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MP Power Generating Company का महा-रिकॉर्ड, 600 दिन बिना रुके चलती रही अमरकंटक यूनिट

चचाई पॉवर प्लांट का महा-रिकॉर्ड लगातार 600 दिनों से चल रही है अमरकंटक की यह यूनिट मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी इतिहास में पहली बार अमरकंटक मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। अमरकंटक थर्मल पॉवर स्टेशन चचाई की 210 मेगावॉट क्षमता वाली यूनिट ने लगातार 600 दिनों तक बिना किसी बाधा के निरंतर बिजली उत्पादन करने का एक अभूतपूर्व महा-रिकॉर्ड स्थापित किया है। कंपनी के इतिहास में आज तक किसी भी जनरेटिंग यूनिट ने इतने लंबे समय तक बिना बंद हुए उत्पादन नहीं किया है। प्लांट की यह ऐतिहासिक यात्रा 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुई थी, जो आज भी सफलतापूर्वक निरंतर जारी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्लांट के नेतृत्व और पूरी तकनीकी टीम को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने विश्वास जताया है कि अमरकंटक थर्मल पॉवर स्टेशन भविष्य में भी उत्कृष्टता की इस भावना को बनाए रखेगा और राज्य की प्रगति के लिए सफलता के कई नए कीर्तिमान गढ़ेगा। प्रदर्शन के बेमिसाल आंकड़े इस असाधारण संचालन अवधि के दौरान यूनिट ने तकनीकी और कार्यकुशलता के मोर्चे पर नए मानदंड स्थापित किए हैं। प्लांट उपलब्धता कारक 98.81% दर्ज किया गया, जो इसकी निरंतर उपलब्धता को दर्शाता है। प्लांट लोड फैक्टर 95.6% के बेहद उच्च स्तर पर रहा, जो बेहतरीन बिजली उत्पादन क्षमता का प्रमाण है। सहायक बिजली खपत मात्र 9.28% रही, जिससे बिजली की बचत और कार्यकुशलता प्रमाणित होती है। कुशल नेतृत्व और टीम के समर्पण का परिणाम बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी लंबी अवधि तक बिना किसी तकनीकी खराबी, ग्रिड ट्रिपिंग या फोर्स आउटेज के थर्मल प्लांट को चलाना एक असाधारण तकनीकी चुनौती होती है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय सूक्ष्म और सटीक योजना, मजबूत प्रिवेंटिव मेंटेनेंस (निवारक रखरखाव) प्रथाओं, लगातार की जा रही कड़ी डिजिटल निगरानी और चचाई प्लांट की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस टीम के कुशल नेतृत्व और अटूट समर्पण को दिया है। मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं को मिला सीधा लाभ इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल अमरकंटक पॉवर स्टेशन का नाम देश के अग्रणी बिजली घरों में शामिल हुआ है, बल्कि इससे मध्यप्रदेश के आम उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। यूनिट के लगातार चालू रहने से राज्य को बिना किसी रुकावट के निरंतर और सस्ती बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने में बड़ी मजबूती मिली है। यह रिकॉर्ड प्रदर्शन अब मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग के अन्य बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मानदंड का काम करेगा।  

अशोका गार्डन, ऐशबाग-सेमरा में आज बिजली कटौती

भोपाल भोपाल के करीब 40 इलाकों में आज गुरुवार को 5 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें विनीतकुंज, ऐशबाग, बरखेड़ी, चांदबड़, अशोका गार्डन, सेमरा, तुलसी नगर, अशोक विहार, इंद्रा कॉलोनी समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक आम्र ईडन गार्डन, शिवालय, गिरधर परिसर, आम्र वैली, विधान एलिना, मंगेश हाइट, विनीत कुंज बी सेक्टर, पार्क सेरेना कॉलोनी, कस्टम कॉलोनी, विवेकानंद नगर, न्यू फोर्ट एक्सटेंशन, अवंतिका फेस-3, सुरेंद्र मणिक एवं आसपास के इलाके। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाग उमराव दूल्हा, इंद्रा कॉलोनी, ऐशबाग, महामाई का बाग, बरखेड़ी फाटक, चांदबड़, शंकराचार्य नगर, धोबी घाट, कौशल्या टॉवर, वर्धमान ग्रीन एवं आसपास। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक अशोक विहार, अंत्योदय नगर, अशोका गार्डन, एकता पुरी, स्वदेश नगर, विनायक होम्स, सेमरा, बैंक कॉलोनी, रानी अमन बाई कॉलोनी, तुलसी नगर, सोनिया विहार, नवीन नगर, फूटी बावड़ी एवं आसपास। सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक बंजारी बस्ती, दशहरा मैदान एवं आसपास।

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से शिक्षा में आ रही है सशक्तिकरण

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से सशक्त हो रही शिक्षा रामपुर शासकीय विद्यालय के 500+ विद्यार्थियों के लिए किया आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नीति के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए जबलपुर मुख्यालय के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में शिक्षा उन्नयन के लिये महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत पावर जनरेटिंग कंपनी ने हेल्थ फाउंडेशन के माध्यम से शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में शैक्षणिक संसाधनों एवं आवश्यक उपकरणों का वितरण किया, जिससे 500 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और बेहतर शैक्षणिक वातावरण व उन्नत शिक्षण सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत् शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर को साइंस लैब की स्थापना के लिये उपकरण, विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था, खेल सामग्री(स्पोर्ट्स किट), स्मार्ट बोर्ड, पाठ्य-पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधन प्रदान कर उनकी सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाना है। कंपनी का मानना है कि शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला है और इस दिशा में किए गए प्रयास दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करेंगे। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रतिबद्धता शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ट्रेनिंग अशोक कुमार तिवारी व महाप्रबंधक खुशबू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में विद्यालय को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर पावर जनरेटिंग कंपनी के उपस्थित अधिकारियों ने CSR के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। क्या है कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का तात्पर्य कंपनियों द्वारा समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। यह एक स्व-विनियमन मॉडल है, जो यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण के प्रति जवाबदेह बने रहें। भारत कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के तहत CSR व्यय को अनिवार्य बनाकर देश ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने इन गतिविधियों के अंतर्गत जबलपुर के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ऐसी ही आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर शिक्षा उन्नयन में सक्रिय योगदान दिया है।  

बिहार में नई इंडस्ट्रियों के लिए ऊर्जा विभाग ने की 838 मेगावाट बिजली रिजर्व

पटना. बिहार में नए उद्योग लगाने को लेकर सरकार की तरफ से कई योजनाएं लाई जा रही हैं. अगर राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे तो उसके लिए बिजली की भी जरूरत होगी. ऐसे में बिहार के नए इंडस्ट्रियों के लिए 838 मेगावाट की बिजली रिजर्व की गई है. जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से उद्योगपतियों के साथ समझौते भी किए जा रहे हैं. क्या कहना है बिजली कंपनी के अधिकारियों का? बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों की माने तो, इस साल लगभग 9602 मेगावाट की बिजली डिमांड की जा सकती है. राज्य में लगने वाले इंडस्ट्रियों को स्मूथ बिजली मिले, इसको लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का विस्तार करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अभी की बात करें तो, 175 ग्रिड उपकेंद्रों से बिजली सप्लाई के लिए 21,165 किलोमीटर का ट्रांसमिशन नेटवर्क है. इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 16 नए ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण जारी है. 2026-27 में बिजली की उपलब्धता जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर बड़े इंडस्ट्रियों में 33 केवी और 11 केवी पर बिजली की सप्लाई की जाती है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन की नेटवर्क क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही साल 2025-26 में बिजली की उपलब्धता 9237 मेगावाट थी, जो साल में 2026-27 में बढ़कर 10,440 मेगावाट हो गई है. इन जगहों से मिल रही ज्यादातर बिजली जिन जगहों से बिजली की मुख्य रूप से आपूर्ति हो रही है, उनमें एनटीपीसी (6996 मेगावाट), लखीसराय के कजरा (185 मेगावाट) और चौसा भी शामिल है. राज्य में बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौसा बिजली घर के दूसरे यूनिट को चालू किया जाएगा. इसके साथ ही नवीनगर स्टेज-2 के तीन नए यूनिट का निर्माण और पीरपैंती में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है.