samacharsecretary.com

शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने धार जिले के गौरव, अमर शहीद नायब सूबेदार रवींद्र सिंह राठौर की प्रतिमा का रविवार को अनावरण किया। शहीद की वीरता को नमन करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृति को चिरस्थाई बनाने की यह पहल और अटूट निष्ठा अनुकरणीय है। राज्यपाल द्वारा शहीद की पत्नी  प्रताप कंवर और उनके परिवारजन का आत्मीय सम्मान किया गया। नगर परिषद द्वारा बदनावर की माथुर कॉलोनी में नवनिर्मित शहीद पार्क में समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने शहीद रवींद्र सिंह के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम पाना के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे रवींद्र सिंह ने सेना में भर्ती होने के लिए लगातार तीन बार प्रयास किए। उनकी यह जिद और देश सेवा का जज्बा ही उन्हें सेना तक ले गया। उन्होने बताया कि 9 जुलाई 2001 को जम्मू की सुरनकोट तहसील के जंगलों में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका बलिदान धार जिले सहित पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने परिसर में पौध-रोपण कर पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री  सावित्री ठाकुर, क्षेत्रीय विधायक  नीना वर्मा, पूर्व मंत्री  राजवर्धनसिंह दत्तीगांव, नगर परिषद अध्यक्ष मीना शेखर यादव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।  

योजनाएं जनजातीय समाज के समग्र विकास और सशक्तिकरण की पहल- राज्यपाल पटेल

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनजातीय वर्ग का समग्र विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन), धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय समाज के समग्र विकास और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बात राज्यपाल  पटेल ने बुधवार को मंडला जिले के बिछिया विकासखंड के कन्हारीकला में दुधारू पशु वितरण एवं स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में जनसमूह को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि दूध का पहले बच्चों के पोषण में उसके बाद अतिरिक्त दूध को बेचकर आय बढ़ाने में उपयोग करें। पशुओं की देखभाल बच्चों की तरह ही करनी चाहिए। समय पर चारा, पानी और बीमारी होने पर दवाइयों का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़े स्तर पर सिकलसेल जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक एक करोड़ 28 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है।  उन्होंने जेनेटिक कार्ड को बीमारी की रोकथाम का तरीका बताया। कार्ड का मिलान कर विवाह करने का परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि गर्भस्थ और प्रसूति के 72 घंटे के भीतर नवजात शिशुओं की भी जांच संभव है। जांच के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इन प्रयासों से बच्चों का वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षित होगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं से जनजातीय क्षेत्रों में जाकर लोगों को बीमारी के लक्षण और जांच के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए कहा। राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम के दौरान बैगा जनजातीय नृत्य प्रस्तुति की सराहना की। जनजातीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करना सभी की जिम्मेदारी बताई। प्रवास के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य शिविर, पशु मेले एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गो-पूजन किया। गो-माता को फूल माला पहनाई और गुड़-केला खिलाया। संबंधितों के साथ चर्चा में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और पर्यावरण के समन्वित विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला आंगनवाडी हैं, जहां उनके समग्र विकास की मजबूत नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि हरित भविष्य के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण के साथ बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए घर में उपयोग किए गए पानी से आंगनवाड़ी की पोषण वाटिका की सिंचाई करने के लिए कहा है। राज्यपाल के आंगनवाड़ी आगमन पर आत्मीयता, संस्कार और उत्सव का समन्वय देखने को मिला। राज्यपाल की आंगनवाड़ी में उपस्थिति पर नन्ही बच्ची प्रिया भारतीय और राज्यमंत्री  लखन पटेल ने जन्मदिवस की खुशियों को केक काटकर साझा किया। राज्यपाल ने परिसर में अशोक का पौधा रोपित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय समाज तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी की पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है। उन्होंने  किसानों को पशुपालन अपनाकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल  पटेल का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्यपाल सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की योजनाएं धरातल पर सही तरीके से लागू हो। उन्होंने कहा कि पहले जनजातीय क्षेत्रों में सिकलसेल की जानकारी नहीं हो पाती थी, लेकिन अब लगातार जांच शिविर आयोजित होने से लोग जागरूक हुए है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य शिविरों में जाकर जांच कराने की अपील की है। पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने कहा कि यह कार्यक्रम जनजातीय समाज के विकास का मील का पत्थर और एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने राज्यपाल  पटेल द्वारा जनजातीय कल्याण के लिये किए जा रहे कार्यों की सराहना की। सरकार द्वारा पशुपालन से बैगा परिवारों को रोजगार द्वारा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का प्रयास बताते हुए दुग्ध उत्पादन को आय और स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया। पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और बीमा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। राज्यपाल  पटेल ने किया हितलाभ वितरण कार्यक्रम में बैगा समाज के प्रतिनिधि द्वारा राज्यपाल  पटेल का पारंपरिक तरीके से सम्मान भी किया गया। राज्यपाल  पटेल ने मंडला जिले के 50, डिंडौरी जिले के 24 एवं बालाघाट जिले के 20 बैगा जनजाति के कुल 94 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत पशु प्रदाय किए। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, टीबी फूड बास्केट,  एचवीपी प्रमाण पत्र, वन काष्ठ लाभांश भी प्रदान किए।  

