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विभिन्नता की समृद्ध विरासत भारत की वैश्विक पहचान : राज्यपाल पटेल

लोकभवन में आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार का स्थापना दिवस मना भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान है। विभिन्न राज्यों की समृद्ध विरासत भारत को वैश्विक विशिष्टता प्रदान करती है। अनेक भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद हमारी राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण है। उन्होने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना की सराहना करते हुए इस भावना को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए सभी की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया है। राज्यपाल  पटेल बुधवार को आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप, पुदुचेरी एवं अंडमान-निकोबार के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को उनके राज्यों के स्थापना दिवस की बधाई दी। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। भोपाल निवासी विभिन्न राज्यों के सामुदायिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे। समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल  राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का तथा अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा का विडियो शुभकामना संदेश का प्रसारण किया गया। अंडमान-निकोबार एवं मध्यप्रदेश की गौरवगाथा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि हमारी भाषाएं, पहनावे और खानपान अनेक प्रकार के हैं। लोककलाओं की विविधता हमारी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता ही इन सभी को जोड़ती हैं। इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से मध्यप्रदेश की प्रगति में योगदान दें। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करें। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवन में आत्मसात करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस विभिन्नता में एकता पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। यह आयोजन भावी पीढ़ी को देश की विविधता से परिचित कराता है। यह केवल तिथियों का नहीं, सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। यहाँ अपनी विरासत संजोकर विकास के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा मिलती है। यही विकसित भारत 2047 के निर्माण का पथ है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान में सभी राज्यों का योगदान है। हमारा राज्य केरल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आयुर्वेद और प्राकृतिक सुंदरता दीप स्तम्भ है। यहां के नागरिकों का ज्ञान और सेवाभाव मानवीय मूल्यों का सम्मान बढ़ाता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि कर्नाटक तकनीक, विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है। औद्योगिक प्रगति, कौशल और नवाचार इसकी वैश्विक पहचान मजबूत करते हैं। आंध्र प्रदेश कृषि, समुद्री व्यापार और उद्यमशीलता की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। यहां की कला और व्यापार कौशल राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। इसी तरह तमिलनाडु की प्राचीन भाषा और मंदिर वास्तुकला विशिष्ट हैं। दिव्य संगीत और आधुनिक नवाचार इसकी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। इसके समुद्री जीवन और द्वीपों की अनूठी पहचान सराहनीय है। पुदुचेरी शिक्षा, कला और सांस्कृतिक विविधता का संगम है। इसकी शांत जीवनशैली सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को दर्शाती है। अंडमान-निकोबार स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास का साक्षी है। जनजातीय विरासत और समुद्री संपदा इसकी विशिष्ट पहचान हैं। यहां के वीरतापूर्ण इतिहास ने भारत का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुतियों की उत्कृष्टता की सराहना करते हुए युवाओं की भागीदारी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत की मजबूती का शुभ संकेत बताया। दक्षिण भारत के चार राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन लोकभवन में आयोजित स्थापना के संयुक्त समारोह का विशेष आकर्षण रहा। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। केरल की कथकली एवं मोहिनीअट्टम, कर्नाटक की पूजा कुनीता, आंध्र प्रदेश का कोलाट्टम एवं गरगा नृत्य तथा तमिलनाडु का सेम्बु लोकनृत्य आकर्षण के केंद्र रहे।  

