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प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार पक्का घर मिलने से बदली जीवन की तस्वीर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से साकार हो रहे जरूरतमंदों के सपने रायपुर,   अपना घर हर परिवार के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। एक ऐसा घर, जिसकी मजबूत दीवारों के बीच परिवार सुरक्षित रहे, बच्चे बेहतर भविष्य के सपने देखें और जीवन सम्मान एवं सुकून के साथ आगे बढ़े। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सपना कई बार सीमित संसाधनों के कारण अधूरा रह जाता है। ऐसे परिवारों के सपनों को साकार करने में प्रधानमंत्री आवास योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरेला के लोहरा झोरकी निवासी रामप्रकाश की कहानी इसी बदलाव और उम्मीद की प्रेरक मिसाल है। रामप्रकाश का वर्षों से सपना था कि उनका भी अपना पक्का घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुख-शांति से जीवन व्यतीत कर सकें। आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण उनके लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। सीमित आय और घरेलू जरूरतों के बीच अपने घर के निर्माण के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। योजना के अंतर्गत प्राप्त सहायता से उनके आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। धीरे-धीरे निर्माण कार्य आगे बढ़ा और वर्षों से देखा जा रहा उनका सपना आखिरकार हकीकत में बदल गया। आज रामप्रकाश का अपना पक्का मकान पूर्ण होकर तैयार है। पक्का घर मिलने के बाद रामप्रकाश और उनके परिवार के जीवन में खुशी और संतोष का नया अध्याय शुरू हुआ है। अब उनका परिवार एक सुरक्षित और मजबूत आवास में रह रहा है। बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की चुनौतियों से सुरक्षा के साथ उन्हें अपने घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। रामप्रकाश के लिए उनका नया घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं है, बल्कि यह उनके वर्षों के सपने, संघर्ष और उम्मीदों के पूरा होने का प्रतीक है। वे बताते हैं कि अपने घर का सपना पूरा होना उनके परिवार के लिए बेहद खुशी और भावुकता का क्षण है। पक्का मकान उनके लिए सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने देशभर में अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के पीछे मूल भावना यही है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो तथा वह अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सके। रामप्रकाश के जीवन में आया यह बदलाव इसी संकल्प की एक तस्वीर है। जिस पक्के घर का सपना कभी आर्थिक कठिनाइयों के कारण दूर दिखाई देता था, वही सपना आज उनके सामने एक मजबूत आशियाने के रूप में खड़ा है। उनका घर उनके परिवार के लिए वर्तमान की सुरक्षा और भविष्य की उम्मीद दोनों बन गया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से रामप्रकाश को मिला पक्का घर इसी दिशा में हो रहे कार्यों का उदाहरण है। पक्का आवास मिलने से रामप्रकाश के परिवार में आत्मविश्वास बढ़ा है। अपने स्वयं के घर में परिवार के साथ रहने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई देती है। यह घर उनके लिए सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की नई पहचान बन गया है। रामप्रकाश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उनका कहना है कि सरकार की सहायता से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है और अब उनका परिवार अपने घर में सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहा है। रामप्रकाश की कहानी यह बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचता है, तो सरकारी सहायता केवल एक सुविधा नहीं रहती, बल्कि वह किसी परिवार के जीवन की दिशा बदलने वाली ताकत बन जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला उनका पक्का घर उनके परिवार के लिए खुशियों का आशियाना, सम्मान की पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री चौहान

रायपुर  छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को सौंपा। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पीएम आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री  चौहान केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प को जमीन पर साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कर रहे काम केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश अब केवल धान के कटोरे के रूप में ही नहीं, बल्कि तेजी से सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और कृषि संबंधी वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा। गरीब का पक्का घर हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि  चौहान का छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष स्नेह रहा है और उनके प्रत्येक प्रवास से प्रदेश को विकास की नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आज अपने नए पक्के घर में प्रवेश कर रहे 2 लाख हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत आवासों के लक्ष्य की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में शामिल शेष पात्र परिवारों के लिए भी आवास स्वीकृत करने का अनुरोध केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से किया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। 13.85 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हमारी माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं। ग्रामीण विकास के कई अभिनव अभियानों का शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित 2 लाख आवासों के गृह प्रवेश के साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास अभियानों और नवाचारों का भी शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश की चाबी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन का शुभारंभ किया गया। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान प्रारंभ किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नवीन इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का विमोचन किया गया। साथ ही इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के अंतर्गत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में आजीविका के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं डीलर … Read more

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पीएम आवास के संबंध में लिखा पत्र

रायपुर  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में  चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।            उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।           शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति  शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

CM विष्णु देव साय के सुशासन में बदली गरीब परिवार की जिंदगी, PM आवास योजना से मिला पक्का घर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।           मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।            बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार 850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।           अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़ 49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश कुमार शरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुईफ्फत आरा सहित वित्त, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।

‘हर गरीब को पक्का घर’ के संकल्प को साकार करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तेजी से बढ़ रहा काम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी किए जाने का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, सम्मानजनक जीवन और अंत्योदय के संकल्प को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर गरीब को पक्का घर’ का संकल्प तेजी से धरातल पर साकार हो रहा है और यह निर्णय ग्रामीण गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल आवास निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार निर्मित करने वाली परिवर्तनकारी पहल है। पक्का घर किसी भी परिवार के लिए केवल एक छत नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, बेहतर जीवन और सामाजिक गरिमा का मजबूत आधार होता है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से छत्तीसगढ़ के हजारों ग्रामीण परिवारों के ‘पक्के घर के सपने’ को नई गति मिलेगी और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे तथा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण पहल में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य और अधिक गति से आगे बढ़ेगा।

10 लाख से अधिक आवास हुए स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में देशभर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे आवास निर्माण एवं हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने में देश के अग्रणी राज्यों में मध्यप्रदेश ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्तसंकेत भोंडवे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत मध्यप्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 98.04 प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग पूर्ण हो चुकी है। यह प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है। वहीं 9 लाख से अधिक आवार्सी का निर्माण पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन स्तर, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्‌देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के शहरी परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्के घर में जीवन यापन कर सकें। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।भोंडवे ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को आवास योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से प्रदेश में न केवल आवास निर्माण को गति मिली है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। राज्य शासन द्वारा भविष्य में भी योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।  

कच्चे से पक्के घर तक का सफर: पीएम आवास योजना से शिव शंकर के जीवन में आया बदलाव

रायपुर  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में रहने वाले  शिव शंकर का वर्षों पुराना पक्का मकान का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दृढ़ संकल्प से पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी क्रम में शिव शंकर को योजना अंतर्गत स्वीकृत आवास का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका परिवार अब सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। कठिन परिस्थितियों से मिली राहत  शिव शंकर ने बताया कि पहले उनका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहा करता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों सहित पूरे परिवार को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए आशा की किरण बनकर आई। हितग्राही शिव शंकर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के सहयोग से उन्हें पक्का घर मिला है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने बच्चों के साथ सुरक्षित वातावरण में सुख-चौन से रह रहे हैं और उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभ मिल रहा है।  

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत रायुपर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा है आवास का लाभ      प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है। श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिला     श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।