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नो ट्रिपिंग जोन बनाने की तैयारी, 1500 करोड़ की योजना पर काम तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने लखनऊ नो ट्रिपिंग जोन बनाने की ठान ली है। इसमें केंद्र सरकार की मदद से आधुनिकीकरण का काम होगा। इससे लखनऊ की बिजली व्यवस्था को वर्ष 2032 के हिसाब से आधुनिक किया जाएगा। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड इसकी तैयारी में जुट गया है। राजधानी की बिजली व्यवस्था का इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ष 2032 के हिसाब से तैयार करने की तैयारी है। इस पूरे काम को वर्ष 2028 मध्य तक करना होगा। वर्ष 2032 में राजधानी के उपभोक्ताओं को कितनी बिजली चाहिए होगी, कितने उपभोक्ता होंगे और इन्फ्रास्ट्रक्चर कितना मजबूत करना होगा। उसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने का काम तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। पंद्रह सौ करोड़ रुपये खर्च करके वर्ष 2028 मध्य तक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। टीम देखेगी कि कैसे पांच वर्ष में बिजली की डिमांड लखनऊ में बढ़ी है। उसी आधार पर आगे की रणनीति बनाएगी। वर्ष 2032 में कितने बिजली उपकेंद्र व ट्रांसमिशन उपकेंद्र चाहिए होंगे। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) राजधानी में बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें पावर कारपोरेशन के निदेशक होंगे, मध्यांचल के निदेशक तकनीकी और लेसा के एक मुख्य अभियंता को रखा गया है। यह समिति दीपावली तक पूरी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शक्ति भवन को सौंप देगी। इसके बाद मध्यांचल लखनऊ में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर काम करेगा। यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हर वर्ष बढ़ रही है डिमांड और उपभोक्ता लखनऊ में हर वर्ष दो से ढाई सौ मेगावाट एम्पियर बिजली की डिमांड बढ़ रही है। हर वर्ष दो सौ मेगावाट की खपत और एक लाख उपभोक्ता बढ़ रहे है। इसको देखते हुए नए ट्रांसमिशन बिजली उपकेंद्र के साथ ही नए बिजली उपकेंद्र भी नए विकसित क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। वहीं पुराने लखनऊ व घनी आबादी वाले क्षेत्र में पावर ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे। इसके लिए जमीन भी तलाशी जाएगी, जिससे छोटे बिजली उपकेंद्र भी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए बनाए जा सके। बिजली उपकेंद्र को डबल व त्रिपल सोर्स से लैस करने पर फोकस होगा। वीआइपी क्षेत्रों में एलटी केबल भी ओवरहेड न जाए, उन्हें ट्रंच लाइन में ले जाया जाए, इस पर भी विचार होगा।  

तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आगे निकला उत्तर प्रदेश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को निर्बाध और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। डिमांड के अनुरूप बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश ने तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है और लगातार डिमांड बिजली आपूर्ति कर रहा है। फिलहाल प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग के बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करा रहा है।  प्रदेश में 2-3 जून की रात को 12:21 बजे 28,770 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह रात 1 बजे 28,321 मेगावाट, 3 बजे 26,830 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। 3 जून की सुबह 6 बजे 23,459 मेगावाट, सुबह 9 बजे 22,452 मेगावाट, 10 बजे 24,074 मेगावाट, 11 बजे 24,897 मेगावाट और दोपहर 12 बजे 25,076 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई है। यूपी में लगातार डिमांड बिजली आपूर्ति की जा रही आंकड़ों के अनुसार 2 जून को उत्तर प्रदेश में 27,976 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। यह आंकड़ा कई बड़े राज्यों की तुलना में कहीं अधिक था। इसी दिन तमिलनाडु में 19,198 मेगावाट, कर्नाटक में 13,848 मेगावाट और आंध्र प्रदेश में 13,018 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति दर्ज की गई थी। वहीं केवल एक दिन ही नहीं बल्कि लगातार कई दिनों से उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 1 जून को भी प्रदेश में 27,260 मेगावाट और 31 मई को 24,610 मेगावाट की डिमांड के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई गई थी।  किसान, व्यापारी और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत बढ़ती गर्मी और एयर कंडीशनर, कूलर व अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग के बावजूद प्रदेश की बिजली व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। इससे आम उपभोक्ताओं, किसानों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिल रही है। हालांकि हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में आए आंधी-तूफान और बारिश के कारण कुछ स्थानों पर विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद बिजली विभाग ने तेजी से काम करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी है। जबकि मऊ, गाजीपुर और सोनभद्र के कुछ इलाकों में अभी भी प्रभावित स्थलों पर मरम्मत और रखरखाव का कार्य जारी है।  आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी मीडिया और उपभोक्ता को दी जाए विभागीय टीमें लगातार फील्ड में मौजूद रहकर बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य बनाने में जुटी हुईं हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और उप्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहां भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो, उसकी सूचना तत्काल मीडिया और उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. गोयल ने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में रात्रि के समय अचानक लोड बढ़ जाता है, वहां विशेष जांच अभियान चलाया जाए, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो। 1912 पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। बिजली आपूर्ति के लिए यूपीपीसीएल पूरी तत्परता के साथ काम कर रहा- निदेशक वितरण यूपीपीसीएल के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पावर कारपोरेशन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। बढ़ती गर्मी के बावजूद लगातार डिमांड के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जहां कहीं भी आंधी-तूफान की वजह से आपूर्ति प्रभावित है, वहां हमारी टीमें लगातार फील्ड में मौजूद रहकर मरम्मत एवं बहाली कार्य कर रही हैं। पावर कारपोरेशन का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।