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दौरान इसकी घोषणा हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस व्यवस्था के लागू होने की घोषणा की थी. रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली 23 जनवरी से लागू होगी. बता दें कि पहले चर्चा थी कि एक जनवरी से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी लेकिन बताया जा रहा है कि कैबिनेट में 23 जनवरी से लागू करने पर सहमति बनी क्योंकि 23 जनवरी को ही सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली लेकर स्पष्ट खाखा 7 दिन के भीतर तैयार कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि कई सारे बिंदुओं पर सहमति बन गई है. तीन हिस्सों में रायपुर पुलिस की कमिश्नरी बंटेगी. मध्य, पूर्व और पश्चिम हिस्सा होगा.  हर क्षेत्र की कमान डीएसपी के हाथ में होगी, जो एसपी रैंक का अधिकारी होगा. कैसा होगा पुलिस कमिश्नरेट डीएसपी के ऊपर एक एडिशनल कमिश्नर और फिर कमिश्नर रैंक होंगे, कमिश्नर के अंडर एडिशनल डीसीपी होंगे और 21 एसीपी रहेंगे, यह डीएसपी रैंक के अफसर होंगे.पुलिस थानों के प्रभारी अब टीआई नहीं, बल्कि डीएसपी रैंक के अफसर होंगे. कमिश्नर मुख्यालय में तीन डीसीपी नियुक्त किए जाएंगे. यह क्राइम, प्रोटोकॉल, ट्रैफिक, अजाक और महिला अपराध जैसे विंग देखेंगे.रायपुर नगर निगम और बिरगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र कमिश्नरी का हिस्सा होंगे. रायपुर ग्रामीण के लिए अलग एसपी होंगे. होंगे ये बदलाव 23 जनवरी से लागू होने वाले कमिश्नरी सिस्टम का खाका 7 दिन में तैयार किया जाएगा.कमिश्नर को कलेक्टर की तरह 17 अधिकार दिए जाएंगे. पुलिस कमिश्नर आर्म्स एक्ट, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार का उपयोग खुद कर सकता है, पहले इसके लिए कलेक्टर की अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी.गन लाइसेंस लेने के लिए सीधे कमिश्नर को आवेदन किया जा सकता है .UAPA एक्ट, अनैतिक देह व्यापार, मानव तस्करी, मोटर व्हीकल एक्ट, कारागार अधिनियम, पॉइजन एक्ट, कैटल ट्रेस पास एक्ट समेत कुछ अन्य अधिकार कमिश्नरेट को दिए जा सकते हैं. इन थानों को किया जा सकता है शामिल पुलिस सूत्रों के मुताबिक रायपुर के सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोल बाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढ़ियारी, उरला, धरसीवा और खमारडीह थाने कमिश्नर प्रणाली में शामिल किए जा सकते हैं. जबकि रायपुर जिले के आरंग, तिल्दा, खरोरा अभनपुर, नया रायपुर और माना क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन होगा.