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सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, चांदी 85,000 रुपये सस्ती

 नई दिल्‍ली सोने और चांदी के दाम में शुक्रवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. 24 घंटे में चांदी का भाव 85,000 रुपये कम हुआ. वहीं सोने के दाम में भी भारी गिरावट देखने को मिली. इतनी बड़ी गिरावट तब आई है, जब चांदी 4.20 लाख रुपये पर और सोना 2 लाख रुपये के करीब पहुंच गए थे. शुकवार, 3.30 बजे  MCX पर मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत करीब 65000 रुपये गिरकर 3,35,001 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन गुरुवार की शाम तक सिल्‍वर 4,20,048 रुपये अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई थी. इस हिसाब से देखें तो 24 घंटे में ही चांदी के भाव (Silver Price) में 85,000 रुपये की गिरावट आई है.  इसी तरह, सोने की कीमत में भी भारी गिरावट आई है. सोना 29  जनवरी, गुरुवार को अपने रिकॉर्ड स्‍तर 1,93,096 रुपये पर था, लेकिन शुक्रवार को यह 16000 रुपये टूटकर 1,67,406 रुपये पर आ गया. यानी कि 24 घंटे के दौरान सोने में 25,500 रुपये की गिरावट आई है.  कल रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचा था सोना-चांदी वायदा बाजार में गुरुवार को चांदी ने रिकॉर्ड बनाते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा ना सिर्फ पार किया, बल्कि वहां से भी इसमें जबरदस्‍त उछाल आई थी. चांदी का भाव गुरुवार को 34,000 रुपये चढ़कर अपने ऑल टाइम हाई लेवल 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी. इसी तरह, वायद बाजार 29 जनवरी को सोना 16000 रुपये चढ़कर अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1,93096 रुपये पर पहुंच गया था. हालांकि अब इन दोनों कीमती धातुओं में तगड़ी गिरावट आई है.  अचानक क्‍यों आई ये बड़ी गिरावट?      एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह मुनाफावसूली है, क्‍योंकि कई दिनों से सोने और चांदी के भाव तेजी देखी जा रही थी और इनकी कीमतें हर दिन रिकॉर्ड स्‍तर बना रही थीं. चांदी ने तो कुछ ही हफ्ते में 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये का लेवल पार कर लिया था. वहीं सोने ने भी खूब तेजी दिखाई है. ऐसे में अपने प्रॉफिट को बचाने के लिए निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं .      कुछ एक्‍सपर्र्ट्स का तो यह भी कहना है कि सोने और चांदी में जैसे ही बिकवाली हावी हुई वैसे ही शॉर्ट सेलर एंटर हो गए और ट्रेडिंग के दौरान सिल्‍वर को शॉर्ट किया, जिस कारण इसके दाम में भारी गिरावट आई है.      इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी और धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे भारत में भी MCX पर भाव नीचे आ गए.      डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि वह फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह अपने पसंदीदा शख्‍स को रखना चाहते हैं, जिस कारण डॉलर में मजबूती आई और कुछ वैश्विक तनाव भी कम हुए, जिस कारण सोने और चांदी के भाव में गिरावट आई है .  गोल्‍ड -सिल्‍वर ईटीएफ में भी बड़ी गिरावट?  सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट के कारण सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ के दाम बड़ी तेजी से गिरे हैं. शेयर बाजार बंद होने तक सिल्‍वर और गोल्‍ड ETF के दाम 20 फीसदी तक टूट गए. ICICI Silver ETF 20.14 फीसदी गिरा,  निप्‍पॉन इंडिया सिल्‍वर ईटीएफ 18.59 फीसदी टूटा, Tata सिल्‍वर ईटीएफ में 13 फीसदी की गिरावट आई. वहीं गोल्‍ड ईटीएफ की बात करें तो Tata Gold ETF 9.16 फीसदी गिरा, निप्‍पॉन इंडिया गोल्‍ड ईटीएफ 10.50 फीसदी गया.  (नोट- सोना-चांदी या किसी अन्‍य ईटीएफ में निवेश से पहले अपने योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

महंगाई का झटका, चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड ₹4 लाख पार, सोने की कीमतें ₹2 लाख के करीब

