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कच्चे से पक्के घर तक का सफर: पीएम आवास योजना से शिव शंकर के जीवन में आया बदलाव

रायपुर  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में रहने वाले  शिव शंकर का वर्षों पुराना पक्का मकान का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दृढ़ संकल्प से पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी क्रम में शिव शंकर को योजना अंतर्गत स्वीकृत आवास का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका परिवार अब सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। कठिन परिस्थितियों से मिली राहत  शिव शंकर ने बताया कि पहले उनका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहा करता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों सहित पूरे परिवार को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए आशा की किरण बनकर आई। हितग्राही शिव शंकर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के सहयोग से उन्हें पक्का घर मिला है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने बच्चों के साथ सुरक्षित वातावरण में सुख-चौन से रह रहे हैं और उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभ मिल रहा है।  

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत

रायुपर : प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना-ज्ञानु भगत रायुपर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा है आवास का लाभ      प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी श्री ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है। श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिला     श्री ज्ञानु भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। उन्होंने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से सरगुजा के दिल भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवास से बदला जीवन स्तर रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) राज्य में जरूरतमंद परिवारों के लिए स्थायी आवास का सपना साकार कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसा निवासी दिल भरन राजवाड़े के परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हो सका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। दिल भरन राजवाड़े वर्षों से खेती-बाड़ी एवं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनका परिवार लंबे समय तक सीमित संसाधनों और असुविधाजनक परिस्थितियों में रहने को विवश था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवास के निर्माण से अब उनका दो कमरों का पक्का मकान पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है, जिसमें आठ सदस्यीय परिवार एक साथ सुरक्षित रूप से निवास कर रहा है। नए पक्के आवास के मिलने से परिवार को न केवल सुरक्षित और स्वच्छ आवासीय सुविधा उपलब्ध हुई है, बल्कि बरसात, ठंड और गर्मी के मौसम में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिली है। पक्का घर मिलने से परिवार का आत्मसम्मान बढ़ा है और सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। दिल भरन राजवाड़े ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब और श्रमिक परिवारों के जीवन मंल बदलाव लाने वाली योजना बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली ज़िंदगी, मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना रायपुर मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। पूर्व में तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली पवन विश्वकर्मा की तक़दीर, ग्राम नगपुरा में खुशहाली की नई कहानी

दुर्ग राज्य में गरीबों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एक प्रभावी माध्यम साबित हो रही है। जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत नगपुरा निवासी श्री पवन कुमार विश्वकर्मा को वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। उन्हें यह राशि तीन किस्तों में (प्रथम किस्त 40,000 रूपए, द्वितीय किस्त 60,000 रूपए, और तृतीय किस्त 20,000 रूपए समय पर प्रदान की गई।  इस योजना का लाभ मिलने से पहले, पवन विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ एक कच्चे और जर्जर मकान में रहते थे, जहाँ उन्हें बरसात, गर्मी और सर्दी के मौसम में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समय पर प्राप्त किस्तों की सहायता से उन्होंने सफलतापूर्वक अपने पक्के आवास का निर्माण कार्य पूरा किया, जिससे उनके परिवार को अब सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर आवासीय वातावरण प्राप्त हुआ है। साथ ही बच्चों के लिए पढ़ाई का शांत माहौल भी मिला है।  आवास के साथ-साथ, उन्हें अभिसरण के माध्यम से अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन, दीनदयाल ज्योति योजना के तहत विद्युत कनेक्शन, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी राशि, एन.आर.एल.एम. समूह से लाभ, जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन, और सोक्ता गढ्ढा निर्माण शामिल हैं। इससे उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।  श्री पवन कुमार विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है, जिसने उनके सपनों के घर को वास्तविक रूप प्रदान किया है। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास जारी हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हितग्राही को किया जाता है प्रोत्साहित

जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही  निरीक्षण में पाया आवास निर्माण पूर्ण रायपुर, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण गरीबों को आवास प्रदान करने आवास की समसया को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही हितग्राही द्वारा बनाया जाता है, जिसका निरीक्षण में पाया आवास पूर्ण पाया गया। ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना              केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इस योजना के तहत निर्माण होने वाले मकानों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिपोर्ट किया जाता है। जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति           प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को लेकर कलेक्टर गरियाबंद श्री उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूर्ण अवस्था में पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला, जिसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था। निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। निमाण कार्य का जियोटैग से नियमानुसार और वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली जाती है। हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से निर्मित         इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर प्रदान करना है। लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए स्थानीय सामग्री और डिज़ाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गरियागद जिले के ग्राम पंचायत गोढियारी में हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण मिला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मुडगेलमाल में हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण रूप से निर्मित मिला। अमलीपदर पंचायत में हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास भी पूरी तरह पूर्ण पाए गए। कलेक्टर श्री उईके ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर किए गए भौतिक निरीक्षण और आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग के मिलान से यह सिद्ध हो गया है कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है। सभी जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही किए गए हैं।

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा, अभियान की शुरुआत

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को मिलेगा आवासीय भूमि का पट्टा,  अभियान की हुई शुरूआत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा, अभियान की शुरुआत भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, नगरीय इलाकों में आवासीय भूमि के पट्टे वितरण का अभियान शुरू भोपाल राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन और आवासहीन परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टाधिकार प्रदान करने के लिए 20 नवम्बर गुरूवार से व्यापक अभियान शुरू किया है। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह अभियान 13 दिसम्बर 2025 तक चलेगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा राजस्व विभाग ने संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत बीएलसी और एएचपी घटकों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने वर्ष 1984 के मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधिकार) अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्रता तिथि को 31 दिसम्बर 2020 निर्धारित किया है। इस तिथि तक सरकारी, नगर निकाय या विकास प्राधिकरण की भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज ऐसे आवासहीन परिवार पट्टाधिकार प्राप्त करने के पात्र होंगे। राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य 20 नवम्बर से 13 दिसम्बर तक चलेगा। सूची 14 दिसम्बर को प्रकाशित की जाएगी। किसी भी आपत्ति या सुझाव के निराकरण के बाद 29 दिसम्बर को अंतिम सूची संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा जारी की जाएगी। यह सूची संबंधित जिला कार्यालय की वेबसाइट और विभागीय वेबसाइट www.mpurban.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक जिले में सर्वेक्षण दल गठित किए जाएंगे, जिनमें राजस्व अधिकारी प्रमुख होंगे और सर्वेक्षण के दौरान आधार e-KYC आधारित समग्र ID अनिवार्य रहेगी। नगरीय विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र हितग्राहियों को आवासीय भूमि के स्थाई एवं अस्थायी पट्टों का वितरण 4 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के मध्य किया जाएगा। स्थाई पट्टे लाल रंग में और अस्थायी पट्टे पीले रंग में प्रदान किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों का अन्यत्र पुनर्व्यवस्थापन आवश्यक है, वहां समिति के निर्णय के अनुसार हितग्राहियों को वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा। स्थाई रूप से पट्टा प्राप्त क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, नालियां, बिजली और अन्य आवश्यक अधोसंरचना का विकास नगरीय निकाय एवं विकास प्राधिकरणों द्वारा प्राथमिकता से किया जाएगा। राज्य शासन ने पट्टा वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जन-जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। अवैध अधिपत्य, धोखाधड़ी या गलत जानकारी के आधार पर पट्टा प्राप्त करने जैसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ब्लैकलिस्ट तैयार की जाएगी। राज्य सरकार का यह अभियान शहरी गरीबों को सुरक्षित आवासीय अधिकार प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के सुचारू क्रियान्वयन और “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का यह प्रयास शहरी गरीबों के लिए स्थायी समाधान प्रदान करने वाला है।