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झारखंड में SIR पर बड़ी राहत, दस्तावेज नहीं होने पर प्रखंड-अंचल कार्यालय से मिलेगी मदद

 रांची मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस पाने वाले वैसे मतदाता, जिनके पास निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। वैसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हैं। ऐसे मतदाता अपने, प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं। वे परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने कहा कि वे अपने संबंधित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संपर्क कर सीओ से निर्गत वंशावली, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी, आवासीय प्रमाण पत्र, व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मतदाता आनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जाति, स्थानीय निवासी व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था तीन माह तक रखी गई है। इससे खासकर ग्रामीण, गरीब और तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले मतदाताओं को सुविधा मिलेगी। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिल रहा तो क्या करें एसआईआर में प्रारंभिक स्तर पर नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आधार, दसवीं का प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित प्रमाण पत्र, पासपोर्ट समेत 13 प्रकार के दस्तावेजों में से निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने और नोटिस में दी गई तारीख व समय पर अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर कर सकते है। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं, मजदूरी करते हैं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, व दूसरे राज्य से आकर यहां बसे हैं। ऐसे मतदाता अपने , प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मदद ले सकते हैं। सहायता ले सकते हैं। परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त किया जा सकता है। 10 दिनों में अब तक 30 हजार मतदाताओं सुनवाई हो चुकी एसआईआर के तहत 24 अगस्त से प्रखंड व अंचल कार्यालयों में मतदाताओं की सुनवाई जारी है। 24 अगस्त से 5 सितंबर तक अंचल कार्यालयों में 30 हजार से अधिक मतदाताओं की सुनवाई हो चुकी है। रोजाना करीब 200 मतदाताओं को सुनवाई के लिए तारीख दी जा रही है, लेकिन करीबन 70 से 80 मतदाता ही पहुंच रहे हैं। बता दे कि पांच अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद रांची जिले की सात विधानसभा सीटों के करीब 6.44 लाख मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया गया था।

हरियाणा वोटर लिस्ट SIR: नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए भरें ये फॉर्म, जानें कौन-से दस्तावेज जरूरी

चंडीगढ़ हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच अभी तक एक लाख 36 हजार 646 लोगों ने अपना नाम मतदाता सूचियों में जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरा है। अयोग्य या मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए 10 हजार 156 फार्म-7 भरे गए हैं, जबकि एक लाख छह हजार 671 मतदाताओं ने नाम-पते सहित अपनी अन्य जानकारी अपडेट करने के लिए फार्म-8 भरा है। त्रुटियां ठीक कराने के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितंबर की जा चुकी है। फार्म-6 और आठ में पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का स्वयं या माता-पिता, दादा-दादी का विवरण भरना होता है। यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछले एसआईआर की मतदाता सूची का रिकॉर्ड/विवरण उपलब्ध नहीं है तो जन्म वर्ष के अनुसार अपने दस्तावेज फार्म 6 व फार्म 8 के साथ संलग्न अवश्य करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या स्थानांतरण के लिए घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुराना मतदाता रिकॉर्ड या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। मतदाता की पात्रता का परीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। जिन मतदाताओं का पिछली एसआईआर सूची से मिलान नहीं हुआ है, उन्हें अपनी पात्रता के साक्ष्य के रूप में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में एक जुलाई 1987 से पहले हुआ है तो दस्तावेज सूची में से स्वयं का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपना तथा अपने माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, अपने पिता तथा अपनी माता का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। यदि माता-पिता भारतीय नहीं हैं, तो जन्म के समय के उनके वैध वीजा तथा पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। अगर किसी व्यक्ति का जन्म भारत के बाहर हुआ है तो भारतीय मिशन द्वारा जारी किया गया जन्म पंजीकरण संलग्न करना होगा। यदि पंजीकरण द्वारा भारतीय नागरिकता प्राप्त की है तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा। यह दस्तावेज होंगे मान्य     किसी केंद्रीय/राज्य/ पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी कोई पहचान पत्र/ पेंशन भुगतान आदेश     एक जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/ एसलआइसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/ प्रमाण पत्र/दस्तावेज     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र     पासपोर्ट     मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैटिक परीक्षा/ शैक्षणिक प्रमाण-पत्र     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र     वन अधिकार प्रमाण-पत्र     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, जहां भी यह प्रचलन में हो     राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर     सरकार द्वारा कोई भी भूमि/ मकान आवंटन प्रमाणपत्र     आधार के लिए चुनाव आयोग के माध्यम से जारी अनुदेश लागू होंगे।