1 अप्रैल को मंडला के ग्राम कान्हारी कला में होगा कार्यक्रम

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल 1 अपैल को मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों को दुधारू पशुओं की सौगात देंगे। कार्यक्रम मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम कान्हारी कला में होगा। कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार  लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार पटेल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल  पटेल से भेंट की। उन्होंने आगामी 1 अप्रैल को मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम कान्हारी कला में होने वाले मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना कार्यक्रम के बारे में राज्यपाल  पटेल को जानकारी दी और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। राज्यपाल  पटेल ने आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव भी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, सहरिया एवं भारिया समुदाय के समग्र विकास, आर्थिक सशक्तिकरण के लिये मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना संचालित की जा रही है। योजना में प्रदेश सरकार द्वारा हितग्राही को इकाई लागत का 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि 10 प्रतिशत राशि हितग्राही को जमा करनी होती है। योजना का क्रियान्वयन डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना और भिंड जिले में किया जा रहा है। 

उपलब्धियों का उत्सव भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है : राज्यपाल पटेल

उपलब्धियों के उत्सव से शुरू होती भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियाँ : राज्यपाल  पटेल गरीब और वंचितों का जीवन बेहतर बनाने में ज्ञान से करें सहयोग भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि आज का समारोह उनके जीवन की उपलब्धियों का उत्सव तो है, लेकिन यह उनके भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे संवेदना, सेवा और सहयोग के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें और अपने हौसले तथा हुनर से गरीब, वंचित और जरूरतमंदों का जीवन बेहतर बनाने में योगदान दें। गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों की मदद को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और अपने ज्ञान को सार्थकता प्रदान करें। राज्यपाल  पटेल ने  स्वशासी संस्थान टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (टी.आई.टी.) के वार्षिक ‘प्लेसमेंट डे’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनका स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।राज्यपाल  पटेल ने समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और हायरिंग कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल  पटेल ने ‘प्लेसमेंट डे’ के अवसर पर रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी युवाओं को विकसित भारत का कर्णधार मानते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल इंडिया जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को नए पंख मिले हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के प्रयासों के लिए टी.आई.टी. ग्रुप से जुड़े सभी सहयोगियों को साधुवाद दिया। पूर्व मंत्री एवं विधायक  अजय विश्नोई ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सामान्य हवा और हीलियम से भरे गुब्बारों के प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने असफलता को सफलता में बदलने के लिए स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, संस्थान की अध्यक्ष मती साधना करसोलिया और विभिन्न कंपनियों के कैंपस हायरिंग प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य संरक्षक  रामराज करसोलिया भी मंचासीन थे।  

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प और आत्मविश्वास का प्रतीक, बोले राज्यपाल पटेल

