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योगी सरकार की सख्ती से नकल माफिया और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वालों पर कार्रवाई तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को भी परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी जारी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार नजर रखी गई। इसी क्रम में विभिन्न जिलों और सोशल मीडिया माध्यमों पर भ्रामक प्रचार, प्रतिरूपण और अन्य आपराधिक गतिविधियों के मामलों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर संचालित "टारगेट सेलेक्शन" चैनल द्वारा भर्ती परीक्षा को लेकर भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित किए जाने को गंभीरता से लिया है। इस मामले में लखनऊ कमिश्नरेट के हुसैनगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, अलीगढ़ के रतनप्रेम डीएवी बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी फर्जी आधार कार्ड के सहारे दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। जांच में पता चला कि विकास कुमार नामक युवक हरिओम कुमार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। संदेह होने पर की गई जांच में मामला उजागर हुआ, जिसके बाद उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। भर्ती बोर्ड द्वारा जारी व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9454457951 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर फेसबुक पर उपनिरीक्षक सीधी भर्ती-2025 को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वाले यूजर "तनिष्क चौधरी" के खिलाफ भी हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके अतिरिक्त इंस्टाग्राम आईडी "inderjeet_gautam_007" से भर्ती परीक्षा के संबंध में भ्रामक वीडियो पोस्ट किए जाने का मामला भी सामने आया है। इस संबंध में आजमगढ़ के कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नकल, फर्जीवाड़ा, प्रतिरूपण तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक संदेश, अफवाह या अवैध गतिविधि से दूर रहें और पूरी निष्ठा के साथ परीक्षा की तैयारी करें।

जनता दर्शन में भूमि संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने डीएम को दिए निर्देश

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में भूमि संबंधी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने डीएम को निर्देशित किया कि भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई क्षम्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ लोगों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की तरफ से लापरवाही किए जाने की शिकायत की तो उन्होंने डीएम को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। एक महिला ने कुछ लोगों द्वारा मकान से बेदखल किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मकान पर महिला का कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।  जनता दर्शन में एक महिला ने मां के इलाज के लिए सहायता देने का निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। इस पर सीएम ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द इनका आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। अधिकारी हर जरूरतमंद का आयुष्मान कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उन्हें विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।  गोसेवा की और बच्चों पर प्यार लुटाया सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान बुधवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। इसी क्रम में मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर उन्हें दुलराया। चॉकलेट दीं और उनसे पढ़ाई के बारे में बातचीत की। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

निर्माण कार्यों से आमजन को न हो असुविधा, मानसून से पूर्व पूरे हों आवश्यक कार्य : राज्यमंत्रीगौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने सोमवार को अयोध्या बायपास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 10-लेन सड़क परियोजना एवं जल निकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि अधिकारी संयुक्त रूप से प्रभावित इलाकों का सघन दौरा करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बारिश के मौसम से पहले जल निकासी और नाली निर्माण की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि एनएचएआई द्वारा 52 मीटर चौड़ाई में सड़क का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन नाली का स्तर ऊंचा होने के कारण आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की आशंका उत्पन्न हो रही है। राज्यमंत्रीगौर ने समस्या उत्पन्न होने से पहले ही अधिकारियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण के लिए निर्देशित किया। अधिकारियों के निरीक्षण के उपरांत पुनः बैठक ली गई। जिसमें उन्होंने बारिश से पूर्व अधिकारियों को सघन जांच और दौरे कर जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री देवांश नवल ने कॉलोनियों में जलभराव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार करने का आश्वासन दिया है। बैठक में बताया गया कि गीत गणेश कॉलोनी, शीतल पैराडाइस (टनाटन ढाबा), अयोध्या एक्सटेंशन और इन्द्रलोक कॉलोनी जैसे इलाकों में नाले-नालियों का निर्माण किया जाएगा। इससे रहवासियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, एनएचएआई के प्रोजेक्ट अधिकारी द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया कि रत्नागिरी से पीपल्स मॉल तक बारिश के पानी की निकासी करने वाले 5 प्रमुख नालों, पं. अटल बिहारी वाजपेयी सब्जी मंडी नाला, अयोध्या बायपास शिवकल्प नाला, अमृत एन्क्लेव नाला, पिंक सिटी नाला और भानपुर नाला, का चौड़ीकरण कर पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। राज्यमंत्रीगौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कॉलोनियों के स्तर के अनुसार नई नाली प्रस्तावित की जाए और क्रॉस ड्रेन के साथ ही कल्वर्ट की गहराई पर्याप्त रखी जाए ताकि भविष्य में जल निकासी बाधित न हो। इसके अतिरिक्त, दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु रोड क्रॉसिंग का ढलान भी मानकों के अनुरूप रखें। उन्होंने मानसून से पूर्व नालों की साफ-सफाई और मलबा हटाने के भी निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में पार्षदउर्मिला मौर्य,छाया ठाकुर,शिरोमणि शर्मा,ममता विश्वकर्मा सहित नगर निगम और NHAI के अधिकारी मौजूद रहे। 

वन्य-जीव संरक्षण में सहयोग करने की वन विभाग ने की अपील

भोपाल  वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 में प्रतिबंधित वन्य-जीवों की अवैध बिक्री, खरीद-फरोख्त एवं पालन को रोकने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। फरवरी 2026 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अनुसूची-I प्रजाति के 313 जीवित कछुओं को जप्त किया गया और इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचीबद्ध वन्य-जीवों का शिकार, व्यापार, परिवहन, कब्जा या पालन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद बाजार में कुछ पेट शॉप और एक्वेरियम दुकानों में प्रतिबंधित कछुओं, पक्षियों एवं अन्य जीवित प्रजातियों की अवैध बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो पूर्णतः गैरकानूनी है और वन्य-जीवों की प्राकृतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है। वन विभाग ने दुकानदारों और पालतू पशु-पक्षी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति CITES प्रजातियों का व्यापार न करें और अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध पशु-पक्षियों से संबंधित वैध दस्तावेज सुरक्षित रखें। साथ ही प्रतिबंधित प्रजातियों की सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यमों से बिक्री और प्रचार-प्रसार से भी दूर रहने को कहा गया है। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे प्रतिबंधित वन्य-जीवों को न खरीदें और न ही घरों में पालें। यदि किसी के पास ऐसी जानकारी हो तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। अवैध वन्य-जीव व्यापार की सूचना वन विभाग के टोल फ्री नंबर 0755-2524000 पर भी दी जा सकती है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव)  एल. कृष्णामूर्ति ने नागरिकों, पेट शॉप संचालकों एवं मीडिया से वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की है।

केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए सीवरेज सफाई का कार्य

रायपुर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।  मुख्यमंत्री  साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।  इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की। बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया। बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक  पुन्नूलाल मोहले,  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव  विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव  बसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।