इंदौर   MCX पर गुरुवार, 29 जनवरी को सुबह के सेशन में सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। MCX गोल्ड फरवरी वायदा करीब ₹10,000 या 6% बढ़कर ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 6 पर्सेंट उछलकर ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। MCX गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में करीब ₹10,000 और MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में ₹21,500 की तेजी आई। दूसरी ओर सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक, सोना 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिससे पहले यह 5,588.71 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था। चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम दोनों में गिरावट रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.2 प्रतिशत नीचे था। फेड के फैसले का सोने पर असर नहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का सोने की कीमतों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की इस चाल को बाजार के सहभागियों ने पहले ही भांप लिया था। चांदी इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है?     इंडस्ट्रियल डिमांड बहुत तेज: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), AI डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G में चांदी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. ये सेक्टर चांदी की 50% से ज्यादा डिमांड ले रहे हैं.     ग्लोबल तनाव और सेफ-हेवन: दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और महंगाई से लोग चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं.     सप्लाई कम, डिमांड ज्यादा: चांदी का उत्पादन सीमित है, माइनिंग कॉस्ट बढ़ रही है. COMEX पर चांदी $113 के आसपास है और $115+ की तरफ जा रही है.     2026 में अब तक 40-50% उछाल: पिछले साल भी चांदी तेजी से बढ़ी थी, और इस साल ये रफ्तार जारी है. खरीदने वालों और व्यापारियों के लिए क्या मतलब?     अगर आप चांदी के सिक्के, बार या जेवर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी बहुत महंगा है.     शादी-त्योहार या निवेश के लिए चांदी लेने वालों का – बजट बढ़ गया है.     चांदी व्यापारी और ज्वेलर्स – ग्राहक कम आ रहे हैं, क्योंकि लोग महंगे होने से हिचक रहे हैं.     लेकिन जिनके पास पहले से चांदी है – उनकी संपत्ति बहुत बढ़ गई है. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर सोलर, EV और AI की डिमांड जारी रही तो चांदी ₹4.5 लाख तक जा सकती है. लेकिन अगर ग्लोबल रिसेशन आया या मुनाफावसूली हुई तो थोड़ी गिरावट भी संभव है. अमेरिका-ईरान तनाव अब फेाकस अमेरिका और ईरान के बीच बदलते हालात पर केंद्रित है। दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने चेतावनी दी कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का मजबूती से जवाब देगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने का समय खत्म हो रहा है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, "वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के कारण सोने और चांदी में शरण लेने वाली संपत्ति यानी सेफ-हेवन की खरीदारी मजबूत है। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और संकेत दिया कि दरों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। डॉलर में गिरावट ने दिया सहयोग डॉलर इंडेक्स में 0.30% से अधिक की गिरावट आई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-आधारित सोना सस्ता हो गया। ब्लूमबर्ग के मुताबिक जापानी बॉन्ड बाजार में हाल की गिरावट भारी राजकोषीय खर्च को लेकर चिंताओं का नया उदाहरण है। साथ ही, यह अटकलें कि अमेरिका येन को सपोर्ट देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, ने डॉलर को कमजोर किया है। इससे अधिकांश खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया है। ट्रंप के बयान ने भी लगाई आग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह कहा कि उन्हें डॉलर में गिरावट की चिंता नहीं है, जिसने दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी को लगभग चार साल के अपने सबसे कमजोर स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, बाद में ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन मजबूत मुद्रा के पक्ष में है। ये भी हैं सोने की कीमतों की उड़ान के कारण पिछले दिनो व्हाइट हाउस के कदमों, जैसे ग्रीनलैंड को अपने में मिलाने की धमकी और वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप की बात ने भी बाजारों को अस्थिर किया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने और यदि ओटावा चीन के साथ व्यापार समझौता करता है तो कनाडा पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है। क्या सोना खरीदने का है सही समय? मनोज कुमार जैन का मानना है कि अमेरिकी बेरोजगारी दावा आंकड़े और भू-राजनीतिक तनावों से पहले, डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता के चलते आज के सेशन में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वह सुझाव देते हैं कि सोना तब तक खरीदा जा सकता है जब तक वह 10 ग्राम पर 1,64,400 रुपये के स्तर को बनाए रखता है, जिसके 1,70,000 और 1,75,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसी तरह, चांदी तब तक खरीदी जा सकती है जब तक वह 3,64,000 रुपये (समापन आधार पर) को बनाए रखती है, जिसके 4,00,000 और 4,10,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है।

चांदी के बढ़ते दामों से व्यापार ठप होने की आशंका, कारोबारी और ग्राहक दोनों चिंतित