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026 नॉट आउट @100 के समापन समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के अद्भुत प्रदर्शन का मंच है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 का समापन केवल समारोह भर नहीं है, यह आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन का उत्सव है। प्रतियोगिता के प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी ने अपनी क्षमता, धैर्य और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि सीमाएँ हमारे विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 के समापन कार्यक्रम को पुलिस लाइन स्टेडियम में संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल, ध्यान-विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं विवेकानंद विधिक न्याय केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग कर समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने खेल और खिलाड़ी का परिवार के मुखिया के रूप में सहयोग और प्रोत्साहन दिया है। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी के मंत्रीमण्डल में उन्होंने 14 वर्ष कार्य किया है। गुजरात में खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक स्तर पर आयोजन मोदी जी ने शुरू कराया था। आज खेलों इंडिया में सारा देश खेल रहा है। उन्होंने खेल और क्रिकेट के प्रति अपनी अभिरूचि को बताते हुए खेल प्रतियोगिता के मुकाबलों को नहीं देख पाने का अफसोस करते हुए बताया कि कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुँचने के उनके प्रयास विपरीत मौसम के कारण सफल नहीं हो सके। बावजूद इसके कि वह समापन समारोह में सीधे विमानतल से आयें है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे के मार्गदर्शन में कार्य की स्मृतियों को बताते हुए कहा कि समाज सेवा के कार्यों में वे उनके प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने दिव्यांगजन की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजनों की निरंतरता की बात कही है।   राज्यपाल दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुए अभिभूत  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने मंचासीन दिव्यांग खिलाड़ी  प्रियेश कुमार ने स्वरबद्ध काव्य का पाठ किया। राज्यपाल  पटेल ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ईश्‍वर ने उनको दिव्य कंठ प्रदान किया है। उन्होंने प्रियेश कुमार की काव्य रचना को उत्कृष्ट बताते हुए उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने समारोह में जन-गण-मन और वन्दे मातरम् गीत का गायन करने वाली दिव्यांग कलाकार सु फाल्गुनी को मंच पर आमंत्रित कर पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मंचासीन अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी  शैलेन्द्र यादव ने भी विचार व्यक्त किए। प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, विधायक  हेमंत खंडेलवाल  ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय है। उन्होंने 100 घंटे क्रिकेट को अनूठा आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को पहचानने के प्रयास समाज को मिलकर करने चाहिए। उन्होंने आयोजन के परिकल्पना की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि खेल प्रतियोगिता एक संकल्प था, आत्मविश्वास का साझा उत्सव और साधना थी। प्रतिभागियों ने दिखा दिया कि सीमाएँ परिस्थितियों में हो सकती है, संकल्प में नहीं। उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव में 6 प्रकार की दिव्यांगता के कुल 754 खिलाड़ियों ने भाग लिया इसमें 100 से अधिक महिला दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी अपनी खेल-कौशल का परिचय दिया। महोत्सव में 32 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का शॉल एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल को स्मृति प्रतीक के रूप में ट्रॉफी भेंट की। समापन समारोह में इंडिया एशिया बुक के प्रतिनिधि द्वारा प्रतियोगिता को इंडिया एशिया बुक में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज करने की घोषणा की। आभार प्रदर्शन  राम मनोहर सिंह ने किया।     

राज्यपाल ने वनांचल ग्राम परसिली में जनजातीय समुदाय से किया संवाद

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पात्र व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर ही विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब और जरूरतमंदों को प्राथमिकता से योजनाओं से जोड़ें तथा उन्हें मुख्यधारा में शामिल कराए। राज्यपाल सीधी जिले के मझौली जनपद अंतर्गत वनांचल ग्राम परसिली में गुरुवार को आयोजित जनजातीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है। महिलाएं निर्भीक होकर मंच से अपने अनुभव साझा कर रही हैं। परिवार की आर्थिक उन्नति में भागीदारी कर रही हैं। आधुनिक तकनीक को अपनाने में भी वह तेजी से आगे बढ़ रही है। देश में एक करोड़ ड्रोन दीदी है। आने वाले समय में यह संख्या दो करोड़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में जनजातीय समुदाय के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। पीएम जनमन योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये से विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सिकल सेल एनीमिया मरीजों से नियमित दवा लेने और खान-पान का ध्यान रखने का आग्रह किया। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि वनांचल में राज्यपाल  पटेल के आगमन से उत्साह का माहौल है, वे गुजरात से ही सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं, उनका यह संकल्प प्रदेश में जारी है। स्वागत उद्बोधन में विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि अंचल में जनजातीय वर्ग को शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सभी से सिकल सेल एनीमिया की जांच कराने के लिए कहा है। इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर राज्यपाल  पटेल का जनजातीय परंपरागत नृत्य से स्वागत किया गया। राज्यपाल ने कन्या-पूजन और मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया।  राज्यपाल  पटेल को परंपरागत जनजातीय कैप पहनाई गई और प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह और हितग्राही परिजनों से की चर्चा राज्यपाल  पटेल को रमाबाई अंबेडकर स्व-सहायता समूह की सदस्य मती साधना ने बताया कि समूह से जुड़कर सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। कृषि एवं बीमा कार्य कर वे प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपए कमा रही हैं। वार्षिक आय एक लाख से अधिक है। आस्था स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष मती ललिता ने बताया कि उनकी पहले आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। अब वे लखपति दीदी है। राज्यपाल ने ओम प्रकाश बैगा के बच्चों शिवानी, शिवम और पुष्पेन्द्र को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षित होकर ही सपने साकार होते हैं। उन्होंने माता-पिता की सेवा और नैतिक मूल्यों के पालन पर बल देते हुए जीवन में बड़े लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। परिवार ने बताया कि उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। हितलाभ वितरण और प्रदर्शनी का अवलोकन  राज्यपाल  पटेल ने जनजातीय संवाद कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मध्यप्रदेश डे-आजीविका मिशन के तहत ऋण वितरण किए। कार्यक्रम स्थल में मध्य प्रदेश डे-आजीविका मिशन द्वारा लगाई गई हर्बल अबीर, गुलाल, महुआ के लड्डू आदि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश राज्यपाल  पटेल ने परसिली स्थित सत्यसाई आश्रम में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही प्रत्येक नागरिक को जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने आश्रम में उपस्थित बच्चों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए पारंपरिक कला और पेंटिंग की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और आजीविका का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।  

जनजातीय, गरीब परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है। शिक्षा जीवन में प्रगति का आधार है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने जनजातीय और वंचितों को शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ दिलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के अंतिम व्यक्ति का सशक्तिकरण संभव होगा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय धरती आबा ग्राम सलैया खास में आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को शामिल हुए। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा के त्याग से प्रेरणा लेकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 18 विभागों की योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों को मिलेगा। उन्होंने जनजातीय युवाओं का शिक्षित होकर समाज को जागरूक करने और मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में स्वसहायता समूहों के योगदान की सराहना की। सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 हजार करोंड़ रूपये के प्रवाधान की जानकारी दी। प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने निक्षय मित्र योजना, उज्ज्वला योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल  पटेल के सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना सांसद  जनार्दन मिश्र ने की। उन्होंने सलैया मार्ग निर्माण के लिये सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी। विधायक  प्रदीप पटेल ने कहा कि हनुमना क्षेत्र के 144 ग्रामों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से जोड़कर जनजातीय विकास और मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्यपाल  पटेल का जनजातीय पारंपरिक नृत्य शैला एवं कर्मा से स्वागत हुआ। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने हितलाभ वितरण एवं प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जनजातीय नायकों मोतीलाल बैगा, सुदर्शन सिंह गोड़ तथा जगन्नाथ कोल का शॉल और फल से सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। राज्यपाल ने हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने ग्रामीण चौपाल में किया जनसंवाद राज्यपाल  पटेल ने मऊगंज जिले के ग्राम सलैया खास में प्रथम प्रवास के दौरान ग्रामीण चौपाल में जनसंवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों और अधिकारियों से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जानकारी ली। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने पर जोर दिया।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप दे