स्वदेशी का व्यवहार, आत्मनिर्भरता का मार्ग : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल स्वदेशी मेला समापन समारोह में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वदेशी के विचार को व्यवहार में उतारना ही आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मार्ग है। इसकी सफलता के लिए हमें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति स्वदेशी उत्पादों से करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी उत्पादों की सूची तैयार की गई है। जरूरी है कि हम अपनी आवश्यकताओं को सूची के उत्पादों से पूरा करें। स्वदेशी की भावना आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत के संकल्प का सशक्त आधार है। राज्यपाल  पटेल बुधवार को मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित स्वदेशी मेला समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल को इस अवसर पर गाय के गोबर से बनी घड़ी भेंट की गई। समापन कार्यक्रम में सांसद  दर्शन सिंह चौधरी भी मंचासीन थे। क्षेत्रीय संयोजक  सुधीर दांते,   दीपक वर्मा एवं  रमन तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी भावना मजबूत हुई है। आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल अभियान ने महिला सशक्तिकरण और स्वाबलंबन को नई उचाईयां दी है। उन्होंने बताया कि भ्रमण के दौरान वह महिला स्व-सहायता समूहों के साथ चर्चा करते है। महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य बालिका द्वारा प्रभावी उद्बोधन देने। एक अन्य महिला द्वारा स्कूटी खरीदने एवं पति को ट्रेक्टर खरीदवाने के प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव को गति देने का भी कार्य है। प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल ने स्वदेशी मेला परिसर में प्रतिष्ठित भगवान गणेश की उपासना की। भारत माता, स्व. दीनदयाल उपाध्याय और दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों पर दीप प्रज्जवलन कर समापन समारोह का शुभारंभ किया। उपाध्यक्ष जन अभियान परिषद पद्मश्री मोहन नागर ने कहा कि देश की आज़ादी के आंदोलन के सेनानियों ने वंदे मातरम और स्वदेशी के आधार पर आंदोलन की नीव रखी थी। मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने मेले की प्रस्तावना में बताया कि मेले का आयोजन लाभ-हानि रहित आधार पर किया गया था। प्रदेश में 30 स्वदेशी मेले लगाना मंच का लक्ष्य है। स्वदेशी जागरण मंच मध्य भारत प्रांत प्रमुख सीमा भारद्वाज ने आभार ज्ञापन किया। संचालन श्रीकांत बुधोलिया ने किया।  

राज्यपाल पटेल ने दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ दिलाई। उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ समारोह लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में शनिवार को आयोजित किया गया था।   इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव  सुनील दुबे, विधि अधिकारी  उमेश कुमार वास्तव सहित लोकभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  राज्यपाल  पटेल ने समारोह में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के कृतित्व को प्रकाशित किया। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल ने आजादी के बाद रियासतों में बंटे देश को एकता के सूत्र में बांधा था। इसीलिए उन्हें लौहपुरुष कहा जाता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के सरदार पटेल के संस्कारों का परिवार एवं समाज में प्रसार किया जाना चाहिए। राज्यपाल  पटेल के नेतृत्व में लोकभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली। उन्होंने सरदार पटेल की दूरदर्शिता और उनके योगदान का स्मरण किया। राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लिया। साथ ही, देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने की शपथ ली। अधिकारियों-कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा से इस संकल्प का पालन करने और राष्ट्र की एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी प्रण लिया है।  

राज्यपाल ने किया नाबार्ड और ओजस्विनी के राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री का शुभारंभ

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि यह प्रदर्शनी, भारत के गाँवों की कलात्मक क्षमता, कठिन परिश्रम और आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे आयोजन, विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, खान-पान, परंपराओं और उनकी विविधताओं में समाई भारत की एकता का परिचय देते हैं। “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्पाद मेले हुनरमंद कारीगरों विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नई ऊचाई देते हैं। राज्यपाल पटेल ने सभी का आह्वान किया कि महोत्सव में जरूर आए, उत्पादों को देखे, भारत की महान कला-संस्कृति का परिचय प्राप्त करें। उत्पादों को खरीद कर हुनरमंद कारीगरों को प्रोत्साहन और समर्थन दें। राज्यपाल पटेल सोमवार को नाबार्ड और ओजस्विनी के राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री के संयुक्त आयोजन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर प्रदर्शनी-सह-बिक्री महोत्सव का शुभारंभ किया। यह महोत्सव 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बिट्टन मार्केट के दशहरा मैदान में किया गया है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाबार्ड कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं तथा महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने हुनरमंद और जरूरतमंद कारीगरों को एक मंच पर लाने के प्रयासों के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, ओजस्विनी फाउंडेशन और सहयोगियों की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने भोपाल में भारत की सांस्कृतिक विविधता, ग्रामीण कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए सभी को बधाई दी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इन विशेष महोत्सवों को विशेष प्रोत्साहन और सक्रियता की आवश्यकता होती है। त्यौहारों के समय में ऐसे आयोजन, स्थानीय शिल्प और कलाकारों को अच्छा प्रोत्साहन दे सकते हैं। सभी आयोजक और सहयोगी अपने स्तर पर मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। नवाचारों के साथ उत्पादों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएं। राज्यपाल पटेल ने राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका पुष्पगुच्छ, शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। उन्होंने मध्यप्रदेश और देशभर के विभिन्न शिल्प उत्पादों का अवलोकन भी किया। शिल्प कारीगरों से आत्मीय चर्चा की और उनके उत्पादों की सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक एस.सी. साहू ने दिया। उन्होंने मेले में शामिल मध्यप्रदेश और देशभर के सभी स्टॉल्स एवं उत्पादों की जानकारी दी। ओजस्विनी समदर्शिनी न्यास की अध्यक्ष डॉ. सुधा मलैया ने उत्पाद मेले के सतत आयोजन और विशेष प्रयासों को बताया। मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आर.सी. बेहरा ने ग्रामीण कारीगरों, उत्पादों, स्व सहायता समूहों और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में ग्रामीण बैंक के वित्तीय प्रोत्साहन कार्यक्रमों की चर्चा की। मध्यप्रदेश नाबार्ड की प्रमुख श्रीमती सी. सरस्वती ने शिल्प कारीगरों के सामाजिक, आर्थिक और मानसिक सशक्तिकरण में नाबार्ड की विशेष भूमिका, उद्देश्य और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। आभार श्रीमती मधुरिमा ने माना। शुभारंभ कार्यक्रम में स्व सहायता समूह, एफ.पी.ओ., मध्यप्रदेश और देश के शिल्प कारीगर मौजूद थे।  

