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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जयपुर में ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम के साथ भव्य आयोजन

जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) के अवसर पर रविवार को जयपुर में विभिन्न स्थानों पर भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यः सामूहिक योग्याभ्यास कार्यक्रम प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल तथा आमेर फोर्ट जैसे शहर के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि इस 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के नागरिकों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एस.एम.एस. स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल एवं आमेर फोर्ट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थाओं के योग साधक, एनसीसी, सीआरपीएफ, पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्मिक के साथ बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। मीडिया प्रभारी एवं सहायक निदेशक डॉ. लक्ष्मण सैनी ने बताया कि योग आज विश्वभर में समग्र स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आमजन से योग दिवस कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

​उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने दी नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं

​रायपुर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर राज्य के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनेगी।  उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, अनुशासित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस के उपयोग, एकीकृत नियामक संस्थाओं के गठन और छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश शामिल हैंl उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसरों में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ​विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए बनेगा 'हेल्प डेस्क'      ​ छात्र हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री  वर्मा ने घोषणा की है कि महाविद्यालय आने वाले समस्त विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 'हेल्प डेस्क' की स्थापना की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें तत्काल राहत मिलेगी। ​समय पर प्रवेश लें छात्र, बार-बार नहीं बढ़ेगी तारीख  ​उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार महाविद्यालयों में गुणाक्रम (मेरिट) के आधार पर समय पर प्रवेश लें। उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश होने से प्राविण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में आने वाले सभी विद्यार्थियों का एडमिशन निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा और पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी। बार-बार प्रवेश की तिथि बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि प्रवेश सूची में नाम आने पर कोई भी विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रहे। ​NEP 2020 का समयबद्ध क्रियान्वयन सभी कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों की यह जिम्मेदारी होगी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पढ़ाई समय पर शुरू हो, पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, और सेमेस्टर व अन्य परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएं। इसके साथ ही शैक्षणिक कैलेंडर की समय-सीमा के भीतर ही परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। कॉलेज परिसरों में उच्च शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर संस्था और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। ​युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण का भरोसा  उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की सरकार युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको मिलकर यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय  नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के सपनों को साकार करना है।