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तेल की जंग ने मचाया Stock Market Crash, सेंसेक्स में 1900 अंक की बड़ी गिरावट, जापान से कोरिया तक असर

मुंबई  शेयर बाजार में बीते तीन दिन से जारी तेजी पर ब्रेक (Stock Market Crash) लग गया है. मिडिल-ईस्ट में जारी जंग अब एक बड़े तेल युद्ध (Oil War) का रूप लेती जा रही है. खाड़ी देशों में मौजूद तेल-गैस फील्ड्स पर दनादन मिसाइल अटैक होने से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में आग लग गई है और अचानक Brent Crude Price 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसके चलते एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, तो भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही क्रैश हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही 1900 अंक का गोता लगा गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 550 अंक से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ। खुलते ही क्रैश हुए सेंसेक्स-निफ्टी  सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,704 की तुलना में फिसलकर 74,750 पर ओपन हुआ और फिर शुरुआती कुछ मिनटों में ही ये गिरकर 74,685 तक टूट गया. सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते एनएसई निफ्टी का भी ऐसा ही बुरा हाल नजर आया और ये अपने पिछले बंद 23,777 की तुलना में बड़ी गिरावट लेकर 23,197 पर खुला। विदेशी बाजारों में भी मचा कोहराम भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. दरअसल, ईरान के कतर में स्थित सबसे बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और खाड़ी देशों के काउंटर अटैक के चलते अचानक क्रूड की कीमत तेज रफ्तार से भागते हुए 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. इससे बाजारों की चिंता बढ़ी और एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। जापान का निक्केई इंडेक्स 1500 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था, तो हांगकांग का हैंगसेंग 500 अंक से ज्यादा की गिरावट लिए नजर आया. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.50 फीसदी से ज्यादा फिसला. इसके अलावा अन्य विदेशी बाजार भी लाल रंग में रंगे हुए नजर आए। सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर लंबी गिरावट के बाद शेयर बाजार में बीते तीन दिनों से रौनक देखने को मिल रही थी, लेकिन मिडिल ईस्ट युद्ध में वो भी साफ हो गई और फिर से निवेशकों में भगदड़ नजर आई. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों को देखें, तो बीएसई लार्जकैप में शामिल HDFC Bank Share (4.50%), LT Share (3.50%), Eternal Share (3%), Bajaj Finance Share (2.80%), Axis Bank Share (2.75%), Asian Paints Share (2.60%), Kotak Bank Share (2.56%), M&M Share (2.40%), Adani Ports Share (2.35%) और IndiGo Share (2.30%) टूटकर कारोबार कर रहे थे। उछल पड़ा बाजार के डर का पैमाना शेयर बाजार में गुरुवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बैंकिंग और ऑटो शेयर बिखरे हुए नजर आए हैं. Nifty Bank अपनी ओपनिंग के साथ ही करीब 3 फीसदी के आसपास टूट गया, तो वहीं निफ्टी ऑटो में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली है। खात बात ये है कि मिडिल-ईस्ट में Oil War तेज होने के चलते शेयर बाजार के डर के पैमाने यानी India VIX में अचानक उछाल आया है, जो बीते तीन दिनों से लगातार गिर रहा था. इसमें एकदम से 15% के आसपास का उछाल आ गया, जो बाजार में आने वाले दिनों में तगड़े उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

Stock Market Crash: अमेरिका में भूचाल, भारत में भी Sensex में 700 अंकों की गिरावट

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया.  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया.  ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए.  मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत  बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है.  ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं. 

ट्रंप के टैरिफ से बाजार में गहरा संकट, 13 लाख करोड़ की गिरावट, 5 दिनों में सेंसेक्स 2200 अंक टूटा

मुंबई  सोमवार से लेकर शुक्रवार तक पूरा सप्‍ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए बुरा वक्‍त रहा. पिछले पांच दिनों के दौरान सेंसेस में करीब 2200 अंकों की गिरावट आई है. सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 604 अंक टूटकर 83576 और निफ्टी 193 अंक गिरकर 25683 लेवल पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में भी 435 अंकों की गिरावट आई.  BSE टॉप 30 शेयरों में 21 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि 9 शेयर हरे निशान पर थे. पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान सेंसेक्‍स में 2186 अंकों की बड़ी गिरावट आई है. वहीं NSE निफ्टी में 2.5 फीसदी की गिरावट रही है. इस भारी गिरावट के कारण लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई के मार्केट कैप में 13 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट रही.  इस बड़ी गिरावट के कारण बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्‍स में गिरावट दर्ज की गई. यह बिकवाली मुख्य रूप से रूस से तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिकी व्यापारिक कार्रवाइयों में बढ़े टेंशन के कारण हुआ है. आइए जानते हैं किन-किन कारणों से शेयर बाजार में गिरावट आई है.   5 दिन में 13 लाख करोड़ साफ बीएसई के मार्केट कैप के आधार पर मापी गई निवेशक संपत्ति पिछले सत्र के 472.25 लाख करोड़ रुपये से घटकर 467.87 लाख करोड़ रुपये रह गई, जिसमें 4.38 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है. पिछले पांच सत्रों में यह आंकड़ा 13.37 लाख करोड़ रुपये कम हुआ है.  क्‍यों आई भारतीय शेयर बाजार में गिरावट?      अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखने वाले भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ में भारी वृद्धि हो सकती है, जो 500% तक हो सकता है.      विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने पांच दिनों की गिरावट के दौरान बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है. विदेशी निवेशकों ने 8 जनवरी को 3,367.12 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे.      ग्लोबल बाजारों में कमजोरी ने भारतीय इक्विटी में सतर्कता को और भी बढ़ा दिया है. एशियाई स्टॉक मार्केट थोड़े नीचे आए हैं. साथ ही भारत अमेरिका में डील भी रुका हुआ है.        डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने वाला है. जिसमें यह तय होगा कि क्‍या दूसरे देशों पर टैरिफ लगाना उचित है कि नहीं.      कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय इक्विटी के लिए एक और चुनौती बनकर उभरी हैं, खासकर देश की कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भरता को देखते हुए. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ीं और ग्‍लोबल दबाव दिख रहा है.  

