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राज्यपाल पटेल से केरल के पार्षदों की मुलाकात, राजधानी के स्वच्छता मॉडल की सराहना

राज्यपाल  पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल  पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल  पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

राज्यपाल पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात

राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को लोकभवन के जवाहर खण्ड में रेडक्रॉस के मध्यप्रदेश शाखा की नवगठित प्रबंधन समिति के साथ चर्चा की। उन्होंने नवागत सदस्यों को सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ कार्य के लिए शुभकामनाएं दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विधि अधिकारी  उमेश वास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविन्द पुरोहित और रेडक्रॉस प्रबंधन समिति के सदस्य मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल को रेडक्रॉस चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे से रेडक्रॉस अस्पताल के प्रबंधन, ओ.पी.डी. संचालन, माहवार मरीजों की संख्या, जाँच, विभिन्न मदों से प्राप्त आय और व्यय के संबंध में अवगत कराया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि मरीजों के इलाज, जरूरी जाँच और व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाये। मरीजों की देखभाल से जुड़ी सभी व्यवस्थाएँ हमेशा पुख्ता रखें। बैठक में रेडक्रॉस के जनरल सेक्रेटरी  रामेन्द्र सिंह ने समिति की गतिविधियों का विवरण दिया।  

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार: राज्यपाल पटेल ने लोक भवन में 63 पुरस्कृत पुष्प किस्मों का किया अवलोकन

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने लोक भवन की पुरस्कृत 63 पुष्प किस्मों का किया अवलोकन भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित लोक भवन के पुष्पों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने लोक भवन को प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी ली। लोकभवन उद्यानों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल  पटेल ने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और निष्ठा से किए गए कार्य सदैव उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त पुरस्कार कर्मचारियों की कार्य-निष्ठा और समर्पण का प्रतिफल हैं। फूलों की देखभाल में बहाया गया पसीना ही इन पुरस्कारों का प्रसाद है। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में 63 किस्मों को पुरस्कार मिलना हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत किस्मों में से 42 पुष्पों को प्रथम तथा 21 पुष्पों को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होना एक विशिष्ट उपलब्धि है। राज्यपाल  पटेल लोक भवन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत पुष्पों का अवलोकन करने के लिए लाल कोठी के सामने स्थित पुरानी तोप प्रांगण पहुँचे। उन्होंने प्रत्येक पुरस्कृत पुष्प किस्म का अवलोकन किया तथा पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि भोपाल में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थानों तथा कृषकों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में लोक भवन के पुष्पों की बड़ी संख्या में पुरस्कार प्राप्त होने के दृष्टिगत नियंत्रक, हाउसहोल्ड लोकभवन को शील्ड प्रदान कर अलंकृत किया गया। उनको बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में साल्विया,  पिंक,  एस्टर,  डॉगफ्लावर, सिनेरिया, हाइब्रिड डहेलिया, देशी डहेलिया, मिनी-डहेलिया, डायनामोर, स्वीट-विलियम, स्वीट-एलायसम, वर्बीना,  कैलेंडुला,  बिजली, सिलोसिया आदि मौसमी फूलों के गमले एवं कट-फ्लावर तथा गुलाब की विभिन्न किस्में—एच.टी. रोज (लाल, गहरे गुलाबी, हल्के गुलाबी, पीले, सफेद, ऑरेंज, मौव-पर्पल,  बहुरंगी,  धारदार, सुगंधित),  फ्लोरीबंडा (गुच्छ पुष्प), फ्ल्यूटी, समर स्नो, पोलिएंथा, मिनिएचर आदि के गमले एवं कट-फ्लावर प्रदर्शित किए गए थे।     

गणतंत्र दिवस 2026 परेड के सहभागी रा.से.यो. के स्वयं सेवक लोक भवन में हुए सम्मानित

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आत्मीय सद्भावना के साथ जरूरतमंद की मदद सच्ची समाज सेवा है। सेवा का भाव सबकी अंतरात्मा में निहित है। उसे अच्छे संस्कारों और मूल्यों से उभारने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से कहा कि आपके कार्यों से लोगों को खुशी मिले। किसी को दुख नहीं हो। हर दिन के अंत में चिंतन करें, क्योंकि समाज बदलने के लिए स्वयं को बदलना आवश्यक है। सबके लिए सद्भावना और निस्वार्थ सेवा से ही आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। धन से क्षणिक सुख तो प्राप्त किया जा सकता है, किन्तु वास्तविक सुख संस्कारित आचरण से ही मिलता है।राज्यपाल  पटेल गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ‘कैंपस टू कम्यूनिटी’ सफर ‘शिक्षा द्वारा समाज सेवा’ और ‘समाज सेवा द्वारा शिक्षा’ के महान लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि “स्वयं से पहले सेवा” के जीवन-मंत्र को अपनाने की साधना है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के समर्पित सिपाही हैं। उनका प्रत्येक कदम समाज की प्रगति, जागरूकता और संवेदनशीलता की दिशा में आगे बढ़ता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति के समक्ष सलामी देना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली सार्थकता तब है, जब स्वयंसेवक अपनी निस्वार्थ सेवा और अटूट संकल्प से वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाएँ। उन्होंने कहा कि समाज सेवा में सद्भाव होगा तभी वंचितों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर युवाओं की अनुशासित और प्रभावशाली कदमताल ने प्रदेशवासियों का दिल जीता है। साथ ही यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश का युवा हर क्षेत्र में अग्रणी है। राज्यपाल  पटेल ने गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले स्वयंसेवकों और पुरस्कार प्राप्त युवाओं का लोकभवन में हार्दिक स्वागत किया। उनको उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। स्वागत उद्बोधन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना सहित अधिकारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल को MY भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रा आयुषी सिन्हा और सोमित दुबे ने पुरस्कार का अवलोकन कराया। पुरस्कार के संबंध में जानकारी दी। छात्रा रिमी शर्मा और संजय कुमार रजक ने एक माह के शिविर की गतिविधियों के संबंध में छायाचित्रों के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की। छात्रा प्रज्ञा सक्सेना और छात्र विनोद कुमार सेन ने शिविर की गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया। राज्यपाल  पटेल ने नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को पुरस्कार और मेडल प्रदान किए। पुरस्कार और पदक प्राप्त करने वालों में आयुषी सिन्हा, सोमित दुबे, प्रज्ञा सक्सेना, विनोद कुमार सेन, आशा वरकड़े, रिमी शर्मा, अंतरा चौहान, आदित्य गौर, महेश चौहान और संजय कुमार रजक शामिल थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने समवेद स्वर में गीतों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सजाया। उन्होंने ‘स्वयं सजें वसुंधरा, सवार दें’ और ‘गूंजे गगन में, महकें पवन में, हर एक मन में सद्भावना’ जैसे गीतों के माध्यम से सामाजिक चेतना और देशभक्ति का संदेश सभी उपस्थित जनों तक पहुँचाया।  