इंदौर   देश में चांदी और सोने के भाव में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि हो रही है. बुधवार को चांदी 3 लाख 25 हजार किलो के भाव को पार कर गई. वहीं प्रति तोला सोना भी डेढ़ लाख के करीब पहुंच गया है. इन हालातों में अब बाजार में चांदी मिलना मुश्किल हो रही है. बड़े व्यवसायियों ने भी चांदी की खरीदी बिक्री से हाथ खींच लिए हैं. ग्राहक समझ नहीं पा रहे कि चांदी में इतनी ज्यादा चमक क्यों बढ़ गई है. इंदौर सराफा मार्केट की चमक फीकी दुनिया भर में चांदी की खरीदी में आ रही तेजी के चलते मध्य प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर सराफा बाजार में भी चांदी 325000 के आंकड़े को पार कर गई. इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी और मंत्री बसंत सोनी ने बताया "बढ़ती कीमतों के कारण कई शहरों में चांदी के व्यापार को लेकर विवाद हो रहे हैं, जो व्यापारी बड़े व्यापारियों से माल खरीद कर बेचने के लिए ले जा रहा है, बढ़ती कीमत के कारण उसे खरीदी की रकम चुकाना मुश्किल हो रहा है." कारीगर, ढलाई, पालिश करने वाले, डिजाइनर, पैकिंग मजदूरों की आजीविका पर असर चांदी के बढ़ते दामों ने सराफा बाजार में ऐसा भूचाल ला दिया है, जिसने 40 वर्षों का इतिहास तोड़ दिया। डेढ़ महीने के भीतर चांदी की कीमत दोगुणी होकर ऐसे स्तर पर पहुंच गई है, जिसकी कल्पना भी कारोबारियों ने नहीं की थी। 21 नवंबर को जहां चांदी का भाव एक लाख 52 हजार रुपये प्रति किलोग्राम था, 20 जनवरी तक तीन लाख 22 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा। यह उछाल सराफा उद्योग के लिए झटका है। अब बाजार में न खरीदार हैं, न विक्रेता। एक महीने से ठंडी पड़ी भट्ठियां, उम्मीद व आशंका के बीच फंसा सराफा उद्योग हालात ऐसे हो गए हैं कि दुकानें खुली तो हैं, लेकिन लेनदेन ठप है। इसी उथल-पुथल के बीच सराफा कारोबार को बड़ा झटका उस वक्त लगा, जब चार दर्जन व्यापारियों की करीब 2500 किलो चांदी लेकर 10 कारोबारी फरार हो गए। करोड़ों की चांदी डूबने की आशंका ने छोटे और मझोले व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने सराफा कारोबार से जुड़े एक लाख मजदूरों के रोजगार पर भी संकट ला दिया है। कारीगर, ढलाई करने वाले, पालिश करने वाले, डिजाइनर, पैकिंग मजदूरों के लेकर अन्य की आजीविका इसी पर निर्भर है। स्थिति यह है कि एक पायल बनाने में ही करीब 10 से 12 मजदूरों को रोजगार मिलता है। लेकिन जब पायल ही नहीं बनेगी, तो ये मजदूर क्या करेंगे। चांदी न मिलने पर गिलट की पायल का काम अर्जुनपुरा के रहने वाले कारीगर अजय बताते हैं कि चांदी की माल नहीं मिलने पर अब उन्होंने गिलट की पायल बनाने का काम शुरू किया है, लेकिन इसमें भी मजदूरी कम हो गई है। फिर भी परिवार के भरण पोषण को देखते हुए गिलट का काम ले लिया है।  मध्यम वर्ग से भी दूर हुई चांदी सराफा कारोबारी हुकुम सोनी का कहना है "बाजार में ग्राहकों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए चांदी खरीदना भी मुश्किल हो गया है. क्योंकि सबसे छोटा चांदी का आइटम भी अब ₹2000 तक पहुंच गया है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर है. गुजरात के सूरत में इन्हीं हालातों के कारण कई व्यापारियों ने चांदी का धंधा बंद कर दिया. ऐसी स्थिति अब इंदौर सराफा बाजार में आ रही है कई व्यापारियों में व्यापार के दौरान टकराव हो रहे हैं." शादी के सीजन में भी खरीदने की हिम्मत नहीं शादी का सीजन होने के बाद भी लोग चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं. ग्राहक आते हैं और रेट पूछकर वापस चले जाते हैं. उन्हें उम्मीद रहती है कि हो सकता है आगे चलकर चांदी के रेट कम हो जाएं. लेकिन जब वही ग्राहक फिर वापस खरीदारी करने आता है तो कम से कम वजन के आइटम्स के बारे में जानकारी लेता है. दूसरी तरफ, चांदी को गिरवी रखने वाले अब उसे उठाने के लिए आ रहे हैं. इसको लेकर भी विवाद सामने आ रहे हैं. चांदी के भाव कम होने की उम्मीद नहीं सोना-चांदी के जानकार बता रहे हैं कि चांदी का फंड एवं कोष विकसित करने के कारण भी दाम बढ़ रहे हैं, क्योंकि युद्ध के हालातो में चांदी और सोना निवेशकों के लिए भी सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है. चांदी उत्पादक देश पेरू में 23% चांदी का फंड है, जिसकी मात्रा 149000 टन है. इसी प्रकार चीन में 99000 टन और रूस में 70000 टन का चांदी कोष तैयार किया गया है. ऐसी स्थिति में चांदी के दाम कम होने की संभावना कम है.

चांदी की कीमत में बड़ा वृद्धि — ₹13,000 की तेज बढ़त, सोने के ताज़ा रेट देखें

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) को लेकर गिरावट के सारे अनुमान धरे के धरे नजर आ रहे हैं और दोनों कीमती धातुएं हर रोज रिकॉर्ड तोड़ती दिख रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने तो खुलते ही ऐसा गदर मचाया कि 1Kg Silver Price 3 लाख रुपये के पार निकल गया. चांदी ने इतिहास में पहली बार ये स्तर पार किया है. वहीं दूसरी ओर सोने का भाव (Gold Rate) भी ताबड़तोड़ तेजी के साथ नए शिखर पर पहुंच गया.  चांदी रुकने वाली नहीं Silver Price रुकता नजर नहीं आ रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोमवार को ओपन होने के साथ ही चांदी की कीमत 13,553 रुपये चढ़ गई और इसके साथ ही इसने तीन लाख का आंकड़ा पहली बार पार करते लिया. 1 किलो चांदी का नया ऑल टाइम हाई लेवल 3,01,315 रुपये प्रति किलो हो गया है. पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Rate 2,87,762 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था.  जनवरी में अब तक ₹65000 महंगी बीते साल 2025 में धमाल मचाने के बाद चांदी की कीमत ने इस साल के पहले महीने में भी शुरुआत से ही गदर मचाए रखा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Silver Price In January 2026 में अब तक 65,614 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है. जी हां 2025 के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को 1 किलो चांदी की कीमत 2,35,701 रुपये थी, जो कि अब 3,01,315 रुपये प्रति किलो पर पहुंच चुकी है.  झटके में 2900 रुपये महंगा हुआ सोना अब बात करें, सोने की कीमतों के बारे में तो MCX Gold Rate चांदी की तरह ही भागता हुआ नजर आया है. बीते सप्ताह शुक्रवार को 5 फरवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,42,517 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1,45,500 रुपये के नए हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 2983 रुपये बढ़ गया है.  वहीं इस साल की शुरुआत से अब तक गोल्ड प्राइस में आए उछाल पर गौर करें, तो 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का दाम 1,35,804 रुपये था, जिसके हिसाब से ये अब तक 9,696 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है.  क्यों चमक रहे सोना-चांदी?  सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के पीछे के कारणों की बात करें, तो ग्लोबल टेंशन को सबसे अहम वजह माना जा सकता है, ट्रंप टैरिफ से एक बार फिर से ये बढ़ी है और Greenland पर कब्जा करने के ट्रंप के प्लान में रुकावट डालते नजर आ रहे यूरोपीय देशों पर भी अमेरिका ने टैरिफ जड़ दिया है. इससे टेंशन और भी बढ़ गई है और निवेशक फिर से सुरक्षित ठिकाने की तलाश में Gold-Silver का रुख करने लगे हैं और इनकी कीमतों में तेज उछाल आया है.  

