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पंजाब में सेहत विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले, सरकार ने लिया अहम कदम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले सीनियर मेडिकल अधिकारियों को डिप्टी डायरेक्टर कम सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रूप में पदोन्नत किया था। अब सरकार ने इन चारों अधिकारियों के नए स्थानों पर तबादले और तैनातियां की हैं। जानकारी के अनुसार, रूपनगर के सिविल सर्जन डॉ. सुखविंदरजीत सिंह को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिपाल सिंह को बरनाला का सिविल सर्जन, डॉ. प्रभजोत रंधावा को रूपनगर का सिविल सर्जन और डॉ. राजीव पराशर को फिरोजपुर का सिविल सर्जन नियुक्त किया गया है।

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है। 

परियोजना को मिली हरी झंडी, पंजाब के कदम से तेज होगा विकास का पहिया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने बहुप्रतीक्षित 1,878 करोड़ रुपये की जीरकपुर-पंचकूला बाइपास परियोजना के लिए आखिरकार बड़ा कदम उठा लिया है। वन सचिव ने लंबे समय से लंबित स्टेज-2 वन मंजूरी की सिफारिश करते हुए फाइल को औपचारिक स्वीकृति के लिए वन मंत्री के पास भेज दिया है। इसके बाद परियोजना के अगले चरण में आगे बढ़ने की राह साफ हो गई है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब द ट्रिब्यून ने हाल ही में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर पंजाब वन विभाग द्वारा परियोजना (Zirakpur-Panchkula Bypass Project) को लेकर हो रही देरी को उजागर किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति (CCEA) से आठ महीने पहले मंजूरी मिलने के बावजूद स्टेज-2 क्लीयरेंस अटका हुआ था। पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि वन मंत्री की मंजूरी मिलते ही फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी। इस देरी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बोली प्रक्रिया बार-बार टालनी पड़ी और हाल ही में छठी बार इसकी समय-सीमा बढ़ानी पड़ी थी। NHAI अधिकारियों के अनुसार, वन मंत्री की स्वीकृति के बाद फाइल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ भेजी जाएगी, जहां से अंतिम स्टेज-2 वन क्लीयरेंस प्रमाण पत्र जारी होगा। करीब 19.2 किलोमीटर लंबी छह लेन वाली यह बाइपास परियोजना ट्राइसिटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें 6.195 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन, फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल और रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। यह परियोजना जीरकपुर और पंचकूला में NH-5 और NH-7 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के साथ-साथ प्रस्तावित ट्राइसिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा है।

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: तीन शहर घोषित हुए पवित्र, नॉन-वेज और शराब की बिक्री पर रोक

चंडीगढ़  अमृतसर वॉलड सिटी (चारदीवारी वाला शहर), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री अब बैन है. पंजाब सरकार ने इन तीनों शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक वीडियो मैसेज में इसका ऐलान किया था. पिछले महीने श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था. इस दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था. यह विशेष सत्र गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर बुलाया गया था. फिर 15 दिसंबर को, राज्य सरकार ने रूपनगर जिले में श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा में तलवंडी साबो और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के आसपास के ‘गलियारा’ क्षेत्र को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा की एक अधिसूचना जारी की गई थी. अपने वीडियो संदेश में, सीएम मान ने कहा कि सिखों के पांच ‘तख्त’ हैं. जिनमें से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केशगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ई-रिक्शा, मिनी-बसें, शटल बसें और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी और सुविधाओं का इंतजाम करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र शहरों में अब सख्त नियम लागू होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पूरी तरह से बैन है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शहरों का उचित विकास होगा. सीएम मान ने कहा कि ये शहर न केवल धार्मिक केंद्र हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के एक बहुत अहम प्रतीक भी हैं.

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: शहरी क्षेत्रों में नया कानून और 8 नए पार्क का विकास

जालंधर/चंडीगढ़ प्रदेश भर में वन क्षेत्र के अंतर्गत रकबे में वृद्धि के साथ-साथ आने वाली पीढय़िों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग ने वर्ष 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। इन महत्वपूर्ण पहलों में 8 वन एवं प्रकृति जागरूकता पार्कों का विकास शामिल है। इनमें से ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत चार पार्क पठानकोट में, 2 पटियाला में तथा 1-1 अमृतसर और होशियारपुर में विकसित किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पठानकोट में गांव घरोटा में 0.50 हेक्टेयर, गांव कटारूचक में 0.75 हेक्टेयर, हैबत पिंडी में 0.60 हेक्टेयर क्षेत्र में पंचायत भूमि पर तथा आई.टी.आई. बमियाल में पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसी प्रकार पटियाला में बैरन माइनर सहित दो स्थानों पर पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अमृतसर में गांव जगदेव कलां में पर्यावरण पार्क बनाया जा रहा है, जबकि होशियारपुर के बसी पुरानी में एक वन चेतना प्रगति पर है। हैबत पिंडी में पार्क के संबंध में इंटरलॉकिंग टाइलों वाले नेचर ट्रेल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि झूलों और ओपन एयर शेल्टर (गज़ेबो) की स्थापना इस समय चल रही है। राज्य सरकार का यह सदैव प्रयास रहा है कि अधिक से अधिक हरियाली सुनिश्चित की जाए और साथ ही आने वाली पीढय़िों के लिए पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएं। इसी क्रम में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, पंजाब ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य हरित आवरण बनाए रखना, पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ मिट्टी संरक्षण करना है। यह अधिनियम पंजाब के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। 

