samacharsecretary.com

दूसरे राज्यों की पुलिस की एंट्री पर बवाल, गहलोत और जूली ने भजनलाल सरकार को कटघरे में खड़ा किया

जयपुर राजस्थान में कानून-व्यवस्था और पुलिस के सूचना तंत्र को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गुजरात पुलिस द्वारा जोधपुर में एमडी ड्रग्स लैब पर की गई कार्रवाई के बाद यह सामने आया कि स्थानीय राजस्थान पुलिस को इस ऑपरेशन की पूर्व जानकारी तक नहीं थी। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से संवाद के दौरान इस पर सवाल उठाए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला।  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि दूसरे राज्यों की पुलिस बिना सूचना के राजस्थान में कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे राजस्थान पुलिस के सूचना तंत्र के पूरी तरह ध्वस्त होने का प्रमाण बताया। गहलोत ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र, दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी भाजपा सत्ता में है, इसके बावजूद आपसी समन्वय का यह अभाव सरकार की गंभीर प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ही राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं जता पा रहे, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए। उन्होंने कहा कि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में यह जवाबदेही से बचने का प्रयास है। पुलिस का मनोबल गिराकर सरकार अपनी नाकामी नहीं छिपा सकती। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दिया गया बयान राजस्थान की बदहाल कानून-व्यवस्था की स्वीकारोक्ति है। जूली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री की नींद आज टूटी है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को खुद नहीं पता कि पुलिस महकमे में क्या चल रहा है। जूली ने चूरू में महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का भी जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।   इस पूरे मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस समन्वय और सरकार की प्रशासनिक पकड़ को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।  

अब मनमाना किराया नहीं! राजस्थान में कैब का रेट तय करेगी सरकार

जयपुर  राजस्थान गिग वर्कर्स के लिए परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पॉलिसी लागू कर दी है। परिवहन विभाग संयुक्त शासन सचिव और अतिरिक्त आयुक्त परिवहन, ओपी बुनकर ने इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।   इस नोटिफिकेशन के बाद अब राज्य में कैब कंपनियां को नियमों के तहत काम करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना होगा साथ ही लाइसेंस भी निरस्त होगा। कैब का किराया अब सरकार तय करेगी। किराए की 80% राशि वाहन मालिक को दी जाएगी। यदि कोई यात्रा बिना उचित कारण रद्द की जाती है, तो ड्राइवर या यात्री पर अधिकतम 100 रुपए तक पेनल्टी लगेगी।  इसी के साथ ही अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर खोलना अनिवार्य होगा। एप के जरिए यात्री अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर सकेंगे और आपात स्थिति में पैनिक अलर्ट सीधे पुलिस और कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। कंपनियां को 5 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। जिसके लिए 10 हजार रुपए आवेदन शुल्क और अधिकतम 5 लाख रुपए तक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गयाय है। कंपनियां को हर साल ड्राइवरों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग करानी होगी। इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को प्रत्येक ड्राइवर के लिए 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराना होगा। किसी भी वाहन की आयु आठ साल से ज्यादा नहीं हो सकेगी। सरकारी नियमों के तहत उनकी पालना नहीं करने पर कंपनी का लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित किया जा सकेगा। एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन या किसी गंभीर अपराध की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प भी होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए हर कंपनी को एक ग्रिवेंस ऑफिसर नियुक्त करना होगा। कंपनियों को अपनी वाहन संख्या के आधार पर 10 लाख से लेकर 50 लाख तक सुरक्षा जमा राशि भी देनी होगी। राज्य में संचालन करने वाली प्रत्येक कंपनी के लिए राजस्थान में कार्यालय खोलना और एक अधिकृत एप्लायंस अधिकारी नियुक्त करना होगा।  

बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: राजस्थान में मोर्चों के नए अध्यक्ष घोषित

जयपुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रदेश स्तर पर विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने संगठनात्मक विस्तार के तहत युवा, एससी, एसटी, ओबीसी, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों से बीजेपी का उद्देश्य राज्य में विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और संगठन को नई मजबूती देना है।  बीजेपी ने शंकरलाल गोरा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विधायक गोपीचंद मीणा को एसटी मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ओबीसी मोर्चा की कमान महेंद्र कुमावत को सौंपी गई है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हमीद खां मेवाती को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भा.ज.पा. के सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ और प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। बीजेपी का मानना है कि इन मोर्चों के जरिए संगठन और पार्टी के कार्यकर्ता विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच अपना कार्य और संवाद बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे, जो आगामी चुनावों में भी पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।  इन नियुक्तियों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस कदम से पार्टी में और भी गतिशीलता आएगी।  

कड़ाके की ठंड से कांपा राजस्थान, कई जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा। करौली में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। पाली में भी पारा 3.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने चूरू, सीकर, झुंझुनूं और अलवर में तेज शीतलहर की चेतावनी जारी की है। शेखावाटी और आसपास के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सुबह के समय ओस की बूंदें जमने लगी हैं। सीकर में फसलों पर जमी ओस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों में करौली, पाली, भीलवाड़ा, टोंक, कोटा, उदयपुर, बारां और प्रतापगढ़ में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई। दौसा में न्यूनतम तापमान 4.7, बारां में 4.5, अलवर में 5.2, सीकर में 5, फतेहपुर में 5.4 और अजमेर में 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी गलन बनी रही। जयपुर में अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री रहा, जबकि सभी शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो से चार दिन तक इसी तरह कड़ाके की ठंड बने रहने की संभावना जताई है।

हाड़ कंपा देने वाली ठंड: सर्द हवाओं से कांपा राजस्थान, सीकर और अलवर में दिखी बर्फ की परत

जयपुर उत्तर भारत से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर समाप्त होते ही उत्तरी हवाएं एक बार फिर मैदानी इलाकों में सक्रिय हो गई हैं। इसके चलते राजस्थान में सर्दी ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। सीकर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में दूसरी बार 1 डिग्री तक पहुंचा है। सीकर और अलवर में सुबह खेतों में फसलों पर बर्फ और ओस की परत जमी नजर आई। अलवर में सूखी घास और लकड़ियों पर भी ओस जम गई। वहीं माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जहां गाड़ियों की छतों पर बर्फ की परत दिखाई दी। चार जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी मौसम केंद्र जयपुर ने अगले दो दिनों के लिए चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना रहेगा। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे बीते 24 घंटों में फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री और नागौर में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा लूणकरणसर में 5.4, चूरू में 5.8, झुंझुनूं और पाली में 6.8, करौली में 6.9, पिलानी में 7.2, दौसा में 8.1, अलवर में 8.6, बीकानेर और जैसलमेर में 8.8 तथा सिरोही में 9.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। सीकर, फतेहपुर, चूरू और बीकानेर क्षेत्रों में सुबह-शाम सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बनी रही। सर्द हवा के प्रभाव से दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 16 शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे बुधवार को प्रदेश के सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। सबसे ठंडा दिन सिरोही में दर्ज हुआ, जहां अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जयपुर में 22.3, अलवर में 22, बारां में 22.6, करौली में 22.7, झुंझुनूं में 22.8, श्रीगंगानगर में 23.5, चूरू में 23.6, बीकानेर और दौसा में 23.8, कोटा में 23.3, अजमेर में 24.3, भीलवाड़ा में 24.4, नागौर में 24.4 और पाली में 24.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। अगले एक सप्ताह रहेगा मौसम शुष्क मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक सर्द हवाओं का प्रभाव अधिक रहेगा, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इसके बाद भी अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा।

कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई परेशानी, राजस्थान में पारा 7 डिग्री तक गिरा

