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नगर निगम मुख्यालय में बैठक, चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानों की अनुमति तय, सैंडविच और चाइनिज स्टॉल को सूची में शामिल करने पर चर्चा

इंदौर  सराफा चाट-चौपाटी की व्यवस्था सुधारने को लेकर बनाई गई कमेटी की शुक्रवार दोपहर निगम मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें चौपाटी में लगाई जाने वाली परंपरागत दुकानों को लेकर चर्चा होना थी, लेकिन बैठक अधूरी रही। वहीं चाट-चौपाटी एसोसिएशन अध्यक्ष राम गुप्ता ने बैठक में 70 दुकानों की सूची सामने रखी। पूर्व में बनाए गए दिशा-निर्देश के हिसाब से परंपरागत दुकानों को सूची में शामिल करना था लेकिन इसमें परंपरागत व्यंजनों के दुकानदार शामिल नहीं थे। सूची में सैंडविच की एक दुकान भी शामिल थी। इस पर राजस्व प्रभारी ने सवाल उठाया कि सैंडविच कब से परंपरागत व्यंजन हो गया। बैठक में सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी, नगर निगम राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया इसमें शामिल हुए। अपर आयुक्त सिसोनिया ने सूची में तीन दर्जन से ज्यादा ऐसी दुकानें चिह्नित कीं। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि पूर्व में ही यह तय हुआ था कि परंपरागत व्यंजनों को ही अनुमति दी जाएगी, इसके बावजूद सैंडविच और चाइनिज व्यंजनों की दुकानों को सूची में शामिल किया। अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सराफा चाट-चौपाटी में आग जलाने की अनुमति नहीं रहेगी। चौपाटी में बेचे जाने वाले व्यंजनों की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि वे दोबारा सूची तैयार करें। दो दिन में वे खुद सराफा चौपाटी आकर वास्तविकता जांचेंगे।

त्योहारी सीजन के बाद सराफा चौपाटी पर बड़ा फैसला, व्यापारियों और महापौर की अहम बैठक होगी

इंदौर  शहर की प्रसिद्ध रात्रिकालीन सराफा चौपाटी के नए स्वरूप को लेकर त्योहारी सीजन के बाद अहम बैठक होगी। इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर चौपाटी के भविष्य पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दुकानों की संख्या, उनके स्थान और चौपाटी के समग्र प्रबंधन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। क्या है व्यापारियों की योजना? इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार, व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही महापौर से मिलेगा। उनकी प्रमुख मांग है कि सराफा चौपाटी में लगने वाली दुकानों की संख्या को 60 से 65 तक सीमित किया जाए। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा कि सभी दुकानें सड़क के एक ही तरफ लगाई जाएं, ताकि आगंतुकों को घूमने-फिरने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। व्यापारियों का यह भी कहना है कि चौपाटी में केवल पारंपरिक और वर्षों से लग रही दुकानों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समिति की बैठक भी जल्द सराफा चौपाटी के सुचारू संचालन और प्रबंधन के लिए बनाई गई समिति की बैठक भी त्योहारी सीजन के बाद होने की संभावना है। यह समिति व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करेगी और चौपाटी के नए नियमों को अंतिम रूप देने में अपनी भूमिका निभाएगी। इस बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इंदौर की यह प्रसिद्ध चौपाटी भविष्य में किस स्वरूप में नजर आएगी।