samacharsecretary.com

ऋषभ पंत फुट इंजरी से जूझ रहे, आखिर कब तक होगी वापसी?

नई दिल्ली स्टार विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अभी पैर की चोट से उबर नहीं पाए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो वह न सिर्फ अगले महीने वेस्टइंडीज के साथ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज से बाहर रहेंगे बल्कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी नहीं जा पाएंगे। मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक पंत को चोट से पूरी तरह उबरने में अभी 3 से 4 और हफ्ते लग सकते हैं। ऋषभ पंत इंग्लैंड दौरे पर चौथे टेस्ट के पहले दिन चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर उन्होंने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की और इस क्रम में वह पैर की उंगली में फ्रैक्चर करा बैठे। उस मैच में हालांकि वह बाद में टूटी हड्डी के साथ बल्लेबाजी करने उतरे थे। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक 27 साल के पंत अभी क्रिकेट खेलने लायक फिट नहीं हुए हैं। एशिया कप के ठीक बाद भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज खेलनी है। दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक अहमदाबाद में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक दिल्ली में होगा। वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज के बाद अक्टूबर में ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होगी। वहां दोनों टीमों के बीच 19 अक्टूबर से 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज होगी। दूसरा वनडे 23 और तीसरा 25 अक्टूबर को खेला जाएगा। उसके बाद दोनों देशों के बीच 5 टी20 मैच की सीरीज होगी। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच 29 अक्टूबर को कैनबरा में खेला जाएगा। सीरीज का आखिरी मैच 8 नवंबर को ब्रिसबेन में है। कब मैदान पर उतरेंगे ऋषभ पंत? वेस्टइंडीज के साथ होम सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी पंत नहीं खेलेंगे तब नवंबर में ही उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी हो सकेगी। नवंबर में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आने वाली है जिसमें 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 एकदिवसीय मैचों की सीरीज होनी है। उम्मीद की जा रही है कि ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगे।  

‘मुझ पर फेंको ऐसी गेंद…’ ऋषभ पंत की डिमांड सुनकर हैरान रह गए गेंदबाज: संजय बांगर

मुंबई  भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत का 2022 में भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थी और कईयों को लगा था कि पंत का करियर लगभग खत्म हो गया है। हालांकि पंत ने कुछ महीने के अंदर ही वापसी करते हुए सभी को चौंका दिया। ऋषभ पंत भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट के अहम सदस्य हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रमक बल्लेबाजी से एक अलग पहचान भी बनाई है। इस बीच भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने ऋषभ पंत के शुरुआती दिनों का एक किस्सा शेयर किया है, जहां पर ऋषभ पंत गेंदबाजों से उन्हें तेज गेंदबाजी और शरीर पर गेंद करने के लिए कहते थे। ऋषभ पंत ने 2017 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। जिसके बाद से वह टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बने हुए हैं। ऋषभ पंत अपनी आक्रमक बल्लेबाजी की वजह से विपक्षी पर भारी पड़ते हैं, उनके सामने चाहे तेज गेंदबाज हो या स्पिनर, पंत दोनों के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी करने में समर्थ हैं। हाल ही में संजय बांगर ने अपने शुरुआती दिनों में पंत की निडरता की पहली झलक को याद किया। संजय बांगर ने दूरदर्शन स्पोर्ट्स से कहा, ''मैंने आशीष नेहरा से सुना कि ऋषभ पंत बहुत अच्छा खिलाड़ी, जोकि काफी जल्दी आगे बढ़ने वाला है। वह नेचुरली गिफ्टेड खिलाड़ी है। लेकिन वह निडर भी है। मैंने खुद उसकी निडरता की पहली झलक नेट्स में देखी थी। वह गेंदबाजों को तेज गेंदबाजी करने और अपने शरीर पर आक्रमण करने के लिए कहते थे। बहुत कम बल्लेबाजों की ऐसी मानसिकता रही है। उस समय उन्होंने आईपीएल खेलना शुरू ही किया था। इसलिए नेहरा का आकलन सही था। लंबे समय के बाद, हमें एक ऐसा विकेटकीपर मिला है जो टॉप-5 में बल्लेबाजी कर सकता है।''