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से परिसर में पेड़ लगाने का किया आव्हान

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि 'मन की बात' कार्यक्रम देश के विचार, संकल्प और सामर्थ्य का सबसे सशक्त प्रेरणादायी मंच है। कार्यक्रम को सुनना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचार, ज्ञान और अनुभवों से प्रेरणा लेने और सकारात्मक बदलावों के साथ राष्ट्र निर्माण के नए साझा संकल्पों को दिशा देने का अवसर है। उन्होंने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिमाह वर्चुअली निरंतर देश की जनता के बीच प्रधानमंत्री के पहुंचने को अभूतपूर्व बताया है। राज्यपाल पटेल रविवार को स्थानीय भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण से पूर्व विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे परिसर में एक पेड़ लगा कर संस्थान से जाएं, इससे संस्थान के साथ उनका जुड़ाव मजबूत होगा। राज्यपाल ने कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों से उनका परिचय प्राप्त किया, उन्हें शुभाशीष प्रदान किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन, पर्यावरण संरक्षण वैश्विक चुनौती है। स्टॉकहोम में वर्ष 1972 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण चर्चा की पहल शुरू हुई थी, जिसकी आशंकाएं, जलवायु परिर्वतन, ग्लोबल वार्मिंग के रूप में सामने आ गई हैं। प्रकृति के अनुसार वर्ष में 4 मौसम होते हैं , लेकिन ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के प्रभाव से कभी-कभी चारों मौसम एक ही दिन में अनुभव हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वैद्यानिक प्रावधानों के साथ जन मानस में पर्यावरणीय चेतना का प्रसार जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी निरंतर पर्यावरण संरक्षण के प्रयास जनसहभागिता के साथ कर रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम अभियान पौधारोपण की पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्रित्व में गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री के 14 वर्षों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए ग्रह, राशि और नक्षत्रों के अनुसार सांस्कृतिक वनों और वन-महोत्सवों के माध्यम से पौधरोपण कराने की बात बताई। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि संस्थान वन प्रबंधन के द्वारा विगत 40 वर्षों से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। संस्थान के विद्यार्थी दुनिया के 57 देशों में सेवारत है। संस्थान द्वारा वन प्रबंधन में डॉक्टोरेट और एम.बी.ए. पाठ्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण एवं परामर्शी सेवाएं दी जाती है।  

राज्यपाल पटेल की अपील, टीबी उन्मूलन अभियान के साथ नशा मुक्त भारत मिशन को भी जोड़ें

टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों के साथ नशा मुक्‍त भारत अभियान को भी जोड़े : राज्‍यपाल पटेल राज्यपाल ने किया 77वें टी.बी. सील अभियान का शुभारंभ भोपाल  राज्‍यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में ''नशा मुक्‍त भारत अभियान'' चलाया जा रहा है। यह ''स्‍वस्‍थ भारत-सशक्‍त भारत और विकसित भारत'' के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण अभियान है। उन्‍होंने कहा कि टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों के साथ नशा मुक्‍त भारत अभियान को भी जोड़ा जाना चाहिए। इन प्रयासों में नशे के मरीजों, विशेषकर युवाओं और बच्‍चों को नशे के आर्थिक, सामाजिक, मानसिक दुष्प्रभावों के विभिन्न आयामों के प्रति जागरूक करें। राज्‍यपाल पटेल ने सभी माता-पिता का आह्वान किया कि वे अपने बच्‍चों को नशे से दूर रहने के संस्‍कार घर से ही प्रदान करें। उन्‍हें संयमित जीवन, पौष्टिक आहार और समुचित उपचार का व्‍यावहारिक महत्‍व समझाए। राज्‍यपाल पटेल बुधवार को एम.पी. स्‍टेट टी.बी. एसोसिएशन के 77वें टी.बी. सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने अभियान के सहयोग के लिए 11 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की। कार्यक्रम में राज्‍यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. मुक्‍त भारत अभियन में मरीजों की जॉंच, उपचार और निगरानी को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रत्‍येक रोगी तक सही जानकारी, दवाईयॉं और पौष्‍टिक आहार की समुचित उपलब्‍धता सुनिश्चित की जाए। उन्‍होंने कहा कि टी.बी. रोगियों को सकारात्‍मक विचारों और अनुशासित जीवन शैली के प्रति विशेष रूप से जागरूक बनाया जाए। टी.बी. मुक्‍त भारत के कार्यक्रमों को सघन और सतत रूप से संचालित किया जाए। राज्यपाल पटेल ने टी.बी. सील अभियान से जुड़े सदस्यों और स्‍वयंसेवी संस्थाओं को टी.बी. उन्‍मूलन के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह पीड़ित मानवता की सेवा का कार्य है। ऐसे मानवीय कार्यों से पुण्‍य लाभ और ईश्‍वर का आर्शीवाद प्राप्‍त होता है। राज्‍यपाल पटेल का एम.पी. स्‍टेट टी.बी. एसोसिएशन के चेयरमेन जयपाल सचदेव ने पुष्‍पगुच्‍छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। राज्‍यपाल पटेल ने कार्यक्रम में टी.बी. सील अभियान की जानकारी और जागरूकता पर आधारित किट का लोकार्पण किया। चेयरमेन सचदेव ने टी.बी. सील अभियान और नवाचारों की जानकारी दी। आभार डॉ. अभिजीत देशमुख ने व्‍यक्‍त किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, एम.पी. स्‍टेट टी.बी. एसोसिएशन के पदाधिकारी और टी.बी. सील अभियान से संबंधित सदस्‍य उपस्थित थे।  

विजयादशमी पर राज्यपाल पटेल का प्रदेशवासियों को संदेश

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय के पर्व विजयादशमी (दशहरा) की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विजयादशमी पर प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं नव-ऊर्जा की कामना की है। राज्यपाल पटेल ने अपने संदेश में कहा है कि विजयादशमी, भारतीय सनातन संस्कृति की अक्षुण्ण परंपरा, नैतिक मूल्यों और आत्मबल का प्रतीक पर्व है। यह पर्व केवल बाहरी बुराई के दहन का अवसर नहीं है, बल्कि हमारे भीतर व्याप्त अज्ञान, अहंकार, स्वार्थ और संकीर्णता जैसी आंतरिक बुराइयों को समाप्त कर आत्म-शुद्धि का संकल्प लेने का प्रसंग है। उन्होंने कहा है कि हमारी सनातन परंपरा सदैव सत्य, अहिंसा, करुणा और लोक-कल्याण के सिद्धांतों पर आधारित रही है। सनातन संस्कृति हमें सिखाती है कि समाज के प्रति दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही सच्चा धर्म होता है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर सब मिलकर सामाजिक समरसता, भ्रातृत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा 'विकसित भारत एवं समृद्ध मध्यप्रदेश' के संकल्प को साकार करने के लिए एकजुट हों। समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और मानवता की सेवा के सनातन ध्येय को अपनाकर विजयादशमी के संदेश को सार्थक बनाएं।  

राज्यपाल पटेल ने नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन का किया उदघाटन

