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हरियाणा में जल्द लगेंगे स्मार्ट बिजली मीटर

हिसार. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से सभी पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे और उनकी जगह आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। जैसे मोबाइल सेवाओं में प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्प उपलब्ध होते हैं, उसी तर्ज पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार प्रीपेड अथवा पोस्टपेड प्रणाली का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिलेगी। भूमिगत बिजली तारें बिछाने की प्रक्रिया गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रारंभ कर दी गई है। परिस्थितियों के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी अंडरग्राऊंड केबल डाली जाएंगी, जिससे खंभे गिरने या ऊपर से तार टूटने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और बिजल आपूर्ति अधिक सुरक्षित एक विश्वसनीय बनेगी। विजने कहा कि लगभग पूरे प्रदेश में बिजली आपूति संतोषजनक रही है और केवल 6 अधीक्षण अभियंताओं से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। खेदड़ में लगेगी बिजली की नई यूनिट कोल आबंटन की मिली मंजूरी: विज ने कहा कि हिसार के खेदड़ में बिजली की नई यूनिट लगाई जाएगी। इसके लिए हमें कोल आबंटन की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा बरसात के समय जिन सब स्टेशनों में पानी भर जाता है, उनको उंचा उठाया जाएगा। अनिल विज ने कहा कि कोई भी थर्मल लगाना है तो उसके लिए कोल की मंजूरी जरूरी होती है और यह हमें मिल चुकी है। ऐसे में अब ये प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में कई जगह ये सामने आया कि कई सब स्टेशनों में पानी भर गया और पूरे इलाके की बिजली काटनी पड़ी। ऐसे में हमने निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी सब स्टेशनों को उंचा उठाया जाए। बस ट्रैकिंग सिस्टम औरएप से मिलेगी यात्रियों को सुविधाः हरियाणा रोडवेज के आधुनिकीकरण को लेकर विज ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिससे बसों की आवाजाही की सटीक जानकारी मिल सकेगी। वहीं उन्होंने कहा राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों में भाजपा एक बार फिर प्रचंड जीत दर्ज कर विजयी पताका फहराएगी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर अनिल विज ने कहा कि मैं पार्टी का एक बहुत छोटा सा कार्यकर्ता हूं। प्रदेशाध्यक्ष कौन बनेगा, इसका निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के लिए उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प, प्रीपेड या पोस्टपेड का चयन कर सकेंगे

लखनऊ   नियामक आयोग द्वारा जारी नई कास्ट डाटा बुक में यह साफ कर दिया गया है कि बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के तहत प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प चुनने की पूरी आज़ादी है। यह अधिकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के अंतर्गत उपभोक्ताओं को मिला हुआ है। तमाम उपभोक्ता इस तरह से जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) का हवाला देते हुए आयोग से लगातार मांग की जा रही है कि अनिवार्य तौर पर प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। यह धारा उपभोक्ताओं को अधिकार देती है कि वे अपने लिए प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर का विकल्प चुनें। सोमवार को उपभोक्ता परिषद ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर उपभोक्ताओं के हक में आदेश जारी करने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और केंद्रीय व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अब नियामक आयोग को स्पष्ट आदेश जारी करने चाहिए ताकि स्मार्ट प्रीपेड मीटर को विकल्प ही माना जाए। टैरिफ आदेश में आयोग ने कहा था कि चूंकि इस संबंध में कई हाई कोर्ट में मामला सुना जा रहा है, इसलिए वह कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं करना चाहता। अब जबकि आयोग के पास सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं तो अब वह इसका हवाला देकर स्पष्ट आदेश जारी करे। उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि तत्काल कॉस्ट डेटा बुक भी रिवाइज करे ताकि मीटर के दाम तय हो सकें। उपभोक्ताओं के पास यह अधिकार राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि कानून के अनुसार उपभोक्ता चाहें तो सिक्योरिटी राशि जमा कर पोस्टपेड कनेक्शन जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में इस प्रावधान का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा था, लेकिन नई कास्ट डाटा बुक ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।  

