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गणतंत्र दिवस 2026 परेड के सहभागी रा.से.यो. के स्वयं सेवक लोक भवन में हुए सम्मानित

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आत्मीय सद्भावना के साथ जरूरतमंद की मदद सच्ची समाज सेवा है। सेवा का भाव सबकी अंतरात्मा में निहित है। उसे अच्छे संस्कारों और मूल्यों से उभारने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से कहा कि आपके कार्यों से लोगों को खुशी मिले। किसी को दुख नहीं हो। हर दिन के अंत में चिंतन करें, क्योंकि समाज बदलने के लिए स्वयं को बदलना आवश्यक है। सबके लिए सद्भावना और निस्वार्थ सेवा से ही आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। धन से क्षणिक सुख तो प्राप्त किया जा सकता है, किन्तु वास्तविक सुख संस्कारित आचरण से ही मिलता है।राज्यपाल  पटेल गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ‘कैंपस टू कम्यूनिटी’ सफर ‘शिक्षा द्वारा समाज सेवा’ और ‘समाज सेवा द्वारा शिक्षा’ के महान लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि “स्वयं से पहले सेवा” के जीवन-मंत्र को अपनाने की साधना है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के समर्पित सिपाही हैं। उनका प्रत्येक कदम समाज की प्रगति, जागरूकता और संवेदनशीलता की दिशा में आगे बढ़ता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति के समक्ष सलामी देना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली सार्थकता तब है, जब स्वयंसेवक अपनी निस्वार्थ सेवा और अटूट संकल्प से वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार लाएँ। उन्होंने कहा कि समाज सेवा में सद्भाव होगा तभी वंचितों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर युवाओं की अनुशासित और प्रभावशाली कदमताल ने प्रदेशवासियों का दिल जीता है। साथ ही यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश का युवा हर क्षेत्र में अग्रणी है। राज्यपाल  पटेल ने गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले स्वयंसेवकों और पुरस्कार प्राप्त युवाओं का लोकभवन में हार्दिक स्वागत किया। उनको उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। स्वागत उद्बोधन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना सहित अधिकारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल को MY भारत राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रा आयुषी सिन्हा और सोमित दुबे ने पुरस्कार का अवलोकन कराया। पुरस्कार के संबंध में जानकारी दी। छात्रा रिमी शर्मा और संजय कुमार रजक ने एक माह के शिविर की गतिविधियों के संबंध में छायाचित्रों के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की। छात्रा प्रज्ञा सक्सेना और छात्र विनोद कुमार सेन ने शिविर की गतिविधियों और अनुभवों को साझा किया। राज्यपाल  पटेल ने नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को पुरस्कार और मेडल प्रदान किए। पुरस्कार और पदक प्राप्त करने वालों में आयुषी सिन्हा, सोमित दुबे, प्रज्ञा सक्सेना, विनोद कुमार सेन, आशा वरकड़े, रिमी शर्मा, अंतरा चौहान, आदित्य गौर, महेश चौहान और संजय कुमार रजक शामिल थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने समवेद स्वर में गीतों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सजाया। उन्होंने ‘स्वयं सजें वसुंधरा, सवार दें’ और ‘गूंजे गगन में, महकें पवन में, हर एक मन में सद्भावना’ जैसे गीतों के माध्यम से सामाजिक चेतना और देशभक्ति का संदेश सभी उपस्थित जनों तक पहुँचाया।  

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल का बयान: विविधता में एकता से सशक्त होता है भारत

