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छत्तीसगढ़ 12वीं रिजल्ट: 72% टॉपर्स गवर्नमेंट स्कूल से, लड़कियां फिर सबसे आगे

रायपुर  छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं की टॉप-10 मेरिट लिस्ट में इस बार 43 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है। इनमें 31 टॉपर सरकारी स्कूलों से हैं। यानी 72% स्टूडेंट गवर्नमेंट स्कूलों से हैं। टॉप करने वालों में 32 लड़कियां शामिल हैं। यानी टॉप करने वाले हर 10 में से 7 से 8 लड़कियां आई  टॉप। 15 जिलों के स्टूडेंट्स ने टॉप 10 में जगह बनाई। इनमें 7 जिले ऐसे हैं, जहां से किसी भी लड़के ने टॉप नहीं किया। रायपुर 8 टॉपर्स के साथ सबसे आगे रहा। दसवीं के उलट 12वीं में वैराइटी है। किसी एक स्कूल का दबदबा नहीं है। सिर्फ पेन्ड्रा-मरवाही का स्वामी आत्मनानंद इंग्लिश स्कूल ही एक ऐसा है, जहां से दो टॉपर निकले हैं। टॉप-10 की पूरी सूची महज 2.20% के दायरे में हैं सिमट गई है। यानी रैंक 1 से रैंक 10 के बीच 11 नंबर का ही अंतर है। वहीं 41 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल हुए हैं। विषयवार रिजल्ट में साइंस के छात्रों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। साइंस स्ट्रीम का पास प्रतिशत 87.52 फीसदी दर्ज किया गया। वहीं कॉमर्स संकाय का रिजल्ट 82.76 फीसदी रहा, जबकि आर्ट संकाय 78.69 के साथ सबसे पीछे रहा।   15 जिलों के स्टूडेंट्स ने मेरिट लिस्ट में बनाई जगह टॉपर्स लिस्ट में इस बार रायपुर से सबसे ज्यादा 8 टॉपर्स हैं। इसके बाद रायगढ़ ने 6 टॉपर्स के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। तीसरे स्थान पर महासमुंद और गरियाबंद रहे। यहां से 4-4 टॉपर्स मेरिट लिस्ट में शामिल हुए। वहीं जशपुर, पेंड्रा-मरवाही, बालौदाबाजार और कांकेर जिलों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 3-3 टॉपर्स दिए। बेमेतरा और दुर्ग से 2-2 टॉपर्स सामने आए हैं। जबकि धमतरी, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से 1-1 छात्र मेरिट लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे। लड़कियों का दबदबा कायम मेरिट सूची में लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। कुल 43 टॉपर्स में से 31 लड़कियां हैं, जो 72.09 प्रतिशत है, जबकि लड़कों की संख्या 12 यानी 27.91 प्रतिशत ही रही। सिर्फ 12 छात्र निजी स्कूलों से इस बार सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। कुल 43 टॉपर्स में से 31 छात्र सरकारी स्कूलों से हैं, जो 72 प्रतिशत है, जबकि 12 छात्र निजी स्कूलों से हैं, जो 28 प्रतिशत है। विशेष रूप से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां से 14 टॉपर्स आए हैं। मेरिट में बेहद कड़ी टक्कर इस वर्ष मेरिट सूची का अंतर बेहद कम रहा। रैंक 1 से रैंक 10 के बीच सिर्फ 2.20 प्रतिशत यानी लगभग 11 अंकों का अंतर है। रैंक 1 और 2 के बीच 2 अंक, रैंक 2 और 3 के बीच भी 2 अंक का अंतर रहा। ओवरऑल रिजल्ट- 83.04% छात्र पास इस वर्ष कुल 2,46,166 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 2,44,453 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,02,549 छात्र-छात्राएं पास हुए। कुल पास प्रतिशत 83.04 रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 86.04 रहा, जबकि लड़कों का 78.86 प्रतिशत रहा। इस प्रकार लड़कियां 7.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहीं। जबकि रैंक 4 से आगे लगभग हर स्थान पर केवल 1 अंक का अंतर देखने को मिला। यही कारण है कि रैंक 9 और 10 में सबसे ज्यादा छात्र शामिल हुए। संकायवार प्रदर्शन में साइंस आगे संकायवार विश्लेषण में साइंस वर्ग का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां 87.52 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। कॉमर्स संकाय का पास प्रतिशत 82.76 रहा, जबकि आर्ट संकाय 78.69 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। हर संकाय में लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया, जो इस बार के रिजल्ट की सबसे बड़ी विशेषता है। 63 प्रतिशत फर्स्ट डिविजन पास परिणाम के अनुसार लगभग 1.27 लाख विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जो कुल उत्तीर्ण छात्रों का करीब 63 प्रतिशत है। वहीं करीब 9.8 प्रतिशत छात्र एक या दो विषय में फेल रहे और लगभग 7.2 प्रतिशत छात्र पूरी से फेल घोषित किए गए।

