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दुर्गा पूजा में शकरकंद की बढ़ी मांग से चमकी किसानों की किस्मत, कोलकाता से बांग्लादेश तक पहुंच रहा जायका

 रांची  दुर्गा पूजा का त्योहार अब सिर्फ आस्था, भक्ति और उल्लास का प्रतीक भर नहीं रह गया है, बल्कि यह सेहत और स्वाद का एक अनूठा संगम भी बन चुका है। इस शारदीय नवरात्र में रामगढ़ के गोला प्रखंड का शकरकंद अपनी खास मिठास और पौष्टिकता के दम पर स्थानीय थालियों से निकलकर बंगाल के बाजारों में धूम मचा रहा है। व्रत के दौरान यह लोगों की पहली पसंद बनकर सेहत का संदेश दे रहा है। पूजा पर बंगाल में सप्लाई बढ़ने से किसान लाभान्वित हैं। सोसो कलां के पूर्व मुखिया बजरंग कुमार का भी मानना है कि शकरकंद की बढ़ती मांग गोला के किसानों के लिए अच्छी संभावना लेकर आई है। पहले स्थानीय बाजार पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब बंगाल से बेहतर दाम मिल रहे हैं। त्योहार के समय खपत बढ़ने से खेतों में व्यापारियों की आवाजाही भी तेज हो गई है। छंटाई, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुरुडीह गांव के किसान कार्तिक महथा कहते हैं, शकरकंद की खेती से किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। इस वर्ष बाजार में मांग बढ़ने से व्यापारी खेत से ही फसल खरीद रहे हैं। बांग्लादेश तक शकरकंद जाने से हमें आगे भी बेहतर बाजार और उचित कीमत मिलने की उम्मीद है। व्रत में क्यों है शकरकंद सबसे खास? नवरात्र या दुर्गा पूजा के दिनों में लोग सात्विक और उपवास वाला भोजन अपनाते हैं। ऐसे में शकरकंद एक परफेक्ट सुपरफूड साबित होता है। पाचन और ऊर्जा: यह आसानी से पचने वाला, फाइबर से भरपूर और प्राकृतिक मिठास वाला खाद्य है, जो व्रत के दौरान कमजोरी नहीं आने देता। इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें विटामिन ए, सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो थकान दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। हेल्थ फ्रेंडली: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम होने के कारण यह अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता, जिससे वजन नियंत्रित रखने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। गोला से बांग्लादेश तक पहुंच रहा जायका रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में करीब 500 एकड़ से अधिक भूमि पर शकरकंद की बंपर खेती होती है। यहां की मिट्टी और जलवायु इसे बेहतरीन स्वाद देती है। दुर्गा पूजा के सीजन में इसकी डिमांड इतनी बढ़ गई है कि रोजाना 15 से 20 ट्रक शकरकंद कोलकाता और बंगाल के बाजारों तक भेजे जा रहे हैं। स्थानीय किसानों और जानकारों का कहना है कि पहले किसानों को सिर्फ स्थानीय मंडियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब बड़े व्यापारियों के जरिए बाजार मिलने से उन्हें उनकी मेहनत का उचित और बेहतर दाम मिल रहा है। इस बूम से स्थानीय स्तर पर छंटाई, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों के लिए भी रोजगार के नए द्वार खुले हैं। इस दुर्गा पूजा जब आप व्रत रखें, तो अपनी थाली में शकरकंद (चाहे उबला हो, चाट या हलवा) को जरूर शामिल करें। यह न सिर्फ आपके शरीर को ऊर्जा देगा, बल्कि झारखंड के किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेरेगा।  

क्या आप शकरकंद को सिर्फ सब्जी समझते हैं? इसके 6 हैरान कर देने वाले फायदे जानकर चौंक जाएंगे

जब बात हेल्दी और टेस्टी खाने की आती है, तो शकरकंद हर डाइट में स्टार बन जाता है, जिसे स्वीट पोटेटो के नाम से भी जाना जाता है। यह सिर्फ एक सिंपल सब्जी नहीं, बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम का हल भी है। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन इसे रोज खाए?, तो जान लीजिए कि शकरकंद कुछ लोगों के लिए सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान भी है। दिल के मरीज शकरकंद में पोटैशियम और एंटी इन्फ्लेमेटरी भरपूर होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर दिल की बीमारी के खतरों को कम करने में भी मदद करता है, खासकर जब इसे अन्य हाई फाइबर वाले डाइट के साथ मिलाकर खाया जाए। गट हेल्थ वाले के लिए अच्छा शकरकंद में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इसके अलावा, शकरकंद आपके आंतों के माइक्रोबायोम में हेल्दी मात्रा में बैक्टीरिया बनाए रखने में मदद करता है, जिससे गट हेल्थ बेहतर होती है और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। डायबिटीज के मरीज शकरकंद में पाए जाने वाले एंथोसायनिन के कारण इसका डार्क पर्पल कलर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और हेल्दी गट माइक्रोबायोम को बनाए रखने के लिए अच्छा ऑप्शन है। डायबिटीज के मरीज शकरकंद को आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। कमजोर विजन वाले लोग शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन के कारण इसका कलर ब्राइट ऑरेंज होता है। जब आप इस एंटीऑक्सीडेंट को खाते हैं, तो यह विटामिन ए में बदल जाता है, जो आपकी आंखों की रोशनी को प्रोटेक्ट करने में मदद करता है। आप भी अपनी डेली डाइट में शकरकंद को जरूर शामिल करें। ब्रेन फंक्शन में सुधार अगर आप डेली डाइट में शकरकंद को शामिल करते हैं, तो इससे ब्रेन फंक्शन में सुधार हो सकता है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन सूजन को कम करता है और मेमोरी को बेहतर बनाने का काम करता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोग शकरकंद बीटा कैरोटीन के सबसे बेहतरीन स्रोतों में से एक है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को इसे जरूर खाना चाहिए। यह आंतों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है और शरीर को वायरल इन्फेक्शन से बचने में भी मदद करता है।