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

BCCI का बड़ा फैसला: पंत खेलेंगे बतौर बल्लेबाज़, कीपिंग करेगा ये खिलाड़ी

मैनचेस्टर पैर में लगी चोट के बावजूद ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट मैच में बैटिंग के लिए उपलब्ध होंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इसे लेकर अपडेट दिया है. बीसीसीआई ने कहा कि ऋषभ पंत टीम के साथ दूसरे दिन के खेल के लिए जुड़ चुके हैं और जरूरत पड़ने पर बैटिंग करेंगे. हालांकि बीसीसीआई ने ये स्पष्ट किया कि ऋषभ अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी. बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगी थी. इसी कारण अब वह इस टेस्ट मैच में आगे विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ मौजूद और जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' विकेटकीपिंग नहीं करेंगे पंत ऐसे में बीसीसीआई ने पहले दिन मैच के बाद पंत की चोट पर अपडेट जारी करते हुए कहा था कि उन्हे स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। गुरुवार को बीसीसीआई ने एक बार फिर अपडेट जारी किया और बताया, मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन चोटिल होने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे। उनकी जगह अब ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे। बल्लेबाजी के लिए हैं उपलब्ध अपनी चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ जुड़ गए हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे। टीम की आवश्यकता अनुसार, वे बैटिंग कर सकते हैं। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट की सलाह के बाद लिया गया है, ताकि ऋषभ पंत की चोट और टीम बैलेंस दोनों का ध्यान रखा जा सके।

BCCI का बड़ा फैसला: पंत खेलेंगे बतौर बल्लेबाज़, कीपिंग करेगा ये खिलाड़ी

मैनचेस्टर पैर में लगी चोट के बावजूद ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट मैच में बैटिंग के लिए उपलब्ध होंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इसे लेकर अपडेट दिया है. बीसीसीआई ने कहा कि ऋषभ पंत टीम के साथ दूसरे दिन के खेल के लिए जुड़ चुके हैं और जरूरत पड़ने पर बैटिंग करेंगे. हालांकि बीसीसीआई ने ये स्पष्ट किया कि ऋषभ अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी. बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगी थी. इसी कारण अब वह इस टेस्ट मैच में आगे विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ मौजूद और जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' विकेटकीपिंग नहीं करेंगे पंत ऐसे में बीसीसीआई ने पहले दिन मैच के बाद पंत की चोट पर अपडेट जारी करते हुए कहा था कि उन्हे स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। गुरुवार को बीसीसीआई ने एक बार फिर अपडेट जारी किया और बताया, मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन चोटिल होने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे। उनकी जगह अब ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे। बल्लेबाजी के लिए हैं उपलब्ध अपनी चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ जुड़ गए हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे। टीम की आवश्यकता अनुसार, वे बैटिंग कर सकते हैं। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट की सलाह के बाद लिया गया है, ताकि ऋषभ पंत की चोट और टीम बैलेंस दोनों का ध्यान रखा जा सके।

ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

ऋषभ पंत ने लॉर्ड्स में वेस्ट इंडीज़ के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया

 लॉर्ड्स  भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही 5 टेस्ट मैचों की सीरीज़ का तीसरा मुकाबला ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जा रहा है, जहां भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक रूप देखने को मिला. खासकर ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी छक्के लगाने के उस्ताद हैं. पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अब तक सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. ऋषभ पंत ने रचा इतिहास अब तक के आंकड़ों के अनुसार, पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 35 छक्के जड़ दिए हैं, जिससे उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज सर विवियन रिचर्ड्स को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम इंग्लैंड के खिलाफ 34 छक्के दर्ज थे. पंत की इस उपलब्धि को उनके आक्रामक अंदाज़ और बेखौफ बल्लेबाजी शैली का नतीजा कहा जा सकता है, जिसने टेस्ट क्रिकेट में भी नई सोच की झलक दी है. छक्कों के मामले में टॉप 5 बल्लेबाज (vs England in Tests): 1. ऋषभ पंत – 35 छक्के 2. विव रिचर्ड्स – 34 3. टिम साउदी – 30 4. यशस्वी जायसवाल – 27 5. शुभमन गिल – 26 इस सूची में भारत के दो और युवा बल्लेबाज शामिल हैं– यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल. इन दोनों ने हाल के समय में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैचों में आक्रामक बल्लेबाजी कर टेस्ट क्रिकेट में एक नया आयाम जोड़ दिया है. जायसवाल ने सिर्फ कुछ ही मैचों में 27 छक्के जड़ दिए हैं, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में वह इस सूची में और ऊपर जा सकते हैं. वहीं शुभमन गिल ने भी 26 छक्कों के साथ इस सूची में जगह बनाई है. भारत vs इंग्लैंड H2H (लॉर्ड्स) कुल टेस्ट मैच: 19 इंग्लैंड ने जीते: 12 भारत ने जीते: 3 ड्रॉ: 4 इंग्लैंड का लॉर्ड्स में टेस्ट रिकॉर्ड कुल मुकाबले: 145 इंग्लैंड ने जीते: 59 इंग्लैंड ने हारे: 35 ड्रॉ: 51 क्या रिकॉर्ड टूटा?     पंत ने लॉर्ड्स में यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल की जब उन्होंने एशियाई विकेटकीपर-बल्लेबाजों में एक SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए, जो पूर्व में एमएस धोनी के नाम दर्ज था — अब यह रिकॉर्ड पंत के नाम हो गया है       इसके अलावा, पंत ने लॉर्ड्स में अपनी तेज़ पारी से विकेटकीपर के रूप में सबसे तेज़ 50 बनाई — जिसमें उन्होंने 6 वें छक्के भी जमा दिए ।