छत्तीसगढ़ 10वीं रिजल्ट: सरकारी स्कूलों से 81% टॉपर्स, टॉप 10 में सिर्फ 1.5% का फर्क

रायपुर  छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं की टॉप-10 मेरिट लिस्ट में इस बार 42 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इनमें 34 टॉपर सरकारी स्कूलों से हैं। यानी 81% से ज्यादा स्टूडेंट गवर्नमेंट स्कूलों से आते हैं। टॉप करने वालों में 27 लड़कियां शामिल हैं। यानी टॉप करने वाले हर 10 में से 6 से 7 लड़कियां हैं। 13 जिलों के स्टूडेंट्स ने टॉप 10 में जगह बनाई। इनमें 5 जिले ऐसे हैं, जहां से किसी भी लड़के ने टॉप नहीं किया। रायपुर 10 टॉपर्स के साथ सबसे आगे रहा, जबकि महासमुंद ने 8 टॉपर्स दिए। टॉप 2 में महासमुंद के 4 स्टूडेंट हैं। टॉप-10 की पूरी सूची महज डेढ़ प्रतिशत के दायरे में सिमट गई है। इसका मतलब टॉप 1 से टॉप 10 तक सिर्फ 1.5% का फर्क रहा, यानी 1-2 नंबर से ही रैंक बदल गई। 13 जिलों के स्टूडेंट्स ने मेरिट लिस्ट में बनाई जगह मेरिट सूची में कुल 13 जिलों के स्टूडेंट्स ने जगह बनाई। सबसे ज्यादा टॉपर रायपुर (10) से रहे। इसके बाद महासमुंद (8), बिलासपुर (5) और दुर्ग (4) का नंबर रहा। मुंगेली से 3, रायगढ़, जशपुर और कोरिया से 2-2 छात्र मेरिट में पहुंचे। यह बताता है कि छोटे जिलों के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।जिलेवार टॉपर्स का एनालिसिस करें तो महासमुंद के 8 टॉपर्स हैं, सभी टॉपर्स लड़कियां हैं। टॉप 2 पोजिशन महासमुंद के 4 स्टूडेंट्स हैं। रायपुर से सबसे ज्यादा 10 टॉपर्स हैं, इनमें छह लड़के और 4 लड़कियां हैं। रायपुर के स्टूडेंट्स हर रैंक में मौजूद हैं। लेकिन 9th-10th पोजिशन में सबसे ज्यादा 5 स्टूडेंट्स शामिल हैं।बिलासपुर से 5 स्टूडेंट्स ने टॉप 10 में जगह बनाई है, सभी लड़कियां हैं। मिड-लोअर रैंक्स यानी 7वें से 10वें पोजिशन में बिलासपुर मजबूत स्थिति में हैं।दुर्ग से कुल चार स्टूडेंट्स ने टॉप 10 में जगह बनाई हैं। इनमें दो लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। मिश्रित रैंक है, लेकिन कोई टॉप-3 में नहीं हैं।मुंगेली से 3 टॉपर्स निकले हैं, इनमें दो लड़कियां हैं। टॉप 2 पोजिशन में दो स्टूडेंट हैं। यानी कुल टॉपर्स कम हैं, लेकिन टॉप पोजिशन पर अच्छा रिजल्ट रहा रहा। कबीरधाम, गरियाबंद, कांकेर और सारंगढ़ इन चार जिलों से कुल चार टॉपर निकले हैं। इनमें दो लड़के और दो लड़कियां हैं। कबीरधाम टॉप 2 में मौजूद हैं। अन्य ने 8th से 10th पोजिशन में जगह बनाई है। प्राइवेट स्कूल पिछड़े, सरकारी स्कूलों का दबदबा कुल टॉपर्स की संख्या 42 है। इनमें सरकारी स्कूल के 34 यानी 81% बच्चे हैं। जबकि प्राइवेट स्कूल के सिर्फ 8 (19%) बच्चे ही इस लिस्ट में शामिल हैं। सरकारी संस्थाओं में प्रयास से सबसे अधिक 13 स्टूडेंट्स ने टॉप किया है। टॉप-10 में महज 1.5% का अंतर, 0.17% के मामूली अंतर से बदली रैंकिंग दसवीं में टॉप-1 से लेकर टॉप-10 तक के स्टूडेंट्स के बीच कुल अंतर सिर्फ 1.50 प्रतिशत का रहा। टॉप रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने 99.00 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि दसवें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 97.50 रहा। हर रैंक के बीच का अंतर बेहद कम, लगभग 0.16 से 0.17 प्रतिशत के बीच रहा। यानी सिर्फ एक-दो अंकों के फर्क से छात्रों की रैंकिंग ऊपर-नीचे हो रही है। उदाहरण के तौर पर, 99.00 प्रतिशत से 98.83 प्रतिशत पर आते ही रैंक सीधे पहले से दूसरे स्थान पर पहुंच गई। 