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रतलाम: हथियारों की दुकान में विस्फोट, तीन घायल—इंदौर रेफर

रतलाम, मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में गणतंत्र दिवस के दिन एक बड़े हादसे के तहत एक बंदूक की दुकान में धमाका होने से तीन लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इंदौर रेफर किया गया है। शहर के चांदनी चौक क्षेत्र में कल शाम हुए इस हादसे से अफरातफरी हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट एक बंदूक की दुकान के अंदर हुआ, जिसमें दुकानदार सहित तीन लोग गंभीर तरह से झुलस गए। तीनों को पहले जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जहां तीनों की हालत गंभीर होने से उन्हें मेडिकल कॉलेज बाद में इंदौर रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक लेब के अधिकारी विस्फोट के कारणों का पता करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि स्थानीय लक्कड़पीठा रोड स्थित इस दुकान में वेल्डिंग के दौरान विस्फोट हुआ। बंदूक की दुकान में बारूद होने से आग भभक उठी और तीन लोग गंभीर झुलस गए। हादसा इतना भयानक था कि झुलसे लोग रोड पर आ गए। गंभीर घायलों की पहचान दुकान मालिक यूसुफ अली, वेल्डिंग कारीगर शेख रफीउद्दीन, उसके साथी नाज़िर के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से खाली कारतूस और बारूद मिला है। पुलिस ने दुकान के अंदर से बड़ी मात्रा में रखी बंदूकें एवं सामग्री को जब्त कर लिया है। अधिकारी विस्फोट की विस्तृत जानकारी में जुटे हुए है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रतलामवासियों ने अभूतपूर्व सौगात के लिए किया अभिनंदन

रतलाम का सौभाग्य, बगैर मांगे मिली मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल होने की सौगात : मंत्री काश्यप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेंव, सोना और साड़ी के लिए रतलाम की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति है। इनसे रतलाम की अपनी विशिष्ट पहचान बनी है। रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है। यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण सूक्ष्म,लघु, एवं मध्यम, उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रतलाम को इंदौर मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल करने के लिए रतलाम वासियों के द्वारा संवाद भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है। रतलाम के प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम में औद्योगिक विकास की सभी संभावनाएं पहले से ही असीमित हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए रतलाम को मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र में शामिल किया गया है। नागदा और खाचरौद पहले ही शामिल कर लिए गए, ऐसी स्थिति में असीमित संभावनाओं से परिपूर्ण रतलाम को भी शामिल करना ही था। अब इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम वासियों का अभिनंदन के लिए आभार मानते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है। एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश का विगत दो वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है। वर्ष 2025 में भोपाल में आयोजत ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, विभिन्न संभागों में आयोजित रीजनल इन्डस्ट्रीयल कॉन्क्लेव और मेट्रोपोलिटिन रीजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मध्यप्रदेश के विकास के प्रति व्यापक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद भवन में रतलाम के संयुक्त व्यापारी संघ, सराफा एसोसिएशन, खेल संगठन, ग्रेन मर्चेंट संघ, बार एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अभिनंदन किया। समारोह में जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, महापौर रतलाम नगर निगम श्री प्रह्लाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख बिंदु     रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है।     यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं।     बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं।     रतलाम में औद्योगिक विकास की संभावनाएं असीमित हैं।     इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा।     मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है।     मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है।  

देर रात भूकंप से हिली रतलाम की धरती, तहसीलदार ने मुआयना किया

रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम में शनिवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए है। जिससे बाद लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए। भूकंप के झटके से एक घर की छत पर बनी दीवार भी गिर गई। वहीं सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। एंकर/रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक की पिपलोदा तहसील मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मचून में शनिवार रात करीब 8.15 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। ग्रामवासी शंकरलाल सोलंकी ने बताया कि धड़ाम की आवाज आई और उनका घर हल्का-हल्का हिलने लगा। थोड़ी देर बाद छत पर बनी एक दीवार भी गिर गई। वहीं शंभु सोलंकी ने बताया कि उनके घर के बर्तन इस तरह हिल रहे थे, जैसे कोई जानबूझकर हिला रहा हो जिससे वे घबरा गए। तहसीलदार देवेंद्र दानगढ़ ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वे देर रात मचून पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। उन्होंने निर्माणाधीन दीवार गिरने की जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।

सुबह 4 बजे रतलाम में बड़ी कार्रवाई, एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों पर चला बुलडोजर

रतलाम  सोमवार तड़के 4 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन का बुलडोजर एक ढाबे पर गरजा. यह कार्रवाई नामली थाना क्षेत्र के बड़ौदा गांव के पास फोरलेन और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे पर बने ढाबे हुई है. यहां अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुबह 4:00 बजे शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 8:00 तक चली. इस दौरान 2 ढाबों को प्रशासन की टीम ने जमींदोज किया है. हालांकि, प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को ढाबा संचालक और ग्रामीणों ने गलत बताया है. प्रशासन के ऊपर निजी जमीन पर बने ढाबे को जमींदोज करने का आरोप लगाया है. अवैध ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर लेबड़ नयागांव फोरलेन पर जावरा से नामली के मध्य कई अवैध ढाबे संचालित हो रहे थे. इन ढाबों में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे थे. मिली शिकायतों के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई सोमवार की सुबह 4 बजे की गई है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने इन ढाबों को जमींदोज कर दिया गया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा है. प्रशासन की मनसा पर उठ रहे सवाल हालांकि, कथित अतिक्रमण के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं. ढाबा संचालकों का कहना है कि "ढाबे का निर्माण नियमानुसार निजी जमीन पर किया गया था. किसी प्रकार की अवैध गतिविधि यहां संचालित नहीं हो रही थी." बड़ौदा के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा ने बताया कि "प्रशासन राजनीति से प्रेरित होकर अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. ऐसी क्या मजबूरी है कि पुलिस और प्रशासन रात के अंधेरे में कार्रवाई करने यहां पहुंचा. हमें सूचना तक नहीं दी गई." रात के अंधेरे में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पास हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुबह 4:00 बजे की गई. इसके लिए आसपास के पुलिस थानों का फोर्स लेकर एडिशनल एसपी, रतलाम सीएसपी, एसडीओपी और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रतलाम ग्रामीण एसडीम विवेक सोनकर ने बताया कि "लंबे समय से हाईवे के किनारे अतिक्रमण कर ढाबे बनाए जाने और अवैध गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिल रही थी. जिस पर सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है." नामली थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी इस कार्रवाई को लेकर ढाबा संचालकों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने इसे पुलिस की दादागिरी बताया है. साथ ही विरोध दर्ज करवाया है. बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने नामली थाने पर पहुंचे हैं. उधर सुबह-सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ गया है.