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सरकार की तैयारी पूरी: 30–35 लाख सीएफटी बालू स्टॉक से निर्माण कार्य जारी रहेंगे

पटना बिहार की प्रमुख नदियों से बालू खनन पर सोमवार, 15 जून से रोक लग जाएगी। राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा जारी पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार मानसून अवधि में नदियों से बालू का खनन 15 जून से 15 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान किसी भी बालू घाट से वैध खनन की अनुमति नहीं होगी। खनन बंदी के बावजूद निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। जिलों में लगभग 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (सीएफटी) बालू का बफर स्टाक सुरक्षित रखा गया है। इसी स्टाक से निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति की जाएगी, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट या कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। सरकार ने मानसून अवधि में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। खान एवं भूतत्व विभाग ने 11 जून को सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी में बढ़े जल स्तर और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष यह प्रतिबंध लागू किया जाता है। सरकार का उद्देश्य एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है, वहीं दूसरी ओर निर्माण गतिविधियों के लिए बालू की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना है। बालू लदा ट्रैक्टर चालक सहित गिरफ्तार गया के मैगरा थाने की पुलिस ने शनिवार देर रात गुड्डी फील्ड इलाके में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को क्षेत्र में अवैध रूप से बालू ढुलाई की सूचना मिली थी इसी आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। गुड्डी फील्ड के समीप एक ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई, जिसमें बालू लदा पाया गया। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चालक राजकेश्वर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

झारखंड में बालू आपूर्ति सुधार की कवायद, 6 घाटों से खनन शुरू करने की तैयारी

रांची झारखंड में बालू की आपूर्ति सामान्य करने के लिए खान विभाग ने नीतिगत बदलाव के बाद अब सभी जिलों को निर्देश देना शुरू कर दिया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बालू खनन पर रोक हटने के साथ ही शनिवार होने के बावजूद छह बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर दिया गया है। इन्हीं घाटों से कई करोड़ सीएफटी बालू का प्रबंध हो जाएगा। राज्य में 29 और बालू घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई को अनुमति मिलने के बाद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। दुमका समेत कई और जिलों के बड़े बालू घाटों से संबंधित कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। सरकार के लिए राहत की बात यह भी है कि अधिसंख्य बड़े घाटों को ईसी मिल चुकी है और कहीं भी बालू की कमी नहीं है। अनुमान के मुताबिक झारखंड के बालू घाटों पर नौ करोड़ घन फीट से अधिक बालू का स्टाक है जिसे आने वाले दिनों में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस बार सरकारी कार्यों के लिए भी बालू खरीदने पर चालान कटाने का नियम लागू किया गया है। पहले चरण में जिन छह घाटों को खनन की स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें दो रांची में स्थित हैं, दो बोकारो और दो जमशेदपुर में। इसके अलावा तमाम कागजी पूर्ण कर चुके बालू घाटों में दुमका में पांच, खूंटी में दो, जामताड़ा में तीन, हजारीबाग में छह, रांची में एक, गोड्डा में चार को अनुमति मिल जाएगी। इसी तरह पूर्वी सिंहभूम में एक, रामगढ़ में तीन एवं लातेहार में चार बालू घाटों को एक-दो दिनों में अनुमति प्रदान किए जाने की उम्मीद है।