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चैकिंग के दौरान ट्रक ने ड्यूटी पर तैनात RTO इंस्पेक्टर के ड्राइवर को कुचला

जयपुर. जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र के हिंगोनिया टोल प्लाजा के पास रिंग रोड पर रविवार दोपहर ड्यूटी के दौरान हादसे में RTO इंस्पेक्टर के वाहन चालक की मौत हो गई। परिवहन निरीक्षक असगर अली खां के अनुसार हिंगोनिया टोल प्लाजा पर वाहनों की चैकिंग और चालान की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान आगरा रोड की ओर से आए एक अज्ञात ट्रक ने परिवहन जाप्ते में संविदा पर लगे कार चालक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक हादसे के शिकार व्यक्ति की पहचान राजाराम रावत (48) निवासी पनियाला, कोटपूतली के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस आगरा रोड से आए ट्रक चालक की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। राजस्व टारगेट का दबाव परिवहन विभाग में राजस्व टारगेट पूरा करने के लिए सभी आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं। इसके कारण अधिक से अधिक वाहनों पर कार्रवाई कर सड़क पर आरटीओ उड़नदस्तों की ओर से चालान किए जा रहे हैं। समय पर टारगेट पूरा करने का दबाव भी लगातार बना हुआ है।

आरटीओ के चक्कर खत्म, पंजाब में घर बैठे उपलब्ध होंगी सेवाएं

चंडीगढ़  पंजाब में आरटीओ को फेसलेस करना आम आदमी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। वर्षों से लोग ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और वाहन पंजीकरण जैसे कामों के लिए आरटीओ दफ्तरों में लंबी कतारों, दलालों और अनावश्यक देरी से परेशान रहते थे। अब इस व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू की गई फेसलेस योजना के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 सेवाएं अब सेवा केंद्रों से मिलेंगी। लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या 1076 नंबर पर कॉल कर सहायता ले सकते हैं। खास बात यह है कि सेवा केंद्र के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर लोगों के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बदलाव से लोगों का समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों की बचत होगी। अब किसी को छुट्टी लेकर आरटीओ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दलालों पर निर्भरता खत्म होगी और हर व्यक्ति को तय समय में सेवा मिलने की गारंटी होगी। आरटीओ दफ्तर अब केवल ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो खिंचवाने और आरसी रिन्यू कराने जैसे जरूरी कामों के लिए ही जाना होगा। बाकी सभी सेवाएं डिजिटल और फेसलेस होंगी। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। सरकार का यह कदम दिखाता है कि प्रशासन अगर नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर काम करे, तो सरकारी सेवाएं भी निजी सेवाओं की तरह सरल और भरोसेमंद बन सकती हैं।

