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स्पेस में प्रेग्नेंसी: क्या अंतरिक्ष में बच्चे का जन्म हो सकता है?

जैसे-जैसे इंसान मंगल और चंद्रमा पर बस्तियां बसाने की योजना बना रहा है, एक बड़ा सवाल वैज्ञानिकों के सामने खड़ा है- 'क्या अंतरिक्ष में गर्भधारण और बच्चे का जन्म सुरक्षित है?' अब तक की रिसर्च इशारा करती है कि तकनीकी रूप से यह संभव तो है, लेकिन बिना पृथ्वी के सुरक्षा कवच (गुरुत्वाकर्षण और वायुमंडल) के, एक नए जीवन का विकास किसी बड़े खतरे से कम नहीं होगा। हड्डियों और मांसपेशियों पर संकट पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण हमारे शरीर की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने में प्राथमिक भूमिका निभाता है। अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी में भ्रूण (Fetus) के विकास के दौरान उसकी हड्डियों के घनत्व (Density) में भारी कमी आ सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीरो ग्रेविटी के कारण बच्चे का ऊपरी शरीर तो विकसित हो सकता है, लेकिन निचले हिस्से और पैरों की मांसपेशियां बेहद कमजोर रह सकती हैं।   ब्रेन और विजन पर असर अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण शरीर के तरल पदार्थ (Body Fluids) सिर की ओर शिफ्ट हो जाते हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ सकता है। यह असामान्य दबाव बच्चे के मस्तिष्क विकास (Brain Development) और आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है। 

गर्भावस्था में बालों की देखभाल: ज्यादा शैंपू करने से हो सकता है नुकसान!

गर्भावस्था में महिलाएं यूं तो सेहत का ख्याल रखती हैं, और कई तरह की सावधानियां भी रखती हैं। लेकिन कभी-कभी अनजाने में कुछ गलतियां भी होती हैं, जिनके बारे में महिलाओं को पता नहीं होता, जैसे बालों में शैंपू का इस्तेमाल…। जी हां, एक शोध में यह बात सामने आई है, कि शैंपू का अधिक इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर डाल सकता है। इसका प्रमुख कारण इसमें पाए जाने वाले केमिकल्स हैं। चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी में 300 अधिक महिलाओं पर किए गए शोध के आधार पर यह बात साबित हुई है, जिनमें 172 महिलाएं स्वस्थ प्रेगनेंट जबकि 132 महिलाएं गर्भपात का शिकार थीं। इन महिलाओं के यूरिन टेस्ट करने पर यह पाया गया कि जो महिलाएं गर्भपात का शिकार थीं, उनमें फैथलेट्स केमिकल की मात्रा अत्यधिक थी, जो संभवतः गर्भपात का कारण बन सकती है। इस शोध के आधार पर गर्भावस्था के दौरान शैंपू का अधिक उपयोग करने पर गर्भपात का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को सतर्कता रखना बेहद आवश्यक है। कोशिश करें कि शैंपू का अत्यधिक प्रयोग करने से बचें या फिर शैंपू के स्थान पर कोई प्राकृतिक विकल्प का इस्तेमाल करें। इसके अलावा गर्भावस्था में प्रतिदिन बालों को धोने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय अधिक बाल धोने से गर्भाशय में संकुचन हो सकता है, जो महिलाओं और गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। शैंपू का अधिक प्रयोग करने से केवल गभर्पात का ही खतरा नहीं होता बल्कि यह लिवर संबंधी समस्याओं को जन्म देने के साथ ही, सीने में दर्द और सांस संबंधी तकलीफ भी दे सकता है। यह कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं को भी जन्म दे सकता है, जो आपके लिए खतरनाक है। इसके अलावा अधिक इस्तेमाल से यह आपके बालों का पोषण भी छीन सकता है।  

ओडिशा के सरकारी हॉस्टल में 10वीं की दो छात्राएं गर्भवती — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

फूलबाणी  ओडिशा के कंधमाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। प्रदेश में महिलाओं के यौन शोषण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकारी हॉस्टल में रहने वाली दसवीं कक्षा की दो छात्राएं गर्भवती पाई गईं। यह खुलासा हॉस्टल में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिग छात्रा कंधमाल जिले में सरकारी हॉस्टल में रहती हैं। मामले में हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। कैसे पता चला छात्राएं हैं गर्भवती? कंधमाल जिले के जिला कल्याण अधिकारी रवि नारायण मिश्रा ने बताया कि हमने पुलिस को दो लड़कियों के गर्भवती होने की सूचना दी है। शिकायत में हमने पुलिस से मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार की ओर से संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों की लंबी छुट्टियों से लौटने के तुरंत बाद मेडिकल जांच की जाती है। मिश्रा ने बताया कि हमारे कर्मचारियों ने दो लड़कियों में असामान्य लक्षण पाए गए। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए उप-मंडलीय अस्पताल भेजा गया। जहां उनकी गर्भावस्था की पुष्टि हुई। जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक का है मामला? दरअसल इस साल गर्मी की छुट्टियों के बाद 21 जून को स्कूल फिर से खुले थे। हालांकि दोनों लड़कियां जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल लौट आईं। उन्होंने बताया कि ये मामले जिले के तुमुदिबांध ब्लॉक के दो अलग-अलग सरकारी आवासीय बालिका उच्च विद्यालयों से सामने आए। दोनों छात्राएं पिछले महीने गर्मी की छुट्टियों के बाद अपने छात्रावास लौट आई थीं।