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया है कि उन्होंने जो ज्ञान हासिल किया है, वह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि भर नहीं है। यह देश के विकास की अमूल्य निधि है। दीक्षांत भावी जीवन की नई जिम्मेदारियों और नई संभावनाओं का महत्वपूर्ण पड़ाव है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय में आप सबने जो सीखा है, उन्हें आचरण में भी उतारें। राज्यपाल ने कहा कि अपने ज्ञान का उपयोग कृषि की ऐसी व्यवस्था में करें, जो पर्यावरण के अनुकूल हो और देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर भावी पीढ़ियों का भविष्य संवारे। दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदकों सहित कुल 666 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि दिनेश कुलकर्णी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, प्रमंडल के सदस्यगण, कुलसचिव अजय कौशल एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मंचासीन थे। इस अवसर पर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे तथा जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कृषि शिक्षा की सार्थकता देश की मिट्टी, जल, पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा के संरक्षण के साथ करोड़ों किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। बदलाव के इस दौर में विज्ञान, तकनीक और नए विचारों के सहारे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। जलवायु परिवर्तन, घटती जोत, मिट्टी की सेहत और जल संकट जैसी वर्तमान चुनौतियों के समाधान खोजकर उत्पादन की अस्थिरता को खत्म करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कृषि विद्यार्थियों से कहा कि उनकी प्रतिभा की परीक्षा प्रयोगशाला के शोध पत्रों में नहीं अपितु ड्रोन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव तकनीक जैसी आधुनिक विधियों को खेतों तक ले जाने में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में कृषि, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों से कहा कि कृषि शिक्षा को व्यवहारिक ज्ञान से जोड़कर किसानों की खुशहाली के लिये नए अवसर सृजित कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों को उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड के सेवन से बचें। मिलेट्स (मोटे अनाज) को अपने भोजन में प्रमुख स्थान दें। स्वस्थ रहकर ही सफल जीवन के साथ-साथ समाज और  देश के निर्माण में योगदान दिया जा सकता हैं। राज्यपाल पटेल ने उपाधि प्राप्त सभी विद्यार्थियों को बधाई तथा शुभकामनायें दीं। उन्होंने विद्यार्थियों में शिक्षा, प्रतिभा और समर्पण से कृषि क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर विकसित भारत के संकल्प को गति देने का भरोसा भी जताया। समारोह के विशिष्ट अतिथि कुलकर्णी ने कहा कि खेती केवल व्यवसाय ही नहीं, हमारी संस्कृति की जीवन पद्धति भी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में समाहित पंच महाभूतों के साथ सामंजस्य स्थापित कर किसानों को खेती के लिये प्रोत्साहित करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। दीक्षांत समारोह में कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने दीक्षोपदेश दिया। विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन और विश्वविद्यालय में हुए उन्नत कृषि के नवाचारों की जानकारी दी।  दीक्षांत समारोह में गत 01 अक्टूबर 2025 से 30 सितम्बर 2026 के बीच उपाधि पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक के 345, स्नातकोत्तर के 294 एवं पीएचडी के 27 विद्यार्थियों सहित कुल 666 विद्यार्थियों को मिली उपाधि शामिल हैं। कृषि महाविद्यालय परिसर में स्थापित यूनिट का किया शुभारंभ राज्यपाल पटेल ने गुरुवार को कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सीएआईई (एग्रीकल्चर इंक्यूबेशन एण्ड एंटरप्रेन्योरशिप) में नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन का उदघाटन किया। जैविक उत्पादों एवं खाद्य प्रसंस्करण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल पटेल को बताया गया कि सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन यूनिट में फूड प्रोसेसिंग और जैविक उत्पादों का प्रशिक्षण स्थानीय किसानों, एफपीओ तथा कृषि विद्यार्थियों को दिया जायेगा।  यूनिट की स्थापना राज्य शासन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय एवं नाबार्ड के सहयोग से की गई है। चीफ जनरल मैनेजर नाबार्ड श्रीमती एस. सरस्वती भी मौजूद थी।  

राज्यपाल पटेल ने प्रो. बेदिया को कुलगुरू नियुक्त किया

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के होंगे कुलगुरू भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल का नया कुलगुरू, प्रोफेसर, व्यवसाय प्रबंध, पं. जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रोफेसर दीन दयाल बेदिया को नियुक्त किया है। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रो. दीन दयाल बेदिया को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 4 वर्ष की कालावधि अथवा 70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वत्तर हो के लिए कुलगुरू नियुक्त किया है।

राज्यपाल पटेल से विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

लोकभवन पहुँचकर की चर्चा भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सौजन्य भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष तोमर बुधवार को लोकभवन पहुँचे थे। राज्यपाल श्री पटेल का विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने अभिवादन कर पुष्प-गुच्छ भेंट किया। उन्होंने राज्यपाल से विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की।