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अब सफर होगा आसान और ग्रीन: 100 ई-बसें सड़कों पर, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

ग्वालियर ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है। हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।   ऐसे चलेगी ई-बस सेवा पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा। 10 रूट किए गए फाइनल शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा। 15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं। 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी। बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।

इस जिले में बनेगा मॉडल बस डिपो, इलेक्ट्रिक बस सेवा का होगा शुभारंभ

पानीपत  पानीपत में पुराने बस स्टैंड को ई-बस डिपो में परिवर्तित किया गया है। डिपो में 40 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिनकी उपलब्धता को लेकर हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड से बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि 23 सितंबर को नई इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का उद्घाटन होगा। यदि बसों की उपलब्धता में देरी हुई तो अक्टूबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ई-बस डिपो का उद्घाटन किया जाएगा। शहर में बनाए जाएंगे 14 नए बस स्टॉप  पानीपत के ई-बस बेड़े में 40 नई बसें शामिल होंगी, जो शहर के साथ-साथ आस-पास के कस्बों तक सेवा प्रदान करेंगी। शहर में 14 नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे, जबकि समालखा, शाहरपुर, असंध और घरौंडा क्षेत्र में भी अलग से बस स्टॉप होंगे। इसके अलावा, सिटी बस सेवा शामली तक संचालित की जाएगी। डिपो में आवश्यक सुविधाओं और बस स्टॉप के ठहराव की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। फिलहाल शहर में पांच इलेक्ट्रिक सिटी बसें चल रही हैं, जिनके अच्छे रिस्पांस के बाद 40 नई बसें खरीद ली गई हैं, जिनका संचालन अप्रैल से शुरू होगा।  इलेक्ट्रिक बसों की अधिकतम गति तय  इलेक्ट्रिक बसों की अधिकतम गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इससे अधिक गति पर कंट्रोल रूम को सूचना मिलती है और चालक को जवाब देना होता है, जिससे यात्रा सुरक्षित बनी रहेगी। प्रदेश में कुल 450 अत्याधुनिक और वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 2450 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है, जो यात्रियों को आरामदायक एवं प्रदूषण रहित सफर उपलब्ध कराएगी। अक्टूबर के पहले सप्ताह में डिपो शुरू हो जाएगाः रोडवेज जीएम पानीपत रोडवेज के जीएम विक्रम कांबोज ने बताया कि ई-बस डिपो का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम जारी है। विभाग की ओर से अभी उद्घाटन के लिए आधिकारिक सूचना नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में डिपो शुरू हो जाएगा। उद्घाटन की तारीख बसों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी और आदेश मिलने पर सूचना दी जाएगी।