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यूपी सरकार का बड़ा फैसला: क्रिकेटर रिंकू सिंह को मिली RSO की जिम्मेदारी

लखनऊ भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। उनकी शानदार उपलब्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का  किया है। टी20 वर्ल्ड कप जीत में निभाई अहम भूमिका सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारत टी20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम बनी और तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट रिंकू सिंह के लिए भावनात्मक रूप से काफी कठिन रहा, क्योंकि टूर्नामेंट के दौरान ही उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। इसके बावजूद रिंकू टीम से दोबारा जुड़े और बाकी मैच खेले। रिंकू सिंह को मिलेगा सरकारी पद रिंकू सिंह के योगदान को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) नियुक्त करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। अन्य खिलाड़ियों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी राजकुमार पाल को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनाया जाएगा। वह पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। पैरालंपिक हाई जंप गोल्ड मेडलिस्ट प्रवीण कुमार को भी DSP बनाया जाएगा। पैरालंपिक जेवलिन थ्रो सिल्वर मेडलिस्ट अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा। पैरालंपिक 200 मीटर ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सिमरन को भी इसी पद पर नियुक्ति मिलेगी। इन सभी खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड भी दिए जाएंगे सरकार ने 2024-25 के लिए 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड देने का भी फैसला किया है। हर विजेता को 3.11 लाख रुपये नकद और कांस्य प्रतिमा दी जाएगी। लक्ष्मण अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): उत्तम सिंह, विनय, अभिजीत कुमार, विक्रांत बालियान, सागर दांगी रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): भानु पाठक, दीपक कुमार, तान्या चौधरी, तनुश्री पांडे, ओम यादव, राजकुमार पाल, यश कुमार, मुस्कान यादव, अभय सिंह; रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (पैरा कैटेगरी): श्रवण कुमार, यश तोमर, ईशान खान, प्रगति केसरीवानी, वंतिका अग्रवाल; उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।  

पिता के अंतिम संस्कार के बाद कर्तव्यपथ पर लौटे रिंकू, बोले— हर रन पापा के नाम

अलीगढ़ पिता को मुखाग्नि देने के बाद रिंकू सिंह अपने कर्तव्य पथ पर लौट गए। शनिवार को वह कोलकाता में टीम से जुड़ गए। पिता के निधन से दुखी रिंकू सिंह ने कहा कि पापा के लिए रन बनाऊंगा। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद का शुक्रवार को नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया था। उन्होंने मां बीना देवी और छोटी बहन नेहा सिंह को संभालते हुए कहा कि हिम्मत बनाए रखें। बड़े भाई सोनू सिंह को जिम्मेदारी सौंपते हुए रिंकू ने कहा कि अब घर की बागडोर उन्हें संभालनी है और मां का विशेष ध्यान रखना है। पारिवारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने के बाद रिंकू सिंह शनिवार सुबह 11:30 बजे ओजोन सिटी अलीगढ़ से रवाना हुए और कोलकाता पहुंचकर भारतीय टीम के साथ दोबारा जुड़ गए। विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्रीय दायित्व को रखने की उनकी भावना की क्रिकेट जगत में सराहना हो रही है। इधर, ओजोन सिटी में दूसरे दिन रिंकू के परिवार को सांत्वना देने पहुंचने वाले लोगों का तांता लगा रहा। सपा सांसद प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज, हाथरस सांसद अनूप प्रधान, विधायक अनिल पारासर, विधायक रविंद्र पाल सिंह, एमएलसी ऋषिपाल सिंह, आगरा के सपा नेता रामजी लाल सुमन, सुमित सराफ, संजय माहेश्वरी, विनीत मोटर्स आदि ने परिवार को ढांढस बंधाया। लीवर कैंसर के स्टेज-4 से थे पीड़ित, दी जा रही थी रिप्लेसमेंट थेरेपी रिंकू सिंह के पिता खानचंद को मंगलवार को नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया और रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी। खानचंद लीवर कैंसर के स्टेज-4 से पीड़ित थे। रिंकू के भाई सोनू अस्पताल में मौजूद रहे और पिता की देखरेख करते रहे। पिता की तबीयत बिगड़ने पर मंगलवार को रिंकू भी उनसे मिलने आए थे। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में पिता बेटे के क्रिकेट के खेलने के खिलाफ थे लेकिन एक बार रिंकू को मैच में इनाम के तौर पर बाइक मिली थी। उसके बाद आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने रिंकू को क्रिकेटर बनने के लिए हर संभव सहयोग किया है। बीते वर्ष रिंकू ने अपने पिता को 3.19 लाख रुपये की कावासाकी निंजा बाइक उपहार में दी थी। 

