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रांची RSS ऑफिस अटैक केस में बड़ा खुलासा, दुबई और मुंबई तक जुड़े तार

 रांची  रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला मामले में एटीएस ने रविवार को रांची जिले के चुटिया में दर्ज कांड का प्रभार ले लिया है। इस केस को टेकओवर करते हुए एटीएस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच के क्रम में ही एटीएस के अधिकारियों की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची। घटना की रात आरएसएस कार्यालय में मौजूद लोगों, आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। अपराधियों के आने-जाने वाले मार्ग की भी जानकारी ली, ताकि अपराध की जांच की कड़ियों को जोड़ा जा सके। टीम ने पेट्रोल बम से हमले से जुड़े साक्ष्य को संकलित की है। एटीएस की जांच टीम ने आरएसएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है। रांची पुलिस व एटीएस की जांच में गिरफ्तार तीनों ही आरोपितों का चार राज्यों से कनेक्शन जुड़ा है, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली व मुंबई शामिल है। जांच टीम आरोपितों के विदेश से आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात, संबंधित राज्यों के अन्य सहयोगियों से मुलाकात सहित उनकी ट्रेवेल हिस्ट्री को खंगाल रही है। जांच टीम को उम्मीद है कि आरोपितों की ट्रेवेल हिस्ट्री जांच की कड़ी को आगे बढ़ाएगी। अमन का जब्त हुआ है पासपोर्ट, इंटरनेट प्लेटफार्म को भी खंगाल रही एटीएस आरएसएस कार्यालय पर हमला मामले में रांची पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों में सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू व सायम सुजान शामिल हैं। तीनों ही मूल रूप से लोहरदगा के निवासी हैं। इन तीनों ही आरोपितों में एक आरोपित अमन अंसारी उर्फ गोलू का विदेश कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने उसके पासपोर्ट को जब्त किया था। अमन का यह पासपोर्ट उसके पिता स्व. सनोफ अंसारी के निधन के बाद उसके सौतेले पिता नसीम खान ने 2022 में बनवाया था। अमन दुबई में काम करने गया था और वहीं पर उसके दिमाग में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की खौफनाक साजिश भरी गई। एटीएस सभी आरोपितों के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को भी खंगाल रही है, जिसके माध्यम से तीनों व उनके अन्य सहयोगी जुड़े थे। एटीएस इन तीनों ही आरोपितों से जुड़े अन्य सहयोगियों का डेटा भी खंगाल रही है। तीनों ही आरोपितों को एक बार फिर रिमांड पर लेकर एटीएस उनके संदिग्ध सहयोगियों का सत्यापन कराएगी। 16 जून की रात हुई थी घटना, तीन आरोपित हुए थे गिरफ्तार 16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस मामले में चुटिया थाने में 17 जून को कांड संख्या 85/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के क्रम में पुलिस ने कोडरमा के पास गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी व अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़, ईमली मोड़ के पास बड़ा तलाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है। दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी। सायम सुजान भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिससे चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ फिर से पकड़ा गया था। इस मामले में उसके विरुद्ध रांची के कोतवाली में हाजत से भागने व चान्हो में पुलिस का हथियार छिनने व मुठभेड़ मामले में भी अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज हैं। सैफ न्यायिक हिरासत में इलाजरत है, जबकि दो अन्य सहयोगी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। दुबई के भट्ठी व राणा, मुंबई के जिशान व अमृतसर के बीर का भी सत्यापन इस पूरे प्रकरण में एटीएस जांच के क्रम में चार संदिग्धों का सत्यापन कर रही है। इनमें दुबई के शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन, मुंबई के ट्रेवेल एजेंट जिशान तथा अमृतसर के बीर शामिल हैं। जांच व आरोपितों से पूछताछ में इनके नाम सामने आए हैं गिरफ्तार आरोपित अमन एसी तकनीशियन के काम के सिलसिले में दुबई गया था और वहां उसकी मुलाकात शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन से हुई थी। दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) व आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े थे। दोनों ने अमन अंसारी का ब्रेनवाश किया और हिंदुस्तान में आतंक फैलाने का टास्क सौंपा। जिशान मुंबई का ट्रेवेल एजेंट है, जिसके माध्यम से अमन ओमान व दुबई जा चुका है। जांच में अमृतसर के बीर का नाम आया है, जो आतंकियों के संपर्क में था। सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक-दूसरे से जुड़े थे। उनकी योजनाओं से संबंधित जानकारी भी जांच टीम को मिली है, जिसका सत्यापन चल रहा है। आरएसएस कार्यालय पर हमला से संबंधित वीडियो दुबई के भट्टी को भेजे जाने संबंधित सबूत भी मिले हैं, जिसके बाद जांच की कड़ी विदेशी कनेक्शन पर आगे बढ़ी है।

