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जिले को देंगे ₹620 करोड़ से अधिक की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार 1 जुलाई को सहारनपुर से राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। नए शैक्षिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू हो रहे इस अभियान के साथ मुख्यमंत्री सहारनपुर जनपद की दो विधानसभाओं को ₹620 करोड़ से अधिक लागत की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। शिक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में एक ओर विद्यालय से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर जनपद की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। सहारनपुर के इस्माइलपुर ग्राम में सीएम मॉडल  कंपोजिट विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बच्चों को नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्य पुस्तकें, स्कूल बैग व स्टेशनरी का वितरण भी करेंगे। इस अवसर पर जनपद के सर्वश्रेठ प्रधानाध्यापकों का सम्मान भी किया जाएगा। इसके पश्चात मुख्यमंत्री महाराज सिंह डिग्री कॉलेज ग्राउंड जाएंगे, जहां वह सहारनपुर नगर विधानसभा क्षेत्र की ₹612 करोड़ से अधिक लागत की 8 विकास परियोजनाओं और सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र की ₹7 करोड़ से अधिक लागत की 3 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण के अन्तर्गत विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनका नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनर्वापसी, अभिभावकों को जागरूक करने और जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

योगी सरकार का सख्त निर्देश, 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को स्कूल से जोड़ने का लक्ष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ को निर्णायक और मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का यह कदम इस स्पष्ट संदेश के साथ आया है कि अब प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान इस अभियान के तहत आगामी पहली मई से पूरे प्रदेश में एक व्यापक और विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। सरकार ने दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने के साथ-साथ 'शिक्षा के अधिकार' (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी छात्राओं के प्रवेश को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। ड्रॉपआउट रोकने की अभूतपूर्व रणनीति बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने (ड्रॉपआउट) की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति तैयार की है। शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 के स्तर पर 100% ट्रांजिशन (कक्षा परिवर्तन) सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रारंभिक या माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद बच्चे अगली बड़ी कक्षा में अनिवार्य रूप से प्रवेश लें। सक्रिय भागीदारी और कड़ी मॉनिटरिंग इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक गाँव, वार्ड और बस्ती स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे करें और स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें तुरंत विद्यालयों से जोड़ें। जहाँ पूर्व में ड्रॉपआउट एक गंभीर चिंता का विषय था, वहीं अब योगी सरकार तकनीक और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।