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सुशासन तिहार 2026: पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं, ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026ः  पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत रायपुर,   सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती में आयोजित सुशासन तिहार 2026 का शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रशासन गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मौके पर वितरित किए गए 100 से अधिक प्रमाण पत्र            कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ तत्काल प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 100 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज वितरित किए गए, जिनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नवीन खाता, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंचीं गांव तक          शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। समय और धन की बचत से खुश ग्रामीण          वर्षों तक शासकीय दस्तावेजों और सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सुशासन तिहार          सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इससे ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का माहौल बना। शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास          ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहे हैं तथा समावेशी विकास की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार बना किसान निर्मल राम के लिए वरदान, किसान क्रेडिट कार्ड से मिली आर्थिक मजबूती

सुशासन तिहार से किसान निर्मल राम को मिली आर्थिक मजबूती, बना किसान क्रेडिट कार्ड अब सहकारी समिति से मिलेगा ऋण, खाद और बीज की सुविधा, खेती होगी अधिक लाभकारी रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार किसानों के लिए राहत और सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की इस पहल के तहत गांव-गांव आयोजित समाधान शिविरों में किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम लटोरी निवासी किसान निर्मल राम को सुशासन तिहार के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिला है। केसीसी बनने से अब उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता, खाद और बीज की उपलब्धता पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गई है। निर्मल राम ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें खेती के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पूंजी की कमी के चलते खाद और बीज निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदने पड़ते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी। सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदन देने के बाद उनका किसान क्रेडिट कार्ड तत्काल बनाकर प्रदान किया गया। अब वे सहकारी समिति के माध्यम से कृषि ऋण प्राप्त कर सकेंगे तथा उचित मूल्य पर खाद और बीज भी आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। किसान निर्मल राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में बड़ी सुविधा होगी और आर्थिक चिंता भी कम होगी। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

सुशासन तिहार में जनता की बड़ी भागीदारी, 1210 आवेदन प्राप्त, 50 लोगों को मिला लाभ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम बेलदगी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्लस्टर की 20 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए अपनी मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं शिविर में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने सहभागिता करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने आमजन की मांगों, समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित कर आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। विधायक श्री मिंज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं खुलकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रशासन उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। जनहित के मुद्दों पर दिया गया विशेष जोर जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत 15 से 25 गांवों के समूहों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा तथा आवश्यक प्रकरण शासन स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को शिकायतों के निराकरण में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम पंचायतों को जलकर संग्रहण करने की सलाह दी। 1210 आवेदन प्राप्त, 50 हितग्राही लाभान्वित शिविर में कुल 1210 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1151 मांग संबंधी तथा 59 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल रहे। शिविर में लगभग 26 विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त सरगुजा अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीबी स्क्रीनिंग की गई। वहीं, बिहान बाजार के माध्यम से स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन कर ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोनिका पैकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, जनपद सदस्यगण, सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, एसडीएम रामराज सिंह, जनपद पंचायत सीईओ, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता

रायपुर  सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी  भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।  निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।  निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की पहल, सुशासन तिहार में मिल रहा त्वरित समाधान

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने और जनता की समस्याओं को उनके घर के पास ही सुलझाने का महाअभियान ”सुशासन तिहार 2026” लगातार सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के विकासखंड नगरी के ग्राम पंचायत घठुला में आयोजित क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते एक ही छत के नीचे 509 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई। इस शिविर में घठुला, लटियारा, पाईकभाठा, रतावा, पोड़ागांव, लखनपुरी, फरसगांव, पांवद्वार, गिधावा, बोरई, घुटकेल, मैनपुर, बिरनासिली एवं लिखमा सहित कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। शिविर में न केवल लोगों की शिकायतें सुनी गईं, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की लाइव जानकारियां भी साझा की गईं, जिससे लोगों को जागरूक होने का अवसर मिला। शिविर के दौरान कुल 528 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 523 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित और 05 आवेदन जनता की शिकायतों से जुड़े थे। शासन और प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्राप्त आवेदनों में से 509 का मौके पर ही निपटारा कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष बचे आवेदनों के लिए उपस्थित आला अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय-सीमा के भीतर त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।  हितग्राहियों को योजनाओं की  दी सौगात शिविर स्थल पर ही हितग्राहियों को योजनाओं की सौगात दी गई, जिसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को सुपोषण किट, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 03 ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, समाज कल्याण विभाग द्वारा 01 हितग्राही को दिव्यांग सहायक उपकरण और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों को मनरेगा जॉब कार्ड का वितरण किया गया। शासन और जनता के बीच का फासला हुआ कम शिविर में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार का असली मकसद आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ तुरंत समाधान करना है, जिससे शासन और जनता के बीच का फासला कम हो रहा है और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

“लखपति से करोड़पति दीदी” बनने का मुख्यमंत्री ने दिया मंत्र, महिलाओं को उद्यम विस्तार के लिए किया प्रेरित

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी मती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। मती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया।  मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही  प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी मती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

जनता की सुनवाई और त्वरित निराकरण: सुशासन तिहार बना राहत का मंच

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं। राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। ​शासन की योजनाओं का मिला संबल जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की ​आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। ​ जब जीवन लाल को ग्रामीणों से ‘सुशासन तिहार’ के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।   संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं। विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही हिड़मा मण्डावी एवं महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य … Read more