सिंह कब जुड़ेंगे टीम इंडिया से? BCCI ने वेस्टइंडीज मैच से पहले दिया अहम संकेत

मुंबई टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद कोलकाता में 28 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच से पहले टीम से जुड़ेंगे। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में सुपर-8 मुकाबला होने जा रहा है, और इस मैच से पहले टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह को लेकर बड़ी खबर आई है। रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद टीम इंडिया से जुड़ने के लिए तैयार हैं। बीसीसीआई मैनेजमेंट के अनुसार, वे 28 फरवरी, रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले से पहले कोलकाता पहुंचेंगे। रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी की सुबह ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में कैंसर के लंबे इलाज के बाद निधन हो गया। रिंकू ने अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें कंधा दिया। अलिगढ़ में आयोजित अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने संवेदनाएं व्यक्त की। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। पिता मिलने गए थे घर टीम इंडिया T20 वर्ल्ड कप की डिफेंडिंग चैंपियन है और 27 फरवरी की शाम कोलकाता पहुंच चुकी है। रिंकू इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच के बाद अपने पिता की बिगड़ती तबीयत के कारण टीम से घर लौट गए थे। बाद में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले चेन्नई में टीम से फिर जुड़कर खेल जारी रखा। मिला-जुला रहा रिंकू का प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में रिंकू का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। उन्हें अधिकांश मैचों में आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी का मौका मिला। पांच पारियों में उन्होंने कुल 24 रन बनाए, जिनमें दो बार नाबाद रहे और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 11* रहा। इस साल खेले गए 10 T20I मैचों में रिंकू ने 8 पारियों में 115 रन बनाए हैं। उनका औसत 28.75 और स्ट्राइक रेट 132.18 रहा है, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 44 रन रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मैच का विजेता ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा। रिंकू सिंह के लिए यह मैच खास महत्व रखता है, क्योंकि वे टीम में वापसी कर अपनी क्षमता दिखाने को तैयार हैं। उनके प्रदर्शन पर अब सभी की नजरें टिकी रहेंगी। रिंकू सिंह की वापसी न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण की कहानी है, बल्कि यह भारतीय टीम की ताकत को भी बढ़ाएगी। इस मैच में उनकी भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।  

रिंकू सिंह के प‍िता का न‍िधन, लंबे समय से ल‍िवर कैंसर से थे पीड़ित

 नई दिल्ली Rinku Singh Father Death News: भारतीय क्रिकेटर र‍िंकू सिंह (Rinku Singh) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके पिता खानचंद्र स‍िंह ( Khanchandra Singh) का स्टेज-4 लिवर कैंसर से  जंग के बाद निधन हो गया. टी20 वर्ल्ड कप के बीच यह खबर सामने आने से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है. रिंकू सिंह के पिता पिछले कुछ समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. हाल में ही उनको हालत गंभीर होने पर ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली. प‍िता के न‍िधन की खबर सुनकर रिंकू सिंह चेन्नई से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं.    अस्पताल ने की पुष्ट‍ि  यथार्थ हॉस्पिटल के पीआरओ ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि चौथे स्टेज के कैंसर से जूझ रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने आज (27 फरवरी) सुबह 5 बजे यथार्थ हॉस्पिटल-ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आखिरी सांस ली.  बेहद नाजुक थी रिंकू के प‍िता की हालत  रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह की तबीयत बेहद नाजुक बनी हुई थी. वो ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थे और मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी.  टूर्नामेंट छोड़कर तुरंत घर लौटे थे रिंकू पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू T20 वर्ल्ड कप के बीच टीम कैम्प से निकलकर चेन्नई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां वे परिवार के साथ रहे. हालांकि वो गुरुवार (26 फरवरी) को ज‍िम्बाब्वे से खेलने के लिए टीम से जुड़ गए थे.    चेन्नई टी20 में ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ नहीं मिला मौका पारिवारिक शोक के चलते रिंकू के अगले मैचों में खेलने को लेकर सस्पेंस है. वो ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में टीम से बाहर रहे थे और उनकी जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया था. वहीं टीम में अक्षर पटेल की वॉश‍िंगटन सुंदर की जगह वापसी हुई थी. हालांकि ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में फील्ड‍िंग करते हुए वो नजर आए थे.  मुश्किल दौर से गुजर रहे रिंकू सिंह  यह समय रिंकू सिंह के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तर पर बेहद चैलेंज‍िंंग रहा  है. हालिया मैचों में उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इस टी20 वर्ल्ड कप में र‍िंकू सिंह ने टीम इंड‍िया के ल‍िए ज‍िम्बाब्वे मुकाबलों में हिस्सा लिया है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में नीचे होने की वजह से उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिला. अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ वह सिंगल डिजिट पर आउट हो गए. पाकिस्तान के खिलाफ जरूर उन्होंने 4 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर तेज कैमियो दिखाया. नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों पर 6 रन जोड़े, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. रिंकू ने पांच पारियों में 29 गेंदें खेलकर सिर्फ 24 रन बनाए थे. 