पंजाब में ‘जी राम जी विधेयक’ पर सियासी हलचल तेज, सरकार बुलाएगी विधानसभा का विशेष सत्र

चंडीगढ़  मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक' लाए जाने के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार जनवरी के दूसरे सप्ताह में इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी। मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘मनरेगा' योजना में बदलाव करके गरीबों की आजीविका को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है… इस मनमानी के खिलाफ पंजाबियों की आवाज उठाने के लिए जनवरी के दूसरे सप्ताह में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा।'

सीएम का दावा: 22 साल के युवा केंद्र ने पूर्व फौजी बनाए, पंजाब में बसों का बड़ा विस्तार

चंडीगढ़ पंजाब सीएम ने आज चंडीगढ़ में 505 मिनी बसों को परमिट दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 1300 नई बसें ला रही है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। वहीं, उन्होंने बादल परिवार पर जमकर बोले।  वहीं, प्रताप सिंह बाजवा को घेरते हुए कहा कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट मंत्री रहते हुए, सबसे ज्यादा टोल प्लाजा लगाए। इसी तरह उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलकर केंद्र सरकार गरीब लोगों से धक्का कर रही है। इसके खिलाफ जनवरी के दूसरे हफ्ते में स्पेशल सेशन लेकर आ रहे हैं। इसी तरह अग्निवीर के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जहां भी पंजाब की बात होगी, उसे वह प्रमुखता से उठाएंगे। मिनी बस की परमिट की खुशी वह क्या जानेंगे इस मौके पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि नए मिनी बस ऑपरेटर, जिन्हें पहली बार परमिट मिल रहा है, वहीं जिनके परमिट रिन्यू हो रहे हैं, उन्हें बधाई दी। अब तक 1100 से अधिक परमिट जारी कर चुके हैं। 505 आज जा रही हैं। इसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी जालंधर, पटियाला, बठिंडा और फिरोजपुर के परमिट जारी किए गए हैं। जब मुझे अफसरों ने बताया कि 600 के करीब परमिट देने हैं, तो मैंने कहा कि एक अच्छे ऑडिटोरियम में प्रोग्राम रखो, सभी को बुलाओ। अफसरों ने कहा कि पहले तो ऐसे नहीं होता था। तो मैंने उनसे कहा कि पहले वाले अबोहर से पठानकोट और बठिंडा से जयपुर तक चलती थीं। उन्हें क्या पता कि मिनी बस की खुशी क्या होती है। उन्हें पता नहीं है। जिनके रूट पंजाब के एक कोने से दूसरे कोने तक हैं, पाकिस्तान के बॉर्डर तक हैं, उन्हें क्या पता कि मिनी बस क्या होती है। 450 लोग पहली बार परमिट लेकर जा रहे हैं। उनका नाम ट्रांसपोर्ट में लिखा गया है। एक मिनी बस 5 से 6 गांव कवर करेगी। 35 किलोमीटर का चक्कर है। 19 हजार किमी ग्रामीण सड़कें बना रहे हैं सीएम ने कहा कि मेरी कोशिश यही है कि पंजाब के युवाओं को नौकरी देने वाला बनाया जाए। लोगों की शिकायत रहती थी कि गांवों में बसों का आना-जाना बंद हो गया है। अब स्कूलों में बसें चलाई जा रही हैं। कई लोगों ने बताया कि इससे बच्चों को रोजगार मिल रहा है। लेकिन समस्या यह थी कि गांवों की सड़कें खराब थीं। अब 19 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। कुल मिलाकर 43 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अब सड़कें केवल लीपापोती नहीं की जा रही हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ठेकेदार को 5 साल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि बसों को तय समय पर लेकर आएं। यह भरोसा एक दिन में नहीं बनेगा, बल्कि धीरे-धीरे मजबूत होगा। इस बार कम मतों वाले भी चुनाव जीते हैं सीएम ने कहा कि अब तक 58 हजार लोगों को नौकरियां दी गई हैं। किसी का नंबर घटाकर या बढ़ाकर नौकरी नहीं दी गई। पहले जब ब्लॉक समिति या जिला परिषद के नतीजे आते थे, तो बाहर से ही ऐलान कर दिया जाता था कि घर जाओ, हम जीत गए। लेकिन इस बार एक