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल का बयान: विविधता में एकता से सशक्त होता है भारत

विविधता में एकता से सशक्त होता भारत : राज्यपाल  पटेल राज्यों की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का उत्सव  लोकभवन में मना चार राज्यों का संयुक्त स्थापना दिवस समारोह भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल प्रशासनिक इकाइयों के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता के उत्सव का पावन प्रसंग है। उन्होंने “विविधता में एकता” को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” का संकल्प इसी भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल श्री पटेल मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश राज्यों के संयुक्त स्‍थापना दिवस समारोह को शनिवार को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के स्‍थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल को निदेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडेय ने चित्रकार दोरेन सिंह द्वारा निर्मित केनवास पेंटिंग “पुंग चोलम ऑफ मणिपुर” भेंट की। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” अभियान ने देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व के आयोजन में देश के सभी राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाया जाता है। एकता नगर गुजरात में हुए गत वर्ष के समारोह में 11 नवम्बर को मध्यप्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय का संयुक्त समारोह आयोजित हुआ था। इसमें राज्यों के राज्यपाल एवं मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद हमारी आत्मा, चेतना और संस्कार एक हैं। उत्तर भारत की आध्यात्मिक चेतना, पूर्वोत्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और पश्चिमी भारत की समुद्री विरासत का संगम भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रेरक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने स्थापना दिवस को क्षेत्रीय अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प का विशेष प्रसंग बताया। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरव के रूप में अपनाने और “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। राज्यों के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्यमंत्री, जेल विभाग श्री दारा सिंह ने मध्यप्रदेश में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए बधाई दी। उन्होंने मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश की लोक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लगा मानो वे स्वयं उन राज्यों में पहुँच गए हों। उन्होंने बताया कि देश के 50% एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं, तीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं और अयोध्या में चौथा बन रहा है। नोएडा मोबाइल निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने लोकभवन में समारोह आयोजन के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यों के संयुक्त समारोह में मणिपुर के राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला और मेघालय के राज्यपाल श्री सी.एच. विजयशंकर के वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया। मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों की संस्कृति, सभ्यता और विकास को दर्शाती लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। मणिपुर राज्य की ओर से "दि गोल्डन लैंड ऑफ लियंगमई" लोक गीत की प्रस्तुति दी गई। गीत के माध्यम से लियंगमई जनजाति, अपनी पूर्वजों की भूमि को 'स्वर्ण भूमि' के रूप में सराहा गया। लोक नृत्य “थोगल जागोई” की प्रस्तुति दी गई। मेघालय राज्य की ओर से लोक गीत "पोर तमास" गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसमें पारंपरिक वाद्यों की गूंज के संगम में अद्भूत समा बांध दिया। उत्तर प्रदेश राज्य की प्रस्तुति में प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के लोक गीतों छठ पूजा, कजरी, जट-जटिन, रासलीला, होरी और फगुआ के मोतियों को एक माला में पिरोते हुए राज्य की सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का संचालन आभा शुक्ला ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, स्‍थापना दिवस समारोह से संबंधित राज्यों के मध्यप्रदेश वासी उपस्थित थे।  

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण, बोले राज्यपाल पटेल

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल  पटेल लोक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।   राज्यपाल  पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी। समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक  छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएँ, सकारात्मक शुरुआत का आह्वान

नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी नव वर्ष की शुभकामनाएँ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक है। यह समय है कि हम बीते अनुभवों से सीख लेते हुए मध्यप्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लें। राज्यपाल पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। किसान, युवा, महिलाएँ और वंचित वर्गों का कल्याण सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढाँचे और निवेश के क्षेत्र में संतुलित विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि को लाभकारी बनाना, युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना और मातृशक्ति को सशक्त करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और पर्यटन संभावनाएँ हमारे गौरव का आधार हैं।  हमें सदैव स्मरण रखना होगा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के बिना समृद्धि संभव नहीं है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों का आह्वान  किया है कि सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता, जल संरक्षण और संवैधानिक मूल्यों को अपनाते हुए विकास की इस यात्रा में सहभागी बने। नववर्ष 2026 में एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।