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राज्यपाल द्वारा आदिशक्ति की आरती से हुआ शुभारंभ

भोपाल   राज्यपाल मंगुभाई पटेल की गरिमामय उपस्थिति में लोक भवन में नवरात्रि पर्व का आयोजन रविवार को किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने महोत्सव का शुभारंभ माँ दुर्गा की आरती से किया। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। भारतीय लोक संस्कृति, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता के सुंदर संगम गरबा महोत्सव के इस आयोजन में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी, अखिल भारतीय गुजराती समाज अध्यक्ष श्री संजय पटेल, लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक सपरिवार उपस्थित थे। गरबा महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या ने लोक भवन परिसर को भक्ति, आस्था और उल्लास के रंगों से सराबोर कर दिया। सुमधुर संगीत और मनमोहक स्वर लहरियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। पारंपरिक गरबा की लय और ताल पर बच्चों, लोक भवन परिसर के निवासियों, भोपाल गुजराती समाज के सदस्यों तथा अन्य आमंत्रित गणमान्यजनों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ गरबा में सहभागिता की। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, सुरों की मधुरता और गरबा के मनोहारी दृश्यों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।  

गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।     

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन राज्यपाल ने गांधी जयंती पर गांधी साहित्य का किया वितरण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल लोकभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका नमन किया। गांधी साहित्य का वितरण किया। राज्यपाल पटेल ने लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों को महात्मा गांधी की पुस्तक "माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ" भेंट की। लोकभवन के बैंक्वेट हाँल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थियों के लिए भावी जीवन का वास्तविक उपदेश उनकी दीक्षांत शपथ में ही निहित है। इसलिए दीक्षित विद्यार्थी दीक्षांत शपथ का केवल एक दिन नहीं बल्कि आजीवन पालन करें। हमेशा विनम्र रहें। कभी अभिमान नहीं करें। माता-पिता, गुरूजनों और विश्‍वविद्यालय से प्राप्‍त शिक्षा और संस्‍कारों से जीवन में प्रगति प्राप्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि दीक्षित होने वाले चिकित्‍सक हर क्षण पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्‍प धारण करें। मरीजों के साथ अत्‍यंत आत्‍मीय व्‍यवहार करें। उनकी समस्‍याओं को धैर्य के साथ सुने और उपचार करें। राज्‍यपाल  पटेल बुधवार को मानसरोवर ग्‍लोबल विश्‍वविद्यालय सीहोर के “दीक्षांत समारोह और ग्रेजुएशन डे” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने प्रख्‍यात भजन गायक पद्म अनूप जलोटा और मध्‍यप्रदेश के अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेटर  रजत पा‍टीदार को मानद उपाधि प्रदान की। विश्वविद्यालय के दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए। सभी को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उच्‍च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। ''सेवा संकल्‍प की गतिविधियों का करें सतत आयोजन'' राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय, विद्यार्थियों में सेवा संस्कार विकसित करने के विशेष प्रयास करें। उन्हें वंचित वर्गों के कल्याण की प्रेरणा दें। विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविर, सामाजिक सहभागिता आदि पर आधारित गतिविधियों का आयोजन करें। संस्थान के माध्यम से दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान बच्चों की बेहतरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए काम करें। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें। उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा, व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करती है। जागरूक और आदर्श नागरिक बनाती है। सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थी, समाज और देश के कल्याण के लिए सतत चिंतनशील और प्रयत्‍नशील रहें। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, प्राप्त ज्ञान से अपने गांव, प्रदेश, संस्थान और देश का नाम रोशन करें। पद्म अनूप जलोटा ने विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक सफलताओं में हमेशा विनम्र बने रहने की सलाह दी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर  रजत पाटीदार ने दीक्षित विद्यार्थियों को प्रत्येक काम पूर्ण मनोयोग से करने और अपने क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने की प्रेरणा दी। राज्यपाल  पटेल ने समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा और भगवान धनवंतरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल  पटेल का विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मती मंजुला तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रो. चान्सलर  गौरव तिवारी ने दिया। वाइस चान्सलर  ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  ए.एस. राजपूत ने विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरू, पूर्व कुलगुरू, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल पटेल ने युवाओं को दिया संदेश

ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल पटेल बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में करना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान का सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। राज्यपाल पटेल ने यह बात बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को किया गया। राज्यपाल पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम तथा अपनी माटी की सेवा के जज्बे का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगन का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सहयोग के लिए सदैव आभारी रहना चाहिए। वे जहाँ भी जाएँ, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा व्यवस्था का केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा का गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान शिक्षा प्राप्त करने का प्रसंग इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाना होगा। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना की, कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। विद्यार्थियों से शुद्ध प्राणवायु के लिए पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कच्छ के रण में शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल बनाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काम छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना से ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी। प्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का हुआ अधिक नामांकन उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन व्यवस्था के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त तस्वीर है। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को नमन करते हुए बताया कि वह इसके पूर्व छात्र है। दीक्षांत समारोह में शामिल होकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक होने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हो गए है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी विकसित देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार के समझौते के प्रयास तेजी से कर रहा है।   अपर मुख्य सचिव कुलगुरू बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पी.एच. डी. उपाधि और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई।  

बच्चों की जांच के लिए आंगनवाड़ी-स्कूलों में स्क्रीनिंग कैंप लगाने के निर्देश: राज्यपाल पटेल

आंगनवाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों में स्क्रीनिंग कैम्प लगाए : राज्यपाल पटेल रोगों की जागरूकता प्रयासों में विद्यार्थियों को जोड़े राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन 2047 और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन समीक्षा बैठक हुई भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल की स्क्रीनिंग में बच्चों की जाँच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी केन्द्रों में कैम्प लगाकर स्क्रीनिंग का कार्य किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोकभवन में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन 2047 और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल ने बैठक उपरांत जनजातीय कार्य विभाग के साथ की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पी.एम. जनमन योजना की समीक्षा की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन प्रयासों में जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की है कि सांसद, विधायक से सम्पर्क कर उनके क्षेत्र में सिकल एवं क्षय रोग उन्मूलन अभियान के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में आवश्यक वित्तीय सहयोग प्राप्त करने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन प्रयासों में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण घटक है। जरूरी है कि जागरूकता प्रयासों में युवाओं को सहयोगी बनाया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में छात्रों के बीच जाने और उन्हें सिकल मित्र बनने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग 6 माह में पूरी तरह से ठीक हो सकता है। आवश्यकता रोगी द्वारा नियमित रूप से औषधि का सेवन किया जाए। उन्होंने रोगियों के औषधि सेवन की मॉनिटरिंग की जरूरत भी बताई। राज्यपाल पटेल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रकाशनों का लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में कुल एक करोड़ 34 लाख की सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इनमें से 92 प्रतिशत को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया जा चुका है। सिकल मित्र पहल के अंतर्गत 4,825 मित्र बनाएं गए। उनकी संख्या को बढ़ाने के बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की टी.बी. रोग मुक्त रोगियों की दर 89 प्रतिशत हो गई है। मृत्यु दर में भी कमी आयी है। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विभाग द्वारा 30 हजार से अधिक सिकल सेल रोगियों को डोर-टू-डोर जाकर दवा का वितरण किया जा रहा है। सिकल सेल प्रभावित व्यक्तियों से भी सम्पर्क किया जाता है। उन्होंने कहा कि सिकल मित्र बनाने के लिए महाविद्यालयों के छात्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसका प्रारंभ सिकल सेल प्रभावित जिलों बड़वानी, धार और अनूपपुर से किया जाएगा। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह सहित प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   राज्यपाल ने जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा की राज्यपाल पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग के साथ की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पीएम जनमन योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बच्चों के विकास और कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने पी.एम. जनमन योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी प्राप्त की। उनको हितग्राही मूलक योजनाओं की शत प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी दी गई। राज्यपाल ने योजना अंतर्गत 9 विभागों की 11 अधोसंरचनात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं की अद्यतन स्थिति के विषय में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह सहित प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

भारत के अलग-अलग राज्यों के लोग हैं एकता की मिसाल, राज्यपाल पटेल का बड़ा संदेश

विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल पटेल हमारी आत्मीयता, साम्यता का मंच स्थापना दिवस लोक भवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर घुल जाती है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में बंगाल के मूल निवासी घुल मिल गये हैं। हमारी अनेकता में एकता की आत्मीयता और साम्यता को राज्य स्थापना दिवस के आयोजन साकार करते है। आयोजन के मंच पर हमारी वेशभूषा, गीत, नृत्य में समाई हमारी सांस्कृतिक विविधता में एकता की झलक मिलती है। पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा नृत्य और वेशभूषा में असम राज्य की झलक दिखाई दी। राज्यपाल पटेल आज लोकभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के प्रसंग में आयोजित समारोह में सम्मिलित भोपालवासी बंगाली मूल के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न कालीबाड़ियों के सदस्य उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र प्रथम की भावना को सुदृढ़, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदाय करने और राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास अद्भुत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने गत वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। पर्व में सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक दलों और बच्चों की सहभागिता से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मंच प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में 300 बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की थी। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाने में बंगाल राज्य का योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर विगत वर्षों से देश की युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार विकसित भारत निर्माण के लिए युवाओं के साथ संवाद करते हैं। लोक भवन के  आयोजन में 7 से 60 साल के कलाकारों की सहभागिता और महिलाओं की बहुलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बदलते भारत की झलक और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में श्रीमती सपना गुहा ने स्वागत उद्बोधन में बंगाल की समृद्ध परम्पराओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण जन जीवन की सरलता और सांस्कृतिक छटा की रुपरेखा प्रस्तुत की सांस्कृतिक आयोजन की सूत्रधार श्रीमती महुआ चटर्जी ने “हमारा बंगाल रे” की थीम पर बंगाल के लोकगीत, नृत्य और जन जीवन को बाउल, झूमर, धमाइल, भटयाली लोक संगीत की प्रस्तुति के द्वारा सभागार में पश्चिम बंगाल के जन जीवन को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का स्थापना दिवस का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अंत में मध्यप्रदेश के विकास और वैभव से परिचित कराने वाली लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। राज्यपाल का कार्यक्रम में बंगाली समाज के सचिव सर्वसलिल चटर्जी, निलॉय घोष ने अभिनन्दन किया। आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी ने किया। संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सुसृष्टि श्रीवास्तव ने किया।  

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम, राज्यपाल पटेल ने अवसर बढ़ाने पर दिया जोर

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को मिले अधिक से अधिक अवसर : राज्यपाल पटेल विद्यार्थियों में कौशल, योग और सामाजिक सरोकार करें विकसित   विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 102वीं बैठक लोकभवन में भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत@2047 की संकल्पना को साकार करने की दिशा में प्रदेश के युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिये सभी वर्गों से सतत् विचार-विमर्श करते रहे है जिसमें युवा भी शामिल है। विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के जज्बे को और अधिक सुदृढ़ करने में अपना सक्रिय योगदान दें। राज्यपाल पटेल गुरूवार को लोकभवन में आयोजित विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 102वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के संचालन एवं समन्वय संबंधी विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालयों को सेवायोजित पूर्व विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक 2 वर्ष में प्लेसमेंट सम्मेलन आयोजित करने की सलाह दी है। प्लेसमेंट सम्मेलन में वर्तमान छात्र-छात्राओं को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा। विश्वविद्यालय का गौरव भी बढ़ेगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विश्व के लगभग 200 देशों में किये गये योगाभ्यास से योग की वैश्विक स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को योग को नियमित गतिविधियों को मासिक साप्ताहिक आयोजन के क्रम में शुरू करना चाहिए। इसकी शुरुआत छात्रावासों से की जा सकती है। उन्होंने रोजगारोन्मुखी प्रमाण-पत्र एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को गरीब एवं वंचित परिवारों की आत्मनिर्भरता में व्यवहारिक पहल बताया। कृषि संबद्ध विभिन्न कार्यों के लिए भी प्रमाणन व्यवस्था विकसित किए जाने पर बल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के विश्वास के साथ उन्हें विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने भेजते हैं। इस विश्वास को बनाये रखना कुलगुरुओं और प्राध्यापकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल के साथ सामाजिक संवेदनशीलता से भी जोड़ना जरूरी है। विश्वविद्यालय गाँव को गोद लेकर ग्रामीणों के साथ संवाद और विकास गतिविधियों में विद्यार्थियों को सहभागी बनाएं। पिछड़े समुदायों एवं क्षेत्रों के विकास की अभूतपूर्व योजना पीएम-जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विद्यार्थियों को भी जोड़े। महाविद्यालयीन और विश्वविद्यालयीन छात्रों को गाँवों का भ्रमण करवाएं। इससे प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों को भावी जीवन में वंचित और गरीब वर्गों के प्रति संवेदनशील बनाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालयों द्वारा वित्तीय प्रबंधन को व्यवस्थित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रावधानों और निर्देशों का उल्लंघन गंभीर अनियमितता है। कुलगुरू वित्तीय निर्देशों की सीमा का कड़ाई से पालन करें। मंत्री परमार ने कहा कि कॉमन पोर्टल के माध्यम से एकीकृत ई-प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ना निजी विश्वविद्यालयों के लिए स्वैच्छिक है, किन्तु विश्वविद्यालय में प्रवेश होने की सूचना आयोग के पोर्टल पर प्रदर्शित होने की ऑटोमेडेट व्यवस्था की जाना अनिवार्य है। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, लोकभवन एवं उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की व्यवस्था को मजबूत करें

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुग्ध संग्रहण एवं विपणन की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राही को उत्पादित दुग्ध का उचित मूल्य दिलाने के लिए परिवहन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। विभागीय अथवा थर्ड पार्टी समन्वय से आवश्यक वाहनों की उपलब्धता पर विचार किया जाए। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल एवं मॉनिटरिंग व्यवस्थाओं, हितग्राहियों को पशुपालन प्रशिक्षण, वनाधिकार पट्टा धारकों को लाभान्वित करने और हितग्राही अंशदान के संबंध जानकारी दी गई। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना अति-गरीब के पोषण और सतत् आजीविका की पहल है। योजना की सफलता के लिए अति-गरीब को प्राथमिकता वितरण पद्धति का आधार होना चाहिए। उन्होंने अति-पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया के अति-गरीब को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। योजना की जानकारी के लिये अति-पिछड़ी जनजातियों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पशु वितरण कार्यक्रम में लाभान्वित महिला हितग्राहियों के माध्यम से पशुपालन व्यवस्थाओं और परिवार की आय में बढ़ोतरी के संबंध में जानकारी प्रदान करने की पहल करें। योजना की उपलब्धियों का वर्षवार चित्रात्मक विवरण संधारित किया जाए। राज्यपाल पटेल ने गुजरात राज्य में जनजातीय बहुल क्षेत्र में दुग्ध संजीवनी योजना के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को परिवार के बच्चों के लिए दुग्ध की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की समझाइश दी जाए। विभाग के द्वारा 2 महिला, 2 पुरुष अधिकारियों को बनासकांठा के डेयरी उद्योग का अध्ययन करने के लिए गुजरात राज्य भेजने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल पटेल को प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के किसानों, पशुपालकों को मोबाइल पर ही पशुओं के पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से पशुओं को आहार मिले, इसके लिए विभाग द्वारा गोरस मोबाइल ऐप तैयार कराया गया है। यह ऐप पूरी तरह से सरल हिंदी भाषा में विकसित किया है। इसके लिए नेट की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ब्रीडर एसोसिएशन का विकास किया जा रहा है। इसमें एक ही नस्ल के 20 से अधिक पशुओं के प्रमाणीकरण के द्वारा उन्नत नस्ल के पशुओं की राज्य में ही आपूर्ति के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि योजना क्रियान्वयन के लिए 5 वर्षों के प्रावधान और बजट वृद्धि की गई है। प्रति इकाई पशु कीमत को भी बढ़ाया गया है। बीमा की भी व्यवस्थाएं की गई है। कार्य क्षेत्र 12 से बढ़ाकर 24 जिलों में किए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उमरिया जिले के समस्त हितग्राहियों को 2 पशु प्रदान करने की उपलब्धि हासिल की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा योजना अंतर्गत 100 लीटर दुग्ध संकलन क्षेत्रवार दुग्ध सहकारी संस्थाएं बनाई जा रही हैं। इन समितियों के सचिव के रूप में हितग्राहियों को अतिरिक्त आय भी उपलब्ध होगी। उन्होंने प्रदाय पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में बताया कि वितरण पश्चात् तीन माह तक पुन: आकलन कर हितग्राहीवार समीक्षा की जा रही है। पशु चिकित्सक द्वारा साप्ताहिक भ्रमण कर आवश्यक उपचार, टीकाकरण एवं डीवर्मिंग कराई जा रही है। नोडल अधिकारी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव  मीनाक्षी सिंह, प्रकोष्ठ के सदस्य, लोक भवन और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : राज्यपाल पटेल