जयपुर उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही राजस्थान में एक बार फिर उत्तरी हवाएं सक्रिय हो गई हैं। बुधवार को सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। सीकर, फतेहपुर और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के कारण ओस की बूंदें जम गईं। मौसम विभाग ने चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों के लिए अगले दो दिनों तक कोल्ड-वेव की चेतावनी जारी की है। हालांकि बुधवार को घने कोहरे से राहत रही और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप खिली। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में फतेहपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री दर्ज हुआ। नागौर में 3.4, माउंट आबू में 4 और सीकर में 5 डिग्री तापमान रहा। वहीं सिरोही में बुधवार को प्रदेश का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान केवल 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर बना रहेगा। अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आने की संभावना है। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (24 दिसंबर): अजमेर अधिकतम 24.3 व न्यूनतम 12.2 डिग्री, भीलवाड़ा अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 10.5, अलवर अधिकतम 22 व न्यूनतम 8.6, जयपुर अधिकतम 22.3 व न्यूनतम 11, पिलानी अधिकतम 24.8 व न्यूनतम 7.2, सीकर अधिकतम 20.5 व न्यूनतम 5, कोटा अधिकतम 23.3 व न्यूनतम 12.2, चित्तौड़गढ़ अधिकतम 27 व न्यूनतम 11.6, उदयपुर अधिकतम 25 व न्यूनतम 11.6, बाड़मेर अधिकतम 27.9 व न्यूनतम 13, जैसलमेर अधिकतम 25.4 व न्यूनतम 8.8, जोधपुर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 11.5, बीकानेर अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.8, चूरू अधिकतम 23.6 व न्यूनतम 5.8, श्रीगंगानगर अधिकतम 23.5 व न्यूनतम 10.3, नागौर अधिकतम 24.4 व न्यूनतम 3.4, बारां अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 10.5, जालोर अधिकतम 25.7 व न्यूनतम 12.8, सिरोही अधिकतम 19.5 व न्यूनतम 9.3, फतेहपुर अधिकतम 22.6 व न्यूनतम 2.6, करौली अधिकतम 22.7 व न्यूनतम 6.9, दौसा अधिकतम 23.8 व न्यूनतम 8.1, प्रतापगढ़ अधिकतम 25.3 व न्यूनतम 14.1, झुंझुनूं अधिकतम 22.8 व न्यूनतम 6.8, पाली अधिकतम 24.9 व न्यूनतम 6.8 डिग्री सेल्सियस।