होटल से लेकर रेपिडो तक बना हमले का पूरा नेटवर्क, जांच में बड़ा खुलासा

रांची रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने जेल जाने से पहले कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के साथ टुकटुक (टोटो) से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था। अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों आरोपित रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर वापस कांटाटोली लौट आए। सायन के बयान से यह भी सामने आया है कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन अंसारी के नाम से कमरा बुक किया गया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया गया था। ऑटो चालक है सायन अंसारी सायन अंसारी ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। उसके पिता का टोटो है, जिसे वह चलाकर कमाई करता है। उसका ननिहाल लोहरदगा के आजाद बस्ती में है, जहां अमन अंसारी उर्फ गोलू का भी घर है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था। दिसंबर 2025 में सायन की शादी रुकसार परवीन से हुई थी और वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। सायन के अनुसार, अमन अंसारी ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपये और अतिरिक्त इनाम मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। टुकटुक में ही सभी के बीच चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है। सड़क किनारे होटल में खाना खाकर रिश्तेदार के घर गया था अमन सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों आतंकियों ने खाना खाया था। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए अपनी खाला के घर गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन अंसारी के नाम पर एक कमरा बुक कराया गया। होटल संचालक ने एक हजार रुपये लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था। होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से 10 रुपये में चिली सास की खाली बोतल खरीदी। सायन ने बताया कि दुकानदार ने उन्हें यह भी कहा था कि किसी लड़ाई-झगड़े या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली। होटल से चादर लेकिन निकले थे आतंकी सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए होटल का तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ अंसारी के मोबाइल से रेपिडो बुक किया गया। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की गई। सायन ने बताया कि रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। लोकेशन के आधार पर तीनों निवारणपुर पहुंचे, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद वे उसी रेपिडो से वापस कांटाटोली लौट आए। रेपिडो का 400 रुपये किराया अमन ने दिया। उसके पास खुले पैसे नहीं थे, इसलिए पास की एक दुकान से छुट्टा कराया गया। घटना के बाद तीनों फिर होटल लौट आए और तीनों ने राणा से तय 50,50 हजार रुपये की मांग की। इस पर राणा ने कहा कि पैसे अगले दिन सुबह दे दिए जाएंगे। हालांकि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे छिपाया कपड़ा तीनों आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान पर जाकर उन्होंने सस्ते कपड़े खरीदने की कोशिश की, लेकिन वहां 100-150 रुपये के कपड़े नहीं मिले। इसके बाद दूसरी दुकान से 150-150 रुपये में कपड़े खरीदे गए। अमन और सैफ ने अपने पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया। पहले जाना था लखनऊ लेकिन डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से गए कानपुर सायन ने बताया कि राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर करीब पौने तीन बजे एक ट्रेन कानपुर जाती है। दोनों ने आपस में बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गया, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए

झारखंड: RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंकने वाले दो आरोपी ट्रेन से दबोचे गए

 रांची झारखंड की राजधानी रांची में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो व्यक्तियों ने दो बार पेट्रोल बम से हमले किए. ये हमले मंगलवार की रात 12:36 बजे और 12:39 बजे हुए. घटना के बाद दोनों आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भाग रहे थे. जिन्हें एसआइटी ने बुधवार की देर रात कोडरमा जंक्शन पर गिरफ्तार कर लिया. दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए लोहरदगा से रांची आए थे. इधर जब कोडरमा में आरोपियों की पहचान की गई, तब तक ट्रेन खुल चुकी थी. फिर आरोपियों को गया के रफीगंज में ट्रेन से उतारा गया है. अब पुलिस उनसे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. जिसमें नए तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है. जानमाल की नहीं हुई क्षति रांची में कार्यालय पर पहली बार ऐसा हमला किया गया है. जिस समय बम फेंका गया, उस समय संघ कार्यालय में करीब 20 लोग मौजूद थे. गनीमत रही कि किसी तरह की क्षति नहीं हुई. अगर ब्लास्ट शक्तिशाली रहता, तो जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती थी. बुधवार की दोपहर में एनआइए की टीम भी जांच करने पहुंची थी. वहां पर इस टीम ने भी जांच की और संघ के पदाधिकारियों से मामले में जानकारी ली. इससे यह संभावना बढ़ गई है कि मामले की जांच एनआइए अपने हाथ में ले सकती है. दो बम फेंके गए आरएसएस कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर के इंट्री गेट के पास सॉस की शीशे की बोतल से बना पेट्रोल बम फेंका गया. इस क्रम में उसका शीशा टूट गया, जिससे बम नहीं फटा. वहीं दूसरा पेट्रोल बम आरएसएस कार्यालय की छत पर फेंका गया, जिसने काफी रोशनी के साथ ब्लास्ट किया. इसे कोल्डड्रिंक्स की बोतल से बनाया गया था. तीन संदिग्ध भी हिरासत में घटना के बाद एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया. टीम अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले पुलिस ने घटना के बाद तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था. जिनसे पूछताछ जारी है. इसके साथ ही घटनास्थल से कुछ दूरी पर दो ओर जाने वाले मार्गों में लगे सीसीटीवी की भी पुलिस पड़ताल कर रही है. घटना में शामिल एक बाइक और एक कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की है. संभव है कि उक्त गाड़ियां चोरी की हों या फिर उन पर लगा नंबर प्लेट फर्जी हो. जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे. इधर वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि कार्यालय के बाहर सड़क पर दो व्यक्ति आए. घटना को अंजाम देते वक्त दोनों ही बेखौफ दिख रहे थे. लेकिन जैसे ही एक युवक ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका कि उसके चेहरे से गमछा हट गया. वहीं उसके पीछे खड़े युवक ने एक हाथ से गमछा के सहारे अपने चेहरे को ढंक कर रखा था और दूसरे हाथ से मोबाइल से पेट्रोल बम फेंकने का वीडियो बना रहा था. दोनों पेट्रोल बम फेंकने से पहले लाइटर से उसके पलीते को जलाया गया.