10वीं में तीन और 12वीं में जिज्ञासु वर्मा ने किया टॉप हाई स्कूल (10वीं) की परीक्षा में इस बार जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। संध्या नायक, परी रानी प्रधान और अंशुल शर्मा ने संयुक्त रूप से 99 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षा में जिज्ञासु वर्मा ने प्रदेश में टॉप किया है। 12वीं की ही मेरिट लिस्ट में जिज्ञासु वर्मा ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं टॉपर्स लिस्ट संध्या नायक (रैंक 1) परी रानी प्रधान (रैंक 1) अंशुल शर्मा (रैंक 1) रिया केशवानी (रैंक 2) रानु सिद्धमयी साहू (रैंक 2) रेणुका प्रधान (रैंक 2) दीपांशी बौद्ध (रैंक 2) नंदिता देवगन (रैंक 2) छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं की टॉपर लिस्ट जिज्ञासु वर्मा (रैंक 1) ओमनी (रैंक 2) कृष महंत (रैंक 3) शानदार रहा पास प्रतिशत छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 77.15 प्रतिशत रहा। यह पिछले साल से 5 फीसदी अधिक रहा। लड़कों का रिजल्ट 72 फीसदी और लड़कियों का 81 फीसदी रिजल्ट रहा। वहीं छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं का रिजल्ट कुल 83.04 फीसदी रहा। 12वीं में बालक 78.8 प्रतिशत पास हुए जबकि बालिकाएं 86.4 प्रतिशत पास हुईं। सीजीबीएसई छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में दो छात्राओं और एक छात्र ने 99 प्रतिशत अंक लाकर रैंक 1 हासिल की है। तीनो संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे। टॉपर्स के लिए इनामों की बौछार मेधावी छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़े पुरस्कारों की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के टॉपर्स को 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के बेहतर प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि सुविधाओं के अभाव में भी प्रतिभा निखर सकती है।

MP Board Result 2026: 10वीं और 12वीं के नतीजे आज, सीएम मोहन यादव से होगी आधिकारिक घोषणा

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है। जानकारी के अनुसार, छात्रों का रिजल्ट आज यानी 15 अप्रैल को जारी होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में स्थित सीएम हाउस से 11 बजे परिणाम घोषित करेंगे। छात्र छात्राएं बोर्ड की विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।   प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।  16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं।  मध्यप्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 26 IAS के तबादले, भोपाल, सागर सहित 14 जिलों के कलेक्टर बदले रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है।  इन विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते है Result     mpbse.nic.in     mpresults.nic.in     mpbse.mponline.gov.in     mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है। कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं     होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें      इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा      भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें   एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े     साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.     साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.     साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.