विविधता में एकता से सशक्त होता भारत : राज्यपाल  पटेल राज्यों की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का उत्सव  लोकभवन में मना चार राज्यों का संयुक्त स्थापना दिवस समारोह भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल प्रशासनिक इकाइयों के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता के उत्सव का पावन प्रसंग है। उन्होंने “विविधता में एकता” को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” का संकल्प इसी भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल श्री पटेल मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश राज्यों के संयुक्त स्‍थापना दिवस समारोह को शनिवार को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के स्‍थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल को निदेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडेय ने चित्रकार दोरेन सिंह द्वारा निर्मित केनवास पेंटिंग “पुंग चोलम ऑफ मणिपुर” भेंट की। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” अभियान ने देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व के आयोजन में देश के सभी राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाया जाता है। एकता नगर गुजरात में हुए गत वर्ष के समारोह में 11 नवम्बर को मध्यप्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय का संयुक्त समारोह आयोजित हुआ था। इसमें राज्यों के राज्यपाल एवं मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद हमारी आत्मा, चेतना और संस्कार एक हैं। उत्तर भारत की आध्यात्मिक चेतना, पूर्वोत्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और पश्चिमी भारत की समुद्री विरासत का संगम भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रेरक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने स्थापना दिवस को क्षेत्रीय अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प का विशेष प्रसंग बताया। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरव के रूप में अपनाने और “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। राज्यों के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्यमंत्री, जेल विभाग श्री दारा सिंह ने मध्यप्रदेश में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए बधाई दी। उन्होंने मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश की लोक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लगा मानो वे स्वयं उन राज्यों में पहुँच गए हों। उन्होंने बताया कि देश के 50% एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं, तीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं और अयोध्या में चौथा बन रहा है। नोएडा मोबाइल निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने लोकभवन में समारोह आयोजन के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यों के संयुक्त समारोह में मणिपुर के राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला और मेघालय के राज्यपाल श्री सी.एच. विजयशंकर के वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया। मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों की संस्कृति, सभ्यता और विकास को दर्शाती लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। मणिपुर राज्य की ओर से "दि गोल्डन लैंड ऑफ लियंगमई" लोक गीत की प्रस्तुति दी गई। गीत के माध्यम से लियंगमई जनजाति, अपनी पूर्वजों की भूमि को 'स्वर्ण भूमि' के रूप में सराहा गया। लोक नृत्य “थोगल जागोई” की प्रस्तुति दी गई। मेघालय राज्य की ओर से लोक गीत "पोर तमास" गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसमें पारंपरिक वाद्यों की गूंज के संगम में अद्भूत समा बांध दिया। उत्तर प्रदेश राज्य की प्रस्तुति में प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के लोक गीतों छठ पूजा, कजरी, जट-जटिन, रासलीला, होरी और फगुआ के मोतियों को एक माला में पिरोते हुए राज्य की सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का संचालन आभा शुक्ला ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, स्‍थापना दिवस समारोह से संबंधित राज्यों के मध्यप्रदेश वासी उपस्थित थे।  

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण, बोले राज्यपाल पटेल

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल  पटेल लोक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।   राज्यपाल  पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी। समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक  छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएँ, सकारात्मक शुरुआत का आह्वान

नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी नव वर्ष की शुभकामनाएँ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक है। यह समय है कि हम बीते अनुभवों से सीख लेते हुए मध्यप्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लें। राज्यपाल पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। किसान, युवा, महिलाएँ और वंचित वर्गों का कल्याण सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढाँचे और निवेश के क्षेत्र में संतुलित विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि को लाभकारी बनाना, युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना और मातृशक्ति को सशक्त करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और पर्यटन संभावनाएँ हमारे गौरव का आधार हैं।  हमें सदैव स्मरण रखना होगा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के बिना समृद्धि संभव नहीं है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों का आह्वान  किया है कि सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता, जल संरक्षण और संवैधानिक मूल्यों को अपनाते हुए विकास की इस यात्रा में सहभागी बने। नववर्ष 2026 में एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।  

राज्यपाल पटेल ने कहा, विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं

विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप-2025 की विजेता खिलाड़ियों का सम्मान राष्ट्रीय टीम की प्रदेश की खिलाड़ियों ने लोकभवन में की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप – 2025 की विजेता टीम की बेटियां महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विजेता होना दिव्यांगजनों के हौसलें और दिव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बेटियों की उपलब्धि प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। राज्यपाल पटेल सोमवार को राष्ट्रीय ब्लाइंड महिला टी-20 टीम की प्रदेश की खिलाड़ी सुसुषमा पटेल, सुसुनीता सराठे और सुदुर्गा येवले से लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने तीनों खिलाड़ियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके कोच का भी उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल पटेल ने उन्हें बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। भारतीय महिला (ब्लाइंड) क्रिकेट टीम ने 23 नवम्बर 2025 को कोलंबो में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप के फ़ाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सुसुनीता सराठे , दमोह ज़िले की सुसुषमा पटेल और बैतुल ज़िले की सुदुर्गा येवले प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं हैं।  

