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राजनाथ सिंह का बयान चर्चा में: आखिर तेजस्वी पर क्यों किया ऐसा कमेंट?

औरंगाबाद बिहार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को गोह के एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर राजद और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जेल की हवा खा चुके हैं। कई आज भी जमानत पर हैं, लेकिन इसके बावजूद सीने पर शर्ट का बटन खोलकर जनता से वोट की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन का मानना है कि अगर भ्रष्टाचार का आरोप लग जाए तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज विडंबना है कि राजनीति अपना अर्थ और भाव खो चुकी है। क्या विपक्ष में कोई दूसरा ऐसा नेता नहीं है जिसके नेतृत्व में यह महागठबंधन चुनाव लड़ सके? आज हमारे गठबंधन नेतृत्वकर्ता पर ऐसा कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने जो संकल्प पत्र जारी किया है, वह मात्र घोषणा नहीं, अटल प्रतिज्ञा है। हमारे घोषणा पत्रों को देख लीजिए। हमने जो कहा है, उसे पूरा भी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम लोग गलत करेंगे नहीं और कोई गलत कर रहा हो तो चुप भी नहीं बैठेंगे। यह एनडीए का चरित्र है। राजनीति में शुचिता होनी चाहिए। कहने और करने में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि कहने और करने में जब अंतर होता है तो विश्वास का संकट पैदा होता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह चुनाव तय करने वाला है कि बिहार में जंगलराज होगा या विकसित बिहार बनेगा। पिछले 20 सालों में पटना बहुत बदल गया है। बिहार को हमें विकसित बिहार बनाना है। 'विकसित बिहार' बनेगा तो 'विकसित भारत' भी बनेगा। उन्होंने तेजस्वी यादव के हर घर में नौकरी देने वाले वादों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे गणित पढ़े हैं या नहीं, वे यह कर सकते हैं, हम नहीं कर सकते। हम लोगों ने तय किया है कि यहां उद्योग-धंधे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए के लोग जहां जाते हैं, वहां कहते हैं कि आइए हमारे विकसित बिहार में जबकि राजद, कांग्रेस वाले कहते हैं कि आइए, बिहार में कट्टा मार देंगे कपार में। उन्होंने एनडीए के वादों की चर्चा करते हुए कहा कि सीतामढ़ी में जानकी मैय्या का भव्य मंदिर बन रहा है।

नेतृत्व बदलाव की आहट: राजनाथ सिंह ने बताया, कब मिलेगा बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना  बिहार चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार चुनाव के बाद इसकी घोषणा हो जाएगी। साथ ही उन्होंने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि भाजपा अध्यक्ष के पद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ कोई मतभेद नहीं है। राजनाथ सिंह ने न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि आरएसएस भाजपा के राजनीतिक मामलों में कभी कोई हस्तक्षप नहीं करता है।   वहीं, इसी इंटरव्यू के दौरान राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 160 से अधिक सीट जीतेगा और नीतीश कुमार स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री बनेंगे क्योंकि राजग उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जनसभाओं में मतदाताओं के उत्साह को देखते हुए, मैं कह सकता हूं कि हमारी सरकार निश्चित रूप से बनेगी और हम दो-तिहाई बहुमत भी हासिल कर सकते हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि राजग बिहार में 160 से अधिक सीट जीतेगा। भाजपा नेता ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक नेता बने प्रशांत किशोर का चुनाव परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा और कहा कि ‘‘प्रशांत किशोर कारक इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि उस पर विचार भी किया जाए’’ क्योंकि मतदाता अच्छी तरह से समझते हैं कि चुनाव कौन लड़ रहा है, वे जानते हैं कि जन सुराज पार्टी के प्रमुख एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे। भाजपा तथा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से एक-एक उपमुख्यमंत्री होने की खबरों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जो कुछ भी होगा वह आम सहमति से तय किया जाएगा, जब सभी लोग एक साथ बैठेंगे और तय करेंगे कि क्या किया जाना है।  

राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: यूपी में शुरू हुई औद्योगिक क्रांति, दशक भर पहले कोई सोच नहीं सकता था

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि दस साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था कि उत्तर प्रदेश इस तरह औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करेगा। लखनऊ में ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के भ्रमण के बाद यहां ‘टाइटेनियम' और ‘सुपर एलॉयज' सामग्री संयंत्र के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि यह (पीटीसी) निजी क्षेत्र की पहली निर्माता इकाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश की धरती पर हो रहा है। आज से लगभग दस साल पहले यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि उत्तर प्रदेश इस तरह की औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करेगा।'' सिंह ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में ऐसी औद्योगिक क्रांति होगी, इसकी तो हम लोग कल्पना भी नहीं करते थे। सारा माहौल बनाने में हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जो मुख्य भूमिका निभाई है, उसके लिए मैं प्रशंसा करता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आज नयी तकनीक आ रही हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसमें उपयोग होने वाली सामग्री का हम उत्पादन करें, क्योंकि इसके बिना हम तकनीकी प्रगति सुनिश्चित नहीं कर सकते। पीटीसी का प्रयास हमारे लिए बहुत ही सराहनीय है।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि आजादी के बाद से कई दशकों तक हमारे रक्षा क्षेत्र और ‘एयरोस्पेस' कार्यक्रम के लिए जिस उन्नत सामग्री और तकनीक की आवश्यकता थी, उसके लिए हम दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भर रहते थे।'' उन्होंने कहा कि इसके चलते स्वाभाविक था कि रक्षा क्षेत्र में हमारी गति जिनती तेज होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई। सिंह ने कहा, ‘‘आज यह जो परियोजना लखनऊ में शुरू हो रही है, वह पूरी कहानी को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, ऐसा मेरा पक्का विश्वास है।'' योगी की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘जो देश की राजनीतिक परिस्थितियों को कम जानने वाला होगा, उससे भी कानून-व्यवस्था पर सवाल किया जाए तो हर व्यक्ति कहेगा कि उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे बेहतर है। अब यहां माहौल पूरी तरह बदल चुका है।'' रक्षा मंत्री ने दावा किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बहुत मजबूत है और निवेशकों का आत्मबल भी बहुत मजबूत है, अब वे घबराते नहीं हैं, इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जाता है। इनके अंदर विकास की एक नयी सोच है।'' उन्होंने कहा कि आज देश-विदेश से निवेशक उत्तर प्रदेश में आकर विकास की एक नयी कहानी लिख रहे हैं। कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में आयोजित हुए निवेशक सम्मेलन ने दिखा दिया था कि उत्तर प्रदेश अब देश का ‘‘विकास इंजन'' बनने जा रहा है। सिंह ने कहा, ‘‘इसी माहौल का असर है कि पीटीसी ने भी लखनऊ को ही चुना क्योंकि यहां शासन और प्रशासन मिलकर उद्योग को बढ़ावा दे रहे हैं।'' रक्षा मंत्री ने ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के निदेशक सचिन अग्रवाल और उनकी पत्नी स्मिता अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘पीटीसी इंडस्ट्रीज' के भ्रमण के बाद संयंत्र के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के विकास में किए जा रहे नए प्रयोगों और रक्षा मंत्री के लखनऊ के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा करते हुए दोनों की सराहना की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

अगली बार संयम नहीं: भारत की चेतावनी से पाकिस्तान की फिक्र बढ़ी, आर्मी चीफ मुनीर सतर्क

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में 8 अक्टूबर 2025 को सुरक्षा घेरे  के बीच रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर में 272वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपनी सेना को हर वक्त तैयार रहने, फिटनेस बनाए रखने और किसी भी हमले का “त्वरित और आक्रामक” जवाब देने का आदेश दिया। पाकिस्तानी मीडिया समा टीवी के अनुसार, यह बैठक भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा दशहरे पर दी गई सख्त चेतावनी के बाद हुई। आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तानी सेना हर स्थिति के लिए सक्षम है और कश्मीर और गाजा मुद्दों पर पाकिस्तान की समर्थन नीति को दोहराया। भारत की चेतावनी  2 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज में कहा कि सर क्रीक पर पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का जवाब निर्णायक और इतना कड़ा होगा कि यह पाकिस्तान का इतिहास और भूगोल बदल सकता है। इसके बाद 3 अक्टूबर को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी पाकिस्तान को चेताया कि अगर आतंकवाद को पोसा-पाला गया तो उसका नामो-निशान मिट सकता है।   पाकिस्तानी रुख और तैयारी  आसिम मुनीर ने कॉन्फ्रेंस में फौज को अनुशासन बनाए रखने, शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देने और हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की क्षमता को भी दोहराया और कश्मीर के साथ-साथ गाजा में मानवीय सहायता की भी बात की। बैठक में पाक-सऊदी डिफेंस डील की सराहना भी की गई। भारत की कड़ी चेतावनी और पाकिस्तानी सेना की तैयारी से क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव बढ़ा है। दोनों देशों की सैन्य सतर्कता अब चरम पर है, जिससे किसी भी छोटे विवाद का बड़ा सैन्य मोड़ लेने का खतरा बना हुआ है।

‘टेक्नोलॉजी से बढ़ा समुद्री खतरा’, रक्षा मंत्री ने बताया एआई व साइबर डिफेंस का महत्व

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेताया कि समुद्री खतरे अब तकनीकी और बहुआयामी हो गए हैं। जीपीएस स्पूफिंग, रिमोट कंट्रोल बोट, एन्क्रिप्टेड संचार, ड्रोन और डार्क वेब के जरिए आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि बंदरगाह, शिपिंग लेन और ऊर्जा अवसंरचना भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। समुद्री व्यापार में, भौतिक हो या साइबर, किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ता है। इसलिए आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को एक ही नजरिए से देखने की आवश्यकता है। नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में 29 सितंबर को उन्होंने 42वीं भारतीय तटरक्षक कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में तटरक्षक के वरिष्ठ अधिकारी रणनीतिक, परिचालन और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर मंथन कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक आज राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम स्तंभ है। यह बल अपनी स्थापना के समय सीमित संसाधनों से शुरू होकर आज 152 जहाजों और 78 विमानों के साथ एक मजबूत संगठन बन चुका है। उन्होंने बताया कि तटरक्षक बल ने अब तक 1,638 विदेशी पोतों और 13,775 विदेशी मछुआरों को अवैध गतिविधियों में पकड़ा है तथा 6,430 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए हैं। जब्त किए गए इन मादक पदार्थों का मूल्य 37,833 करोड़ रुपए है। केवल इस वर्ष जुलाई तक 76 खोज एवं बचाव अभियानों में 74 लोगों की जान बचाई गई है। स्थापना से अब तक तटरक्षक बल 14,500 से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित कर चुका है। राजनाथ सिंह ने तटरक्षक की अनूठी भूमिका रेखांकित करते हुए कहा कि यह बल बाहरी और आंतरिक सुरक्षा दोनों के संगम पर कार्य करता है। सशस्त्र बल जहां बाहरी खतरों से देश की रक्षा करते हैं और अन्य एजेंसियां आंतरिक सुरक्षा देखती हैं, वहीं तटरक्षक दोनों मोर्चों पर सक्रिय है। अवैध मछली पकड़ना, ड्रग्स व हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, प्रदूषण और समुद्री अपराधों पर लगाम कसने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने तटरक्षक की मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि चक्रवात, तेल रिसाव, औद्योगिक दुर्घटनाओं या विदेशी जहाजों की मुसीबत में तटरक्षक बल ने हमेशा तत्परता से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत को ऐसे संकटों में हमारी प्रतिक्रिया से आंकती है और तटरक्षक बल ने हर बार देश का मान बढ़ाया है।” उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में तटरक्षक बल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब महिलाएं केवल सहयोगी भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पायलट, ऑब्जर्वर, हवरक्राफ्ट ऑपरेटर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टिक्स और विधि अधिकारी के रूप में अग्रिम मोर्चे पर सेवा दे रही हैं। यह बदलाव “समावेशी भागीदारी की दृष्टि” को दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने तटरक्षक बल से 2047 तक के लिए एक भविष्यवादी रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध अब महीनों में नहीं बल्कि घंटों और सेकंडों में तय हो रहे हैं, जहां उपग्रह, ड्रोन और सेंसर निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में तैयारियों, अनुकूलन और त्वरित प्रतिक्रिया को तटरक्षक की दृष्टि का आधार बनाना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि तटरक्षक के आधुनिकीकरण में सरकार लगभग 90 प्रतिशत पूंजीगत बजट स्वदेशी साधनों पर खर्च कर रही है। जहाज और विमान निर्माण, मरम्मत और रखरखाव का काम अब देश में ही हो रहा है। इससे न केवल सुरक्षा मजबूत हुई है बल्कि भारतीय जहाज निर्माण उद्योग और अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है। इस सम्मेलन में परिचालन प्रदर्शन, लॉजिस्टिक्स, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इंजीनियर-इन-चीफ सहित रक्षा मंत्रालय और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।

राजनाथ सिंह का डोनाल्ड ट्रंप पर तगड़ा पलटवार, बोले- सबके बॉस तो हम ही हैं

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला। इशारों में ही सही, राजनाथ सिंह ने टैरिफ वॉर के चलते बढ़ती टेंशन के बीच कहा कि कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि सबके बॉस तो हम हैं। ट्रंप का नाम लिए बगैर रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को भारत की तरक्की पसंद नहीं आ रही है। रायसेन में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें भारत की तेजी से हो रही तरक्की पसंद नहीं आ रही है। वे इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। 'सबके बॉस तो हम हैं'। वो सोच रहे हैं कि भारत इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा है और कई लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत में बनी, भारतीयों के हाथों से बनी चीजें उन देशों में बनी चीजों से ज्यादा महंगी हो जाएं, ताकि जब चीजें महंगी होंगी तो दुनिया उन्हें नहीं खरीदेगी। यह कोशिश की जा रही है। लेकिन भारत इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि अब दुनिया की कोई भी ताकत भारत को दुनिया की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस समय भारत के रक्षा उत्पाद की चीजें जो एक्सपोर्ट होती थीं,उनकी कीमत 600 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि आपको जानकर खुशी होगी कि हम लोग अब 24000 हजार करोड़ से ज्यादा के डिफेंस के उत्पाद दूसरे देशों को भेज रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है। यही भारत की ताकत है, यही नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है और निर्यात लगातार बढ़ रहा है। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने मान लिया था कि भारत शांत बैठ जाएगा। प्रधानमंत्री का संकल्प था कि हम इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि धर्म पूछकर मारेंगे। हम किसी की हत्या में विश्वास ही नहीं करते हैं। हमने ठान लिया था कि हम धर्म पूछकर नहीं मारेंगे हम उनका कर्म देखकर मारेंगे और हमने कर्म देखकर मारा।