फिल्ममेकर्स की बल्ले-बल्ले! राजस्थान में शूटिंग पर सरकार का 3 करोड़ तक का ऑफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मांकन का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रस्तावित राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी की है। नीति में सब्सिडी / प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं जिससे यह नीति अन्य राज्यों की तुलना में फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षक होगी। राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, मरुस्थलीय भू-भाग, ऐतिहासिक किले, महल और विविध प्राकृतिक लोकेशन्स विश्वस्तरीय हैं। नई फिल्म पर्यटन नीति राज्य को फिल्मिंग हब के रूप में स्थापित करेगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया की फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए न केवल सब्सिडी दी जाएगी, अपितु प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर नीति का सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। फिल्म व्यय पर 30% तक सब्सिडीः- राजस्थान में फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर किए व्यय का अधिकतम 30% तक सब्सिडी देने का प्रावधान है। अधिकतम सब्सिडी सीमा फीचर फिल्म ₹३ करोड़, वेब सीरीज ₹2 करोड़, टीवी सीरियल ₹1.5 करोड़ और डॉक्यूमेंट्री ₹2 करोड़ निर्धारित की गई है। न्यूनतम व्यय सीमाः- सब्सिडी प्राप्त करने के लिए राज्य में न्यूनतम व्यय फीचर फिल्म हेतु ₹2 करोड़, जबकि वेब सीरीज, टीवी सीरियल और राजस्थानी भाषा की फिल्मों हेतु ₹1 करोड़ अनिवार्य होगा। सब्सिडी प्राप्त करने हेतु निम्न प्रावधान हैं: लोकेशन स्क्रीन-टाइम आधारित प्रोत्साहन राजस्थान की लोकेशन्स को 5-15%, 16-30% और 30% से अधिक स्क्रीन-टाइम देने पर क्रमशः 10%, 20% और 30% सब्सिडी मिलेगी। 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने पर फीचर फिल्म के 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने और न्यूनतम व्यय सीमा पूरी करने पर अधिकतम 30% तक सब्सिडी उपलब्ध होगी। 100% शूटिंग राजस्थान में करने पर यदि पूरी फिल्म राजस्थान में शूट की जाती है तो अधिकतम सब्सिडी सीमा के अन्दर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। राजकीय लोकेशन्स पर शुल्क की 100% प्रतिपूर्तिः राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले शूटिंग स्थानों की अनुमति शुल्क / फीस (अधिकतम पाँच दिन) की 100% प्रतिपूर्ति दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को विशेष प्रोत्साहनः राजस्थान में फिल्माई गई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फीचर फिल्मों को अधिकतम ₹1 करोड़ तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को अधिकतम ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि मिलेगी। छात्रवृत्ति योजना-राजस्थान के छात्र होंगे लाभान्वित फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली (एनएसडी) में अध्ययन / प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राजस्थान निवासी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक वर्ष 10 छात्रों को चयनित कर अधिकतम ₹50,000 की 100% ट्यूशन फीस सहायता एवं ₹5,000 प्रतिमाह तक 100% स्टाईपेंड प्रदान किया जाएगा। राजस्थान फिल्म डायरेक्टरी व नया ऑनलाइन पोर्टलः पर्यटन विभाग राज्य की सभी शूटिंग लोकेशन्स की विस्तृत डायरेक्टरी तैयार करेगा। साथ ही एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माता निर्देशक से लेकर कलाकार, तकनीशियन, संगीतकार, कोरियोग्राफर और लाइन प्रोड्यूसर तक सभी की सूची उपलब्ध रहेगी। यह पोर्टल फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप समाधान बनेगा। थियेटर में रिलीज की अनिवार्यताः थिएटर में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को न्यूनतम 200 स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 स्क्रीन पर रिलीज करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार व पर्यटन विभाग को अनिवार्य श्रेयः सभी सब्सिडी प्राप्त फिल्मों हेतु राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को श्रेय देना अनिवार्य होगा।  

राजस्थान पंचायत चुनाव अपडेट: बढ़ा चुनावी खर्च, तांगा-ऊंट और बैलगाड़ी से प्रचार नहीं होगा

जयपुर  पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करते हुए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों और लाउडस्पीकरों के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में प्रत्याशी बड़े वाहन या पशु-चालित गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के साथ-साथ तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे पशु-चालित वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरपंच के लिए खर्च सीमा 1 लाख, अन्य के लिए ये… पंचायती राज चुनावों में सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। शहरी निकाय चुनावों में नगर निगम पार्षदों की खर्च सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षदों की 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये और नगर पालिका पार्षदों की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। 15 दिन में पेश करना होगा खर्च का रिकॉर्ड प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है। वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। जिला परिषद और नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम तीन, पंचायत समिति और नगर परिषद प्रत्याशी दो, जबकि सरपंच और नगर पालिका प्रत्याशी केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेंगे। वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। इसके अलावा, चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही, वह भी मजिस्ट्रेट की अनुमति से किया जा सकेगा। चुनावी रैलियों के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

राजस्थान में विकास का नया अध्याय: नागौर किसान सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान

नागौर/जयपुर   केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कार्य कर रही है। हमारी मंशा है कि किसानों का फसल उत्पादन बढ़े तथा उनकी लागत में कमी आए। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें, जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके। शिवराज सिंह चौहान राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेड़ता में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत दो वर्षों में राजस्थान में विकास का नया अध्याय रचा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के किसानों को दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी कर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी राजस्थान के किसानों को लाभान्वित किया गया है। अब किसानों को अगर क्लेम देने में बीमा कंपनियां देर करेंगी तो ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए मूंग 3 लाख 5 हजार 750 मीट्रिक टन, मूंगफली 5 लाख 54 हजार 750 मीट्रिक टन तथा सोयाबीन की 2 लाख 65 हजार 750 मीट्रिक टन की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद को मंजूरी दी गई है। विकसित भारत – जी राम जी से मजदूर एवं किसानों का होगा कल्याण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत – जी राम जी योजना एक बेहतरीन योजना है, जो देश के गांवों का कायाकल्प करेगी। इससे मजदूर एवं किसानों का कल्याण होगा। योजना के तहत अब मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना का अब प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे गांव विकसित, गरीबीमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही सीड एक्ट एवं पेस्टीसाइड एक्ट लाने वाली है जिससे नकली पेस्टीसाइड एवं महंगे बीज देने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है तथा शीघ्र ही वंचित गरीबों को मकान देने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। तेज धूप, ठंड, बारिश में भी किसानों का काम कभी नहीं रुकता-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान हमारे राष्ट्र के असली निर्माता हैं। जब पूरा देश सोता है तब अन्नदाता अपने खेतों में जागते हैं। चिलचिलाती धूप हो या कड़कड़ाती ठंड, बारिश हो या आंधी तूफान, किसानों का काम कभी नहीं रुकता। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक किसान रहे हैं इसलिए वे खेती में आ रही समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। हमारी सरकार किसानों को आगे बढ़ाने एवं उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह एवं अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं। स्व. वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी योजना से देश में लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर गांवों को सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर किया कार्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य कर रही है। पानी की प्राथमिकता को समझते हुए हमने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, गंगनहर की मरम्मत जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। साथ ही, कुसुम-ए एवं कुसुम-सी में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के साथ धोखा हुआ तथा पेपरलीक जैसे प्रकरण हुए। हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। अब तक 92 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, शीघ्र ही 20 हजार नियुक्तियां दी जाएंगी तथा 1 लाख 53 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हमारी सरकार युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। हम चाहते हैं कि युवा रोजगार प्रदाता भी बने तथा हम शीघ्र ही युवा पॉलिसी भी लाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश-प्रदेश में किसान बढ़ रहा आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश में हमारा किसान आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा किसान हितैषी निर्णयों से उनका सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार गरीब, युवा, किसान और महिला समेत प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने नागौर जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2 हजार 900 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की है तथा 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में लखपति दीदी, वृद्धजन पेंशन योजना जैसी अनेक योजनाओं से जिले को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है तथा इसमें किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी, 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली जैसे अनेक किसान हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टीसाइड्स बनाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत चालू वित्त वर्ष के पहले बैच में 3 हजार 200 किलोमीटर से अधिक की 1,216 सड़कों एवं एक पुल के लिए 2 हजार 89 करोड़ रुपये के कार्यों का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण योजनाओं के तहत 35 हजार 800 किसानों को 187.60 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की। … Read more

देश में पहली बार! राजस्थान की ‘मां योजना’ से अब दूसरे राज्यों में भी फ्री कैशलेस इलाज

जयपुर राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA योजना) के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत की है। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के पात्र लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत देना है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी से अस्पतालों में पहचान, इलाज और भुगतान की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के निवासी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आरजीएचएस और सीजीएचएस योजना से जुड़े लोग इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे, यानी सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पतालों में इलाज संभव आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद देशभर के 31 हजार से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में राजस्थान के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के अंतर्गत 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज कैशलेस उपलब्ध होगा। योजना की मुख्य विशेषताएं -अन्य राज्यों में कैशलेस इलाज की सुविधा -25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार -प्रति परिवार 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम इन वर्गों को प्रीमियम सरकार जमा करवाएगी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सामान्य परिवारों को 850 रुपये का अंशदान जमा करना होता है, लेकिन कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवार, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित परिवार, संविदा कर्मी, लघु एवं सीमांत किसान, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।