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कड़कड़ाती ठंड ने बढ़ाई सिहरन: राजस्थान में तापमान में तेज गिरावट

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवा का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को भी माउंट आबू का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जहां रातभर पड़ी ओस जमकर बर्फ में बदल गई। हालांकि सुबह के बाद खिली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन अब भी बरकरार है। माउंट आबू के अलावा फतेहपुर, नागौर, सीकर और दौसा समेत कई जिलों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि शीतलहर में कमी से जनजीवन में थोड़ी राहत बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो माउंट आबू के बाद सबसे ठंडा शहर सीकर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में पारा 5.9 डिग्री, फतेहपुर में 6.9 डिग्री और दौसा में 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जालौर में 7 डिग्री, सिरोही में 7.4 डिग्री, बारां में 7.8 डिग्री और करौली में 8.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं चूरू और चित्तौड़गढ़ का तापमान 8.2 डिग्री रहा। पिलानी, वनस्थली, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर और कोटा के तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिली, जबकि जयपुर का न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है जिससे दिन के वक्त लोगों को शीत लहर से राहत है। फतेहपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि सीकर में 29 डिग्री और पिलानी में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोधपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री, फलोदी में 30 डिग्री, बीकानेर में 30.6 डिग्री, जैसलमेर में 31.5 डिग्री और बाड़मेर में 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के दक्षिणी क्षेत्रों में पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। इन हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। इसका सीधा असर उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों पर पड़ेगा, जहां सर्दी में हल्की कमी आने की उम्मीद है।

शीतलहर का कहर: राजस्थान के 9 शहर ठिठुरे, सिरोही में सबसे कम तापमान दर्ज

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड का यही दौर जारी रहने की संभावना है। सीकर में पहले से चल रही शीतलहर का प्रभाव अब झुंझुनूं तक पहुंच गया है। दोनों जिलों में सुबह-शाम तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नौ शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। सबसे अधिक ठंड सिरोही में रही, जहां का तापमान 7.5°C रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा : फतेहपुर (सीकर) – 8.8°C, नागौर – 8.7°C, सीकर – 8.3°C, अलवर – 9.2°C, वनस्थली (टोंक) – 9.4°C, चूरू – 9.5°C, बारां – 9.3°C व करौली में  9.6°C न्यूनतम तापमान रहा। सीकर और आस-पास के इलाकों में सुबह-शाम हल्की शीतलहर और घनी ठंड का असर महसूस किया गया। दिन में धूप से राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दिन में लोगों को तेज धूप से राहत मिल रही है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। बुधवार को सबसे अधिक तापमान 32.9°C बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान अजमेर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली (टोंक) में 30.6 और 9.4, अलवर में 28.8 और 9.2, जयपुर में 29.2 और 13.6, पिलानी में 31.2 और 10.5, सीकर में 27.8 और 8.3, कोटा में 29.5 और 13.6, चित्तौड़गढ़ में 30.2 और 11.7, उदयपुर में 28.6 और 12.3, बाड़मेर में 32.9 और 17, जैसलमेर में 31.4 और 15, जोधपुर में 31 और 12.7, बीकानेर में 30.2 और 13.6, चूरू में 30.9 और 9.5, गंगानगर में 28.2 और 12.5, नागौर में 29.7 और 8.7, बारां में 29.1 और 9.3, हनुमानगढ़ में 27.7 और 12, जालौर में 30.9 और 11.6, सिरोही में 23.3 और 7.3, फतेहपुर में 29.1 और 8.8, करौली में 28.5 और 9.6, दौसा में 29.7 और 8.8, तापगढ़ में 27.8 और 13.4 तथा झुंझुनूं में 29.1 और 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होगी तथा रातें और अधिक ठंडी होंगी।