खुशखबरी: पंजाब में घर बैठे आसानी से उपलब्ध होंगी ये सेवाएं

कपूरथला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य में फेसलैस आर.टी.ओ. सेवाएं शुरू की हैं। अब पंजाबी नागरिक अपने घरों में बैठकर ही ड्राइविंग लाइसैंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से जुड़ी 56 महत्वपूर्ण सेवाएं ऑनलाइन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे। अब लोग 1076 पर एक कॉल करके अपना ड्राइविंग लाइसैंस, आर.सी. और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। लोगों को भ्रष्टाचार, असुविधा और बिचौलियों से मुक्ति मिल रही है और ऐसा देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी पहली बार हो रहा है। राज्य में पहली बार फेसलैस आर.टी.ओ. सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इस पहल को वास्तव में परिवहन विभाग में एक डिजिटल क्रांति कहा जा सकता है क्योंकि लोगों को अब ये सेवाएं उनके घर-द्वार पर मिलेंगी। ड्राइविंग लाइसैंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र से जुड़ी कुल 56 प्रमुख सेवाओं को अब पूरी तरह से फेसलैस कर दिया गया है। अब नागरिकों को आर.टी.ओ. कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे क्योंकि ये सेवाएं पंजाब भर में स्थापित सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाएंगी और इन केंद्रों के कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया गया है। लोगों को आर.टी.ओ. कार्यालयों में काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था और आज के दिन यह असुविधा समाप्त हो रही है, जिससे आम आदमी को काफी लाभ हो रहा है। इस पहल से आम आदमी को होने वाली असुविधा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। यह राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरैंस नीति के अनुरूप है।  इससे पहले राजस्व सुधारों से लोगों को काफी लाभ हुआ है जिससे लोगों को बड़े पैमाने पर सशक्त बनाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा और उनकी सेवाओं का राज्य सरकार द्वारा उनकी योग्यता के अनुसार अन्य विभागों में उचित उपयोग किया जाएगा। पहले लोगों को परेशान करने के लिए रिबन काटे जाते थे, लेकिन अब राज्य सरकार उन्हें व्यापक सुविधा प्रदान करने के लिए कार्यालयों पर ताला लगा रही है। राज्य सरकार ने लोगों की अनावश्यक लूट को रोकने के लिए अब तक पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। इस सुविधा के लागू होने से लोगों को अब आर.टी.ओ. दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग सेवा केंद्रों और 1076 हैल्पलाइन के माध्यम से भी ये सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब लर्नर्ज लाइसैंस आधार ई-के.वाई.सी. वेरिफिकेशन के जरिए तुरंत जारी किए जाएंगे, जिससे नए ड्राइवरों के लिए प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इसके साथ ही, फैंसी नंबरों की नीलामी प्रणाली भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे इच्छुक लोग पारदर्शी तरीके से अपनी पसंद के नंबर प्राप्त कर सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान परिवहन विभाग ने कुल 29,23,390 आवेदनों पर कार्रवाई की,जिनमें से 19,63,209 वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से और 9,60,181 ड्राइविंग लाइसैंस सेवाओं से संबंधित थे। ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब सरकार की डिजिटल माध्यम से सेवाएं देने की कोशिश बहुत तेजी से सफल हो रही है।

फेसलेस सर्विस प्रोजेक्ट के तहत परिवहन विभाग ने सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 51 की, लाइसेंस बनाना हुआ आसान

भोपाल  अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या बैंक कर्ज अदा होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने फेसलेस सर्विस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के तहत सेवाओं की संख्या 51 कर दी है।इसकी शुरुआत परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, सचिव मनीष सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे। परिवहन मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित किया गया। ऐसे ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ     आवेदन और स्वीकृति अब ‘वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल से।     आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी और आपत्तियों की सूचना मिलेगी।     शादी, पार्टी या सीजनल बिजनेस के लिए बसों के अस्थाई परमिट ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से मिलेंगे।     वाहन कर जमा करना हो या अन्य राज्यों के वाहनों का टैक्स सब कुछ ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल से होगा।     प्रदूषण जांच को पारदर्शी बनाने के लिए पीयूसी 2.0 सिस्टम लागू किया गया है।     जल्द ही प्रदेश में ई-डिटेक्शन चालान प्रणाली लागू होगी। नियम उल्लंघन पर स्वत: चालान कटेगा। 51 सेवाएं हुईं फेसलेस नई व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता-नाम बदलवाना, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल परमिट, अस्थाई परमिट जैसे काम ऑनलाइन होंगे। आवेदकों को सभी प्रमाणपत्र व दस्तावेज कोरियर के माध्यम से घर भेजे जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फेसलेस सेवा की शुरुआत भोपाल से हुई है। विभाग जल्द ही इसे पहले प्रदेश के बड़े शहर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में लागू करेगा, इसके बाद पूरे प्रदेश में विस्तार होगा। मंत्री बोले- विभाग के कई पद खाली पड़े उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में कई पद खाली पद खाली पड़े हुए हैं। इन हालात में काम करना आसान नहीं है। यह विभाग प्रदेश के उन विभागों में गिना जाता है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। आज भी केवल 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पद पदोन्नति, रिटायरमेंट और अन्य कारणों से खाली पड़े हुए हैं। पहले लाइसेंस या वाहन पंजीयन जैसी साधारण सेवाओं के लिए लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों और बिचौलियों का बोलबाला था। आने वाले समय में विभाग में 175 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