हिन्दी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा से युवा प्रेरणा लें : राज्यपाल पटेल सप्रे संग्रहालय में राज्यपाल पटेल की जीवनी का हुआ लोकार्पण राज्यपाल ने पोस्टर प्रदर्शनी : "पुरखों को प्रणाम" का किया अवलोकन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का प्रारंभिक काल अत्यंत चुनौती पूर्ण था। कर्मठ पत्रकारों ने ब्रिटिश हुकूमत की अनेक कठिनाईयों के बावजूद पत्रकारिता के आदर्शों और शुचिता को बनाए रखा। हिन्दी पत्रकारिता की इसी गौरवशाली परंपरा से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल पटेल बुधवार को "हिन्दी पत्रकारिता द्वि-शताब्दी महोत्सव, पुरखों को प्रणाम : पोस्टर प्रदर्शनी" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान द्वारा किया गया है। राज्यपाल ने महान पूर्वजों के स्मरण की अनुकरणीय पहल के लिए संस्थान को बधाई और साधुवाद दिया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऐतिहासिक हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं और युग निर्माता संपादकों की पोस्टर प्रदर्शनी, पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक ले जाने का प्रेरक प्रयास है। प्रदर्शनी का आयोजन, राष्ट्र धर्म और जन सेवा के लिए जीवन समर्पित करने वाले युग निर्माता संपादकों के त्याग और समर्पण को सजीव कर दर्शक का मन उन सभी महान विभूतियों की साधना और समर्पण के प्रति आदर भाव से भर देता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि पत्रकारिता कोई साधारण व्यवसाय नहीं, यह समाज के प्रति उत्तरदायित्व, सत्य के प्रति निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। गौरव की बात है कि हिन्दी पत्रकारिता ने अपने आरंभ से ही समाचार प्रसार की सीमाओं से आगे बढ़कर कार्य किया। समाज के दिशा दर्शन, जनमत को सशक्त बनाने तथा राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का सशक्त प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के कठिन दौर में भी हिन्दी पत्रकारिता ने जन जागरण, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने में कारगर भूमिका निभाई है। यही कारण है कि हिन्दी पत्रकारिता का योगदान केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं रहा उसने विशाल पाठक वर्ग तैयार कर ज्ञान का प्रसार भी है। हिन्दी पत्रकारिता को डिजिटल माध्यमों और युवाओं से जोड़ना जरूरी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता आज भी हमारे लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने, नागरिक चेतना जगाने और राष्ट्र निर्माण प्रयासों में प्रभावी भूमिका निभा रही है। विज्ञान और तकनीक के इस दौर में हिन्दी पत्रकारिता को वीडियो, पॉडकास्ट, वेबसाइट और मोबाइल मंचों के माध्यम से युवा पीढ़ी से जोड़ना आवश्यक है। पत्रकारों का आह्वान किया कि युवाओं को पत्रकारिता की विश्वसनीयता, सत्य निष्ठा, निष्पक्षता के मूल्यों की प्रेरणा दें। उनमें नवाचार, कौशल विकास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भाव और भावनाएं विकसित करें। अपनी लेखनी से सामाजिक सरोकारों और वंचितों के प्रति संवेदनशीलता को मजबूत बनाए। राज्यपाल ने जीवनी के लोकार्पण के लिए माना आभार कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक "पीर पराई जाने रे" का लोकार्पण किया गया। पुस्तक का लेखन लोकभवन की कंट्रोलर श्रीमती शिल्पी दिवाकर और मुद्रण-प्रकाशन माधवराव सप्रे संग्रहालय द्वारा किया गया है। राज्यपाल पटेल ने जीवनी लेखन, प्रकाशन से संबंधित सभी लोगों का आभार माना।    पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत प्राचीन : महापौर श्रीमती राय महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि भारत में पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। हमारी ज्ञान परंपरा में भी देखा जा सकता है। उन्होंने राज्यपाल पटेल के जन कल्याण प्रयासों में सक्रियता, सहयोग और संवेदनशीलता की सराहना की। वरिष्ठ पत्रकार और संपादक महेश श्रीवास्तव ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, व्यावसायिकता आदि की चुनौतियों के संदर्भ में विचार व्यक्त किए। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने कहा कि देश में पत्रकारिता की समृद्ध संस्कृति है। इसकी झलक पौराणिक ग्रंथों के संदर्भ से लेकर आधुनिक विकास यात्रा मिलती है। महाभारत के पात्र संजय को आधुनिक लाइव प्रसारण का अग्रदूत माना जा सकता है, क्योंकि वे धृतराष्ट्र को युद्ध का प्रत्यक्ष वर्णन सुनाते थे। नारद ऋषि ने लोक-कल्याण के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया, उसी परंपरा को आज पत्रकार आगे बढ़ा रहे हैं। राज्यपाल पटेल का माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक विजयदत्त श्रीधर ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल को हिन्दी भवन द्वारा पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित विशेषांक भेंट किया गया। स्वागत उद्बोधन विजयदत्त श्रीधर ने दिया। आभार प्रदर्शन डॉ. मंगला ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी, जनसंपर्क विभाग के सेवा निवृत्त अपर संचालक सुरेश गुप्ता, हिन्दी पत्रकारिता से जुड़े विद्वान, पत्रकार और साहित्य प्रेमी मौजूद थे।