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शिक्षकों को मिलेगा सरकारी मकान, मध्यप्रदेश में स्कूलों के पास बनेगा आवास

भोपाल  स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो सके इसके लिए मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग स्कूलों के पास शिक्षकों को मकान बनाकर देगा। यह महिला शिक्षकों(Government Teacher) के लिए होंगे। लोक शिक्षण संचालनालय इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट जिलों से मिली जानकारी के आधार पर बनेगी। आवास ऐसे स्कूलों के आसपास बनेंगे जहां आवाजाही मुश्किल होती है। लोक शिक्षण ने सभी जिलों को इसके लिए निर्देश भेजे थे। जिलों से जमीन तलाश करने के बाद उसकी रिपोर्ट मांगी थी। बारिश के कारण इस काम में रुकावट आई। इसे अब फिर शुरू किया जाएगा। विभाग के निर्देश के तहत हर जिले में 100 आवास बनेंगे। महिला शिक्षकों के लिए प्राथमिकता होगी। तीन से पांच एकड़ में बहुमंजिला इमारत इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट दिए जाने हैं। यानि विभाग बहुमंजिला इमारतें तैयार कराएगा। हर जिले से इन इमारतों के लिए तीन से पांच एकड़ जमीन को चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। यह पहला चरण है। हर विकासखंड मुख्यालय पर 100 आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए 3 से 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाहा ने इसके संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर अब समीक्षा होना है। इन्हें मिलेगा लाभ मध्यप्रदेश में 94 हजार स्कूल हैं। इनमें एक लाख से अधिक महिला शिक्षक(Government Teacher) हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इनकी संख्या 25 हजार से अधिक है। वहीं फिलहाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार गांवों और छोटे जिलों के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के लिए ही घर का निर्माण कराने की तैयारी कर रहा है।

खरसिया के 29 एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन शालाओं में हुई शिक्षकों की व्यवस्था

रायपुर वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे  रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड की विद्यालयों में अब नई उम्मीद दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया ने न केवल एकल शिक्षकीय व शिक्षकविहीन विद्यालयों की दशा सुधरी है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में ठोस पहल भी साबित हो रही है। प्राथमिक शाला धांगरपारा सरवानी, जहाँ लंबे समय से शिक्षक नहीं थे, अब दो शिक्षकों की तैनाती से बच्चों की पढ़ाई नए उत्साह के साथ शुरू हो चुकी है। इसी प्रकार खरसिया विकासखंड के 29 एकल शिक्षकीय शालाओं में भी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे इन स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हुई है।         युक्तियुक्तकरण से सिर्फ प्राथमिक ही नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय शिक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है। हाईस्कूल पामगढ़, छोटे मूड़पार और नगरपालिका कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय जो वर्षों से विषयवार शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे, अब व्याख्याता शिक्षकों की पदस्थापना से लाभान्वित हो रहे हैं। इससे विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो रही है। शासन की इस महत्वपूर्ण पहल से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सैकड़ों विद्यालयों में आवश्यकता अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हुआ है।            गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इस पहल से दूरस्थ, आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता का नया संतुलन कायम हो रहा है। यह पहल न केवल खरसिया, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। युक्तियुक्तकरण के लिए पालकों एवं छात्रों ने शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार युक्तियुक्तकरण से पालकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल। ग्राम कोलम चितवाही के पालकों का कहना है कि लंबे समय से जिस बदलाव की प्रतीक्षा थी, वह अब पूरी हो गई है। इससे बच्चों को न केवल नियमित शिक्षा मिल रही है, बल्कि बेहतर वातावरण और सुविधाएँ भी उपलब्ध हो रही है। पालक महेश अगरिया ने बताया कि उनकी दो बालिकाएं है, वे दोनों ग्राम के शासकीय स्कूल में अध्ययन के लिए जाती है। पहले शिक्षक के कमी के कारण उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही थी, लेकिन युक्तियुक्तकरण से स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना के फलस्वरूप उनकी बच्चियों की पढ़ाई में काफी सुधार आया है। वहीं बालिकाओं ने बताया कि स्कूल में शिक्षक के आ जाने से सभी कक्षाएं नियमित रूप से लग रही है और उन्हें विषयवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। उन्होंने स्कूल में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

संवेदनशीलता की मिसाल! महासमुंद प्रशासन ने रिटायर शिक्षकों को तुरंत दिया पेंशन आदेश

महासमुंद राज्य शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन महासमुंद ने सोमवार को एक संवेदनशील एवं सराहनीय पहल करते हुए शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओ) प्रदान किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, सहायक संचालक सतीश नायर एवं जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद संजय कुमार चौधरी के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पीपीओ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुरलीधर भोई, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला खैरमाल, जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हुए, को विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी की पहल पर 1 सितंबर 2025 को ही अवकाश नगदीकरण की राशि, जीपीएफ फाइनल पेमेंट, जीआईएस, एफबीएफ राशि तथा उपादान राशि के साथ पीपीओ प्रदान किया गया। इसी प्रकार चंद्रहास पात्र, प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल) को भी पीपीओ आदेश सौंपा गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन नई पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया। प्रशासन की ओर से यह हमारा दायित्व है कि उन्हें सेवा निवृत्ति के पश्चात त्वरित सुविधा और सम्मान मिले।” इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रशासन की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया गया। उप कोषालय अधिकारी सरायपाली अनिमेष सिंह द्वारा रिटायरमेंट के अगले ही दिन भुगतान सुनिश्चित किया गया। इस त्वरित कार्यवाही में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के शाखा प्रभारी रुपेश महापात्र का विशेष योगदान रहा।

प्रदेश के दो शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, CM डॉ. यादव और मंत्री सिंह ने दी बधाई

भोपाल  प्रदेश के दो शिक्षकों को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया जायेगा। यह घोषणा केन्द्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा दी गई है। दमोह जिले की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल और आगर-मालवा के माध्यमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा को नई दिल्ली में सम्मानित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने भी चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षकों को श्रेष्ठ कार्यों की वजह से मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करने का अवसर मिला है। चयनित शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार चयनित दमोह जिले की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल, शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से चयनित आगर-मालवा जिले के भेरूलाल ओसारा माध्यमिक शिक्षक शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला खेरिया सुसनेर में पदस्थ हैं। चयनित दोनों शिक्षकों को स्कूली शिक्षा गुणवत्ता में सुधार एवं छात्रों के जीवन को समृद्ध बनाने, नवाचारों के माध्यम से शैक्षिक उत्कृष्टता के लिये प्रदान किया गया है। चयन प्रक्रिया प्रदेश के समस्त 55 जिलों में 45 जिलों से 145 शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिये अपना पंजीयन कराया गया था। राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिये 6 शिक्षकों की अनुशंसा केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को की गई थी।