नवंबर में ही बढ़ी सर्दी की सिहरन, राजस्थान के कई इलाके कांपे

जयपुर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में भी दिखने लगा है। इस बार ठंड ने सामान्य से पहले दस्तक दे दी है। कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम केंद्र जयपुर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह की सर्दी बनी रहेगी। विभाग ने सीकर में चार दिन और टोंक में एक दिन के लिए शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा ठंड फतेहपुर (सीकर) में रही, जहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, सीकर में 7.5 और नागौर में 8.3 डिग्री तापमान रहा। मंगलवार सुबह और शाम के समय इन इलाकों में हल्की शीतलहर का असर महसूस किया गया। राजस्थान के सीकर, फतेहपुर और नागौर जैसे शहरों में तापमान हिमाचल के शिमला (8.4°C), मंडी (8.8°C), उत्तराखंड के मसूरी (8°C) और देहरादून (11.8°C) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जम्मू (11.4°C) और कटरा (10.4°C) से भी कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर राजस्थान में ऐसी ठंड 20 नवंबर के बाद महसूस होती है, लेकिन इस बार यह पहले ही शुरू हो गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, पिलानी, सीकर और टोंक समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। दिन में सुहानी धूप ने दी राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दोपहर में धूप लोगों को राहत दे रही है। मंगलवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। आने वाले दिनों का मौसम मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। 12 नवंबर को टोंक और सीकर जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीकर में भी अगले 5 दिनों तक शीतलहर की चेतावनी दी गई है।  

रेगिस्तान में रणभेरी: मरु ज्वाला सैन्य अभ्यास में गूंजे धमाके, दिखा युद्ध कौशल

बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में मंगलवार का दिन युद्ध जैसी स्थितियों से भरा रहा। जैसलमेर, जालौर और बाड़मेर जिलों में थल सेना और वायुसेना के जांबाजों ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दौरान जबरदस्त युद्ध कौशल और समन्वय का प्रदर्शन किया। आसमान में धमाकों की गूंज और जमीन से उठते धुएं व रेत के गुब्बारों ने मानो वास्तविक युद्ध का अहसास करा दिया। जैसलमेर में सेना ने दुश्मन पर किया जवाबी हमला जैसलमेर जिले के सियालो का तला क्षेत्र में सेना के जवानों ने युद्ध जैसे दृश्य का निर्माण किया। इस दौरान अभ्यास में दिखाया गया कि दुश्मन सैनिकों ने भारत की अग्रिम चौकियों पर कब्जा कर लिया था।   रेत के बीच टैंकों और पैराट्रूपर्स ने दिखाया दम मरु ज्वाला अभ्यास के दूसरे चरण में टैंकों से दागे गए गोलों ने दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह कर दिया। करीब 12,500 फीट की ऊंचाई से पैराट्रूपिंग कर उतरे सैनिकों ने गोलों और बमों की बरसात कर दुश्मनों को निष्क्रिय किया। सेना की सेवन पैरा टीम के जवानों ने यह साबित किया कि भारतीय सेना के लिए जल, थल और नभ तीनों ही मार्गों में कोई भी बाधा दुर्गम नहीं है। वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान से पैराकमांडो ने ऊंचाई से पैराशूट के सहारे छलांग लगाकर वॉर जोन में उतरने का अद्भुत प्रदर्शन किया। जालौर और बाड़मेर में वायुसेना का ‘महागजराज’ अभ्यास इसी दिन सीमांत जालौर जिले के चितलवाना और बाड़मेर के बाखासर क्षेत्र में भारतीय वायुसेना ने ‘महागजराज’ नाम से विशेष युद्धाभ्यास किया। इस दौरान फाइटर जेट जगुआर और सुखोई-30 ने भारत माला एक्सप्रेस वे-925A की 3 किलोमीटर लंबी आपातकालीन एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। ट्रायल की शुरुआत सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के टच-एंड-गो अभ्यास से हुई, जिसके बाद जगुआर और सुखोई जेट्स ने अपनी ताकत का परिचय दिया। अभ्यास के दौरान हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद रहा, जबकि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीमें मुस्तैदी से तैनात रहीं। देशभक्ति के जोश से गूंजे इलाके विंग कमांडर देवेंद्र पांडे ने बताया कि यह अभ्यास साउथ-वेस्टर्न कमांड के तहत आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन एयर लैंडिंग फील्ड की वैधता और उपयोगिता को परखना था। फाइटर विमानों की गर्जना से आसमान गूंज उठा और आसपास मौजूद लोगों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह झलकने लगा।

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: जयपुर संभाग में शीत लहर की चेतावनी जारी

