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Right to Business Act: चंडीगढ़ में बिजनेस के लिए नई व्यवस्था लागू, पढ़ें कैसे मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन

चंडीगढ़  केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को कुछ जरूरी संशोधनों के साथ लागू कर दिया है। तारीख 2 जुलाई, 2026 से यह प्रभावी रूप से लागू हो चुका है।। इस नए कानून के आने से चंडीगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक नई मजबूती मिलेगी। आइए समझते हैं यह राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है और लोगों व व्यापारियों को कैसे इसका फायदा होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट क्या है? राइट टू बिजनेस एक्ट का मुख्य उद्देश्य नए व्यवसायों को शुरू करने के लिए दी जाने वाली सरकारी मंजूरियों से है। जहां पहले किसी भी कारोबार को शुरू करने से पहले एनओसी के लिए व्यवसासियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। वहीं, अब इसके लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम बनाया जाएगा है। इसके जरिए आवश्यक मंजूरियां एक ही जगह से और एक तय समय-सीमा के अंदर दी जाएंगी। चंडीगढ़ तक एक्सटेंड करने के पीछे क्या है उद्देश्य? चंडीगढ़ में इस एक्ट को लागू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों के समय को बचाना है। वहीं, सरकार भी चाहती है कि चंडीगढ़ देश में निवेश और कारोबार के लिए एक पसंदीदा और आकर्षक केंद्र बने। इसके लिए प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाएगा ताकि कारोबारी घर बैठे सरकारी काम आसानी से करवा सके। कौन-कौन से बिजनेस इसमें आएंगे? इस एक्ट के दायरे में मुख्य रूप से तीन बड़े सेक्टर्स को शामिल किया गया है। पहला उद्योग मसलन नए कारखाने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, व्यापार- रिटेल, होलसेल और सर्विस सेक्टर आईटी कंपनियां और स्टार्टअप्स इत्यादि। क्या होगी आवदेन की प्रक्रिया व्यवसाय शुरू करने के लिए अब किसी भी निवेशक को अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन करने की प्रक्रिया सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और फीस एक ही बार में जमा करनी होगी।  चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 को मिलेगी नई रफ्तार मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत चंडीगढ़ के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण में यह कानून एक गेम-चेंजर साबित होगा। राइट टू बिजनेस एक्ट इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके लागू होने से शहर में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ लालफीताशाही खत्म होगी। कारोबार बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

बड़ी राहत उद्योगपतियों के लिए: राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन, 5 दिन में मिलेंगी मंजूरी

चंडीगढ़ पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक। कैबिनेट की बैठक में राइट टु बिजनेस एक्ट (Right To Business Act) में संशोधनों को मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद अब पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक उद्योग इस अधिनियम के दायरे में आएंगे और उन्हें निर्धारित समय सीमा में मंजूरी प्राप्त होगी। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि कैबिनेट ने उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया है। लाभ मिलने की सीमा की 125 करोड़ बुधवार को हुई बैठक के बाद मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले उन इकाइयों को राइट टु बिजनेस एक्ट के तहत लाभ मिलता था जिनका निवेश 25 करोड़ रुपये था, लेकिन अब इसे 125 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे अधिक संख्या में इकाइयां बिना देरी के अपनी औद्योगिक गतिविधियां चालू कर पाएंगी।   जल्द मिल जाएगा अप्रूवल कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि राइट टु बिजनेस एक्ट में पहले इंडस्ट्रियल पार्क को जल्द अप्रूवल मिल जाता था, लेकिन अब बाकी रियल स्टेट प्रोजेक्ट को भी 5 दिन में अप्रूवल मिल जाएगा। वहीं औद्योगिक पार्कों और रियल एस्टेट परियोजनाओं के अलावा अन्य स्वीकृतियां भी 15 दिनों में दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 18 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाएगी। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा फायदा इस कानून का लाभ ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि संशोधित अधिनियम में 5 नई मंजूरियां शामिल की गई है, जिसमें श्रम विभाग से अनुमति, प्रदूषण विभाग से स्थापना की सहमति, संचालन की सहमति, श्रम विभाग से अनुमति और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र शामिल हैं।