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एआई आधारित वॉइस चैटबॉट और ई-जनसुनवाई व्यवस्था का अवलोकन कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशिक्षण एवं एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 एवं संपर्क पोर्टल की कार्यप्रणाली का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तरीय डैशबोर्ड का बारीकी से अवलोकन करते हुए आमजन की समस्याओं के पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एआई आधारित वॉइस चैटबॉट की कार्यप्रणाली परखी निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने संपर्क पोर्टल पर संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वॉइस चैटबॉट की कार्यप्रणाली को परखा। उन्होंने कहा कि चैटबॉट के माध्यम से मिल रहे ग्रीवेंस रिस्पॉन्स सराहनीय हैं। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि वॉइस चैटबॉट के जरिए ग्रीवांस रिड्रेसल व्यवस्था में और अधिक सकारात्मक एवं गुणात्मक सुधार लाया जाए, ताकि परिवादियों को सहजता से अपनी बात रखने और त्वरित समाधान का लाभ मिल सके। केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए पृथक श्रेणीकरण का सुझाव गुहा ने समीक्षा के दौरान सुझाव दिया कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एवं केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लाभ से संबंधित प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं को अलग से श्रेणीबद्ध किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं से जुड़े प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी और पात्र लाभार्थियों तक उनका हक समयबद्ध रूप से पहुंच सकेगा। ई-जनसुनवाई में सीधे सुनीं आमजन की समस्याएं महानिदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित ई-जनसुनवाई व्यवस्था का भी प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने जनसुनवाई के माध्यम से जुड़े परिवादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

जैसलमेर में कॉल सेंटर निरीक्षण: पेयजल और बिजली शिकायतों का तुरंत समाधान

जयपुर राज्य सरकार द्वारा आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संचालित राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में सोमवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं जैसलमेर जिले के प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा ने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित शिकायतों, उनके निस्तारण की प्रगति, संतुष्टि स्तर तथा लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के सही श्रेणीकरण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर निरीक्षण के दौरान मीणा ने बाढ़, अतिवृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति, राहत सहायता तथा अन्य आपदा संबंधी शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का विषयानुसार उचित श्रेणीकरण सुनिश्चित किया जाए। इससे संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को एम्प्लोई श्रेणी में दर्ज किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार शिकायतों का तार्किक पुनः श्रेणीकरण किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अर्जेंट श्रेणी में दर्ज सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर समीक्षा के दौरान विशिष्ट शासन सचिव श्री महावीर प्रसाद मीणा ने शिकायत निस्तारण व्यवस्था की समग्र प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतकर्ताओं के संतुष्टि प्रतिशत को और अधिक बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बुनकर संघ से संबंधित शिकायतों की भी अलग से समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी समाधान के निर्देश प्रदान किए। कॉल सेंटर से परिवादियों के अभाव-अभियोग सुने, त्वरित समाधान के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर के माध्यम से विभाग एवं जैसलमेर जिले से संबंधित विभिन्न परिवादियों से दूरभाष पर संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिवादों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई जैसलमेर निवासी सत्तार खान ने क्षेत्र में स्थित सरकारी ट्यूबवेल के लंबे समय से खराब होने के कारण उत्पन्न पेयजल संकट की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने तत्काल जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता से दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल की मरम्मत पूर्ण होने तक प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा खराब ट्यूबवेल को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दुरुस्त किया जाए। एक वर्ष से खराब रोड लाइट हुई दुरुस्त, परिवादी को मिली राहत जैसलमेर निवासी श्री गीगाराम ने क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से रोड लाइट खराब होने के कारण अंधकार एवं आवागमन में हो रही परेशानी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर विशिष्ट शासन सचिव ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए रोड लाइट को दुरुस्त कराया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

181 हेल्पलाइन पर त्वरित समाधान की समीक्षा, नथमल डिडेल ने लंबित मामलों पर जताई सख्ती

जयपुर वित्त (कर) विभाग के विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वित्त विभाग से संबंधित आमजन की शिकायतों के निवारण की स्थिति, पोर्टल की कार्यप्रणाली और दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री डिडेल ने 'राजस्थान संपर्क स्टेट व्यू' डैशबोर्ड के माध्यम से वित्त विभाग से जुड़े लोक सेवा गारंटी और अन्य परिवेदनाओं के आंकड़ों का लाइव अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभावनाओं के अनुरूप आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। पोर्टल पर उपलब्ध सांख्यिकी की समीक्षा करते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने बताया कि वित्त विभाग के अंतर्गत अब तक कुल 1,024 शिकायतें पंजीकृत की गई हैं, जिनमें से 913 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, उन्होंने अधिकारियों को इन लंबित मामलों को तय समय-सीमा में जांच कर क्लोज करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान श्री डिडेल ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के लिए पाबंद किया। निरीक्षण के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित राहत पाने वाले विभिन्न आवेदकों से वार्ता में बेहद सकारात्मक परिणाम और जनता का संतोष देखने को मिला। पोर्टल पर दर्ज शिकायत के संबंध में बात करने पर दिव्यांग लाभार्थी डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि उन्हें कम्यूटेशन (कम्युटेशन की राशि) और 300 पी.एल. की राशि का भुगतान प्राप्त हो चुका है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित इस सुगम व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री महोदय का विशेष आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, एक अन्य शिकायत के मामले में दीनदयाल जी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी उनकी कम्यूटेशन और 300 पी.एल. की बकाया राशि का भुगतान मिल चुका है, जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रति सहर्ष धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्रथम अपील के शीघ्र निस्तारण हेतु आवेदन करने वाले आशु जी की परिवेदना का भी संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित समाधान किया गया, जिस पर उन्होंने भी इस विशेष सुविधा के लिए मुख्यमंत्री महोदय के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने 'टाइमलाइन पेंडेंसी' का विश्लेषण करते हुए संतोष व्यक्त किया कि 181 से 365 दिनों से अधिक का कोई भी मामला गंभीर रूप से लंबित नहीं है और वर्तमान में अधिकांश लंबित प्रकरण  30 दिनों के भीतर की श्रेणी में हैं। उन्होंने जीएसटी  चोरी से संबंधित शिकायतों के विषय में गंभीरता दिखाते हुए शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि इस संबंध में एक विशेष कमेटी का गठन कर पूरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण रूप से जांच करवाई जाएगी। विभिन्न स्तरों L1, L2 व L3 पर मैप्ड अधिकारियों के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान धरातल पर होना चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं