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29 जून की ज्येष्ठ पूर्णिमा से मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि वालों के लिए शुभ योग बनने के आसार

 इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून को मनाई जाएगी और इसी को वट सावित्री पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. ज्येष्ठ पूर्णिमा का सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व है. इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है और ज्येष्ठ मास समाप्त होकर आषाढ़ महीने की शुरुआत होती है. ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण इस पूर्णिमा का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ और धन-लाभ कराने वाला रहेगा, तो वहीं कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ पूर्णिमा से किन राशियों को लाभ होने जा रहा है और किन्हें नुकसान या चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इन राशियों को होगा जबरदस्त लाभ (Lucky Zodiac Signs) मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह पूर्णिमा आर्थिक रूप से बेहद शुभ रहने वाली है. रुके हुए काम गति पकड़ेंगे.  नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सराहना मिलेगी. पदोन्नति के योग बन सकते हैं. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है. मिथुन राशि (Gemini) आपकी गोचर कुंडली में धन भाव और भाग्य भाव सक्रिय रहने से आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. नए बिजनेस की शुरुआत के लिए समय उत्तम है. अगर निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह अवधि आपको भविष्य में बड़ा मुनाफा देगी. प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी. संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा मानसिक शांति और धन-धान्य लेकर आ रही है. आय के नए स्रोत बनेंगे. जो लोग कला, मीडिया, या लेखन के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे. पुराने कर्जों से मुक्ति मिल सकती है. परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग हैं. धनु राशि (Sagittarius) आपकी राशि के लिए यह समय भाग्योदय जैसा रहेगा. अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अच्छी खबर मिल सकती है. अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. स्वास्थ्य में सुधार होगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आने की उम्मीद है. इन राशियों को रहना होगा सावधान (Cautious Zodiac Signs) 1. वृषभ राशि (Taurus) नुकसान: आर्थिक मामलों में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से बजट बिगड़ सकता है. सलाह- इस समय किसी को भी बड़ा कर्ज या उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है. वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा अपनों से विवाद हो सकता है. 2. कन्या राशि (Virgo) नुकसान: कार्यस्थल पर काम का दबाव बढ़ने से मानसिक तनाव और थकान का अनुभव हो सकता है. विरोधी आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं. सलाह- सेहत को लेकर बिल्कुल लापरवाही न बरतें. कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. 3. मकर राशि (Capricorn) नुकसान: वैवाहिक जीवन या साझेदारी के बिजनेस में कुछ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला नुकसान करा सकता है. सलाह- वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें. खुद को शांत रखने के लिए ध्यान या योग का सहारा लें. पूर्णिमा के विशेष उपाय शुभ फलों की प्राप्ति और नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें. शाम के समय चंद्र देव को दूध और जल का अर्घ्य दें. दान-पुण्य करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि मिलती है.

2026 में कब-कब पड़ेगी पूर्णिमा? जानें व्रत और पूजा की पूरी तारीखें

पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है. इसे विशेष रूप से त्योहार की तरह मनाया जाता है क्योंकि यह चंद्र मास का वह दिन है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देता है. हर साल 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन वर्ष 2026 में अधिमास होने के कारण 13 पूर्णिमा का संयोग बन रहा है. इस दिन को मां लक्ष्मी की जन्म तिथि के रूप में भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से घर में सुख-शांति, धन और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है. इसके अलावा, चंद्रमा को अर्घ्य देने से रोग-दोष और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन पवित्र नदी या किसी पवित्र जलाशय में स्नान करता है, उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है. सिर्फ पूजा और स्नान ही नहीं, बल्कि पूर्णिमा का दिन दान, त्याग और पुण्य कर्म करने के लिए भी विशेष महत्व रखता है. इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुणा बढ़कर मिलता है. इसलिए पूर्णिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आध्यात्मिक शांति, मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है. पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 पौष पूर्णिमा  3 जनवरी 2026   माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026   फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च 2026 चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 वैशाख पूर्णिमा 1 मई 2026 ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत (अधिक मास) 31 मई 2026 ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून 2026 आषाढ़ पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026 अश्विन पूर्णिमा 26 अक्टूबर 2026 कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026 मार्गशीर्ष पूर्णिमा  23 दिसंबर 2026 पूर्णिमा पर स्नान का महत्व पूर्णिमा पर गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है. इसे केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धिकरण का भी साधन माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जल में दिव्य ऊर्जा सक्रिय होती है, जो मनुष्य के पाप और दोषों को दूर करने में सहायक होती है. इसलिए पूर्णिमा पर स्नान करने से आत्मा और मन दोनों की शांति मिलती है.  पूर्णिमा का धार्मिक महत्व धार्मिक ग्रंथों में पूर्णिमा का व्रत और ध्यान करने का विशेष महत्व बताया गया है.  ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजा से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शुद्धि होती है.  पूर्णिमा की दिव्य ऊर्जा का असर मन और शरीर दोनों पर पड़ता है.