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श्रमिकों के बच्चों के लिए “मेधा छात्र उन्नयन छात्रवृत्ति योजना” प्रारंभ करने का निर्णय

भोपाल श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रमिक कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने यह निर्देश मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल, मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल तथा मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दिए। मंत्री  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। नई श्रम संहिताएं श्रमिकों को नया संरक्षण प्रदान करते हुए उनके कल्याण के लिए संचालित व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप श्रम कल्याण संबंधी प्रावधानों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जाए, जिससे कर्मचारी और नियोक्ता के मध्य बेहतर संबंध स्थापित हों और औद्योगिक विकास को गति मिले। श्रम मंत्री  पटेल की पहल पर श्रमिकों के बच्चों के लिए “मेधा छात्र उन्नयन छात्रवृत्ति योजना”। प्रारंभ करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश और सीबीएसई बोर्ड में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले 100 मेधावी विद्यार्थियों को 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अलावा, श्रमिकों को स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए प्रदेश के 422 संस्थानों में योग गतिविधियां चलाई जा रही हैं। बुरहानपुर और नरसिंहपुर में आदर्श श्रम कल्याण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जबकि इंदौर और ग्वालियर में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। बैठक में जानकारी दी गई कि नई श्रम संहिताओं (वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं नियम-2026) के माध्यम से श्रमिकों को अधिक सुरक्षा और सुविधाएं मिलेंगी। इसके तहत न्यूनतम वेतन का दायरा सभी वर्गों तक बढ़ाया गया है, मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह सुनिश्चित किया गया है तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, असंगठित श्रमिकों के उपचार के लिए शीघ्र ही एक नई स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की जाएगी और पंजीकृत श्रमिकों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की जाएगी। निर्माण श्रमिकों के कल्याण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मंडल द्वारा प्रसूति सहायता योजना में 190.84 करोड़ रुपये और अनुग्रह सहायता में 23.36 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 92.95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। बैठक में योजनाओं की बेहतर निगरानी के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट कराने तथा मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने पर सहमति बनी। श्रमिकों तक सीधी मदद पहुंचाने के लिए 'श्रम साथी योजना' के तहत स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप भोपाल के पांच महाविद्यालयों में श्रम एवं कौशल आधारित शिक्षा की पायलट परियोजना भी शुरू की जाएगी। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।  

विदेश में पढ़ाई का सपना हुआ साकार! छात्रवृत्ति योजना से बालाघाट के राजवर्धन का LSE में चयन

पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना दे रही विदेश अध्ययन के सपने को उड़ान बालाघाट के राजवर्धन का ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ में चयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यमंत्री श्रीमती गौर का जताया आभार भोपाल बालाघाट की वारासिवनी तहसील के ग्राम सांवगी निवासी राजवर्धन राणा ने अपनी प्रतिभा और लगन के बल पर पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। राजवर्धन का चयन इंग्लैंड की प्रसिद्ध शिक्षण संस्था ‘द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस’ में ‘मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन’ पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर वैश्विक स्तर की इस प्रतिष्ठित संस्था तक पहुँचने में मध्यप्रदेश शासन की 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' ने अहम भूमिका निभाई है। आर्थिक रूप से सीमित किंतु होनहार विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना' के तहत राज्य शासन राजवर्धन को पूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान कर रहा है। पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष की फीस के रूप में 40 लाख 70 हजार 736 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्वाह भत्ता (लिविंग अलाउंस), आकस्मिकता भत्ता, बीमा राशि और हवाई यात्रा का किराया भी राज्य शासन द्वारा वहन किया जा रहा है। राजवर्धन राणा ने अपनी इस सफलता पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर समेत पूरे प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस दूरदर्शी योजना के बिना उनके लिए इतने बड़े संस्थान में पढ़ने का सपना साकार करना संभव नहीं था। राजवर्धन ने कहा यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, परिश्रम निष्ठापूर्वक किया जाए और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ उठाया जाए, तो सीमित संसाधन सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकते। वे भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। राजवर्धन जैसे कई छात्र विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के ज़रिए विदेश में पढ़ाई के अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार उन मेधावी और होनहार युवाओं को एक मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करती है, जो प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन आर्थिक सीमाओं के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। योजना के बारे में जानिए पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पोस्ट-ग्रेजुएशन, पीएचडी या रिसर्च की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस का भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। पढ़ाई के खर्च के साथ-साथ रहने और यात्रा का खर्च भी सरकार वहन करती है। योजना में निर्वाह भत्ता (लिविंग अलाउंस), आकस्मिक व्यय, स्वास्थ्य बीमा, वीज़ा शुल्क और विदेश जाने-आने का हवाई यात्रा (इकोनॉमी क्लास) का खर्च भी शामिल है। योजना के लिए पात्रता     छात्र-छात्रा मध्यप्रदेश के मूल निवासी और पिछड़ा वर्ग श्रेणी (नॉन क्रीमी लेयर) के अंतर्गत आते हों।     पिछली परीक्षा प्रथम श्रेणी (कम से कम 60% अंक) के साथ उत्तीर्ण की हो।     आवेदक की आयु 35 वर्ष से कम हो।     विद्यार्थी ने विदेश के किसी मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय/संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो।  

कालीबाई और देवनारायण स्कूटी योजना में DBT लागू, 70 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने छात्राओं के लिए चलाई जा रही अपनी महत्वाकांक्षी स्कूटी योजनाओं में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है. अब मेधावी छात्राओं को स्कूटी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि सरकार सीधे उनके बैंक खाते में स्कूटी की रकम ट्रांसफर करेगी. कालीबाई भील और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत लिया गया यह फैसला न केवल सरकारी टेंडर और खरीद की जटिलताओं को खत्म करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी पूरी तरह समाप्त कर देगा. 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर चलते हुए सरकार का लक्ष्य अब छात्राओं को यह आजादी देना है कि वे अपनी पसंद की गाड़ी खुद चुन सकें और योजना का लाभ बिना किसी देरी के सीधे उनके हाथों में पहुंचे. छात्राओं को मिलेगा DBT के जरिए लाभ भजनलाल सरकार के फैसले के बारे में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से सभी छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा. हमने योजना में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है. इसका उद्देश्य लोगों तक योजना का फायदा सीधे पहुंचना है. बीच में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को खत्म करना भी इसका उद्देश्य है. राज्य सरकार ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत स्कूटी देने के बजाय उनके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी. स्कूटी के लिए सरकार की तरफ से छात्राओं को 70 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए जाएंगे. इससे विभाग को टेंडर प्रक्रिया, खरीद, भंडारण और वितरण जैसी जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी. पहले 26 हजार छात्रों के खाते में भेजा जाएगा पैसा मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि इस नए बदलाव के तहत सबसे पहले 2024-25 सत्र की 26 हजार छात्राओं के खाते में राशि भेजी जाएगी. इसके बाद 2025-26 सत्र की 25 हजार से अधिक छात्राएं लाभान्वित होंगी. कुल मिलाकर इन योजनाओं के तहत करीब 350 करोड़ रुपये छात्राओं के खातों में डाले जाएंगे.  उन्होंने कहा कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से चरणबद्ध प्लानिंग की गई है. यह पैसा बालिकाओं के खाते में वाउचर के माध्यम से ही दिया जाएगा. ताकि बालिकाएं अपनी पसंद की स्कूटी खरीद सकें. साथी भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति हमारी बनी रहेगी. छात्राओं को क्या करना होगा काम इस बड़े बदलाव के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति के संयुक्त निदेशक ने सभी प्राचार्य और जिला नोडल अधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें निर्देश दिया गया कि वर्ष 2024-25 की स्थाई वरीयता सूची में चयनित 25977 छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्रों को निम्न सूचनाएं आनलाइन आवेदन पत्र पर अपडेट किये जाने के लिए सम्बन्धित छात्राओं के स्तर पर फॉरवर्ड किया जायेगा.     खाताधारक का नाम     बैंक नाम     खाता संख्या     IFSC कोड     मोबाइल नंबर     छात्रा द्वारा आनलाइन आवेदन पत्र में Passbook/ Cancel Cheque अपलोड किया जायेगा. छात्रा द्वारा उपरोक्त सूचना अंकित करने के बाद आवेदन पत्र जिला नोडल महाविद्यालय को फारवर्ड किये जायेंगें. सभी प्राचार्य/नोडल अधिकारी उक्त सूचनाओं की जांच चयनित छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड किये गये पासबुक/कैन्सिल चैक से की जायेगी. ध्यान दें कि आवेदन पत्र में अंकित खाता सम्बन्धित छात्रा का ही हो.