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टीएल बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी

  बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टाइम लिमिट (टीएल) बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।     कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटनाओं से हुई mout के मामलों में हिट एंड रन केस के अंतर्गत मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली 2 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना 1अप्रैल 2022 से लागू है और इस तिथि के बाद के पुराने प्रकरण भी स्वीकार किए जाएंगे। जिले में अब तक ऐसे चार मामले चिन्हित किए गए हैं। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 37 अस्पतालों को चिन्हांकित किया गया है। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं का ऑडिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएं।        कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत बंद हो चुकी खदानों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी खदानों को महिला स्व-सहायता समूहों को मत्स्य पालन के लिए दिया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 2,500 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 7,000 लोगों ने पंजीयन कराया है। कलेक्टर ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 75 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी खाताधारक की मृत्यु की सूचना ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय द्वारा संबंधित  बैंक को तत्काल दी जाए, ताकि परिजनों को 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम समय पर मिल सके। आगामी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण की तैयारी को लेकर कलेक्टर ने पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को 4 लाख और वन विभाग को 2 लाख पौधे तैयार रखने के निर्देश दिए।           बैठक में स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जहां आवश्यकता है वहां डीएमएफ अथवा अन्य योजनाओं से राशि उपलब्ध कराकर शौचालय निर्माण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी लिस्ट देंगे।साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों के लगभग 50 हजार लंबित अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनगणना कार्य को समय-सीमा वाला अभियान बताते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए वह तुरंत जॉइन कर अपना दायित्व निभाए। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाएं, हाईकोर्ट प्रकरण, पीएमओ पोर्टल तथा विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित: हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में हादसों का खतरा, रेल सेवाएं बाधित

चंडीगढ़  उत्तर भारत में सर्दी का असर और गहरा गया है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में लगातार तीसरे दिन घनी धुंध छाई रही, जिससे जनजीवन के साथ सड़क और रेल यातायात पर भी बड़ा असर पड़ा। सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही और वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। चंडीगढ़ में सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर और सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए चलना पड़ा। प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हरियाणा: तीसरे दिन भी राहत नहीं हरियाणा के कई जिलों में तीसरे दिन भी कोहरे का प्रकोप बना रहा। India Meteorological Department ने कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, हिसार और नूंह समेत कई जिलों में सुबह दृश्यता काफी कम दर्ज की गई। बहालगढ़: दिल्ली–सोनीपत रोड पर हादसे सोनीपत जिले के बहालगढ़ क्षेत्र में दिल्ली–सोनीपत रोड पर घने कोहरे के कारण कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कई यात्रियों के घायल होने की सूचना है। मौके पर पुलिस और राहत टीमें पहुंचीं, जबकि घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। प्रशासन की ओर से हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। महेंद्रगढ़ में भी टक्कर महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 152-डी पर देर रात घने कोहरे के कारण तीन पिकअप और तीन ट्रक आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि सभी सवार बाल-बाल बच गए, लेकिन यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।   तापमान का हाल प्रदेश में बीती रात नारनौल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। हिसार में, जहां बीते दिनों सबसे ठंडी रातें रही थीं, वहां न्यूनतम तापमान बढ़कर 5.8 डिग्री पर पहुंच गया। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जबकि नूंह में सबसे अधिक 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। नए साल से पहले बूंदाबांदी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 31 दिसंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी और मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। नए साल के आसपास हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। रेल यातायात पर असर कोहरे के कारण रेल संचालन भी प्रभावित हुआ है। अंबाला कैंट की ओर जाने वाली 26 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कालका शताब्दी, शान-ए-पंजाब और मालवा एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे बाद पहुंच रही हैं।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात रिफ्रेशर कोर्स, निरीक्षक से आरक्षक तक अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

सड़क दुर्घटना रोकने के लिये यातायात रिफ्रेशर कोर्स यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण भोपाल  सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये दुर्घटना विहीन सफर की ओर एक सार्थक प्रयास पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी/ कर्मचारियों को यातायात रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार की पहल पर जिसमें सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना जिसमें पदयात्रियों तथा सायकिल चालकों को प्राथमिकता दी गयी हो तथा भविष्य में शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु का लक्ष्य प्राप्त करना। सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षकपीटीआरआई टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4ई के प्रमुख सूत्रों जैसे एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट एवं इमरजेंसी केयरकी जानकारी दी गई। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, विक्रम रघुवंशी, उपुअ हिमांशु कार्तिकेय तथा अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस सत्र में सडक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रथमतः गोल्डन आवर के दौरान घायल व्यक्ति को बचाये जाने के लिए राहवीर, केशलेस जैसी बहुपयोगी योजनाओं कि विस्तृत जानकारी उनि. श्रीमती संध्या सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। साथ ही उमनि पीटीआरआई द्वारा वैश्विक स्तर पर जारी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को प्रशिक्षणार्थियों सामने रखा गया तथा प्राथमिक उपचार से संबंधी सीपीआर/बीएलएस का प्रशिक्षण भी डेमोन्सट्रेशन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में डॉ. मयंक दुबे तथा एस.एस. लल्ली (सेवा निवृत अपुअ) द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही तथा उनि. श्रीमती पूजा त्रिपाठी द्वारा संशोधित मोटर यान अधिनियम से संबंधी प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका को समझाया गया।  

घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ‘राह वीर’ अवॉर्ड, सरकार देगी 25 हजार व सम्मान पत्र

 सिरोही सिरोही जिला परिवहन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि योजना अंतर्गत राह वीर को 25 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए हर साल 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वैष्णव के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इस माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गोल्डन ऑवर (गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि) के दौरान पीड़ितों की जान बचाई जा सके। उन्होंने आमजन से सड़क हादसों में घायलों को बचाने के लिए तत्परता से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। कौन होगा राह वीर जिला परिवहन अधिकारी वैष्णव के अनुसार, राह वीर वह व्यक्ति है जो सद्भावपूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या मुआवजे की अपेक्षा के दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को आपातकालीन चिकित्सा देखभाल या सहायता प्रदान करता है तथा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है। राह वीर मोटर वाहन से संबंधित दुर्घटना के पीड़ित को हुई किसी भी चोट या मृत्यु के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 5.4% वृद्धि, शाम 6-9 बजे और राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे ज्यादा जोखिम भरे

भोपाल मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। NCRB की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8% है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक यात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7% केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2% मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट खराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर SUV/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2% की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।