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प्री-मानसून की दस्तक: राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाएं और बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट

जयपुर प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर लगातार जारी है. बरसात के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और रविवार (15 जून) दोपहर बाद कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली. जयपुर, चित्तौड़गढ़ समेत कई क्षेत्रों में तेज आंधी के बाद बारिश हुई. कुछ जगहों पर करीब एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई. जयपुर, अलवर, दौसा और टोंक में बारिश से पहले तेज हवाएं चलीं. फलोदी राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया. पश्चिमी राजस्थान में राहत नहीं मौसम में आए इस बदलाव से पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी जिलों में भी भीषण गर्मी से राहत मिली है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. सोमवार (15 जून) के लिए 15 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. अलवर-दौसा समेत इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट ऑरेंज अलर्ट के तहत श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, दौसा और भरतपुर शामिल हैं, जबकि येलो अलर्ट में सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, बारां और झालावाड़ जिले हैं. राजधानी जयपुर में भी रविवार दोपहर तक मौसम साफ और धूप हल्की रही, लेकिन दोपहर बाद अचानक घने बादल छा गए. शाम होते-होते तेज आंधी चली और कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली. 10 दिन बाद मानसून की एंट्री होगी प्रदेश में 24 से 25 जून के बीच मानसून की एंट्री की संभावना है. इससे पहले, लगातार  बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार मानसून के दौरान बारिश थोड़ी कम होने की संभावना है. इससे पहले 17 जून तक आंधी-बारिश जारी रहने की संभावना है.

पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम, 4–5 दिन और बारिश के आसार

 लखनऊ प्रदेश में आंधी बारिश का दौर लगातार जारी है.  बरसात के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है.  शनिवार को भी राज्य के कई स्थानों में बरसात हुई.  राजस्थान में प्री मानसून अच्छी बरसात हो रही है. कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई. बरसात के कारण कई जगहों के तापमान में गिरावट हुई.  प्रदेश में जैसलमेर में तापमान सर्वाधिक 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि शुक्रवार की तुलना में करीब 3.4 डिग्री सेल्सियस कम हुआ.   राजधानी जयपुर में भी सुबह से ही सूरज और बादल की आंख मिचौली चल रही है.  लोगों का उमस से हाल बेहाल है.  लेकिन तापमान में पिछले दिनों की तुलना गिरावट हुई है.   बदला मौसम का मिजाज मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है.  वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में परिसंचरण तंत्र के रूप में सक्रिय है.  इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. तेज मेघगर्जन के साथ आंधी-बारिश पिछले 24 घंटे में बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज मेघगर्जन, आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई.  सीकर के दांतारामगढ़ में सबसे ज्यादा 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. आज भी बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.  इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.  अगले 4 से 5 दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है.

एमपी में इस तारीख को ‘प्री-मानसून’ की एंट्री, अगले 72 घंटे आंधी और बारिश का अलर्ट

ग्वालियर बीते एक सप्ताह से झुलसा रही गर्मी के बीच मौसम ने राहत की ठंडी सांस दी। हल्के बादलों और धूल भरी हवा के असर से सूरज की तपिश फीकी पड़ गई और अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहा। लंबे समय बाद पारा 40 डिग्री से नीचे आने से दिन में गर्मी का असर कमजोर पड़ा और लोगों ने राहत महसूस की। सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही और बदली हवा ने मौसम का मिजाज बदल दिया। राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं पर ब्रेक लगने से लू जैसे हालात नहीं बने। भीषण गर्मी से मिलेगी राहत पश्चिमी हवा का रुख उत्तर की ओर मुडऩे और अरब सागर से नमी आने से शहर के मौसम में नरमी घुल गई। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत में बने चक्रवातीय घेरे के असर से अगले तीन दिन आंधी और तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।  यदि यह सिस्टम सक्रिय रहा तो मई की शुरुआत राहतभरी हो सकती है। दोपहर में तापमान 38.4 डिग्री तक पहुंचा, लेकिन तपिश चुभन नहीं बन सकी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नमी और बादलों की मौजूदगी से फिलहाल भीषण गर्मी से कुछ राहत बनी रह सकती है। रीवा में हुई तेज बारिश प्रदेश में रीवा शहर के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। सुबह से ठंड हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। भीषण गर्मी के बीच ठंडक ने दी बड़ी राहत। इसी सप्ताह रीवा में तापमान 44.5 डिग्री तक पहुंच गया था लेकिन बारिश और ठंड हवाओं के कारण इसमें तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। आगे भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सीधी में भी हुई बारिश सीधी में भी भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ ही मिनटों में आए अंधड़ ने मौसम बदल दिया। जिसके बाद साथ झमाझम बारिश शुरु हो गई। लगातार चल रही रिमझिम बारिश होने के कारण लोगों को ठंड से राहत मिल गई। कब आएगा प्री मानसून जानकारी के लिए बता दें कि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 16 जून के आसपास प्रदेश में प्री-मानसून सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद कई जिलों में झमाझम बारिश की संभावना है। पिछले कुछ हफ्तों से गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन अब एमपी के कई जिलों में मौसम में बड़ा बदलाव आने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग में प्री-मानसून की बौछारें सबसे पहले पहुंचेंगी। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश के आसार हैं। धीरे-धीरे यह असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा।