अब गांव में ही सुलझेंगे जमीन विवाद: पटवारी आपके द्वार पहुंचेंगे
जिले में राजस्व पखवाड़ा का मेगा प्लान जारी अब गांव में ही होगा जमीन विवादों का हलः पटवारी पहुंचेंगे आपके द्वार मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। “राजस्व पखवाड़ा” के तहत विस्तृत ग्रामवार शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस अभियान के तहत तहसील मनेन्द्रगढ़ सहित जिले के 100 से अधिक गांवों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी और राजस्व अमला मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे। तीन चरणों में चलेगा अभियान राजस्व पखवाड़ा को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा: 01 से 15 अप्रैल 2026 04 से 18 मई 2026 01 से 15 जून 2026 प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, ताकि अधिकतम ग्रामीणों को लाभ मिल सके। सैकड़ों गांवों में पहुंचेगा प्रशासन घोषित कार्यक्रम के अनुसार मनेन्द्रगढ़ तहसील के उजियारपुर, बरबसपुर, राधारमणनगर, सोनवर्षा, नवापारा, महाराजपुर, अमृतधारा, चैनपुर, परसगढ़ी, पिपरिया, लालपुर, शंकरगढ़, खोंगापानी, मनेन्द्रगढ़ सहित कई गांवों में शिविर आयोजित होंगे। जिलेभर में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित होगा: भरतपुर तहसील: 108 ग्राम केल्हारी तहसील: 74 ग्राम कोटाडोल तहसील: 75 ग्राम चिरमिरी तहसील: 16 ग्राम खड़गवां तहसील: 44 ग्राम _कुल मिलाकर 376 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। _मौके पर होगा हर समस्या का समाधान। इस विशेष अभियान में निम्न राजस्व मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा: _नामांतरण (Mutation) _बंटवारा _सीमांकन _भू-अभिलेख सुधार _ऋण पुस्तिका _फौती नामांतरण साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों और राजस्व प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। पटवारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी कलेक्टर के निर्देशन में तैयार इस मेगा प्लान के तहत जिले के कई पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को ग्रामवार जिम्मेदारी दी गई है, जो तय तिथियों पर गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांव में निर्धारित तिथि पर आयोजित शिविर में पहुंचकर इस जनहितकारी अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं। लक्ष्य साफ है “समस्या का समाधान गांव में ही” और ग्रामीणों को राहत देना।