samacharsecretary.com

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका

प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों से बढ़े डॉक्टर्स, चिकित्सा शिक्षा को मिला विस्तार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका  बोले, पिछले नौ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, वर्ष 2017 के 36 से बढ़कर 2025 में 81 हुए मेडिकल कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हुई मजबूत, 54 जनपदों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट से 2.05 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर सभी का ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से किए गए प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और आधुनिक तकनीक आधारित टेली मेडिसिन सेवाएं इसकी प्रमुख मिसाल हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या में बढ़ोत्तरी से स्वास्थ्य सेवाएं हुईं बेहतर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 तक कुल 36 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जिनमें 15 राजकीय और 21 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल थे। पिछले कई वर्षों में प्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की। वर्ष 2025 के अंत तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 81 हो गई है। इनमें 45 राजकीय और 36 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इस निरंतर वृद्धि से न केवल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है, बल्कि हर वर्ष बड़ी संख्या में नए डॉक्टरों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे भविष्य में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। 22 लाख से अधिक लोगों ने ई संजीवनी टेली परामर्श सेवा का उठाया लाभ वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल और डेंटल शिक्षा के पाठ्यक्रमों तथा परीक्षाओं के स्तर में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। प्रदेश के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा की शुरुआत की है। वर्तमान में प्रदेश के 54 जनपदों में कुल 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए अब तक कुल 2.05 करोड़ रोगियों का उपचार किया जा चुका है। यह सेवा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, जिन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। प्रदेश में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में टेली मेडिसिन सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 11 मई 2021 से ई-संजीवनी टेली परामर्श सेवाएं प्रारंभ की गईं। वर्तमान में प्रदेश के 26 मेडिकल कॉलेजों में यह सेवा संचालित हैं, जिसके माध्यम से अब तक 22,53,320 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं। इससे मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा मिली है।

योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा

यूपीआईटीएस 2025  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल हैः सुरेश खन्ना प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी सेशन को किया संबोधित योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा  जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा ग्रेटर नोएडा  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल बन चुका है। अब यूपी सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश विकास के पैमाने पर चौतरफा तरक्की कर रहा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी' में कहीं। कार्यक्रम को प्रदेश के एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, वित्त विभाग के विशेष सचिव समीर वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य महा प्रबंधक इंदर मोहन सिंह समेत कई अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। यूपीआईटीएस उद्यमियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। यह आयोजन किस कदर सफल है, इसका अंदाजा यहां बढ़ रही निवेशकों और उद्यमियों की संख्या से लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि जब से केंद्र में एनडीए और यूपी में योगी सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है और संगठित अपराध खत्म हो चुका है। इसके चलते जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ बिना थके, बिना रुके यूपी के विकास के लिए सतत काम कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज पूरी दुनिया में लोग यूपी को बेहतर कानून व्यवस्था और आर्थिक तरक्की के लिए जानते हैं। विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी लोग कहते हैं कि योगी जैसा नेता चाहिए। यूपी में बह रही विकास की गंगा  वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में यूपी का बजट और उसका आकार लगातार बढ़ा है। 2018 तक बजट का साइज 3 लाख करोड़ तक था जो आज बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सही होने की वजह से यूपी में विकास की गंगा बह रही है और अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों की हर संभव मदद कर रही है। निवेशकों की सहूलियत के लिए निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे एप बनाए गए हैं।  एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल  वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उत्पाद की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद भरोसेमंद ब्रांड बने। राष्ट्रीय बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने की नसीहत देते हुए खन्ना ने कहा कि प्राइवेट बैंकों की शर्तें और सिक्योरिटी मेजर्स राष्ट्रीय बैंकों से ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका सीडी रेश्यो बेहतर है। इसलिए नेशनलाइज्ड बैंकों को आत्मनिरीक्षण कर सुधार करना चाहिए और बैंकों को और अधिक उदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल है और अब तक 3700 करोड़ रुपये का एफडीआई आ चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का परिणाम है।  जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ  सुरेश खन्ना ने कहा कि जीएसटी में राहत से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का एक्सपोर्ट 2014 से पहले 84,000 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। यूपी की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया है। हमने अपने बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि की है और वर्ष 2024-25 में 59,000 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस स्टेट बने हैं। हमारी आय हमारे खर्च से कहीं ज्यादा है और इस मामले में यूपी देश में सबसे आगे हैं। एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर– राकेश सचान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश का बजट इस बार अब तक का सबसे बड़ा रहा और योगी जी के नेतृत्व में यूपी लगातार आर्थिक तरक्की कर रहा है। देश की जीडीपी में योगदान के मामले में यूपी का स्थान अब दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर योजना में 10 और ट्रेड जोड़े गए हैं, जबकि पहले केवल 12 ट्रेड थे। सचान ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा सेक्टर है जो रोजगार देता है। जीएसटी सुधारों के बाद इस सेक्टर में और अधिक तरक्की के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। बड़ी संख्या में युवा अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर रहे हैं। अब तक सात लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें रिव्यू करने के बाद बैंकों को भेजा गया है। लेकिन कई बार युवाओं को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बैंकों से कहा कि उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई भी युवा ऋण से वंचित न रह जाए। सचान ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों की यह भी मांग है कि जिस तरह किसानों को ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, उसी तर्ज पर एमएसएमई के लिए भी एक अलग क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।