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रोहित-विराट के भविष्य पर अश्विन ने तोड़ी चुप्पी, बोले- गंभीर को नहीं कोई दिक्कत

नई दिल्ली भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट और टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोच गौतम गंभीर को लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए, तो यह टीम के हित में सही फैसला हो सकता है। अश्विन का यह बयान उनके करियर के अंत और टीम में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। अचानक रिटायरमेंट ने चौंकाया रविचंद्रन अश्विन ने दिसंबर 2024 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के दौरान अचानक संन्यास का ऐलान किया था।ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद उनका यह फैसला पूरे क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। वह उस समय शानदार फॉर्म में थे और कई रिकॉर्ड्स तोड़ने के करीब भी थे। फिर भी उन्होंने अपने करियर को अपने फैसले के अनुसार खत्म करने का निर्णय लिया। खुद लिया फैसला, कोई पछतावा नहीं अश्विन ने कहा कि निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और मौका न मिलना इस फैसले की बड़ी वजह थी। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि अब टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं है, तो उन्होंने पीछे हटना बेहतर समझा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वापसी के लिए इंतजार करने वालों में से नहीं हैं। कोच के फैसले पर खुलकर बोले रविचंद्रन अश्विन ने कोच गौतम गंभीर का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोच का काम टीम के लिए सही फैसले लेना होता है, चाहे उसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना ही क्यों न शामिल हो। अश्विन ने साफ कहा कि अगर गंभीर को लगा कि उन्हें, विराट कोहली या रोहित शर्मा को आगे बढ़ना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला हो सकता है। ‘ईगो छोड़ना जरूरी’ अश्विन ने अपने बयान में ईगो (अहम) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि क्रिकेट में मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी खिलाड़ियों को खुद को अजेय समझने पर मजबूर कर देती है। लेकिन अगर खिलाड़ी अपने अहम को अलग रखे, तो चीजें साफ नजर आती हैं। अश्विन के मुताबिक, वह खुद भी लगातार अपने ईगो को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।  

दीपदास गुप्ता का बयान: क्रिकेटर्स के संन्यास पर किसी का अधिकार नहीं

मुंबई भारतीय एकदिवसीय क्रिेकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा और अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद संन्यास लेने की लगायी जा रही हैं। ये भी कहा जा रहा है कि ये दौरा इन दोनो का अंतिम अंतरराष्ट्रीय दौरा हो सकता है। वहीं पूर्व क्रिकेटर दीपदास गुप्ता ने कहा है कि किसी को भी ये कहने का अधिकार नहीं है कि इन्हें कब संन्यास लेना चाहिये। दासगुप्ता ने कहा, हमने उन्हें कभी शुरुआत करने के लिए नहीं कहा, इसलिए हम उन्हें यह बताने वाले कोई नहीं होते कि कब रुकना है। वे जब रुकते हैं, तब रुकते हैं।  यह पूरी तरह से उन पर निर्भर करता है। हां, जहां तक चयन का सवाल है तो हम एक प्रदर्शन-आधारित उद्योग में हैं। इसमे अगर आप प्रदर्शन करते हैं तो टीम में बने रहेंगे। मैंने हाल ही में रोहित तस्वीरें देखीं, वह फिट दिख रहे हैं, वह पूरी तरह से तैयार हैं और आने वाली चुनौती के लिए तैयार हैं। दासगुप्ता ने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि उन दोनों के पास आगे बढ़ने के लिए कुछ साल बाकी हैं। मुझे सचमुच थोड़ा गुस्सा आता है जब लोग कहते हैं, इन्हें संन्यास ले लेना चाहिए। मेरा मतलब है कि हम कौन होते हैं ऐसा सुझाव देने वाले? अगले एक साल में कम एकदिवसीय होने हैं ऐसे में दीप का मानना है कि इन दोनो को ही फिटनेस बनाये रखने के लिए आईपीएल अन्य जगहों पर भी खेलना होगा। दासगुप्ता ने कहा अगर दोनों मानदंड पूरे कर लेते हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में लीग क्रिकेट खेलने के विकल्पों पर विचार करना चाहिए।