RTO ने कसा शिकंजा: कानपुर देहात में 1400 वाहन मालिकों पर नोटिस, बकाया रोड टैक्स ₹47 करोड़

कानपुर  कानपुर देहात आरटीओ विभाग ने रोड टैक्स बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में करीब 46 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने की वजह से विभाग ने 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया है. विभाग का कहना है कि यदि वाहन मालिक समय पर टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) निरस्त कर दी जाएगी. आरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि जिले में हजारों वाहन टैक्स बकाया सूची में हैं. इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और नोटिस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो संबंधित वाहनों की आरसी को भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. इस स्थिति में वाहन सीज करने या नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है. टैक्स वसूली को लेकर आरटीओ विभाग हुआ सख्त विभाग ने वाहन मालिकों को सुविधा देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर डालकर ओटीपी और एसबीआई पेमेंट गेटवे से भुगतान किया जा सकता है. वहीं, विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन भुगतान की व्यवस्था भी की गई है. जिले में 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया आरटीओ विभाग ने साफ कर दिया है कि अब बकाया टैक्स वालों के खिलाफ कड़ाई से कदम उठाए जाएंगे. इसके साथ ही नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और वाहन मालिकों को समय-समय पर संदेश भेजकर जागरूक भी किया जा रहा है. विभाग का उद्देश्य न केवल राजस्व वसूली बढ़ाना है बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की वैधता सुनिश्चित करना भी है.

जांच के घेरे में सौरभ शर्मा: करोड़पति कांस्टेबल की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट सतर्क, जांच तेज

भोपाल  जबलपुर हाईकोर्ट में  आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल से करोड़पति बिल्डर बने सौरभ शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ईडी ने सौरभ शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों समेत 12 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है, जिसके बाद शर्मा 4 फरवरी से न्यायिक हिरासत में हैं। जिला न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शर्मा ने हाईकोर्ट में अपील की थी। 12 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज है मामला हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं। लोकायुक्त ने आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर दबिश दी थी। बेनामी संपत्ति मिलने पर ईडी ने सौरभ शर्मा सहित उसके पारिवारिक सदस्यों समेत 12 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। 4 फरवरी से पुलिस की अभिरक्षा में है सौरभ आरोपी सौरभ शर्मा विगत 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। ईडी द्वारा दर्ज प्रकरण में जिला न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान सौरभ शर्मा के वकील ने दलील दी कि ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्ति सौरभ शर्मा के नाम पर नहीं है और उनका उन संपत्तियों से कोई लेना-देना नहीं है। 108 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच ईडी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विक्रम सिंह ने अदालत को बताया कि सह-आरोपियों का कहना है कि सौरभ शर्मा ने उनके नाम पर उक्त संपत्तियां खरीदी हैं। ईडी के अधिवक्ता ने एकलपीठ को बताया कि 108 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जिसे सौरभ शर्मा ने सह-आरोपियों के नाम पर खरीदा था। अटैच की गई संपत्ति से संबंधित एक सिविल प्रकरण दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। आरोपी सौरभ शर्मा द्वारा अवैध रूप से अर्जित धन से उक्त संपत्तियां खरीदी गई थीं। जिला न्यायालय में खारिज हुई थी जमानत अर्जी मामला तब शुरू हुआ जब लोकायुक्त ने आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा और बेनामी संपत्ति का पता लगाया। इसके बाद, ईडी ने शर्मा, उनके परिवार और 12 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। शर्मा को 4 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। शर्मा ने जिला न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की।