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सरकार द्वारा प्रदेश में नई तहसीलें, सीमाओं का नया निर्धारण शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। तहसीलों की सीमाएं नए सिरे से तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजधानी भोपाल से इसकी शुरुआत हुई। भोपाल में अभी तीन तहसीलों में 8 नजूल क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों को ही तहसील का दर्जा देते हुए आम जनता की सुविधा के अनुसार इनकी सीमाएं नए सिरे से तय की जाएगी। इसके लिए बाकायदा जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में अगले दो माह तक जनता से सुझाव लिए जाएंगे। 15 जून 2026 तक पुनर्गठन आयोग के पोर्टल पर जाकर सुझाव दिए जा सकते हैं। इसलिए ये प्रक्रिया सरकार का मानना है कि तहसीलों के पुनर्गठन से राजस्व, नामांतरण, जाति-आय प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी मामलों सहित अन्य प्रशासनिक सेवाएं लोगों को आसानी से मिल सकेंगी। आम जनता को अपने राजस्व या प्रशासनिक कार्यों के लिए बहुत दूर न जाना पड़े। सुझाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव तैयार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। भोपाल में पुनर्गठन इसलिए जरूरी भोपाल के कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां के निवासियों को तहसील कार्यालय पहुंचने 50-60 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पुनर्गठन से कार्यालय उनके करीब आएंगे। भोपाल की हुजूर जैसी तहसीलें बहुत बड़ी हैं, जिनका प्रबंधन कठिन है। इन्हें काटकर छोटी और व्यवस्थित इकाइयां बनाना। खसरा, खतौनी और जाति प्रमाण पत्र जैसे कामों के लिए 10-15 किमी के भीतर कार्यालय मिलेगा। बावडिय़ा कलां जैसे क्षेत्रों को हटाकर चंदनपुरा और मेंडोरा जैसे क्षेत्रों को जोडऩे का प्रस्ताव है। एमपी नगर, गोविंदपुरा और बैरागढ़ जैसे नजूल क्षेत्रों की सीमाओं को भी फिर से परिभाषित किया जा रहा है। भोपाल के लिए विशेष प्रस्ताव संभागायुक्त के माध्यम से शासन को भेजे जा चुके हैं। भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के मुताबिक शासन की मंशा के अनुसार प्रस्ताव भेजे गए थे। अब इन पर प्रक्रिया बढ़ी है। आमजन को इसमें अपने हिस्सेदारी करना चाहिए। बैरागढ़ नजूल पहुंचे कलेक्टर, फाइल की पेंडेंसी की डिटेल ली भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले का कामकाज समझने की शुरुआत बैरागढ़ नजूल कार्यालय से की। नजूल पहुंचकर उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों से उनके नाम व काम को लेकर पूछताछ की। राजस्व प्रकरण से जुड़ी फाइल भी उठाई। उसकी पेंडेंसी के बारे में पूछा। ऑनलाइन प्रक्रिया में ऑफलाइन फाइल का क्या काम, इस पर भी चर्चा की। पूरी तरह से ई- ऑफिस सिस्टम लागू करने व ऑनलाइन ही काम करने को कहा। वे नजूल शहर वृत्त भी गए। इस दौरान तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह, आलोक पारे, प्रेमप्रकाश गोस्वामी भी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश में एक नई तहसील का गठन, शासन ने किया ऐलान

 ग्वालियर  मध्यप्रदेश को एक नई तहसील मिली है। मध्यप्रदेश शासन ने ग्वालियर जिले की पिछोर को उप तहसील से तहसील बनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही मौजूदा नायब तहसीलदार पूजा यादव को पिछोर की तहसीलदार बनाया गया है। बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व में मध्य प्रदेश शासन के तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद यहां पदस्थ नायब तहसीलदार को पूजा यादव को ही तहसीलदार नियुक्त किया गया है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद पिछोर नगर वासियों में हर्ष का माहौल है। 1965 में पिछोर तहसील हुआ करता था लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दिया गया तब पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिल गया है। अब पिछोर क्षेत्र के अलावा बिलौआ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा तक नहीं जाना पड़ेगा । तहसील का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। लोगों की काफी समय से रही ये मांग अब जाकर पूरी हुई है। पिछोर के तहसील बनने से लोगों को कई तरह से फायदा होगा और उनके कई काम यहीं हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व गृहमंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। अब सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि  सन 1965 में पिछोर तहसील ही हुआ करती थी, लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दे दिया गया और पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिला है। इस फैसले के बाद  पिछोरवासियों में काफी खुशी है। ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा का रुख नहीं करना पड़ेगा और इसके साथ ही दूसरी कई समस्याओं से भी निजात मिलेगी जो तहसील स्तर की होती हैं । बिलौआ क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा। यहां मौजूदा नायब तहसीलदार को ही बना दिया गया तहसीलदार वहीं  यहां पदस्थ नायब तहसीलदार पूजा यादव को ही पिछोर का तहसीलदार बना दिया गया है। वहीं पिछोर के तहसील बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में  तहसीलों की संख्या भी 9 हो गई हैं। राजस्व संबंधी समस्या के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान पिछोर के उप तहसील से तहसील बनने से अब पिछोर के साथ ही बिलौआ क्षेत्र के रहवासियों को राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा और पिछोर में ही उनकी समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। क्योंकि अब पिछोर में तहसीलदार के साथ चार नायब तहसीलदार भी बैठेंगे। पिछोर के बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में 9 तहसील हो गई हैं। इनमें ग्वालियर, डबरा, भितरवार, चीनोर, घाटीगांव, तानसेन, मोरार और पिछोर शामिल हैं। सिटी सेंटर पिछोर की पहली तहसीलदार बनने पर पूजा यादव का गुलमेर खान ,अर्जुन यादव, दीपक पटसारिया रहीश खान, राम जानकी, राजेश पंडा, प्रमोद पांडे, प्रमोद यादव, कल्लू खान आदि ने स्वागत किया ।