स्मार्ट मीटर लगवाएं और पाएं 20% सस्ती बिजली, बैतूल में नई योजना

बैतूल मध्य प्रदेश के बैतूल शहर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत कर दी है। शहरी क्षेत्र में अब तक करीब 4 हजार घरों में स्मार्ट मीटर इंस्टॉल हो चुके हैं, जबकि आगामी चरणों में पूरे शहर में 36 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। बिजली खपत पर 20% तक की छूट बिजली कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सीधा फायदा देंगे। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच की गई बिजली खपत पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे दिन के समय बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का बिल सीधे कम हो सकता है। प्रीपेड मीटर पर अतिरिक्त फायदा भविष्य में यदि उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें ऊर्जा प्रभार पर 25 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट मिलेगी। खास बात यह है कि प्रीपेड मीटर लेने पर कोई सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) नहीं ली जाएगी। हालांकि, यह सुविधा बैतूल में 2 से 3 साल बाद शुरू होने की संभावना है। कैसे काम करता है स्मार्ट मीटर? स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से पारंपरिक मीटर जैसा ही होता है, लेकिन इसमें एक कम्यूनिकेशन मॉड्यूल लगाया जाता है। यह मॉड्यूल बिजली खपत और रीडिंग की जानकारी सीधे डिजिटल सर्वर तक भेजता है। उपभोक्ता इस डेटा को मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम देख सकेंगे। इससे अनुमान के आधार पर बिल बनने और गलत रीडिंग की शिकायतें लगभग खत्म होने का दावा किया जा रहा है। मीटर रीडर की जरूरत नहीं नई व्यवस्था के तहत अब मीटर वाचकों को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रीडिंग सीधे कंपनी के सॉफ्टवेयर में दर्ज होगी। इसके चलते हर महीने 1 तारीख को बिल जारी किया जा सकेगा 10 तारीख तक भुगतान की अंतिम तिथि तय होगी बिल वितरण में देरी और गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी कुल मिलाकर फायदा ही फायदा बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर से न सिर्फ सटीक बिलिंग सुनिश्चित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को छूट, पारदर्शिता और समय की बचत जैसे कई फायदे मिलेंगे। बैतूल में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में बिजली व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।

उपभोक्‍ताओं के लिए स्‍मार्ट मीटर बना वरदान, दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट

नवम्‍बर माह में 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में दी 06 करोड, 34 लाख से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत, माह नवम्‍बर 2025 के दौरान कुल 4,06,507 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान किया है, जिसकी कुल राशि 06 करोड़, 34 लाख रूपए है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर उपरोक्त छूट दी गई है। कंपनी ने बताया कि स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्‍न दाब औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही दी जा रही है। स्मार्ट मीटर के फायदे • ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक।  • बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।  • ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करना संभव।  • ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है। इससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।  • ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा।  • ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  • ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में सहायक। 

भोपाल समेत पूरे क्षेत्र में अब तक 4.45 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। साथ ही दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अब तक 4 लाख 45 हजार 644 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्त में 2 लाख, 52 हजार 772 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्ता संतुष्ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। अक्टूबर माह का बिल जो कि नवंबर माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 4 लाख, 33 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्‍थापित

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही सटीक बिलिंग तथा रीडिंग भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में 4 लाख, 33 हजार 934 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में एक लाख, 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। 

रायसेन जिले में लगाए जाएंगे 78 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर

रायसेन में 808 स्मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर माह में मिली एक लाख 97 हजार से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर अभियान के तहत रायसेन जिले में 78 हजार 854 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जाएंगे। इसमें से अब तक एक हजार 919 से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जा चुके हैं। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए फायदेमंद है इसलिए सभी को स्‍मार्ट मीटर लगाने में कंपनी का सहयोग करना चाहिए। स्‍मार्ट मीटर से अनेक फायदे हैं, जैसे रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं होती है, मीटर रीडर भी घर पर रीडिंग लेने नहीं आता है, ऑटो‍मैटिक सटीक व पारदर्शी रीडिंग होती है। उपभोक्‍ता रियल टाइम खपत का डाटा भी देख सकते हैं।अगले महीने कितना बिल आ सकता है, यह फॉरकास्‍ट भी उपाय एप के माध्‍यम से देख सकते हैं। यह बात मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निदेशक (पीडीटीसी) श्री अनिल कुमार खत्री ने स्‍मार्ट मीटर से होने वाले लाभ तथा मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ता हित में चलाई जा रही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार रायसेन में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही। महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार ने बताया कि रायसेन वृत्‍त में 808 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर 2025 माह में एक लाख 97 हजार 200 रूपए की छूट प्रदान की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को नए टैरिफ आर्डर के अनुसार अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है। इसके तहत इनमें से स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। यह उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी।  

स्मार्ट मीटर की वजह से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, बिजली विभाग ने क्यों किया ये कदम?

