samacharsecretary.com

राजस्थान SI भर्ती में बड़ा अपडेट: परीक्षा निरस्त, सितंबर 2026 में फिर से एग्जाम संभव

जयपुर राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 को निरस्त कर दिया है. भर्ती परीक्षा फिर से होगी, जिसकी रूपरेखा भी तय हो गई है. आरपीएससी अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू के मुताबिक, परीक्षा में केवल वे 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने पहले आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्र दिए थे. 16 मई से अभ्यर्थियों को फॉर्म में सुधार का अवसर दिया जाएगा. इस दौरान जानकारी में आवश्यक सुधार के अलावा अपडेट भी कर सकेंगे. संशोधन प्रक्रिया 30 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस और एड्रेस में बदलाव किया जा सकेगा. यह अपडेट भी जानना है जरूरी परीक्षा ओटीआर और पात्रता संशोधन से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा. एसएसओ आईडी बदलने वाले अभ्यर्थी फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प से पुराना डेटा नए प्रोफाइल में ट्रांसफर कर सकेंगे. फॉर्म में बदलाव नहीं फिर भी करना होगा ये काम आयोग ने साफ किया है कि आयु, आरक्षण और शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण 2021 के आवेदन के समय की स्थिति के आधार पर ही होगा. परीक्षा और प्रक्रिया में अगर किसी अभ्यर्थी को आवेदन में कोई बदलाव नहीं करना है. तब भी उसे एडिट मोड में जाकर ‘संशोधन की आवश्यकता नहीं' वाली घोषणा और बायोमेट्रिक उपयोग की सहमति देनी होगी. इसके बाद ओटीपी सत्यापन के जरिए आवेदन सबमिट होगा. निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. सितंबर में हो सकती है परीक्षा एसआई भर्ती 2021 परीक्षा के लिए 3 फरवरी 2021 को नोटिफिकेशन जारी हुआ. 859 पदों के लिए 13 से 15 सितंबर 2021 को भर्ती परीक्षा आयोजित हुई. इसमें 3 लाख 80 हजार अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद 20 हजार 359 अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के लिए पास हुए. 3 हजार 291 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित हुए. 1 जून 2023 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया. परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली के बाद मामला कोर्ट पहुंच गया था. हाल ही में 4 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द रखने का फैसला बरकरार रखा था. भर्ती परीक्षा का आयोजन सितंबर-2026 में होने की संभावना है.

RPSC अब हर परीक्षा के नंबर करेगा सार्वजनिक

जयपुर. राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अब उम्मीदवारों के प्राप्तांकों को लेकर चली आ रही गोपनीयता की दीवार को गिरा दिया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि अब हर भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित आरएएस (RAS) भर्ती-2023 इस नई व्यवस्था की पहली गवाह बनी है। आयोग ने न केवल परिणाम जारी किए, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंक भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इससे पहले अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत अंकों के लिए एक लंबी प्रक्रिया और समय का इंतजार करना पड़ता था। पारदर्शिता कैसे बढ़ाएगा RPSC का फैसला? RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार, आयोग की कार्यप्रणाली में यह बदलाव केवल RAS तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं और वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों के अंक भी इसी तरह सार्वजनिक किए जाएंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अभ्यर्थियों को क्या होंगे सीधे फायदे? अभ्यर्थियों को अब अपनी मेरिट और स्कोर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। छात्र यह समझ पाएंगे कि वे किस विषय में मजबूत रहे और इंटरव्यू में उनका प्रदर्शन कैसा रहा। नंबर सार्वजनिक होने से चयन प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आशंकाओं पर विराम लगेगा। आयोग अब सिर्फ कट-ऑफ नहीं बताएगा, बल्कि हर सफल उम्मीदवार की मेहनत का पूरा हिसाब (मार्क्स) वेबसाइट पर देगा। स्टूडेंट्स को अब क्या ध्यान रखना चाहिए? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्कशीट के बाद अब उम्मीद जगी है कि RPSC उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और आंसर-की विवादों को सुलझाने के लिए भी कुछ ऐसे ही कड़े और पारदर्शी कदम उठाएगा।

RPSC में डिप्टी कमांडेंट भर्ती में बिना वैकेंसी के करवाया एग्जाम

जयपुर. RPSC की ओर से 11 जनवरी 206 को डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) की भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें 17 सेंटर बनाए गए थे। जहां 255 कैंडिडेट्स ही शामिल हुए थे। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) की भर्ती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आयोग ने 4 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसमें ओबीसी और एसटी के 1-1 और एससी के दो पद थे। इस भर्ती के लिए आर्मी का एक्स कैप्टन होना जरूरी है। एक्स सर्विस मैन वर्ग के जिन 34 लोगों ने आवेदन किए, वे भी एक्स आर्मी कैप्टन हैं या नहीं, एग्जाम भी देने आए या नहीं, इस पर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। वहीं, करीब 4 हजार से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थी थे, जिन्होंने न तो फॉर्म विड्रॉ किया और न ही एग्जाम देने गए। इस कारण सिर्फ 255 लोगों ने एग्जाम दिया। जबकि आवेदन करने वालों में एक्स आर्मी मैन 34 ही हैं। अब यदि इन 34 लोगों ने आरपीएससी की क्वालिफिकेशन पूरी नहीं की तो भर्ती के सभी पद खाली रह जाएंगे। खास बात यह भी रही कि जिस वर्ग के लिए भर्ती में पद ही नहीं थे, उनमें भी सैकड़ों लोगों ने इस भर्ती के लिए फॉर्म भर दिए और कई लोगों ने एग्जाम भी दिए। बता दें, आयोग की चेतावनी के बाद 6 हजार लोगों ने आवेदन विड्रॉ कर लिए, उसके बाद भी ये स्थिति है। भर्ती और एग्जाम के यह रोचक तथ्य EWS, जनरल और MBC में कोई वैकेंसी ही नहीं थी। इसके बावजूद कैंडिडेट्स ने आवेदन किए। ST का एक पद है और 791 ने आवेदन किए, जबकि एक्स सर्विस मेन केवल एक ही है। SC के दो पद है, लेकिन आवेदन एक हजार लोगों ने किए, जबकि एक्स सर्विस मेन 3 ही है। भर्ती निकालने पर 10 हजार से ज्यादा आवेदन हुए, चेतावनी के बाद 6 हजार विड्रॉ कर लिए। RPSC ने 4 हजार 221 कैंडिडेट्स के एग्जाम की व्यवस्था की, लेकिन एग्जाम में 255 ही आए। एग्जाम एक सेंटर पर ही हो सकता था, लेकिन फॉर्म ज्यादा भरने के कारण 17 सेंटर बनाए गए। एग्जाम एक लाख के खर्चे में हो सकता था, उसके लिए आयोग को 20 लाख खर्चा करना पड़ा। मार्च 2025 में निकाली वैकेंसी – RPSC ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। वैकेंसी में आवेदन करने के लिए केवल सेना के कैप्टन स्तर के सेवानिवृत्त/त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी अथवा इमरजेंसी और शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे। बिना योग्यता वालों ने बड़ी संख्या में भरे फॉर्म इस भर्ती में बिना योग्यता वाले कई लोगों ने भी आवेदन कर दिए। ऐसे में 10 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन आए, जिनकी जांच में कई अयोग्य पाए गए। इन्हें फॉर्म वापस लेने का मौका दिया गया। आयोग ने फॉर्म विड्रॉ नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विज्ञापन के मुताबिक, योग्यताधारी अभ्यर्थियों को भी अपना सेवानिवृत्ति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन पत्र के साथ अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब 6 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म विड्रो कर लिए।