राजस्थान बोर्ड 12वीं परिणाम: बेटियों की शानदार सफलता, दीपिका ने 99.8% और नव्या मीणा ने 99.6% अंक प्राप्त किए

जयपुर   राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 की घोषणा कर दी गई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स का रिजल्ट Link आज 31 मार्च को सुबह 10 बजे एक्टिव कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऑनलाइन माध्यम से रिजल्ट जारी किया है। इस दौरान बोर्ड के प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ और सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ भी बोर्ड कार्यालय से कार्यक्रम में शामिल रहे। रिजल्ट जारी हो गया है और Rajasthan Board 12th Result 2025 Direct Link ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर एक्टिव है। छात्र सबसे पहले रोल नंबर से यहीं अपना रिजल्ट देख सकेंगे। यहां राजस्थान बोर्ड बारहवीं परिणाम 2026 से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट्स देखते रहें। इस साल राजस्थान बोर्ड 12वीं की परीक्षा में कुल 9 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 96.23 छात्र सफल घोषित किए गए हैं. पिछले साल की तरह इस बार भी [लड़कियों/लड़कों] का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने सफलता का परचम लहराया. बोर्ड मुख्यालय से प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ और सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने भी नतीजों की पुष्टि की है।  तीनों स्ट्रीम का पास प्रतिशत (Stream-wise Data) विज्ञान (Science): 97.52 प्रतिशत वाणिज्य (Commerce): 93.64 प्रतिशत कला (Arts): 97.54 प्रतिशत साइंस में लड़कियों ने मारी बाजी राजस्थान बोर्ड 12वीं साइंस रिजल्ट में लड़कों से ज्यादा लड़कियां फर्स्ट डिवीजन से पास हुई हैं.  साइंस में कुल 287068 स्टूडेंट ने रजिस्ट्रेशन किया था. इसमें से 285299 स्टूडेंट परीक्षा में बैठे थे. साइंस का परीक्षा परिणाम 97.52 प्रतिशत रहा. 97.02 प्रतिशत छात्र और 98.34 छात्राएं पास हुई हैं. 178051 में से 146644 छात्र और 107248 में से 98836 छात्राएं फर्स्ट डिवीजन से पास हुई हैं।  कॉमर्स में लड़कों का दिखा जलवा राजस्थान 12वीं बोर्ड  कॉमर्स में लड़कों का रिजल्ट बेहतर रहा. कॉमर्स में कुल 30798 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे, जिसमें से 30580 स्टूडेंट परीक्षा हिस्सा लिया था. कॉमर्स का परिणाम 93.64 प्रतिशत रहा.  छात्रों के पास होने का प्रतिशत 94.04 और छात्राओं का पास होने का प्रतिशत 92.82 रहा. 20666 छात्रों में से 13976 लड़के और 9914 लड़कियों में से 8096 लड़कियां फर्स्ट डिवीजन से पास हुई हैं।  आर्ट्स में लड़कियों ने मारी बाजी राजस्थान बोर्ड 12वीं आर्ट्स में बेटियां आगे रहीं. आट्‌र्स में कुल 591023 स्टूडेंट रजिस्टर्ड हैं, जिसमें से 583201 स्टूडेंट परीक्षा में शामिल हुए। परिणाम 97.54 प्रतिशत रहा. लड़कों के पास होने का प्रतिशत 96.68 और लड़कियों के पास होने का प्रतिशत 98.29 रहा।  कैसे चेक करें अपना रिजल्ट: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं. होमपेज पर 'Main Examination Results 2026' के लिंक पर क्लिक करें. अब अपनी स्ट्रीम (Science/Arts/Commerce) का चुनाव करें. अपना रोल नंबर दर्ज करें और 'सबमिट' बटन दबाएं. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर होगा, इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें. रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक: rajeduboard.rajasthan.gov.in, rajresults.nic.in राजस्थान बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित करने के साथ ही उन छात्रों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जो अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं. यदि किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसे उसकी मेहनत के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं, तो वह 'स्क्रूटनी' या कॉपियों की 'री-चेकिंग' के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकता है. इसके लिए बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रति विषय शुल्क जमा करना होगा. स्क्रूटनी की प्रक्रिया परिणाम जारी होने के 15 दिनों के भीतर पूरी करनी अनिवार्य होती है, जिसके बाद संशोधित अंकतालिका जारी की जाती है।  वहीं, जो छात्र एक या दो विषयों में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने में असफल रहे हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ऐसे विद्यार्थियों के लिए सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा का आयोजन करेगा. बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का विस्तृत शेड्यूल और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी अगले 48 घंटों में आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध करा दी जाएगी. इससे छात्रों को अपना कीमती साल बचाने का एक और अवसर मिलेगा। 