डोनाल्ड ट्रंप का संकेत: चावल पर लग सकता है Tariff, शेयर बाजार में भारी गिरावट

मुंबई  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर ली है और इस बार सीधा निशाना भारत समेत कई देशों से किया जाने वाला एग्रीकल्चर इंपोर्ट है. रिपोर्ट की मानें, तो ट्रंप अमेरिका को चावल निर्यात करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देशों पर नए टैरिफ (Trump Rice Tariff) लगाने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. ट्रंप के इन संकेतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 600 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा है, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते ही 200 अंक से ज्यादा फिसल गया.  सेंसेक्स 85000 के नीचे फिसला शेयर बाजार में ट्रंप के नए टैरिफ का डर साफ देखने को मिला है और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स बिखरे हुए नजर आए. बात बीएसई के सेंसेक्स की करें, तो ये अपने पिछले बंद 85,102.69 की तुलना में फिसलकर 84,742.87 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में तेजी से फिसलते हुए 610 अंक टूट गया और 84,492 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी का भी हाल बेहाल दिखा. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद  25,960.55 के मुकाबले फिसलकर 25,867.10 पर खुला और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट आने लगी और सेंसेक्स की तरह ये भी 200 अंक से ज्यादा टूटकर 25,758 पर आ गया.  ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का दिखा असर! बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने के संकेत दिए हैं और इस बार उनका निशाना एग्रीकल्चर इंपोर्ट पर है. चावल की डंपिंग से अमेरिकी किसोनों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ बम फोड़ सकते हैं. इसके बाद से चावल निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ शेयरों का जिक्र करें, तो LT Foods Share अचानक 7.80% की गिरावट के साथ 362 रुपये पर आ गया, तो वहीं KRBL Ltd Share करीब 2 फीसदी फिसल गया.  1343 शेयर खुलते ही हुए धड़ाम शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की खराब शुरुआत के बीच जहां करीब 847 कंपनियों के शेयरों ने हरे निशान पर शुरुआत की, तो वहीं 1343 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले हल्की या तेज गिरावट लेकर खुले. वहीं 164 शेयरों की स्थिति में कोई चेंज देखने को नहीं मिला. बाजार में गिरावट बढ़ने पर BSE Large Cap कैटेगरी में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड कर रहे थे. ये 10 शेयर सबसे ज्यादा फिसले बात करें, सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 बड़े शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप में शामिल Asian Paint Share (3.50%), Trent Share (2%), BEL Share (1.35%) गिरकर कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरी ओर मिडकैप  कंपनियों में ITC Hotels Share (4.72%), Coforge Share (4.11%), IPCA Lab Share (3.62%), GoDigit Share (3.53%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Panorama Share (10%), LT Foods Share (7.80%), Tanaa Share (7%) तक टूट गया. 

इंडिगो की गिरावट ने सेंसेक्स को झटका दिया, डिफेंस शेयरों में अचानक उथल-पुथल

मुंबई  शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिल रही है. सुस्ती के साथ ओपन हुआ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) मार्केट क्लोज होने से एक घंटे पहले ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 26,000 के स्तर के नीचे आ गया. बाजार में गिरावट के बीच इंडिगो समेत कई शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे, जबकि डिफेंस शेयरों में भी भूचाल नजर आया.  सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश   शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत रेड जोन में हुई थी. BSE Sensex अपने पिछले बंद 85,712.37 की तुलना में गिरकर 85,624.84 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद ये फिसलते हुए चला गया. खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.15 बजे पर सेंसेक्स इंडेक्स 800 अंक फिसलकर 84,875 के लेवल पर आ गया. इसकी तरह NSE Nifty की चाल रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 26,186.45 के मुकाबले गिरावट के साथ 26,159 पर ओपन हुआ और 270 अंक की गिरावट लेकर 25,892 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.  IndiGo Share में तगड़ी गिरावट शेयर बाजार में गिरावट के साथ हो रहे कारोबार के बीच संकट में फंसी इंडिगो एयरलाइन की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर (IndiGo Share Crash) 9 फीसदी तक टूट गया. ये एयरलाइन स्टॉक अपने पिछले बंद 5,367.50 रुपये के लेवल से टूटकर 5,110 रुपये पर खुला और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह फिसलता ही चला गया. इंडिगो शेयर 9 फीसदी के आसपास गिरकर 4842.5 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसका मार्केट कैप भी गिरकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था. 

चीन पर भारी टैरिफ के बाद US स्टॉक मार्केट में हलचल, मंडे को भारतीय बाजार पर क्या असर?

न्यूयॉर्क डोनाल्‍ड ट्रंप ने चीन पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो 1 नवंबर 2025 से आयतित समानों पर लागू होंगे. इस ऐलान के साथ ही अमेरिका और चीनी स्‍टॉक मार्केट में भारी तबाही आई है. इसे लेकर अब भारतीय निवेशक भी डरे हुए हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सोमवार को जब भारतीय बाजार खुलेगा तो क्‍या होगा?  ट्रंप के 100%  टैरिफ के फैसले से चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वार की स्थिति पैदा हो गई है. आशंका है कि अमेरिका के इस एक्‍शन पर चीन भी कार्रवाई कर सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दुनिया की दो बड़ी आर्थिक इकोनॉमी वाले देशों के बीच Trade War पैदा हो जाएगा, जो दुनिया के लिए बिल्‍कुल सही नहीं है. इस कारण आशंका है कि सोमवार को भारत समेत वर्ल्‍ड वाइड शेयर बाजार में हैवी गिरावट आ सकती है.  अमेरिकी शेयर बाजार में तबाही शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट आई. S&P 500 और नैस्डैक ने 10 अप्रैल के बाद से अपनी सबसे बड़ी सिंगल डे गिरावट दर्ज की. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.90 प्रतिशत गिरकर 45,479.60 पर, S&P500 2.71 प्रतिशत गिरकर 6,552.51 पर और नैस्डैक कंपोजिट 3.56 प्रतिशत गिरकर 22,204.43 पर आ गया.  ट्रंप ने चीनी आयात पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ और महत्वपूर्ण अमेरिकी सॉफ्टवेयर पर नए निर्यात नियंत्रण का ऐलान किया है. इससे बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जिसमें NVIDIA, टेस्‍ला और अमेजन जैसी प्रमुख कंपनियां 2 फीसदी से ज्‍यादा गिर गईं.  भारतीय बजार में गैप-डाउन के संकेत आखिरी बार देखे जाने पर, गिफ्टी निफ्टी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,205 पर कारोबार कर रहा था, जो संभावित गैप-डाउन ओपनिंग का संकेत दे रहा है. यह पिछले हफ़्ते के मज़बूत प्रदर्शन के बावजूद हुआ है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी. बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, एनरिच मनी के सीईओ और सेबी- रजिस्‍टर्ड एक्‍सपर्ट पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा घरेलू कारकों, वैश्विक व्यापक आर्थिक रुझानों और कॉर्पोरेट आय के संयोजन पर निर्भर करेगी. एक्‍सपर्ट ने क्‍या कहा?  पोनमुडी ने कहा कि अमेरिका-चीन टैरिफ युद्ध के फिर से बढ़ने से वैश्विक जोखिम धारणा पर असर पड़ने की आशंका है. व्यापार तनाव में यह कदम डॉलर के अस्तित्‍व पर असर डाल सकता है, जिससे उभरते बाजारों के शेयरों और करेंसी पर और दबाव बढ़ सकता है. पोनमुडी ने कहा कि कॉर्पोरेट मोर्चे पर, सभी की निगाहें आईटी सेक्‍टर पर होंगी, जहां इंफोसिस, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं.  पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी लगातार लचीलापन दिखा रहा है और महत्वपूर्ण 25,000-24,850 सेक्‍टर्स के ऊपर एक उच्च-निम्न संरचना बना रहा है. पोनमुडी ने कहा, 'ट्रेंडलाइन समर्थन और मजबूत पुट राइटिंग ने इंडेक्‍स को अस्थिरता को झेलने और अपने ऊपरी रुझान को बनाए रखने में मदद की है. ऊपर की ओर, 25,300-25,400 के बीच भारी कॉल ओपन इंटरेस्ट ने दीर्घकालिक ढलान प्रतिरोध रेखा के साथ एक निकट-अवधि की बाधा उत्पन्न की है. 25,500 से ऊपर एक निर्णायक बंद तेजी की गति को फिर से जगा सकता है और एक उच्च-उच्च संरचना की पुष्टि कर सकता है, जिससे 25,700-25,900 की ओर रास्ता खुल सकता है.'