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प्रॉपर्टी टैक्स की भराई के लिए आखिरी तारीख 31 मई, न चूके!

चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ ने शहर के लोगों और प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे तय समय में टैक्स जमा करके प्रॉपर्टी टैक्स छूट स्कीम का पूरा फायदा उठाएं। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि टैक्स 2026-27 के लिए असेसमेंट ईयर 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो गया है। जो प्रॉपर्टी मालिक तय समय में अपना टैक्स जमा करते हैं, वे इस खास छूट का फायदा उठा सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स में मिलेगी छूट रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 10% की छूट दी जा रही है। यह छूट 1 अप्रैल, 2026 से 31 मई, 2026 तक टैक्स जमा करने पर लागू होगी, जबकि चेक और डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट सिर्फ 26 मई, 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। कहां जाता है टैक्स का पैसा कमिश्नर ने कहा कि टैक्स जल्दी जमा करने से जहां लोगों को ज्यादा से ज्यादा छूट मिलती है, वहीं नगर निगम के फाइनेंशियल रिसोर्स भी मजबूत होते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स निगम के रेवेन्यू का एक बड़ा सोर्स है, जिसका इस्तेमाल शहर में सफाई, सड़क की देखभाल, पानी की सप्लाई और शहरी विकास के कामों जैसी बेसिक सर्विस देने में किया जाता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि टैक्स जमा करने से पहले ऑफिशियल ई-संपर्क पोर्टल पर अपना अभी का बकाया चेक कर लें और यह पक्का कर लें कि छूट पाने के लिए तय समय के अंदर सभी बकाया चुका दिए गए हैं। 

संपत्ति कर जमा करने का आखिरी मौका, चूक गए तो 17% अधिभार के साथ होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा शहर में लगातार अभियान चलाकर सभी 70 वार्डों के बड़े बकायादारों को चेतावनी दी जा रही है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि बकाया राशि समय पर जमा नहीं की गई, तो संबंधित बकायादारों पर नियमानुसार कुर्की और सीलबंदी जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने अपील की है कि कार्रवाई की परेशानी और तनाव से बचने के लिए संबंधित सभी बड़े बकायादार नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें। सभी सम्पत्तिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पत्तिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा करें और अंतिम नियत तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक करों की अदायगी नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे मानसिक परेशानी और तनाव से बचा जा सके। नगर पालिक निगम रायपुर के समस्त 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटर अंतिम देय तिथि 31 मार्च 2026 तक, महावीर जयंती के शासकीय अवकाश दिवस सहित, आम कार्य दिवस की तरह जनहित में जनसुविधा के लिए राजस्व वसूली के लिए सामान्य कार्यालयीन दिवस की भांति खुले रहेंगे। सभी सम्पत्तिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पत्तिकर तत्काल अदा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नगर पालिक निगम रायपुर के ‘मोर रायपुर’ ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके तथा ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ के माध्यम से ऑनलाइन सम्पत्तिकर भुगतान की सुविधा निरंतर उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से कोई भी सम्पत्तिकरदाता नागरिक अपने सम्पत्तिकर सहित समस्त निगम करों का भुगतान घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग को कर सकता है। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों के रहवासी सम्पत्तिकरदाता नागरिकों को इस सहज और सरल तरीके से प्राप्त हो रही प्रशासनिक जनसुविधा का अधिकाधिक लाभ ऑनलाइन सम्पत्तिकर भुगतान करके अवश्य उठाना चाहिए।

संपत्तिकर नहीं चुकाने वाले बड़े बकायेदारों के परिसर किए सील

रायपुर. नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक-8 में संपत्तिकर (टैक्स) के बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। आयुक्त, अपर आयुक्त, उपायुक्त और जोन आयुक्त के निर्देश पर शुक्रवार 13 मार्च को कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यावसायिक परिसरों को सील किया गया। निगम की ओर से पहले डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई करते हुए परिसरों में ताला लगाकर सीलबंद किया गया। निगम प्रशासन के अनुसार इस कार्रवाई में वीर सावरकर नगर वार्ड-01 और पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 क्षेत्र के कई संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें प्रीतम सिंह पिता जीत सिंह पर 5,29,434 रुपये, अशोक कुमार, विजय कुमार और विनोद कुमार (पिता टेकचंद नवानी) पर 2,25,857 रुपये, हरवंश सिंह, महेंद्र सिंह और सुरजीत कौर पर 4,52,317 रुपये, राहुल धारीवाल पिता राजेंद्र धारीवाल पर 1,83,697 रुपये, सुरेंद्र सिंह और गुरविंदर सिंह पिता प्रीतम सिंह पर 1,17,410 रुपये, आदिल खान पर 1,41,022 रुपये और संतोषी देवी पति रामनिवास पर 8,36,874 रुपये का बकाया होने के कारण उनकी व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 में हैदर रज़ा के भवन पर भी कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार भवन स्वामी द्वारा अब तक संपत्ति का टैक्स अधिरोपित नहीं कराया गया था, जिसके कारण परिसर को ताला लगाकर सील कर दिया गया। नगर निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन संपत्ति मालिकों ने अब तक बकाया संपत्तिकर जमा नहीं किया है, वे जल्द से जल्द राशि जमा करें, अन्यथा इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्ती, नगर निगम ने कई व्यावसायिक भवन सील किए

