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स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल, मंत्री नेताम ने किया प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

आवासीय सुविधा के साथ मिला स्वरोजगार का बेहतर अवसर रायपुर, कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज बलरामपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र (जीआरसी) तथा समुदाय प्रबंधित ट्रेनिंग सेंटर (सीएमसीटी) का उद्घाटन किया। मंत्री नेताम ने केंद्र के  प्रशिक्षण कक्षों, शयनकक्ष, भोजनकक्ष, रसोईकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री नेताम ने उद्वघाटन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक द्वारा संचालित आरसेटी एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र है जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सभी बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बैंक से लिंकेज कराते हुए प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह शुभारंभ विशेष अवसर पर किया जा रहा है, क्योंकि आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय सुविधा के साथ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षार्थियों को सीखने में कोई बाधा न आए। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें और सीखे हुए कौशल का उपयोग करते हुए अपने रोजगार को व्यावसायिक रूप से विस्तार दें। उन्होंने जीआरसी केंद्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से जेंडर असमानता, कुपोषण, लैंगिक हिसा, घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर किए जाएंगे। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। मंत्री नेताम ने सभी से आग्रह किया कि वे स्वयं प्रशिक्षण से जुड़ें और अधिक से अधिक लोगों को भी इससे जोड़ें। कार्यक्रम के अंत में मंत्री नेताम ने 10 चयनित व्यक्तियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, बीमा सखी प्रशिक्षण सहित अन्य कौशलों के प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा जाति आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कृषि समिति अध्यक्ष बद्री यादव, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम, नरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण  मौजूद थे। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी) सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र है, जहाँ 60 से अधिक प्रकार के स्वरोजगार मूलक प्रशिक्षण जैसे ब्यूटीपार्लर, फास्ट फूड मेकिंग, सिलाई, मुर्गीपालन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। सभी प्रशिक्षण बेरोजगारों को केंद्र से जोड़कर उन्हें तकनीक देते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु आयोजित किए जाते हैं। यहाँ होने वाले समस्त प्रशिक्षण आवासीय युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। संगवारी जेंडर संसाधन केन्द्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समस्त स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु जेंडर जागरूकता, स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता एवं घरेलू हिंसा, महिला प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के माध्यम से निराकरण हेतु कार्य किया जाएगा। समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत होने वाले विभिन्न आवासीय प्रशिक्षणों हेतु आवासीय प्रशिक्षण भवन की व्यवस्था की गई है इस प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन संकुल स्तरीय संगठन द्वारा किया जाता है, जिसमें एनआरएलएम के क्षेत्र एवं समूह सदस्यों के क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।  

फ्रूट फारेस्ट्री योजना से महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, संग्रहालय का किया अवलोकन जिला प्रशासन के नवाचार “उड़ान योजना” का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है। सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है।  हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया। जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखें राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।       जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया। पीएम आवास हितग्राही राजेश के निवास पर किया भोजन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली। उड़ान योजना का किया शुभारंभ       राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल श्री पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल श्री पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच श्रीमती वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल श्री पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल श्री पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष  रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।