samacharsecretary.com

बड़ी कार्रवाई! कोरिया सरकार ने फॉरेस्ट सर्विस चीफ को किया बर्खास्त

दक्षिण कोरिया दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung ने कोरिया फॉरेस्ट सर्विस के मंत्री किम इन-हो को पद से हटा दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि किम ने “मौजूदा कानूनों का गंभीर उल्लंघन” किया, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। हालांकि शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने कौन-सा कानून तोड़ा। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि किम इन-हो को नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में बुक किया गया है। Bundang Police Station के अनुसार, सोमवार रात लगभग 10:50 बजे सोंगनाम के बुंदांग जिले में एक चौराहे पर किम ने शराब के नशे में बस और एक कार को टक्कर मार दी। बताया गया है कि उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी की थी। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन उनका ब्लड अल्कोहल स्तर इतना था कि लाइसेंस निलंबन की श्रेणी में आता है। राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कानून उल्लंघन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार सार्वजनिक पदों पर जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपना रही है। किम इन-हो पहले पर्यावरण के प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्हें अगस्त में कोरिया फॉरेस्ट सर्विस के प्रमुख पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी की नीति समिति के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को पूछताछ के लिए समन भेजकर घटना की पूरी जांच की जाएगी।  

किम केओन-ही पर 1.79 करोड़ रुपये की घूस लेने का आरोप, भ्रष्टाचार के मामले में 15 साल की सजा की संभावना

सोल South Korea की पूर्व प्रथम महिला किम केओन ही मौजूदा समय गंभीर कानूनी संकट में फंसी हुई हैं. किम केओन ही महाभियोग का सामना कर चुके पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी हैं. किम पर राज्य के अहम मामलों में कथित तौर पर दखल देने, प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने और महंगे उपहार व पैसों के बदले घूस लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या किम केओन ही ने अपने पद और पति की राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया? कि  पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी और प्रभावशाली लोगों से महंगे गिफ्ट्स स्वीकार किए और बदले में सरकारी फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की. एक विशेष अभियोजक ने सोमवार (29 दिसंबर) को बताया कि इस मामले की जांच रविवार को पूरी कर ली गई है. यह जांच पिछले एक साल से जारी थी. जांच के दायरे में पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल द्वारा मार्शल लॉ लगाए जाने का फैसला भी शामिल रहा. इसके अलावा, इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी से जुड़े कई गंभीर विवादों और आरोपों की भी पड़ताल की गई. यह मामला दक्षिण कोरिया की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ था और जांच पूरी होने के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. अभियोजन पक्ष ने की कड़ी सजा की मांग अभियोजन पक्ष ने किम केओन-ही के खिलाफ गंभीर आरोपों के चलते कड़ी सजा की मांग की है. अभियोजन ने अदालत से अनुरोध किया है कि किम केओन-ही को 15 साल की जेल की सजा दी जाए. उन पर बिचौलिया बनकर विभिन्न सौदे कराने, घूस लेने और सरकारी नियुक्तियों में अवैध रूप से हस्तक्षेप करने जैसे आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल किम केओन-ही हिरासत में हैं. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में हुई एक अदालत की सुनवाई के दौरान किम ने मामले के कारण जनता को हुई असुविधा और परेशानी के लिए माफी जरूर मांगी थी. अदालत अब मामले में अगली सुनवाई और अंतिम फैसले की तैयारी कर रही है. यूनिफिकेशन चर्च पर भी रिश्वत के आरोप इस मामले में यूनिफिकेशन चर्च की प्रमुख हान हक-जा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. जांच एजेंसियों ने उन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. अभियोजन पक्ष का दावा है कि चर्च ने अपने प्रभाव का विस्तार करने और किम पर दबाव या प्रभाव बनाने के उद्देश्य से महंगे उपहार दिए थे. इनमें दो लग्ज़री Chanel बैग और एक कीमती हीरे का हार शामिल बताया जा रहा है. इसके अलावा, अभियोजन का आरोप है कि चर्च की ओर से कुल 2 लाख डॉलर (लगभग 200,000 डॉलर) की रिश्वत दी गई. आरोपों के मुताबिक, यह रकम और महंगे तोहफे किम को प्रभावित करने के लिए दिए गए थे, ताकि चर्च को अपने हितों में लाभ मिल सके. दक्षिण कोरिया में उठा सियासी तूफान इस मामले ने दक्षिण कोरिया की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. विपक्षी दल इसे सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं, जबकि सरकार और यून सुक येओल के समर्थक आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला देश की न्याय व्यवस्था और राजनीतिक नैतिकता के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगा. फिलहाल जांच जारी है और पूरे देश की नजरें इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर न सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति के राजनीतिक भविष्य पर, बल्कि दक्षिण कोरिया की सियासत की दिशा पर भी पड़ सकता है. 

विस्फोट से जख्मी हुए थे, अब बने हीरो: टोमन कुमार ने तीरंदाजी में दिलाया भारत को स्वर्ण पदक

रायपुर अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी टोमन कुमार की कहानी साहस और जज़्बे की मिसाल है। 22 से 28 सितंबर 2025 तक दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में टोमन ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया। तीन साल पहले झारखंड के माओवादी ऑपरेशन के दौरान CRPF की टुकड़ी में शामिल टोमन बारूदी विस्फोट का शिकार हुए और उनका चांया पैर खो गया। लेकिन इस चोट ने उन्हें नहीं तोड़ा; बल्कि नई उड़ान भरने की प्रेरणा दी। टोमन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अहिबरनवागांव के रहने वाले हैं और लक्ष्य पर निशाना साधने में माहिर हैं। टोमन ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान जयपुर के पैरा नेशनल में पहला पदक जीतकर बनाई। इसके बाद उन्होंने सामान्य वर्ग के नेशनल गेम्स देहरादून में भी हिस्सा लिया। खेल में अंतर केवल समय का होता है – साधारण वर्ग में निशाना साधने का समय तीन मिनट और पैरास्पोर्ट्स में चार मिनट होता है। दूरी और उपकरण समान रहते हैं, लेकिन धैर्य, हौसला और मानसिक दृढ़ता ही सफलता तय करती है। विश्व पैरा तीरंदाजी में स्वर्ण और कांस्य जीतने के बावजूद सरकार की ओर से टोमन को कोई आर्थिक सहायता या सम्मान नहीं मिला। उनका अगला लक्ष्य पैरालिंपिक 2028 में पदक जीतना है। दक्षिण कोरिया में हुई प्रतियोगिता के बाद भारतीय तीरंदाजी टीम अगले साल होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी, जिसमें टोमन कुमार भी शामिल होंगे। इस आधार पर भारत की पैरालिंपिक टीम का चयन किया जाएगा। तैयारी के लिए टोमन औरंगाबाद के ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं। टोमन ने अपना पहला नेशनल मुकाबला पटियाला में अपने कोच के कंपाउंड धनुष से खेला। अंतरराष्ट्रीय मानक का यह धनुष और उपकरण करीब 5.5 लाख रुपये का था। अपने सपनों को सच करने के लिए टोमन ने 2024 में अपनी बचत से दो लाख रुपये खर्च कर अपना पहला धनुष खरीदा। आज भी उनके कोच पंकज सिंह उन्हें तकनीकी और उपकरणों में मदद करते हैं। आमतौर पर इस मुकाम तक पहुंचने में खिलाड़ियों को सालों लग जाते हैं, लेकिन टोमन ने तीर-कमान में भी करिश्माई प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि हौसला और मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।