MP में 5वीं और 8वीं का रिजल्ट: 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% बच्चे पास, बेटियों ने दिखाया दम

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज कक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है. इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में 3 प्रतिशत बेहतर रहा है. कक्षा 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. छात्र अब पोर्टल पर जाकर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं.  आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5वीं का पास प्रतिशत 95.14% रहा, जबकि कक्षा 8वीं में 93.83% छात्र पास हुए. पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार परिणाम में लगभग 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर अपना रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज कर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. उनके लिए विभाग जल्द ही विशेष कक्षाओं और पुन: परीक्षा (सप्लीमेंट्री) का आयोजन करेगा, ताकि उनका साल खराब न हो. अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं. आधिकारिक लिंक अब पूरी तरह सक्रिय है, हालांकि भारी ट्रैफिक के कारण छात्रों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी गई है. इस साल 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% पास हुए हैं। दोनों कक्षाओं में छात्रों की तुलना में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है।     कक्षा 5वीं: छात्राएं 96.19% और छात्र 94.15% उत्तीर्ण हुए।     कक्षा 8वीं: छात्राएं 94.98% और छात्र 92.74% सफल रहे। QR कोड से देखें रिजल्ट परिणाम देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आधुनिक और आसान बनाया गया है। छात्र और अभिभावक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाने के अलावा, विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी सीधे अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने पूरे संस्थान का विद्यार्थीवार प्रदर्शन चेक कर सकेंगे। शहरी की तुलना में ग्रामीण स्टूडेंट ज्यादा इस साल 5वीं और 8वीं की परीक्षा में 23,68,984 छात्र शामिल हुए थे। 5वीं और 8वीं को मिलाकर कुल 16,78,567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वहीं, शहरी छात्रों की संख्या मात्र 6,90,417 रही। 5वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 9,24,783 (72.45%) और शहरी 3,51,621 (27.55%) थे। छात्र 51.58% और छात्राएं 48.42% थीं। 8वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 7,53,784 (68.99%) और शहरी 3,38,796 (31.01%) थे। छात्र 51.27% और छात्राएं 48.73% थीं। बोर्ड पैटर्न पर हुई थी परीक्षा इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में मूल्यांकन का विशाल कार्य किया गया। 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। क्यों खास है इस बार का परिणाम? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर बीते वर्षों की तुलना में कठिन था, फिर भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। बोर्ड पैटर्न लागू होने के कारण अभिभावकों और शिक्षकों के बीच रिजल्ट को लेकर सुबह से ही काफी उत्सुकता देखी गई। 2025 की तुलना में अच्छा रहा रिजल्ट 2025 में करीब 22.85 लाख स्टूडेंट्स ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं दी थी। इस बार करीब 23.68 लाख (12.76 लाख + 10.92 लाख) स्टूडेंट इन परीक्षाओं में बैठे। साल 2025 में 5वीं के 92.70% स्टूडेंट पास हुए थे। साल 2026 में 95.14% बच्चे पास हुए हैं। इसी तरह 2025 में 8वीं के 90.02% बच्चे पास हुए थे। इस साल 93.83% बच्चे पास हुए हैं।

माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का रिज़ल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,882 पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी अपना परिणाम ई.एस.बी की वेबसाइट http://www.esb.mp.gov.in/ से डाउनलोड या मुद्रित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 से 29 अप्रैल 2025 तक मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में किया गया था। परीक्षा विभिन्न विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खेल, संगीत (गायन-वादन) एवं नृत्य में आयोजित की गई थी। कुल 1,85,065 अभ्यर्थियों ने विभिन्न विषयों में पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,60,360 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।