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की। अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलकर देश को आगे बढ़ाएं : राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल एवं कुलाधिपति  मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर राजनीतिक शुचिता, महिला सशक्तिकरण और सेवा की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने अनेक कल्याणकारी सेवा कार्य किए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने गुजरात के जूनागढ़ के 60 परिवारों को इंदौर में बसाया। लोकमाता का व्यक्तित्व और कृतित्व लगभग 300 वर्षों के बाद आज भी प्रेरणादायक है। विद्यार्थी, लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर निरंतर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि और पदक प्रदान करने के साथ बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि दीक्षांत उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज उपाधियां प्राप्तकर्ताओं में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या अधिक है। यह “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आहवान किया कि हमेशा सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 में भारत को विकसित बनाने में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी राज्यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमेशा अडिग रहे। ईमानदार रहे। सच्चाई के रास्ते पर चलें। कभी असत्य नहीं बोलें। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम राम के जीवन में भी अनेक कठिनाईयां आई थी। इसके बाद भी उन्होंने अपनी मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा कभी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने भगवान  राम को जो आदेश दिया, उसका उन्होंने अक्षरश: पालन किया। विद्यार्थियों को रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करना चाहिए। दीक्षांत समारोह में स्थानीय सांसद  शंकर लालवानी ने भारत को विकसित बनाने में योगदान देने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का आहवान किया। पद्म से सम्मानित  नारायण व्यास ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य बनाए और उसे पूरा करने के लिये परिश्रम करें। उत्कृष्ट पढ़ाई करें जिससे कि उन्हें रोजगार के समुचित अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के उन्मुखीकरण और गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। समारोह में कुल सचिव, प्राचार्य, प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, उनके परिजन तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।  

दीन-दुखियों की सेवा का संकल्प प्रेरणादायी और अनुकरणीय : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल बड़वानी के ग्राम नागलवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल हर ग्राम–एक काम अभियान का किया शुभारंभ सिकल सेल शिविर का अवलोकन और हितलाभ वितरण किया भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा का संकल्प प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। खरगौन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने माता-पिता के संस्कारों से प्रेरित होकर जो सेवा का संकल्प लिया है, वह अत्यंत पुण्य का कार्य है। उन्होंने सुशीला देवी उमराव सिंह पटेल सेवा संस्थान द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिये निरंतर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। राज्यपाल पटेल सोमवार को बड़वानी के भिलट देव धाम, ग्राम नागलवाड़ी में सुशीला देवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान द्वारा सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं पोषण आहार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम से पूर्व स्थानीय भिलट देव धाम पहुँचकर पूजा-अर्चना भी की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्था द्वारा टी.बी. रोगियों को पोषण आहार वितरण, सिकल सेल जांच, व्यापक जागरूकता तथा विभिन्न प्रकार की जांच-परामर्श आदि सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करना गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की बड़ी मदद है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। 'हर ग्राम–एक काम' जनकल्याण की सार्थक पहल राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर सांसद अभियान अंतर्गत 'हर ग्राम–एक काम' का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से जनकल्याणकारी कार्य करना सार्थक पहल है। यह अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाने का विशेष प्रयास है। राज्यपाल पटेल को बताया गया कि अभियान में सांसद प्रत्येक पंचायत में युवाओं, महिलाओं एवं नागरिकों से संवाद करेंगे। उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों एवं नवीन अवसरों का सृजन करेंगे। स्वरोजगार-रोजगार के नवाचार करेंगे। स्थानीय उद्योगों एवं लघु व्यवसायों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र योजना के टी.बी. मरीजों को पोषण आहार वितरित किया। स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, कैंसर, स्त्री रोग, स्तन कैंसर, नाक-कान-गला, हड्डी रोग, शिशु रोग, मूत्र रोग, नेत्र रोग एवं जनरल मेडिसिन संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। ईको, ई.सी.जी., शुगर, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, मोतियाबिंद एवं नेत्र परीक्षण, सर्वाइकल कैंसर, कोल्पोस्कोपी, पैप स्मियर तथा मैमोग्राफी आदि जांचें भी की गईं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, सांसद रतलाम-झाबुआ श्रीमती अनिता नागरसिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंतसिंह पटेल, पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित श्रीमती नंदा ब्राह्मणे, अजय यादव, संस्था अध्यक्ष श्रीमती बसंती गजेंद्रसिंह पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, चिकित्सक, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में खरगोन-बड़वानी संसदीय क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।