टीम इंडिया को झटका, पारिवारिक कारणों से रिंकू सिंह का अचानक प्रस्थान

नई दिल्ली  रिंकू सिंह के पिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। रिंकू सिंह के पिता को 4th स्टेज का लिवर कैंसर है। वह वेंटिलेटर पर हैं। वह अचानक इंडिया कैंप छोड़कर फैमिली इमरजेंसी की वजह से घर लौट गए हैं। रिंकू सिंह जारी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा है। रिंकू सिंह ने अचानक छोड़ा टीम इंडिया का साथ, पिता के लिए आनन फानन में लौटे घर टीम इंडिया के स्टार फिनिशर रिंकू सिंह अचानक इंडिया कैंप छोड़कर फैमिली इमरजेंसी की वजह से घर लौट गए हैं। रिंकू सिंह जारी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा है। भारत का अगला मैच जिम्बाब्वे स 26 फरवरी को है। रिपोर्ट्स के अनुसार रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। रिंकू सिंह के पिता को 4th स्टेज का लिवर कैंसर है। वह वेंटिलेटर पर हैं। बता दें, रिंकू सिंह के लिए अभी तक टी20 वर्ल्ड कप कुछ शानदार नहीं रहा है। 5 मैचों में उन्होंने मात्र 24 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में तो वह खाता भी नहीं खोल पाए थे। रिंकू के पिता खानचंद सिंह की हालत गंभीर है और उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक लोकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। रिंकू सोमवार, 23 फरवरी को इंडियन टीम के साथ चेन्नई गए थे, जहां भारत को सुपर-8 का अगला मैच जिम्बाब्वे से खेलना है। सूत्रों ने बताया कि लेफ्ट-हैंडर अपने पिता को देखने के लिए मंगलवार सुबह चेन्नई से निकले, जो लाइफ सपोर्ट (वेंटिलेटर) पर हैं। उनके 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम के मैच में खेलने की संभावना नहीं है। इस घटना के कारण रिंकू मंगलवार शाम को प्रैक्टिस के लिए उपलब्ध नहीं थे। भारत की सेमीफाइनल की राह हुई कठिन साउथ अफ्रीका से भारत को मिली 76 रनों से हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई है। इसके बाद वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को हराकर भारत की मुश्किलें और बढ़ा दी है। टीम इंडिया को अगर सेमीफाइनल की दौड़ में बना रहना है तो उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा साउथ अफ्रीका के खिलाफ वेस्टइंडीज की हार की दुआ करनी होगी।

डेथ ओवर में रिंकू का धमाका, 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बने

नई दिल्ली भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी ग्रुप ए मैच में नीदरलैंड को 17 रन से शिकस्त दी। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 194 का टारगेट देने के बाद नीदरलैंड को 176/7 पर रोका। भारत ने लोगान वैन बीक द्वारा डाले गए 20वें ओवर में 13 रन बटोरे, जिसमें शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने छक्का लगाया। दुबे पहली गेंद पर हवाई फायर करने के बाद अगली गेंद पर बीक का शिकार बने। उनके बाद बैटिंग करने आए रिंकू तीसरी गेंद पर कोई रन नहीं बना सके लेकिन चौथी गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। उन्होंने तीन गेंदों का सामना करने के बाद नाबाद 6 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव से आगे निकले रिंकू सिंह रिंकू सिंह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले भारतीयों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। वह भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से आगे निकल गए हैं। रिंकू ने अभी तक आखिरी ओवर की 50 गेंद खेलने के बाद 14 सिक्स जमाए हैं। सूर्यकुमार ने 34 गेंदों का सामना करते हुए 13 छक्के ठोके हैं। T20I में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल हार्दिक पांड्या के नाम दर्ज है। धाकड़ ऑलराउंडर हार्दिक ने अंतिम ओवर की 102 गेंद खेली हैं और 16 सिक्स उड़ाए। हार्दिक ने भारत बनाम नीदरलैंड मैच में 21 गेंदों में 30 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन सिक्स हैं। T20I में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के 16 – हार्दिक पांड्या (102 गेंद) 14 – रिंकू सिंह (50 गेंद)* 13 – सूर्यकुमार (34 गेंद) 12 – एमएस धोनी (132 गेंद) 9 – दिनेश कार्तिक (49 गेंद) 8 – विराट कोहली (58 गेंद) 7 – अक्षर पटेल (71 गेंद) शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक नीदरलैंड के खिलाफ ऑलराउंडर शिवम दुबे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने तूफानी अर्धशतक (31 गेंदों में 66 रन, चार चौके, छह सिक्स) लगाने के अलावा दो विकेट चटकाए। दुबे की पारी के दम पर भारत ने 193/6 का स्कोर बनाया। वहीं, नीदरलैंड की ओर से बास डि लीडे ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। नोह क्रोस (12 गेंद में नाबाद 25 रन) तथा जैक लियोन कैशे (16 गेंद में 26 रन) ने सातवें विकेट के लिए 23 गेंद में 47 रन की साझेदारी की लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (14 रन पर तीन विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की। भारत के टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत से आठ अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा।