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मंत्री टेटवाल ने “स्कूल चलें हम” के तहत प्रवेशोत्सव में पुस्तक और मिठाई वितरण कर विद्यार्थियों का किया उत्साहवर्धन

भोपाल राजगढ़ के सारंगपुर के पीएम  ग्रुप शाला स्कूल में प्रवेशोत्सव में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें अपने हाथों से मिठाई और पुस्तकें वितरित कीं। नए सत्र के पहले दिन बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दिया। मंत्री  टेटवाल ने औपचारिकता से हटकर विद्यार्थियों के साथ सहज संवाद किया। उन्होंने बच्चों से किताब पढ़वाई और बीच-बीच में सवाल पूछकर उनकी समझ को परखा। कई बच्चों ने आत्म-विश्वास के साथ जवाब दिए, जिस पर उन्होंने उनकी सराहना की। मंत्री  टेटवाल ने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तरह के विद्यालय से उनकी शिक्षा की शुरुआत हुई थी, इसलिए वे भली-भांति समझते हैं कि शुरुआती कक्षाओं में मजबूत आधार कितना महत्वपूर्ण होता है। प्रवेशोत्सव के इस आयोजन में बच्चों को पुस्तकों के साथ मिठाई भी बांटी गई, जिससे विद्यालय का वातावरण उत्साह और अपनत्व से भरा नजर आया। नवप्रवेशी विद्यार्थियों को सहज तरीके से विद्यालय से जोड़ने का यह प्रयास प्रभावी रूप में दिखाई दिया। प्रदेश में शुरू हुए प्रवेशोत्सव के तहत शासकीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें प्रारंभ से ही शिक्षा के प्रति सकारात्मक रूप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।  

प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 4 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान की तैयारी को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर्स व जिला शिक्षाधिकारियों को जारी किए दिशा-निर्देश भोपाल प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 एक अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे "स्कूल चलें हम" अभियान के रूप में मनाया जाएगा। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सैकेण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।