चांदी हुई 8000 रुपये सस्ती, देखें आज के ताजे भाव और एक दिन पहले का रिकॉर्ड

नई दिल्‍ली.  चांदी की कीमत तो जैसे रोलर कोस्‍टर पर सवार है. एक दिन पहले तक रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच चुकी चांदी ने बुधवार के कारोबार में बड़ी गिरावट दिखाई. मल्‍टीकमोडिट एक्‍सचेंज पर आज चांदी का वायदा भाव करीब 8 हजार रुपये टूट गया. एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिख रही थी, जो आज बड़ी गिरावट के साथ 2.52 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई. चांदी में यह गिरावट ग्‍लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से दिखी है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर 7 जनवरी की सुबह चांदी का वायदा भाव करीब 3 फीसदी टूट गया और 2,51,729 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जनवरी को चांदी का भाव एमसीएक्‍स पर 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था. आज के कारोबार में मई का वायदा भाव 2.5 फीसदी गिरा, फिर भी यह 2,58,566 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर दिखा. इसी तरह, जुलाई का वायदा भाव 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिखा था. ग्‍लोबल मार्केट में भी टूटी चांदी ऐसा नहीं है कि आज सिर्फ एमसीएक्‍स पर ही चांदी का वायदा भाव टूटा है, ग्‍लोबल मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 78.43 डॉलर प्रति औंस के भाव रहा. 29 दिसंबर को ग्‍लोबल मार्केट में चांदी का हाजिर भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड लेवल पर था. चांदी में तेज गिरावट का कारण मुनाफा वसूली है, क्‍योंकि अमेरिका के जॉब डाटा जल्‍द ही आने वाले हैं और निवेशकों के मन में चांदी को लेकर संभावनाएं निगेटिव हो रही हैं. सिल्‍वर ईटीएफ के भी टूटे भाव चांदी की वायदा और हाजिर कीमतों में गिरावट की वजह से आज सिल्‍वर एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड में भी गिरावट दिख रही है. आज के कारोबार में 360 ONE Silver ETF 2 फीसदी गिरा, जबकि Axis Silver ETF, Tata Silver ETF, SBI Silver ETF और HDFC Silver ETF में मामूली उछाल दिख रहा है. इसके अलावा Nippon India Silver ETF, UTI Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF, Motilal Oswal Silver ETF, Zerodha Silver ETF में भी 0.5 फीसदी तक का उछाल दिख रहा है. निवेशकों के लिए क्‍या सुझाव वीएसआरके कैपिटल के कमोडिटी एक्‍सपर्ट संजय अग्रवाल का कहना है कि चांदी में अभी काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है. निवेशकों को इस पर ज्‍यादा भरोसा तब दिखाना चाहिए, जब इसकी कीमतें स्थिर हों. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि साल 2026 में चांदी का कारोबार बढ़ता दिख रहा है, क्‍योंकि इंडस्‍ट्री में इसकी डिमांड बढ़ती जाएगी. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सोलर सेक्‍टर में चांदी की बढ़ती मांग की वजह से मार्केट में भी इसकी कीमतों में उछाल दिखेगा. अगर चांदी पर दांव लगाना है तो आने वाले साल में यह तेज रिटर्न दिला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी कीमतों में गिरावट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