रायपुर राजधानी के जोन क्रमांक 10 में बकाया संपत्ति कर की वसूली को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। कई वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके संस्थानों को सील की गई है। इस कार्रवाई के बाद बकायादारों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम ने पूर्व में संबंधित बकायादारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा तक संपत्ति कर जोन कार्यालय में जमा नहीं किया गया। इसके बाद निगम प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों को ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्रवाई की। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बकाया कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर जमा कर अनावश्यक कार्रवाई से बचें।

राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा

स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन विभाग की पहल कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा  जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं में भी लोग ऑनलाइन जमा कर रहे टैक्स रायपुर.  स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं। इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है। "छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हमें प्रसन्नता है कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी डिजिटल सुविधाएँ पहुँच रही हैं और लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर रहे हैं। यह स्थानीय स्वशासन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत—तीनों का लाभ मिल सके।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय “नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा से शहरों के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह व्यवस्था पारदर्शी शासन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं के लोग भी घर बैठे आसानी से टैक्स जमा कर पा रहे हैं। इससे नागरिकों का समय बचेगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और स्थानीय स्वशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। हमारी सरकार शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

पटना के घर और दुकानों पर बढ़ा टैक्स, जानें क्या है वजह

पटना पटना शहर के मकान मालिकों और दुकानदारों के लिए एक अहम खबर है। दरअसल यहां पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा कर दिया है। अब शहर के कई इलाके में लोगों को  पहले की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। बता दें कि यह बढ़ा हुआ संपत्ति कर उन लोगों की संपत्तियों पर लागू होगा जो अब ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में आ गई हैं। दरअसल, पटना नगर निगम ने शहर की सड़कों के पुनर्वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत प्रधान मुख्य सड़कों की संख्या बढ़ा दी है। पहले 24 सड़कें प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में थीं। 19 नई सड़कों को ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में घोषित कर दिया है।  इन सड़कों पर करीब 5,500 से अधिक मकान और दुकानें स्थित है। जिस कारण ये मकान और दुकान अब बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। नई टैक्स दरें 19 मई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।  बता दें कि प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में आने वाली संपत्तियों से 30 रुपये प्रति यूनिट प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की जाएगी। 

प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा तो होगी सीलिंग, बहादुरगढ़ नगर परिषद का कड़ा अल्टीमेटम

बहादुरगढ़  झज्जर के बाद अब बहादुरगढ़ नगर परिषद भी बड़े पैमाने पर भवनों की सीलिंग का अभियान छेड़ने वाली है। इसके लिए नगर परिषद ने पूरी तैयारी कर ली है। एक विशेष टीम का गठन भी किया जा चुका है। दरअसल बहादुरगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में लोगों पर 100 करोड़ से ज्यादा का प्राॅपर्टी टैक्स बकाया है। टैक्स रिकवरी के लिए इस बार 6 हजार नोटिसों का वितरण किया गया है। नगर परिषद ने साल 2025-26 के लिए 11 करोड़ के प्राॅपर्टी टैक्स की रिकवरी का लक्ष्य रखा था। जिसमें से 4 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है और अब 7 करोड़ की रिकवरी के लिए सीलिंग अभियान का सहारा लिया जाएगा।  नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरूण नांदल ने बताया कि एक लाख से ऊपर के बकाएदारों पर सीलिंग की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। एक लाख से ऊपर के करीबन 700 से 800 बकाएदार है। सीलिंग की पहली कार्यवाही बड़े बकाएदारों पर होनी है और उनकी सूची भी तैयार हो चुकी है। पहली सूची में करीबन 150 नाम शामिल किए गए हैं। जिनमें बड़े व्यवसायिक संस्थान और औद्योगिक संस्थानों के नाम शामिल हैं। कई सरकारी दफ्तर भी बड़े बकाएदारों में शामिल हैं। बता दें कि नगर परिषद बहादुरगढ़ हर साल प्राॅपर्टी टैक्स या हाउस टैक्स की रिकवरी के लिए नोटिस देती है, लेकिन बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्यवाही पहली बार होने वाली है। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि सीलिंग की तलवार से बचने के लिए नगर परिषद के खजाने में प्राॅपटी टैक्स से काफी पैसा आ सकता है। हालांकि बड़े बकाएदारों में शामिल सरकारी महकमों से वसूली करना परिषद के लिए भी काफी मुश्किल काम नजर आ रहा है।