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मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से शिक्षा में आ रही है सशक्तिकरण

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से सशक्त हो रही शिक्षा रामपुर शासकीय विद्यालय के 500+ विद्यार्थियों के लिए किया आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नीति के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए जबलपुर मुख्यालय के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में शिक्षा उन्नयन के लिये महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत पावर जनरेटिंग कंपनी ने हेल्थ फाउंडेशन के माध्यम से शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में शैक्षणिक संसाधनों एवं आवश्यक उपकरणों का वितरण किया, जिससे 500 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और बेहतर शैक्षणिक वातावरण व उन्नत शिक्षण सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत् शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर को साइंस लैब की स्थापना के लिये उपकरण, विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था, खेल सामग्री(स्पोर्ट्स किट), स्मार्ट बोर्ड, पाठ्य-पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधन प्रदान कर उनकी सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाना है। कंपनी का मानना है कि शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला है और इस दिशा में किए गए प्रयास दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करेंगे। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रतिबद्धता शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ट्रेनिंग अशोक कुमार तिवारी व महाप्रबंधक खुशबू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में विद्यालय को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर पावर जनरेटिंग कंपनी के उपस्थित अधिकारियों ने CSR के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। क्या है कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का तात्पर्य कंपनियों द्वारा समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। यह एक स्व-विनियमन मॉडल है, जो यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण के प्रति जवाबदेह बने रहें। भारत कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के तहत CSR व्यय को अनिवार्य बनाकर देश ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने इन गतिविधियों के अंतर्गत जबलपुर के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ऐसी ही आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर शिक्षा उन्नयन में सक्रिय योगदान दिया है।  

बिहार में नई इंडस्ट्रियों के लिए ऊर्जा विभाग ने की 838 मेगावाट बिजली रिजर्व

पटना. बिहार में नए उद्योग लगाने को लेकर सरकार की तरफ से कई योजनाएं लाई जा रही हैं. अगर राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे तो उसके लिए बिजली की भी जरूरत होगी. ऐसे में बिहार के नए इंडस्ट्रियों के लिए 838 मेगावाट की बिजली रिजर्व की गई है. जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से उद्योगपतियों के साथ समझौते भी किए जा रहे हैं. क्या कहना है बिजली कंपनी के अधिकारियों का? बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों की माने तो, इस साल लगभग 9602 मेगावाट की बिजली डिमांड की जा सकती है. राज्य में लगने वाले इंडस्ट्रियों को स्मूथ बिजली मिले, इसको लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का विस्तार करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अभी की बात करें तो, 175 ग्रिड उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई के लिए 21,165 किलोमीटर का ट्रांसमिशन नेटवर्क है. इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 16 नए ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण जारी है. 2026-27 में बिजली की उपलब्धता जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर बड़े इंडस्ट्रियों में 33 केवी और 11 केवी पर बिजली की सप्लाई की जाती है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन की नेटवर्क क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही साल 2025-26 में बिजली की उपलब्धता 9237 मेगावाट थी, जो साल में 2026-27 में बढ़कर 10,440 मेगावाट हो गई है. इन जगहों से मिल रही ज्यादातर बिजली जिन जगहों से बिजली की मुख्य रूप से आपूर्ति हो रही है, उनमें एनटीपीसी (6996 मेगावाट), लखीसराय के कजरा (185 मेगावाट) और चौसा भी शामिल है. राज्य में बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौसा बिजली घर के दूसरे यूनिट को चालू किया जाएगा. इसके साथ ही नवीनगर स्टेज-2 के तीन नए यूनिट का निर्माण और पीरपैंती में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है.