प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल

मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार दवा वितरित करें : राज्यपाल  पटेल प्रधानमंत्री आवास में विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित हो: राज्यपाल राज्यपाल  पटेल ने की जनमन अभियान की समीक्षा भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा वितरित किए जाने वाली दवा की मात्रा मोबाइल यूनिट रूट चार्ट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगी को दवा की आवश्यकता और मेडिकल यूनिट के पुन: आगमन की अवधि की गणना के अनुसार दवा का वितरण होना चाहिए, जिससे यूनिट के दोबारा आने तक रोगी के पास दवा की उपलब्धता बनी रहे। राज्यपाल  पटेल शुक्रवार को लोक भवन में जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खांडेकर एवं अन्य सदस्य भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनमन योजना के तहत हितग्राहियों को मिले आवास में विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। आवास वार विद्युत कनेक्शनों की उपलब्धता की जानकारी संकलित कर, जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नहीं है, उनको चिह्नित किया जाए। विद्युत कनेक्शन कराने की व्यवस्था की जाए। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें 4 लाख 75 हजार 375 पी.व्ही.टी.जी. हितग्राही और 4 लाख 76 हजार 647 अन्य हितग्राही शामिल हैं। यूनिट द्वारा 95 हजार 360 सिकल सेल और 15 हजार 811 की टी.बी. स्क्रीनिंग की गई। 7 लाख से अधिक रोगियों की डायग्नोस्टिक जाँच भी की है। बैठक में बताया गया है कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित है। योजना के तहत पी.व्ही.टी.जी. की 6 हजार से अधिक बसाहटों के 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी को लाभान्वित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत हितग्राही मूलक सात योजनाओं आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड में सैचुरेशन की स्थिति है। कुल 1 लाख 30 हजार 521 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो गए है। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं में से अनूपपुर एवं बालाघाट जिले की योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। संचालन एवं संधारण के शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कर लिया जायेगा। दतिया, कटनी, सिवनी एवं उमरिया जिले की 6 योजनाओं के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके है। शेष कार्य समय सीमा में पूर्ण किये जाने के कार्य प्रगतिरत है। बैठक में हर घर नल से जल, बहुउद्देशीय केन्द्र, आंगनवाड़ी निर्माण, छात्रावास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, हर घर बिजली, हर घर बिजली-ऑफ ग्रिड, वनधन विकास केन्द्र और मोबाइल नेटवर्क कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग  गुलशन बामरा, आयुक्त एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना  सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल पटेल ने किया गौवंश का पूजन मुरारीलाल तिवारी गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को इंदौर के सांवेर रोड़ स्थित मुरारीलाल तिवारी गौशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गौशाला में गौवंश का पूजन किया और गौमाता को लड्डू खिलाये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि गायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। भारत में गौमाता के पूजन की परम्परा वर्षों पुरानी है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को विधायक सुश्री उषा ठाकुर और गौशाला संचालकों ने गौशाला की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौशाला में तीन सौ से अधिक गायों की देख भाल और सेवा की जाती है। उनका पूरा ध्यान रखा जाता है। राज्यपाल श्री पटेल को गौशाला के सचिव श्री सुभाष गोयल ने गौशाला से संबंधित साहित्य भेंट किया।  

शिक्षा का उद्देश्य है समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के 7वें दीक्षांत समारोह में हुए शामिल 16 शोधार्थियों को प्रदान की पी.एच.डी. उपाधि भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आप सभी युवाओं को डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आहवान किया। राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार और युग पुरुष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल श्री पटेल ने संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगायें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उपाधियाँ प्राप्तकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की 'स्मारिका' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम ने दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षांत शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि,  विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे। 

एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल का बयान—श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलता है सम्मान अच्छे व्यक्तियों को सदैव मिलता है सम्मान : राज्यपाल  पटेल एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि  हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है। राज्यपाल के समक्ष प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री कविता यादव और श्री निशांत भूरिया ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। आभार प्रदर्शन सह-प्रशिक्षण संचालक सुश्री रुचि जैन ने किया। राज्यपाल को अकादमी संचालक ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।