वोट, तीन वोट, पांच या बीस वोट से भी विरोधी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। हम भी कभी सत्ता में नहीं थे। लोगों ने हमें मौका दिया और आज हम अनुभव हासिल कर रहे हैं। अगर हम दोबारा सही काम नहीं करेंगे तो तो लोग किसी और को मौका दे देंगे। पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है। बस स्टैंड पर टिकट के लिए स्पेशल मशीन दिल्ली के प्रदूषण पर सीएम ने कहा कि वहां पर अब 2018 से पहले की गाड़ियां एंट्री नहीं कर सकती हैं। कई शर्तें लगा रहे है। हम जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और बठिंडा का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वहां लोगों के लिए हर तरह की सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा। वहीं, ऑनलाइन और बस स्टैंड पर टिकट लेने की स्पेशल मशीनें लगा रहे है। काम की गुणवत्ता पर जोर किसी की मोनोपॉली नहीं होनी चाहिए। सबको काम करने का हक होना चाहिए, क्योंकि नए लोगों को फील्ड में आने ही नहीं दिया जाता। हमने हर सेक्टर में एक-एक शर्त खत्म की है। चाहे सड़क हो, पुल हो या हेल्थ का ठेका। कैबिनेट में फैसला लिया गया था कि ठेके लेने के लिए इतने करोड़ की आमदनी और टर्नओवर जरूरी नहीं होगा। टेंडर में अनुभव और पैसे की शर्त हटा दी गई है। हम क्वालिटी पर काम करेंगे। जब नए लोग आएंगे तो टेंडरों में मुकाबला होगा। इस हिसाब से तो मैं पहली बार मंत्री बना हूं, तो क्या हम फैसले ही नहीं ले सकते? अनुभवी लोगों के अनुभव ने ही पंजाब को नुकसान पहुंचाया है। 17 टोल प्लाजा बंद किए अब तक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं। इससे रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हो रही है। पूरी दुनिया में टोल टैक्स है, लेकिन यह ऑप्शनल होना चाहिए। अगर तेज जाना है तो यह सड़क है, वरना दूसरी सड़क भी है। यह घेर-घेर कर लड़ते हैं। 400 दिन और बढ़ा दो, कोरोना आया था। मैंने पूछा क्यों बढ़ा दो? जवाब मिला कि पहले बढ़ा दिए थे, इसलिए अब भी बढ़ा रहे हैं। अच्छे काम करोगे तो लोग सड़कों पर तुम्हारी मूर्ति लगा देंगे, लेकिन अगर काम नहीं करोगे तो खेतों में लगानी पड़ेंगी। अंबानी को सब्सिडी, गरीबी से रोटी छीनी अब केंद्र सरकार ने मनरेगा स्कीम का नाम बदल दिया गया है। केंद्र ने नई शर्त लगा दी है कि 60 फीसदी खर्च केंद्र देगा और 40 फीसदी राज्य देगा। मजदूरी 125 दिन कर दिए है। लेकिन काम के लिए शर्तें लगा दी है। मनरेगा वालों के मुंह से निवाला छीन लिया गया है। गरीब से रोटी छीनी जी जा रही है, लेकिन सब्सिडी अंबानियों को दी जा रही है। अग्रवीर को शहीद का दर्जा क्यों नहीं देते 4 साल पहले अग्रवीर फौज में भर्ती हुए थे। पहला बैच अप्रैल में अब आ रहा है। उनके पास हथियारों की ट्रेनिंग है। 22 साल के जवान का पूर्व फौजी बनाकर घर भेज रहे है। चिंता लगी है, उन्हें कहा रखेंगे। कहते है कि पाकिस्तान से लड़ते … Read more

नई नीति से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय दरवाज़े: रिसर्च यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। "यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम" की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।" मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है।

पंजाब सरकार: 2026 में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज और दफ्तर, छुट्टियों की List हुई जारी

पंजाब  पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 के लिए छुट्टियों का आधिकारिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इसे कार्मिक विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसमें वर्ष 2026 में आने वाली गजटिड और आरकक्षित छुट्टियों की जानकारी दी गई है। राज्य के सभी सरकारी दफ्तर, नगर निगम, स्कूल, कॉलेज और विभिन्न प्रशासनिक शाखाएं इस कैलेंडर में बताई गई छुट्टियों पर बंद रहेंगे।