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सुकमा: प्रार्थना सभा के दौरान भड़का विवाद, दो गुटों की हिंसक झड़प में कई घायल

सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पालेम के ग्राम सदरापाल में एक कथित हिंसक घटना सामने आई है। यह गांव घने जंगलों में बसा आदिवासी क्षेत्र बताया जा रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को लगभग सुबह 11 से 12 बजे के बीच एक कच्चे मिट्टी के घर में कुछ लोग प्रार्थना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वहां करीब 20 से 30 लोग मौजूद थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि इस समूह ने लाठी-डंडों से प्रार्थना कर रहे लोगों पर हमला कर दिया। घटना में करीब 8 लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनके सिर पर चोट लगने की बात सामने आई है। घायलों की स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूत्रों के अनुसार हमले में शामिल लोगों के रूप में कवासी गंगा, कवासी बुदरा, कवासी महादेव और माड़वी हड़मा के नाम सामने आए हैं, हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। घटना को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके पीछे कुछ उकसाने वाली गतिविधियां या बाहरी प्रभाव हो सकता है, लेकिन इन दावों की किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में भेजे जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण और परिस्थितियों का पता चल सकेगा। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

प्रार्थना सभा से मचा हंगामा: धर्मांतरण के शक में SECL कर्मचारी को पुलिस ने लिया हिरासत में

बिलासपुर बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है. दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे. आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.