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पुराने केस की गुत्थी: शारिक मछली और क्लीन चिट देने वाला टीआई अब जांच के दायरे में

भोपाल  भोपाल में लव और ड्रग्स जिहाद के आरोपों में घिरे मछली कारोबारी शारिक मछली के खिलाफ नौ साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस पूरक चालान पेश करने जा रही है। वर्ष 2016 में अशोका गार्डन निवासी राजेश तिवारी की शिकायत पर शारिक मछली, तारिक मछली, रिजवान और शोएब के खिलाफ धारदार हथियार से हमला, मारपीट और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी ने दी थी क्लीन चिट इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप उइके ने की थी। उन्होंने शारिक और तारिक मछली को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ रिजवान और शोएब के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने चालान पेश करने में दो साल का समय लगा दिया। वहीं, जिन दो आरोपियों पर चालान पेश हुआ, वे भी करीब आठ साल से पेशी पर नहीं जा रहे हैं। न्यायालय द्वारा कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद थाना पुलिस शारिक मछली के दबाव में आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं कर रही थी। इस मामले में लापरवाही और आरोपियों को बचाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने अनूप उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो विभागीय जांच की जाएगी। पीड़ित ने लगाए नए आरोप, दोबारा शुरू हुई जांच पीड़ित राजेश तिवारी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर शारिक मछली पर अपहरण, फार्महाउस में बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त और अशोका गार्डन थाना में भी की थी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। थाना पुलिस ने अब वर्ष 2016 के केस की पुरानी फाइल खंगालना शुरू कर दी है और जल्द ही शारिक मछली के खिलाफ पूरक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

NHRC मेंबर को लालच देने की कोशिश, शारिक मछली का गुर्गा बोला- भारी नुकसान हो गया, छोड़ दो उसे

भोपाल  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भोपाल के शारिक मछली गैंग से जुड़ा एक शख्स पहुंचा और उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की. लेकिन कानूनगो ने सख्त नाराजगी जताते हुए आरोपी को फटकार लगाई और तुरंत बाहर निकलवा दिया. इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई है.  प्रियंक कानूनगो ने 'X' पर पोस्ट में लिखा, "मेरे दिल्ली सरकारी आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक व्यक्ति, जो स्वयं को मध्य प्रदेश का निवासी बता रहा था, मुझसे मिलने आया. उसने कहा कि वह भोपाल के शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का व्यवसाय करता है और उसकी ओर से आया है. उसने बताया कि शारिक को भारी नुकसान हुआ है और उसे छोड़ दिया जाए. मैंने उसे डांटकर भगा दिया. वह अपने साथ लाई मिठाई छोड़ना चाहता था, जो उसने दरवाजे पर रखकर भागते समय छोड़ दी. हमने पुलिस को शिकायत की, और पुलिस ने मिठाई जप्त कर ली. शारिक के खिलाफ हिंदू लड़कियों को नशीले पदार्थ देने, बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरण कराने के साथ-साथ वंचित केवट-मांझी समुदाय के वंशानुगत तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जा करने के मामलों में मेरे निर्देश पर जांच चल रही है. जांच पूरी सख्ती और निष्पक्षता से की जाएगी." प्रॉपर्टी सौदे के नाम पर लालच कानूनगो के मुताबिक, शख्स ने प्रॉपर्टी डील के नाम पर लालच देने की कोशिश भी की. वो अपने साथ मिठाई का डिब्बा भी लाया था और भेंट स्वरूप देना चाहता था. लेकिन उन्होंने सख्ती से इनकार करते हुए आरोपी को बाहर निकलवा दिया. बताया जाता है कि वह मिठाई का डिब्बा दरवाजे पर ही छोड़कर वहां से भाग गया. अब पुलिस ने मिठाई का डिब्बा जब्त कर जांच शुरू कर दी है.