चांदी की कीमतों में अचानक मंदी, New Rates के अनुसार हुई भारी गिरावट

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) लगातार हैरान कर रही हैं. खासतौर पर चांदी के भाव में इस हफ्ते की शुरुआत से ही उथल-पुथल देखने को मिल रही है. सोमवार को ये अचानक 21000 रुपये टूटी थी, तो मंगलवार को फिर तूफानी रफ्तार से भागती हुई नजर आई. साल के आखिरी कारोबारी दिन बुधवार 31 दिसंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खुलने के साथ ही चांदी का वायदा भाव 18000 रुपये तक टूट गया और चांदी सस्ती (Silver Price Crash) हो गई.   खुलते ही क्रैश हो गई Silver साल के आखिरी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में (Comex Silver Price) बुरी तरह फिसला, तो ऐसा ही हाल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी देखने को मिली MCX Gold Rate अपने बीते कारोबारी दिन के बंद वायदा भाव 2,51,012 रुपये प्रति किलो की तुलना में बुरी तरह टूटकर ओपन हुआ. ये शुरुआती कारोबार में 18000 रुपये से ज्यादा करीब 6.90% सस्ती होकर 2,32,228 रुपये प्रति किलो पर आ गई. हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा ये कीमती धातु रिकवरी करती हुई भी नजर आई, लेकिन खबर लिखे जाने तक Silver Price 10,812 रुपये (4.31%) की गिरावट के साथ 2,40,200 रुपये पर कारोबार कर रहा था.  तीन दिनों चांदी में तगड़ा उतार-चढ़ाव 2025 के आखिरी हफ्ते के महज तीन कारोबारी दिनों में ही चांदी के भाव (Silver Rates) में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत हुई थी, 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम तूफानी तेजी पकड़ते हुए 2.54 लाख के पार पहुंच गया था, जो इसका नया लाइफ टाइम हाई लेवल है. लेकिन आधे दिन का कारोबार होने के बाद अचानक ये भर-भराकर टूटने लगी और पलक झपकते ही 21,511 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई.  सोमवार को चांदी की कीमत में आई तेज गिरावट, मंगलवार को देखने को नहीं मिली. दूसरे कारोबारी दिन Silver Price फिर रॉकेट की रफ्तार से चढ़ता हुआ नजर आया और ये 17000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई. लेकिन तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को फिर बाजी पलटी और ये कीमती धातु झटके में 18000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई.  रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती है चांदी?  अगर बात चांदी के रिकॉर्ड हाई लेवल से आई गिरावट के बारे में करें, तो सोमवार को MCX Silver Price 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंचा था और बुधवार को शुरुआती कारोबार में ये 2,32,228 रुपये तक टूट गया था. ऐसे में लाइफ टाइम हाई से 1 किलो चांदी का वायदा भाव (1 Kg Silver Rate) फिलहाल 21,946 रुपये प्रति किलो तक कम चल रहा है. Gold का भाव भी झटके में टूटा सोना भी चांदी की चाल से चाल मिलाकर चलता हुआ नजर आ रहा है. Gold Rate अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1,40,655 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में काफी कम हो गया है. बुधवार को MCX पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव (10 Gram 24 Karat Gold Rate) गिरावट के साथ 1,35,756 रुपये पर कारोबार कर रहा था. ऐसे में अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सोना अब 4,899 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता है.  (नोट- Gold-Silver किसी भी धातु को खरीदने या बेचने से पहले अपने सलाहकार की मदद लेना जरूरी है.aajtak.in सिर्फ जानकारी दे रहा है, इसे निवेश की सलाह कतई न समझें.)

चांदी में भूचाल, एक घंटे में ₹21500 की गिरावट—जानिए किस फैसले से हुई क्रैश

नई दिल्ली चांदी (Silver) की खूब चर्चा हो रही है, सोमवार को भी चांदी की कीमतों में बड़ी उछाल देखने को मिली. MCX पर भाव बढ़कर 2.54 लाख रुपये किलो तक पहुंच गया. लेकिन उसके बाद अचानक एक भूचाल आया और चांदी की कीमत 21500 रुपये प्रति किलो तक गिर गई, यानी एक झटके में सोमवार को चांदी 21 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई.    एक तरह से सराफा बाजार में एक बड़ा मार्केट ड्रामा देखने को मिला. चांदी के भाव ने दिन की शुरुआत में इतिहास रच दिया और फिर एक ही घंटे में 21,500 रुपये तक लुढ़क गए, निवेशक समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ, जो चांदी भर-भराकर टूट गई.   पिछले हफ्ते से लगातार रिकॉर्ड बना रही चांदी सोमवार को उस वक्त औंधे मुंह गिर पड़ी, जब उसने ढाई लाख रुपए प्रति किलोग्राम के हाई लेवल को छुआ। इसके कुछ देर बाद ही एक घंटे में चांदी में 21000 रुपए से ज्यादा की भारी गिरावट आई। MCX पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी फिसलकर 2,33,120 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price crast today) पर आ गई। जिसने निवेशकों को चौंका कर रख दिया। अब सवाल यह कि आखिर चांदी ने इतनी बड़ी गिरावट आई क्यों? दरअसल, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक माहौल के ठंडा पड़ने का नतीजा है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचते ही ट्रेडर्स ने मुनाफा काटना शुरू किया और सेफ-हेवन डिमांड में अचानक ठंडक दिखी। MCX पर भारी गिरावट, 5300 रुपए तक गिरे दाम खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी 2,34,400 रुपए (silver price today) प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। पिछले दिन के मुकाबले इसमें 2.25 फीसदी यानी 5387 रुपए की गिरावट आई। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान यह 2,39,787 रुपए (silver rate today) पर क्लोज हुई थी। खास बात यह है कि आज सुबह मार्केट खुलते ही चांदी में अचानक तेजी आई और कीमत 2,54,174 रुपए प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुचं गई। लेकिन 1 बजे के आसपास इसमें तेजी से गिरावट (silver price crash) आई और 2.34 लाख के आसपास कारोबार करने लगी। यानी चांदी में 21,500 रुपए से ज्यादा की गिरावट आई।  रूस-यूक्रेन युद्धविराम के संकेतों ने गिराई कीमत?  अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही तस्वीर दिखी। चांदी पहली बार उथल-पुथल भरे कारोबार में 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर गई, लेकिन बाद में 75 डॉलर के नीचे फिसल गई। वजह- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेंलेंस्की (Volodymyr Zelensky) के बीच युद्धविराम को लेकर 'काफी करीब' पहुंचने की बात। ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष यानी रूस और यूक्रेन की शांति वार्ता 'बहुत करीब' है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर पड़ी। MCX पर आई इस तेज गिरावट को बुलियन मार्केट में ब्रॉड प्रॉफिट बुकिंग का हिस्सा माना जा रहा है। रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी कहते हैं कि, "ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है, लेकिन उतार-चढ़ाव तेज रहेगा। 2.40 लाख चांदी के लिए नजदीकी सपोर्ट है।" वहीं अमेरिकी फर्म BTIG ने चेताया कि कीमती धातुएं पैराबॉलिक हो चुकी हैं। फर्म का कहना है कि, "ऐसी तेजी आमतौर पर समय लेकर नहीं, बल्कि तेज डाउनसाइड रिएक्शन के साथ खत्म होती है।" तकनीकी चार्ट पर चांदी 200-DMA से करीब 89% ऊपर थी- इतिहास बताता है कि ऐसी स्थिति में आगे के हफ्तों में कीमतें अक्सर नीचे आती हैं। अचानक चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट  सुबह जब MCX पर चांदी के मार्च वायदा भाव ने 2,54,174 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड तोड़ा, तब ऐसे लग रहा था कि 2025 का यह आखिरी कारोबारी सत्र चांदी के नाम हो जाएगा. लेकिन जैसे ही बाजार में प्रॉफिट बुकिंग की लहर चली, भाव ने रफ्तार से उल्टी दिशा पकड़ी और 2,32,663 रुपये तक गिर गया, यानी कुछ ही देर में चांदी की कीमत करीब 21,500 रुपये घट गई.  जानकारों के मुताबिक यह गिरावट अचानक नहीं है, बल्कि तेज उछाल के बाद की सामान्य प्रतिक्रिया है. कई ट्रेडरों ने लाभ सुरक्षित करने के लिए चांदी बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में गिरावट की गति और तेज हो गई. चांदी में तूफानी तेजी के पीछे कारण बता दें, सबसे पहले चांदी पर अंतरराष्ट्रीय बाजार ने दबाव बनाया. वैश्विक सिल्वर की कीमतें पहले $80 प्रति औंस तक पहुंच गईं. लेकिन उसके बाद लुढ़क कर $75 पर पहुंच गई, जिससे घरेलू भावों पर असर पड़ा है. इस बदलाव में यूक्रेन-रूस तनाव में कुछ शांति की खबरें भी शामिल रहीं, जिसकी वजह से 'Safe-Haven' यानी सुरक्षित निवेश की मांग कम हुई.  गौरतलब है कि चांदी ने पिछले एक साल में जबरदस्त रिटर्न दिया है. दिसंबर 2024 में चांदी का भाव करीब 90 लाख रुपये किलो था. जहां से भाव 150% से ज्यादा उछल चुका है. सोमवार को चांदी की कीमत MCX पर 254000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई.  विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में कई कारणों से बढ़ोतरी देखी जा रही है. औद्योगिक मांग में उछाल, निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ती रुचि और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण चांदी की डिमांड बढ़ती जा रही है. खास तौर पर ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पैनल्स में चांदी की बढ़ती मांग ने कीमतों को उछलने में मदद की है. '10% हाई के बाद 25% गिरी चांदी' BTIG के एनालिस्ट जोनाथन क्रिन्स्की (Jonathan Krinsky) ने 1987 का उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब चांदी ने मल्टी-मंथ हाई पर 10% की एक दिन की छलांग लगाई, उसके बाद 25% तक की गिरावट भी देखी गई। ICICI Prudential Mutual Fund के CIO (फिक्स्ड इनकम) मनीष बंथिया भी मानते हैं कि, "इतनी शानदार रैलियां अक्सर नरमी से नहीं, झटके से ठंडी पड़ती हैं।" हालांकि कहानी यहीं खत्म नहीं होती। केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, गिरावट के बाद चांदी ने 80 डॉलर के आसपास तेज रिबाउंड भी दिखाया। मध्य-पूर्व तनाव, अमेरिका-वेनेजुएला खींचतान और दरों में कटौती की उम्मीदें अब भी कीमतों को सहारा दे रही हैं। लंबी अवधि में सप्लाई की कमी, कम इन्वेंट्री और औद्योगिक मांग के चलते ट्रेंड मजबूत है। लेकिन फिलहाल, तेज उतार-चढ़ाव ही नई हकीकत है।

कीमती धातुओं के दाम बेकाबू, सोना और चांदी में हुई तेज़ी, 17000 रुपये महंगी हुई रजत