जयपुर उत्तर भारत में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। राज्य में मौसम तेजी से बदल रहा है और सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। रविवार को सीकर और टोंक में शीतलहर चली, जबकि फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में सर्दी स्थिर रहेगी और तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाओं के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। पिछले 24 घंटे में पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री बाड़मेर में रहा, जबकि जयपुर में 29 और कोटा में 29.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तरी हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में एक हल्का चक्रवाती तंत्र बना हुआ है, जिससे ठंडी हवाओं का असर थोड़ा कमजोर हुआ है। इस कारण राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र का कहना है कि आज जयपुर, अजमेर संभाग में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों में राजस्थान का तापमान राजस्थान में 9 नवंबर को सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर का अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 10.4, वनस्थली (टोंक) 30.1 और 9.9, अलवर 27.4 और 9, जयपुर 29 और 13.8, पिलानी 29.7 और 10.2, सीकर 27.5 और 7.5, कोटा 29.1 और 15, चित्तौड़गढ़ 30.3 और 11.4, उदयपुर 28.8 और 11.3, जैसलमेर 31.7 और 14.7, जोधपुर 31.5 और 12.2, बीकानेर 31.3 और 14.6, चूरू 30.5 और 9.7, गंगानगर 29.4 और 12.1, नागौर 30.8 और 8, बारां 28.1 और 10.3, हनुमानगढ़ 29.3 और 14.5, जालौर 31.8 और 11.2, सिरोही 29.6 और 8.8, फतेहपुर 30.5 और 7, करौली 28.2 और 9.5, दौसा 29.7 और 8.6, जबकि झुंझुनूं का तापमान 28.5 अधिकतम और 10.5 न्यूनतम दर्ज हुआ।

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान में सर्दी ने दी जोरदार दस्तक

जयपुर उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से राजस्थान में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं सहित 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं में सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जबकि बारां और करौली में पहली बार तापमान 10 डिग्री से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा। सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। फतेहपुर में 7.4, दौसा में 7.7, अजमेर में 8.1, अलवर में 8.5, सिरोही में 8.1, उदयपुर में 9.5 और करौली में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शेखावाटी और आसपास के जिलों में उत्तरी हवाओं का असर सबसे ज्यादा है, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है। अजमेर में तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री, सीकर में 7.1 और जोधपुर में 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। सिरोही में दिन का तापमान 31.5 डिग्री, जालोर में 31.8, जैसलमेर में 32.4 और बाड़मेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा।  वहीं पिलानी, उदयपुर और वंशस्थली में तापमान 9.5 से 10.2 डिग्री के बीच रहा। बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां दिन का तापमान 33.8 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4, बीकानेर और जोधपुर में 31.3, चूरू में 30.8, गंगानगर में 30.1 और चित्तौड़गढ़ में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप के कारण हल्की राहत रहेगी, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर और तेज होगा। मौसम केंद्र जयपुर ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह और रात में ठंड का असर और बढ़ेगा।

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: राजस्थान में ओवरस्पीडिंग पर दर्ज होगी FIR, ड्रिंक एंड ड्राइव मामले बढ़े 8%

जयपुर राजस्थान में इस साल सितंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामलों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। यह डेटा उस समय सामने आया है जब महज दो दिनों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 28 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में 40,715 मामले सामने आए थे, जिनमें ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए थे, जबकि 2025 में सितंबर तक यह आंकड़ा 43,788 तक पहुँच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले जयपुर और जोधपुर जिलों से दर्ज हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर दोपहर जयपुर के हरमाड़ा इलाके में लोहे की मंडी के पास तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए। डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, “दुर्घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई। प्राथमिक जांच में ड्राइवर शराब के नशे में पाया गया। उसे हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया गया है।” हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि डंपर पहले एक बाइक से टकराया और लोगों ने उसका पीछा किया। इसके बाद ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई और लगभग 300 मीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में चिंताजनक स्थिति नवीनतम एनसीआरबी रिपोर्ट (2023) के अनुसार, राजस्थान देश में सातवें स्थान पर है जहाँ सबसे ज्यादा 24,694 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें से 7,179 हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए और 4,172 लोगों की मौत हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, खराब सड़कें, वाहनों की स्थिति की जांच का अभाव और ब्लैक स्पॉट सुधार में सुस्ती— ये मुख्य कारण हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।” विशेषज्ञों ने की परिवहन विभाग की आलोचना जयपुर स्थित मुस्कान फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक नेहा खल्लर ने कहा, “हर बार हादसे के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगता है, जबकि सड़क सुरक्षा नीति बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की होती है।” उन्होंने बताया कि राज्य में केवल दो वाहन फिटनेस सेंटर हैं, जो पूरे राजस्थान की निगरानी के लिए अपर्याप्त हैं। “राज्य में व्यावसायिक वाहनों के लिए टेस्टिंग ट्रैक तक नहीं है, फिर भी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे ड्राइवर कभी प्रशिक्षित नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा। नेहा खल्लर ने यह भी बताया कि राजस्थान की कुल सड़क लंबाई का मात्र 11% हिस्सा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का है, लेकिन 60% हादसे इन्हीं पर होते हैं। बावजूद इसके, सरकार की ट्रैफिक जागरूकता मुहिम ज्यादातर शहरों तक सीमित हैं। उन्होंने हाल ही में जयपुर के हरमाड़ा हादसे का हवाला देते हुए कहा, “ड्राइवर दोषी जरूर था, लेकिन राज्य में ब्रेद एनालाइज़र टेस्ट सही तरीके से लागू नहीं हुए हैं। उस ड्राइवर के खिलाफ पिछले दो महीनों में तीन बड़े चालान दर्ज थे, फिर भी उसका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया?” जयपुर में ओवरस्पीडिंग पर 3 के खिलाफ एफआईआर जयपुर यातायात पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के तीन मामलों में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देश पर यातायात पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों में दर्ज तेज रफ्तार वाहनों की फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की। मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 281 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183, 184 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज वाहनों में RJ60CE0209 (103 किमी/घं.), RJ45CY3139 (119 किमी/घं.) और RJ60SY7327 (113 किमी/घं.) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहन चालकों ने जानबूझकर लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला।