सुलतानपुर उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्या के निदान और अन्य सहूलियतों के लिए बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये मीटर सुविधा के बजाय संकट का कारण बन गए हैं। उपभोक्ताओं के पास अचानक बैलेंस समाप्त होने का संदेश आ रहा, जिससे उन्हें जोर का झटका लगता है। बिना आवेदन या सहमति के मीटर प्रीपेड कैसे हो जा रहे, इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जिले में अब तक 27725 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें 10775 प्रीपेड हो चुके हैं। प्रीपेड हुए मीटरों वालों उपभोक्ताओं के यहां बकाया माइनेस में दिखाकर कनेक्शन काटने का संदेश आ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि मीटर की रीडिंग तेज चल रही है, जिससे कई गुणा अधिक बिल आ रहा है। ऐसे पीड़ित उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। प्रस्तुत है यह रिपोर्ट…   केस एक: निजामपट्टी निवासी पूनम पटवा ने एक किलोवाट का कनेक्शन लिया है। बीते मार्च में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया। तीन माह तक बिल नहीं आया। जून में 47 हजार का बिल आया। लोड के हिसाब से कई गुणा अधिक बिल आने से वह परेशान हैं। बीते दिनों उनके कनेक्शन नंबर 9615823582 पर बैलेंस समाप्त और माइनस 770.3 होने पर विच्छेदन से बचें, तुरंत रिचार्ज कराने का संदेश आया, तो वे चौंक गईं। ऐसा तब है जबकि प्रीपेड के लिए कोई सहमति या आवेदन नहीं लिया गया। केस दो: जेल रोड निवासी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव का एक किलोवाट का कनेक्शन है। बताया कि फरवरी में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया था। पहले की अपेक्षा इस मीटर से बिल काफी अधिक आ रहा है। कुछ दिनों पहले उनके कनेक्शन संख्या 5120672000 पर बैलेंस समाप्त और रिचार्ज करने संबंधी संदेश आया। तब से परेशान हैं। केस तीन: चुनहा निवासी चंदा देवी ने भी एक किलोवाट का ही कनेक्शन लिया है। इनके भी मोबाइल पर बैलेंस समाप्त माइनस 1828.27 का संदेश आया है। उनके बेटे भोले ने बताया कि इससे अच्छा पहले वाला ही मीटर था। बिल सही कराने के लिए दौड़ रहा हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यालय से प्रीपेड होते मीटर अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड आरएस वर्मा ने बताया कि घरों और प्रतिष्ठानों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पावर कारपोरेशन से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं से प्रीपेड किए जा रहे हैं। यहां से मीटरों की निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा बिल आने की शिकायत आने पर चेक मीटर लगाकर जांच की जाती है।  

कोई रोक नहीं: स्मार्ट मीटर पर सुप्रीम कोर्ट या MP हाईकोर्ट का आदेश नहीं आया, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को लाभ

भोपाल स्मार्ट मीटर की स्थापना रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय या आदेश नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर एक देश व्यापी स्कीम है जिसके तहत समूचे देश में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में कतिपय प्रिंट तथा सोशल मीडिया में यह खबर फैलाई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। यह खबर असत्य, भ्रामक और निराधार है। सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा इस प्रकार का कोई भी फैसला नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर के संबंध में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाये जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं। इसी प्रकार सोशल मीडिया में यह भ्रम भी फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे है यह बात विभिन्न टेस्टिंग लैब में गलत साबित हो गई है। स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की जा रही बिजली के अनुसार ही तकनीकी रूप से वास्तविक और सटीक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं और उपभोक्ता हित में स्मार्ट मीटर के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। कंपनी द्वारा गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो उनके द्वारा फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा। लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। इसमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।  कंपनी ने कहा कि ऐप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपभोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। गुना के ही उपभोक्ता अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत की छूट कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। राजधानी भोपाल के एकतापुरी, अशोकागार्डन निवासी विजय शंकर को जारी जुलाई माह के बिल में 29 रुपये की छूट मिली है, जबकि उनकी कुल खपत 92 रीडिंग का बिल सिर्फ 86 रुपये आया है। इन्हें दिन के टैरिफ में 30 यूनिट पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इसी कॉलोनी के रहवासी महेश चंद्र को जुलाई माह के बिल में 99 रुपये की छूट मिली है। इनके स्मार्ट मीटर में कुल खपत 277 रीडिंग में से 85 रीडिंग पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इस तरह से स्मार्ट मीटर में ऑटोमेटिक सटीक रीडिंग होने से कोई गड़बड़ी भी नहीं हो रही है तथा उपभोक्ताओं को अनेक फायदे मिल रहे हैं।  उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे       विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है, बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती, एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं, ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं और ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

स्मार्ट मीटरिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि! भोपाल में अब तक 3 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों की सफल स्थापना

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर , मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल सहित कंपनी के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के परिसर में कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए गए हैं। जिन अधिकारियों के घरों पर स्‍मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनमें पीडीटीसी के निदेशक श्री अनिल खत्री, महाप्रबंधक प्रशासन एवं पीजीआर श्री संपूर्णानंद शुक्‍ला, उप मुख्‍य महाप्रबंधक सतर्कता श्री आरएनएस ठाकुर, महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार, वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी श्री राजेश यादव सहित अनेक अधिकारी शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्‍ताओं से आग्रह किया है कि वे स्‍मार्ट मीटर के फायदों को देखते हुए अपने घरों में स्‍मार्ट मीटर जरूर लगवाएं। गौरतलब है कि कंपनी के सभी 16 जिलों में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 03 लाख, 03 हजार 305 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में 1 लाख 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को मिल रही है।