 नई दिल्‍ली  चांदी की कीमत में तेजी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हफ्ते के अंतिम दिन यह नए रेकॉर्ड पर पहुंच गई। एमसीएक्स पर इसकी कीमत में 17,000 रुपये से अधिक तेजी आई। कारोबार के दौरान यह 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी और अंत में 2,40,935 रुपये पर बंद हुई। कॉमेक्स पर इसका भाव $79.70 प्रति औंस के नए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही चांदी दुनिया की दूसरे सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने के करीब पहुंच चुकी है। इसका मार्केट कैप 4.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है और यह एनवीडिया की वैल्यू को पार करने से मात्र 4.5% दूर है। अगर यह एनवीडिया को पछाड़ती है तो सोने के बाद दुनिया की दूसरी बड़ी एसेट बन जाएगी। शुक्रवार के बंद भाव पर एनवीडिया का मार्केट कैप 4.638 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। सोना और चांदी के दाम बेकाबू हो चुके हैं. हर दिन इनकी कीमत तेजी से चढ़ जाती है. रिटेल से लेकर बड़े निवेश भी अब खुलकर इसपर दाव लगा रहे हैं. इस तेजी के साथ ही बड़े-बड़े एक्‍सपर्ट भी ये मान रहे हैं कि सोने-चांदी के दाम (Gold-Silver Rates)  लॉन्‍ग टर्म में ऊपर की ओर जाएंगे. कीमती धातुओं के दाम रुकने वाले नहीं हैं. आए दिन ये धातुएं अपने रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच रही हैं.  अब कल यानी शुक्रवार को ही देखें तो एमसीएक्‍स पर चांदी के भाव में गजब की तेजी रही. कमोडिटी मार्केट में कारोबार बंद होने तक 5 मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 17145 रुपये चढ़कर 2,40,935 रुपये पर थी. हालांकि चांदी दिन के कारोबार के दौरान 19,000 रुपये चढ़कर 2 लाख 42 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो इसका ऑल टाइम हाई लेवल है.  वहीं सोने की कीमत में भी तेज उछाल देखने को मिली थी. MCX पर कल 5 फरवरी वायदा के लिए 10 ग्राम सोने का भाव 70 रुपये चढ़कर 139940 रुपये पर पहुंच गई, जबकि दिन के कारोबार के दौरान सोने के भाव में करीब 1200 रुपये की उछाल आई थी. सोने ने भी कल अपना ऑल टाइम हाई लेवल टच किया था.  एक सप्‍ताह में ही सोने-चांदी के दाम बेकाबू पिछले एक हफ्ते में ही सोने-चांदी के दाम में गजब की उछाल आई है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर की चीज हो चुकी है. 19 दिसबंर को 10 ग्राम सोने का भाव 1,34,196 रुपये था और आज इसकी कीमत  1.40 लाख रुपये के करीब है. यानी एक सप्‍ताह में ही इसकी कीमत में 6000 रुपये की तेजी आई है. इससे भी ज्‍यादा तेजी चांदी की कीमत में आई है. 19 दिसंबर को चांदी की कीमत 2 लाख 8 हजार रुपये प्रति किलो पर थी, लेकिन इसकी कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये हो चुकी है. एक सप्‍ताह में ही इसके दाम में 32 हजार रुपये की उछाल आई है.  क्यों बढ़ रही है डिमांड? चांदी ने 52 सप्ताह के निचले स्तर $27.545 प्रति औंस से लगभग 190% की बढ़ोतरी है। जानकारों का कहना है कि अल्पावधि से मध्यावधि में चांदी की कीमत $100 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। सेफ हेवन की बढ़ती मांग बढ़ती औद्योगिक खपत और लगातार आपूर्ति की कमी के कारण चांदी की कीमत में उछाल आई है। साथ ही सॉलिड-स्टेट बैटरी की मांग भी बढ़ रही है जिसमें चांदी एक मुख्य कच्चा माल है। यह बैटरी केवल 10 मिनट में सेल फोन को पूरी तरह चार्ज कर सकती है। जानकारों का कहना है कि दुनिया में अभी चांदी का उत्पादन करीब 850 मिलियन औंस है जबकि इसकी मांग लगभग 1.16 बिलियन औंस है। सॉलिड-स्टेट बैटरी के अलावा ईवी और सोलर एनर्जी में भी चांदी की डिमांड बढ़ रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव ने चांदी के पारंपरिक कैरिबियन शिपिंग मार्ग को बाधित कर दिया है। इससे दुनिया के सबसे बड़े सप्लायर पेरू से चांदी का निर्यात प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमत में और तेजी आने की उम्मीद है। सोने और चांदी के भाव में क्‍यों आ रही इतनी तेजी?      इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच चुकी है. जिस कारण घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के दाम लगातार उछाल पर है.       गोल्‍ड और सिल्‍वर ETF में निवेशकों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है. मार्केट में गिरावट के बीच लोग सोने और चांदी ईटीएफ के माध्‍यम से सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं.      डॉलर कमजोर हुआ है और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्‍याज दर में कटौती की उम्‍मीदें बढ़ी है, जिस कारण सोने और चांदी के लिए मांग बढ़ रही है.     इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे सेक्‍टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है. इससे इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ा है और निवेशक इसकी तेजी में भाग ले रहे हैं.       राजनीतिक तनाव, तेल बाजार और संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी ज्‍यादा मात्रा में खरीद रहे हैं.     केंद्रीय बैंकों द्वारा भी कीमती धातुएं ज्‍यादा मात्रा में खरीदी जा रही हैं, जिससे इसकी मांग बनी हुई है और दाम ऊपर की ओर चढ़ रहे हैं.  क्‍या करना चाहिए?  एक्सपर्टस का कहना है कि सोने और चांदी की मांग बनी रहेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें मुनाफावसूली देखी जा सकती है और गिरावट आ सकती है. ऐसे में निवेशकों को सावधानी से पैसे लगाने चाहिए. उनका कहना है कि गोल्‍ड और सिल्‍वर फिजिकल नहीं खरीदकर, ETF के माध्‍यम से हर हफ्ते या महीने में खरीद सकते हैं और धीरे-धीरे करके मोटा पैसा लगा सकते हैं. लॉन्‍ग टर्म में ये आपको ज्‍यादा मुनाफा करा सकता है.   

Gold और Silver की कीमतों में जबरदस्त उछाल, सोना ₹1,287 बढ़कर रिकॉर्ड पर, चांदी ₹2.32 लाख पार

इंदौर  सोने-चांदी की दहाड़ से सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। आज सोने-चांदी के भाव एक और नया इतिहास लिख चुके हैं। दोनों धातुएं आज भी एक नए ऑल टाइम हाई पर हैं। चांदी के भाव एक झटके में 13117 रुपये प्रति किलो उछकर 232100 रुपये प्रति किलो पर खुले। जबकि, सोने के भाव में 1287 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 239063 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 142051 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। MCX पर दोनों कीमती धातुएं अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से बुलियन सेगमेंट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर सोना 1.39 लाख के पार, बना नया रिकॉर्ड मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना तेज उछाल के साथ नया इतिहास रच गया। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,39,290 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।दोपहर के कारोबार में भी सोना मजबूती बनाए हुए नजर आया और करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा। निवेशकों का रुझान साफ तौर पर सोने की ओर बढ़ा है। चांदी की रफ्तार और तेज, 2.33 लाख रुपये के पार सोने के साथ-साथ चांदी ने भी बाजार में तूफान ला दिया। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 2,33,183 रुपये प्रति किलो का स्तर छूकर नया ऑल-टाइम हाई बना दिया।दिनभर के कारोबार में चांदी में हजारों रुपये की तेजी देखने को मिली, जिसने इसे निवेशकों का सबसे पसंदीदा एसेट बना दिया। कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 1282 रुपये उछल कर 137362 रुपयेकै प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 141482 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1179 रुपये चढ़कर 126329 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 130118 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 966 रुपये की तेजी के साथ 103436 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 106539 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 753 रुपये चढ़ा है। आज यह 80680 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 83100 रुपये पर है। 2025 में सोना-चांदी ने दिया जबरदस्त रिटर्न इस साल की बात करें तो सोना और चांदी दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है, वहीं चांदी ने तो उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाई कराई है। यही वजह है कि मौजूदा समय में बुलियन मार्केट को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चमक, डॉलर के मुकाबले मजबूती वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा, जबकि चांदी ने भी नया उच्चतम स्तर छू लिया।अमेरिकी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितता ने इस तेजी को और बल दिया। आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक तनाव, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर जा रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी सबसे भरोसेमंद निवेश बनकर उभरे हैं। आगे क्या रहेगा ट्रेंड, निवेशकों को क्या करना चाहिए? मौजूदा हालात में बुलियन बाजार का ट्रेंड मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होती हैं, तो मुनाफावसूली का जोखिम भी बढ़ जाता है।निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें और बाजार की दिशा को समझते हुए ही निवेश करें। इस साल सोना ₹61,752 और चांदी ₹1,46,083 महंगी हुई     इस साल अब तक सोने की कीमत 61,752 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,37,914 रुपए हो गया है।     चांदी का भाव भी इस दौरान 1,46,083 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,32,100 रुपए प्रति किलो हो गई है। गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण     डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।     जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।     रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं। चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण     इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।     ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।     मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी। आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी इस साल के आखिर तक चांदी की कीमत 2.50 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है। वहीं अगर सोने के बात करें इसकी डिमांड में भी तेजी बनी हुई। ऐसे में अगले साल तक ये 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। वहीं इस साल के आखिर तक इसकी कीमत 1.40 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड … Read more

Silver Price Today: चांदी थमने का नाम नहीं ले रही, एक झटके में ₹6000 महंगी—जानें नए गोल्ड रेट्स

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) साल 2025 के आखिरी महीने में धमाल मचा रही हैं. हर रोज ये दोनों कीमती धातुओं नए शिखर पर पहुंचते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तो Silver Price एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही 6000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और चांदी 2,14,471 रुपये के नए हाई पर जा पहुंची. सोना भी कुछ कम नजर नहीं आया और चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखा. MCX Gold Rate देखें, तो खुलने के साथ ही ये 1384 रुपये की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. ऐसे में रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad) के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी सच होते नजर आ रही है. वे अक्सर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चांदी को अमीर बनने का जरिया बताते हैं.  रुकने का नाम नहीं ले रही चांदी इस साल हालांकि, Gold-Silver दोनों धातुओं ने धमाल मचाया है, लेकिन चांदी की रफ्तार ने चौंकाने का काम किया है और साल के खत्म होते-होते इसकी कीमतों में तेजी बढ़ती जा रही है. सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी खुलने के साथ ही 6032 रुपये प्रति किलो चढ़ गई और 2.14 लाख रुपये के पार निकल गई. बीते सप्ताह ही इसने इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद इस स्तर पर टिकी हुई है.  Gold Rate में तेज उछाल  न सिर्फ चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन तेजी आई है, सोना भी छलांग लगा रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना, अपने पिछले बंद की तुलना में 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बढ़त लेकर खुला. इसके कुछ ही मिनटों में Gold Price 1384 रुपये या 1.03% की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है.  रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हो रही सच Silver Rate में लगातार आ रहे उछाल को देखते हुए मशहूर किताब 'Rich Dad Poor Dad' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) की भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है, जिसमें वो कहते नजर आते हैं कि चांदी अमीर बना सकती है. हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए चांदी में निवेश की सलाह दी थी और 2026 के लिए इसे नया टारगेट (Silver Target) दिया था. गौरतलब है कि कियोसाकी अक्सर सोना-चांदी में निवेश की सलाह देते नजर आते हैं.  'चांद पर पहुंचती जा रही है चांदी…' अपनी नई पोस्ट में रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चांदी की बढ़ती कीमतों की ओर फोकस करते हुए लिखा कि चांदी चांद पर जा रही है, शायद 2026 में इसका भाव 200 डॉलर प्रति औंस (Silver Price) पर पहुंच जाएगा. बीते साल 2024 में ये सिर्फ 20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही पिछले हफ्ते US FED एक और रेट कट का ऐलान किया था, मैंने और असली चांदी खरीद ली.