उद्योगों की रफ्तार बढ़ी: राजस्थान में 7.05 लाख करोड़ के निवेश पर जमीन पर काम शुरू

जयपुर राजस्थान में निवेश परिदृश्य अब इरादों से हकीकत की ओर बढ़ रहा है। अब तक हुए 3,362 एमओयू पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है, जिनमें 7.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। ये निवेश राज्य के 20 प्रमुख सेक्टरों में किए जा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र निवेश में सबसे आगे है, जिसमें 432 एमओयू के माध्यम से 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े बड़े उपक्रम शामिल हैं, जो राजस्थान को देश का अग्रणी क्लीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में हैं। सेक्टर वाइज निवेश का ब्योरा: उद्योग विभाग ने 1,182 एमओयू के तहत 57,319 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए हैं, जो विनिर्माण और एमएसएमई सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। शहरी विकास एवं आवासन क्षेत्र में भी 306 एमओयू के तहत 26,826 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के चरण में हैं, जिनका फोकस शहरी विस्तार, सस्ती आवास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर है। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में 22 एमओयू के माध्यम से 28,092 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में 267 एमओयू के तहत 8,907 करोड़ रुपये के निवेश से हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में 663 एमओयू से 7,741 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए एग्री-वैल्यू चेन और फूड प्रोसेसिंग को मज़बूती दी जा रही है। चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में भी 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य और कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को सशक्त करेंगे। इसके साथ ही, एविएशन, आयुष, पशुपालन, आईटी और खेल जैसे उभरते क्षेत्रों में भी नई नीतियों के तहत ठोस प्रगति हो रही है। सभी एमओयू की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित तंत्र बनाया गया है ताकि तय समयसीमा में इन निवेशों को धरातल पर उतारा जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह राजस्थान की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राज्य ने निवेश घोषणाओं और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाट दिया है। 7.05 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर होने के साथ, राजस्थान देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है- अक्षय ऊर्जा, विनिर्माण उत्कृष्टता और प्रगतिशील नीतियों के बल पर। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में आयोजित इन्वेस्ट राजस्थान समिट (9-11 दिसंबर) के दौरान राज्य सरकार ने रिकॉर्ड 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए थे। 12 नई नीतियां लाने की तैयारी निवेश प्रस्तावों को रफ्तार देने के लिए सरकार इसी साल 12 नई नीतियां भी लाने की तैयारी कर चुकी है। इनमें से कुछ नीतियों के ड्रॉफ्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं। आने वाली नई नीतियां इस प्रकार हैं: 1. एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग: किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने पर जोर। 2. नई औद्योगिक नीति: मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाकर बड़े निवेश को आकर्षित करने की योजना। 3. एविएशन और लगिंग: राजस्थान को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस का हब बनाना, ड्रोन्स और स्पेयर पार्ट्स के लिए तैयार करेंगी नीति। 4. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राजस्थान को नया ग्लोबल हब बनाना। मल्टीनैशनल कंपनियों के आने से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सपोर्ट सेंटर खुल सकेंगे। 5. नई टूरिज्म नीति: राजस्थान की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को नए रूप में पेश करने की कोशिश। हेरिटेज, ईको और ग्रामीण टूरिज्म को प्राथमिकता। 6. ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति: पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा, जिसमें सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और हरित उद्योग शामिल होंगे। 7. स्पोर्ट्स नीति: नई प्रतिभाओं के लिए अवसर, विश्वस्तरीय ढांचा का विकास। प्रशिक्षकों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर पर फोकस। 8. एफएमसीजी नीति: मैन्युफैक्चरिंग और कृषि की बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित कर एफएमसीजी क्षेत्र को बढ़ावा। छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी की दिशा में कदम। 9. आईटी आउटसोर्सिंग और फॉरेस्ट नीति: ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और युवाओं को रोजगार बढ़ाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा। 10. ट्रेड प्रमोशन नीति: व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए योजना। 11. सेमीकंडक्टर पॉलिसी: टेक्नोलॉजी हार्डवेयर निवेश के लिए नई सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नीति तैयार की जाएगी। 12. ड्रोन और एयरो स्पेस पॉलिसी: एयरोस्पेस उद्योगों में निवेश को नई दिशा देने। राज्य में हार्ड-कोर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब स्थापित करने पर फोकस।  

नवंबर में गिरेगा पारा: धुंध से ढका राजस्थान, शुरू हुई कड़ाके की ठंड

जयपुर राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में अगले 2 से 3 दिनों तक आसमान साफ और दिन में धूप खिली रहने की संभावना है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, उदयपुर और कोटा संभाग में अगले 48 घंटे तक आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बीते दिनों जिन जिलों में बारिश हुई है, अब वहां धुंध का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह 24 से 30 अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन 19.6 मिमी वर्षा हुई। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार नवंबर में प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं। हालांकि रात के तापमान में विशेष गिरावट नहीं होगी और सर्दी का असर सामान्य रहेगा। उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में दिन का तापमान औसत से नीचे रह सकता है। पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को अलवर और आसपास के इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। वहीं उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक मौसम साफ हो गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपॉल कमजोर और प्रशांत महासागर में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे भारत में (जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु को छोड़कर) नवंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर, जबकि सबसे कम 18.2 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज हुआ। सीकर, टोंक, अजमेर, अलवर, बारां, प्रतापगढ़ और सिरोही में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (तापमान 31 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) — अजमेर 27.8 और 18.9, भीलवाड़ा 25.7 और 20.5, वनस्थली (टोंक) 25.6 और 18.8, अलवर 27 और 21, जयपुर 27.8 और 21.1, पिलानी 31.7 और 20.7, सीकर 29.5 और 19.5, कोटा 25.8 और 21.2, चित्तौड़गढ़ 26.3 और 19, उदयपुर 24 और 20.2, बाड़मेर 34.4 और 23.1, जैसलमेर 34.2 और 19, जोधपुर 31.8 और 22.2, बीकानेर 32.2 और 19.4, चूरू 31.5 और 20.5, गंगानगर 31.5 और 20.1, नागौर 32 और 19.2, जालोर 31 और 22.3, दौसा 28.1 और 21.5, प्रतापगढ़ 25.5 और 20.3, झुंझुनूं 29.9 और 20.5, पाली 27.1 और 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

अफीम तस्करी पर ईडी का शिकंजा, चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई

जयपुर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA)-2002 के तहत चंडीगढ़ जोनल ऑफिस द्वारा की गई। ईडी ने इस ऑपरेशन में गोपाल लाल अंजना (चित्तौड़गढ़, राजस्थान), छिंदरपाल सिंह उर्फ केवल (हरियाणा), उनके भतीजे यादविंदर सिंह और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एजेंसी को आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड, और करोड़ों रुपये की कीमत वाली दो आवासीय संपत्तियों व कई कृषि भूमि के प्लॉट मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अवैध अफीम व्यापार से अर्जित धन को वैध दिखाने (ब्लैक मनी रूटिंग) का काम करता था। ईडी का दावा है कि जब्त संपत्तियां “अपराध की आय” हैं, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गईं। यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें गोपाल अंजना, छिंदरपाल, यादविंदर, भोला सिंह और हरजीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर है। एजेंसी की जांच में पता चला कि गोपाल अंजना ने अपने परिवार को मिले वैध अफीम लाइसेंस का दुरुपयोग कर अवैध अफीम सप्लाई चेन बनाई। छिंदरपाल और यादविंदर ने उससे अफीम खरीदी और आगे भोला सिंह, जसमीत सिंह और हरजीत सिंह को बेची। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था। छिंदरपाल सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 और 18 के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। अब ईडी इस पूरे रैकेट की मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय फंडिंग चैनल्स की जांच कर रही है।