ऋषभ पंत ने ICC रैंकिंग में रच दिया इतिहास, बुमराह, जडेजा का जलवा भी कायम

नई दिल्ली ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की ताजा जारी रैकिंग में टेस्ट बल्लेबाजों के टॉप 10 में फिर बदलाव हुआ है. इंग्लैंड के लीड्स (हेडिंग्ले) टेस्ट में दो शतकों की वजह से दो खिलाड़ियों ने करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है.  ऑस्ट्रेलिया के एक फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज और श्रीलंका के दो बल्लेबाजों को भी रैंकिंग में फायदा मिला है.  भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भी बड़ी कामयाबी मिली है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में दो शतक लगाने के बाद पंत ने टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में करियर की सबसे ऊंची रेटिंग हासिल की है.  27 साल के ऋषभ पंत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का जलवा दिखाया है. उन्होंने पहली पारी में 134 और दूसरी पारी में 118 रन बनाए. हालांकि भारत यह मैच पांच विकेट से हार गया.  इसके बावजूद पंत को टेस्ट बल्लेबाजों की ताजा रैंकिंग में एक स्थान का फायदा हुआ और अब वो छठे नंबर पर पहुंच गए हैं.  यह उनकी करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (पांचवें नंबर) से सिर्फ एक पायदान नीचे है, जो उन्होंने 2022 में हासिल की थी. लेकिन इस बार उनका कुल रेटिंग प्वाइंट (801) अब तक का सबसे ज्यादा है. पंत अब नंबर 1 बल्लेबाज जो रूट से सिर्फ 88 रेटिंग अंक पीछे हैं.  इंग्लैंड के जो रूट टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में पहले नंबर पर बने हुए हैं. हेडिंग्ले टेस्ट में उन्होंने 28 और नाबाद 53 रन बनाए. उनके साथी और नंबर 2 पर मौजूद हैरी ब्रूक उनसे सिर्फ 15 रेटिंग अंक पीछे हैं. इंग्लैंड के ओपनर बेन डकेट को भी बड़ा फायदा हुआ है. लीड्स टेस्ट की दूसरी पारी में 149 रन की मैच विनिंग पारी के बाद वो करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (8वें नंबर) पर पहुंच गए हैं. ट्रेव‍िस हेड को ICC रैकिंग में फायदा  बारबाडोस में वेस्टइंडीज को 159 रन से हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को भी फायदा मिला है. दो अर्धशतक की वजह से वो तीन स्थान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर पहुंच गए हैं. कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के हीरो पथुम निसांका को 14 पायदान की बड़ी छलांग मिली और अब वो 17वें नंबर पर आ गए हैं. उनके साथी कुसल मेंडिस भी चार स्थान ऊपर चढ़कर 30वें नंबर पर पहुंच गए हैं. साउथ अफ्रीकी   लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक जड़कर पहली बार टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में एंट्री की है और अब वो 68वें नंबर पर हैं. गेंदबाजों की रैंकिंग में बुमराह का जलवा  भारत के जसप्रीत बुमराह टेस्ट गेंदबाजों में पहले नंबर पर कायम हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में पांच विकेट लिए थे.ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वेस्टइंडीज के जेयडन सील्स नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या एक पायदान ऊपर चढ़कर 14वें नंबर पर पहुंच गए हैं. जडेजा नंबर 1 ऑलराउंडर  भारत के रवींद्र जडेजा अब भी टेस्ट ऑलराउंडर्स में नंबर 1 पर हैं, भले ही इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन औसत रहा. साउथ अफ्रीका के वियान मुल्डर सात स्थान ऊपर आकर 15वें नंबर पर पहुंचे हैं. उनके साथी कॉर्बिन बॉश ने 42 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 19वें नंबर पर जगह बना ली है.